कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में नेहा राय दास को मिली नई ज़िंदगी,सफलतापूर्वक हुआ इलाज
2025-11-20 11:16 AM
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रायपुर। पचपेढ़ी नाका, धमतरी रोड स्थित कालड़ा प्लास्टिक कॉस्मेटिक सर्जरी एवं बर्न सेंटर (एनएबीएच, छ.ग. शासन व छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल से मान्यता प्राप्त) के संचालक एवं अंचल के प्रसिद्ध कॉस्मेटिक व रिकन्स्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. सुनील कालड़ा (शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान, चिकित्सा क्षेत्र का सर्वोच्च डॉ. बी.सी. रॉय अवार्ड, आदिवासी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु इमर्जिंग छत्तीसगढ़ अवार्ड, तथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित) की देखरेख में मेरा उपचार हुआ।
मैं नेहा राय दास, जिला उमरिया (मध्यप्रदेश) की रहने वाली हूँ। जिस दिन हादसा हुआ, मैं घर पर अकेली थी। माँ जंगल गई थीं और पिता काम पर। मैं चाय बनाने के लिए स्टोव जला रही थी। जैसे ही माचिस जलाई, स्टोव भभक गया और मेरे चेहरे, बाल और कपड़ों में आग लग गई। मेरी चीख सुनकर मेरे दादाजी, जो बाड़ी में काम कर रहे थे, दौड़कर आए। आग देखकर वह घबरा गए, लेकिन वही रखा पानी लेकर उन्होंने आग बुझाई। आग बुझने के बाद मेरी हालत बहुत खराब थी। गाँव में सही इलाज नहीं मिल पाया, और जहाँ इलाज कराया वहाँ भी उपचार ठीक से नहीं हुआ। इसके कारण मेरे हाथ-पैर पूरी तरह टेढ़े हो गए थे, कंधा चिपक गया था, गर्दन छाती से लगकर चिपक गई थी। आँखें नीचे की ओर खुली रहती थीं, मुँह ठीक से नहीं खुलता था। न मैं ठीक से खा पा रही थी और न अपनी दिनचर्या कर पा रही थी। मेरी स्थिति बहुत गंभीर थी और परिवार के लोग ही हर काम में मेरी मदद करते थे।
इसी बीच किसी तरह मुझे डॉ. कालड़ा और उनके बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल के बारे में पता चला। हम गरीब लोग हैं, लेकिन डॉक्टर साहब व संस्था के लोगों ने मिलकर मेरा नि:शुल्क पूरा उपचार और सभी ऑपरेशन किए। आज मैं पहले से बहुत बेहतर हूँ।
मेरा मुँह अब पूरी तरह खुल रहा है। हाथ ठीक से चल रहे हैं। कंधा उठ और घूम पा रहा है। गर्दन सीधी हो चुकी है। आँख–नाक सहित चेहरा काफी हद तक पहले जैसा हो गया है। मैं लगभग सामान्य जीवन में लौट आई हूँ। मैं डॉ. कालड़ा और उनकी पूरी बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी टीम की दिल से आभारी हूँ, जिनके प्रयासों से मेरी जान बची और मुझे नया जीवन मिला।
(बदला हुआ नाम), उम्र 31 वर्ष, मंदिर हसौद में काम करते समय शॉर्ट सर्किट से लगी आग में गंभीर रूप से झुलस गए। सिर से पैर तक लगभग 65–75% शरीर पर गहरा जला हुआ था । 25 अक्टूबर को उन्हें तत्काल कालड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में भर्ती किया गया। मुझे करंट लगने के कारण गंभीर जलन हुई और मेरी हालत बहुत नाजुक थी। मुझे सुपर बर्न आई .सी. यु. उपचार के दौरान मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट NIV वेंटिलेशन ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक स्पेशल बर्न ड्रेसिंग डीब्राइडमेंट प्रक्रिया स्किन डोनेशन व आर्टिफिशियल स्किन ग्राफ्टिंग जैसी उन्नत तकनीकों की आवश्यकता पड़ी। इन सभी प्रयासों से मरीज की जान बचाई जा सकी। वर्तमान स्थिति: मरीज अब स्थिर हु। मै स्वयं अपना काम और खाना करने में सक्षम है जहाँ मेरा लगभग 1.5 महीने तक उपचार चला। मेरी स्थिति बेहद खराब थी और मैं बहुत मुश्किल से बच पाया। मुझे हाई-ग्रेड ट्रीटमेंट दिया गया, जिसकी वजह से मेरी जान बच सकी। मैं आज पूरी तरह स्वस्थ हूँ और इसके लिए डॉ. कालड़ा और उनकी पूरी बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी टीम का दिल से आभारी हूँ, जिनके प्रयासों ने मुझे नया जीवन दिया।”