छत्तीसगढ़
साइंस कॉलेज, रायपुर में भूतपूर्व छात्र का सम्मान समारोह की तैयारी तेज
रायपुर। साइंस कॉलेज, रायपुर के ऐसे भूतपूर्व छात्र जो कि अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त किए हैं, उनका सम्मान समारोह होना है। यह कार्यक्रम दिसंबर माह के मध्य में, महाविद्यालय में आयोजित किए जाने की संभावना है ।
आरंभिक शुरुआत के रूप में आज साइंस कॉलेज, रायपुर के प्राचार्य डॉ अमिताभ बैनर्जी और एल्यूमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला के नेतृत्व में डॉ गिरीश कांत पांडेय, डॉ प्रवीण कड़वे, राजेश मढ़रिया, रविंद्र मिश्रा, आदि सहित एक प्रतिनिधिमंडल माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा जी से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रित किया है।
इस वृहद कार्यक्रम में ऐसे पूर्व छात्र जो की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक, खेलकूद, कला, आदि क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य किये हैं, उनका सम्मान करेगा।
उल्लेखनीय है कि साइंस कॉलेज रायपुर से केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, दो पद्मश्री, एक वीर चक्र, 9 कुलपति, 45 आई. ए. एस., आई. पी. एस., आई. एफ. एस. बने हैं। इस महाविद्यालय से प्राध्यापक, शिक्षक, वन विभाग, खनिज विभाग, पुलिस विभाग जैसे अन्य विभागों में भी सबसे अधिक अधिकारी गण राज्य को प्रदान किए हैं। एल्युमिनी एसोसिएशन की ओर से होने वाले "सम्मान समारोह" की तैयारी आरंभ हो चुकी है।
उदंती-सीता अभयारण्य से पुष्पा-स्टाइल से हो रही थी सागौन की तस्करी, वन विभाग की दबिश पर लकड़ी छोड़ भागे तस्कर, तलाश जारी…
अभयारण्य प्रशासन का कहना है कि तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में सघन निगरानी बढ़ाई जा रही है और नदी मार्ग की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी.
फरसागुड़ा में पोषण माह पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, प्रतियोगिताओं और स्वास्थ्य शिविर से बढ़ा उत्साह
रायपुर। केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर द्वारा बस्तर जिले के फरसागुड़ा ग्राम में पोषण माह के अवसर पर विशेष लोकसंपर्क एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व बस्तर सांसद दिनेश कश्यप, जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष वेदवती कश्यप, ग्राम सरपंच गणेश कश्यप तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, बस्तर की परियोजना अधिकारी सावित्री बघेल की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर महिलाओं के लिए दो वर्गों में कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिससे ग्राम की महिलाओं में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में पोषण आहार विषय पर प्रश्न मंच का भी आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को विभाग की ओर से पुरस्कृत किया गया। साथ ही बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार एवं गर्भवती माताओं की गोद भराई रस्म भी संपन्न हुई, जिससे कार्यक्रम का वातावरण पारिवारिक और प्रेरणादायक बना रहा।
स्वास्थ्य विभाग, फरसा गुड़ा द्वारा इस अवसर पर एक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें हीमोग्लोबिन (HB) टेस्ट सहित अन्य चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। शिविर में लगभग 100 ग्रामीणों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त, पोषण संबंधी जानकारी देने के लिए पोषण जागरूकता स्टॉल भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप और ग्राम सरपंच श्री गणेश कश्यप ने संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सही पोषण न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, बल्कि समाज की समग्र प्रगति के लिए भी आवश्यक है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में जनभागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाया गया। बस्तर लोक कला समिति, नानगुर के कलाकार श्री धीरनाथ बघेल ने लोकगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया, वहीं सुपरवाइजर श्रीमती सुनीता रामटेक ने पोषण आहार पर जनजागरूकता गीत प्रस्तुत किया। सुपरवाइजर श्रीमती सुधा श्रीवास्तव ने पोषण माह की अवधारणा और उद्देश्यों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन केंद्रीय संचार ब्यूरो के शशांक शेण्डे ने किया।
पेण्ड्रावन गांव में मिला 10 फीट का विशाल अजगर, मचा हड़कंप, ग्रामीणों में भय का माहौल
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जनता की सुविधाओं हेतु विधायक भावना बोहरा ने किया 49 लाख रुपए से अधिक के विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का भूमिपूजन
उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे प्रदेश में पूर्ण पारदर्शिता के साथ विकास और अधोसंरचना निर्माण के कार्य तेजी से पूरे किये जा रहें हैं और साधन एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित हुई है। हमें पूरा विश्वास है कि आज इन सभी विकास कार्यों से ग्रामवासियों को सुविधा मिलेगी और हमारा लक्ष्य एवं प्रयास भी यही है कि जनता की समस्याओं का समाधान कर विकास व उनका सशक्तिकरण करना। आज महिला, युवा,किसान और वृद्धजन सबके सशक्तिकरण एवं सम्मान के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है जिससे उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। यह सभी योजनाएं और निर्माण कार्य हमारे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं जनता की सुविधाओं का विस्तार करने में बहुमूल्य भूमिका निभा रहे हैं और आने वाले समय में भी हम जनता की सुविधा और क्षेत्र की प्रगति के लिए अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखेंगे।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-शालीमार-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)- फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का अतिरिक्त 02 फेरे के लिए विस्तार
इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08866 शालीमार-नेताजी सुभाष चंद्र बोस(इतवारी) फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन शालीमार से 14 व 21 अक्टूबर 2025 प्रत्येक मंगलवार को 18.00 बजे रवाना होगी तथा सांतरागाछी आगमन 18.13 बजे, प्रस्थान 18.15 बजे, खड़गपुर आगमन 19.35 बजे, प्रस्थान 19.45 बजे, टाटानगर आगमन 22.15 बजे, प्रस्थान 22.20 बजे, चक्रधरपुर आगमन 23.15 बजे, प्रस्थान 23.20 बजे, दूसरे दिन बुधवार को राऊरकेला आगमन 00.50 बजे, प्रस्थान 01.00 बजे, झारसुगुड़ा आगमन 02.58 बजे, प्रस्थान 03.03 बजे, रायगढ़ आगमन 03.51 बजे, प्रस्थान 03.53 बजे, चांपा आगमन 05.15 बजे, प्रस्थान 05.17 बजे, बिलासपुर आगमन 07.25 बजे, प्रस्थान 07.35 बजे, भाटापारा आगमन 08.14 बजे, प्रस्थान 08.16 बजे, रायपुर आगमन 09.20 बजे, प्रस्थान 09.25 बजे, दुर्ग आगमन 11.10 बजे, प्रस्थान 11.15 बजे, राजनादगाँव आगमन 11.36 बजे, प्रस्थान 11.38 बजे, डोंगरगढ़ आगमन 12.04 बजे, प्रस्थान 12.06 बजे, गोंदिया आगमन 13.15 बजे, प्रस्थान 13.25 बजे होते हुये 15.35 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस(इतवारी) स्टेशन पहुंचेगी |
धान खरीदी शुरू होने से पहले बिचौलिए सक्रिय, ओडिशा से धान लाकर सीमावर्ती जिलों में कर रहे अवैध भंडारण…
दरअसल, इलाके के कृषि रकबे में प्रति एकड़ अधिकतम 10 से 12 क्विंटल धान की पैदावारी होती है, जबकि सरकार 20 क्विंटल तक खरीदी करती है. अंतर की मात्रा को भरपाई करने के लिए किसान ओडिसा से लाते हैं. ओडिसा में धान की दोनों सीजन में बंफर पैदावारी होती है, ऐसे में कम कीमत में लाकर बिचौलिए भी जमकर मुनाफाखोरी करते हैं.
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी की मौत के लिए हाई कोर्ट ने राज्य-सरकार को ठहराया जिम्मेदार
रायपुर। धमतरी जिले में पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत का जिम्मेदार हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को ठहराया है। घटना मार्च 2025 की है। जहां धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार आरोपी युवक की मौत पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। कोर्ट ने पुलिस अभिरक्षा में मौत पर सख्त टिप्पणी करते हुए पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश राज्य शासन को दिया है। कोर्ट ने गृह विभाग के सचिव को आदेश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि मुआवजे की राशि समय पर दी जाए। कोर्टने 8 सप्ताह का डेडलाइन तय किया है।
डिवीजन बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हर हिरासत में मौत राज्य की जवाबदेही पर सवाल उठाती है। मुआवजा केवल राहत नहीं, बल्कि ऐसे अमानवीय कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने का माध्यम है। हाई कोर्ट ने हिरासत में मौत को राज्य सरकार की जिम्मेदारी मानते हुए मृतक की पत्नी को 3 लाख और माता-पिता को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पुलिस की बर्बरता और हिरासत में ज्यादती का परिणाम है। यह सीधेतौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकारों का हनन है।
घटना धमतरी जिले के अर्जुनी थाने की है। राजनांदगांव निवासी दुर्मेंद्र कठोलिया (41 साल) को 29 मार्च 2025 को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। 31 मार्च को शाम 5 बजे उसे धमतरी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इस दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ था। सिर्फ तीन घंटे बाद रात 8 बजे पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। पुलिस हिरासत में पति की मौत पर पत्नी दुर्गा देवी कठोलिया, मां सुशीला और पिता लक्ष्मण सोनकर ने दोषियों पर उचित कार्रवाई समेत मुआवजा देने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
बेंच ने अपने फैसले में कहा कि ऐसी घटनाएं जनता के भरोसे को तोड़ती हैं। राज्य को अपने पुलिसबल को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना होगा और डीके बसु केस में तय दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हर हिरासत में मौत राज्य की जवाबदेही पर सवाल उठाती है। मुआवजा केवल राहत नहीं, बल्कि ऐसे अमानवीय कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने का माध्यम है।
सरदार@150 एकता मार्च अभियान के लिए भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने बनाई कार्ययोजना
रायपुर। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में ‘सरदार@150 एकता मार्च’ अभियान हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से भेजे गए पांच सदस्यीय समिति में ने हिस्सा लिया। अभियान के प्रदेश संयोजक और प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय (पूर्व विधायक), भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा, सदस्य जी वेंकटश्वर (प्रदेश उपाध्यक्ष), सुश्री ऋतु चौरसिया (प्रदेश मंत्री), अम्बिकेश केसरी (पूर्व जिला महामंत्री) ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने देश भर से पंहुचे भाजपा पदाधिकारियों को मार्गदर्शन प्रदान कर कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। 'एकता मार्च’ के माध्यम से देशभर के युवाओं में एकता, अनुशासन, और देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। छत्तीसगढ़ भी इस अभियान में बढ़ चढकर सहभागी बनेगा।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से सरदार पटेल के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने की दिशा में भाजपा का संकल्प और अधिक दृढ़ होगा। सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों में बिखरे हुए देश को एक सूत्र में पिरोकर वर्तमान स्वरूप प्रदान किया, ऐसे दृढ़ इच्छा शक्ति वाले सशक्त नेता की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करके जन-जन को संदेश देना और राष्ट्रीय एकता की भावना को जगाए रखना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
अमृत संवाद” के तहत रेलवे और जनता के बीच सीधा संवाद, स्टेशन पर यात्रियों ने दिए सुझाव, जीएम बोले : जनभागीदारी से बनेगा आधुनिक रेलवे
इस्पात मंत्रालय की डिप्टी डायरेक्टर ने किया भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा
रायपुर। भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय की डिप्टी डायरेक्टर जनरल (डीडीजी) सुश्री संतोष ने मंगलवार को सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा किया और इस्पात निर्माण की विभिन्न आधुनिक प्रक्रियाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान उनका स्वागत संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने इस्पात भवन में किया। तत्पश्चात उन्होंने संयंत्र भ्रमण की शुरुआत गेट स्थित सेफ्टी एक्सीलेंस सेंटर से की, जहाँ कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार एवं मुख्य महाप्रबंधक (सेफ्टी एंड फायर सर्विसेज) देबदत्त सत्पथी ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें संयंत्र भ्रमण से पूर्व आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी दी गई।
संतोष ने संयंत्र की मॉडेक्स इकाइयों में विशेष रुचि दिखाई और ब्लास्ट फर्नेस-8, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 तथा यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेट मिल, कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स विभाग तथा रोलिंग मिल प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान उन्होंने ब्लास्ट फर्नेस-8 में हॉट मेटल उत्पादन का सजीव दृश्य देखा, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में क्रूड स्टील निर्माण प्रक्रिया को नजदीक से समझा तथा यूनिवर्सल रेल मिल में विश्व की सबसे लंबी 130 मीटर रेल के रोलिंग की ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
संतोष ने संयंत्र की उन्नत उत्पादन क्षमता, सुरक्षा मानकों और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश के औद्योगिक विकास में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
बड़ा राशन घोटाला उजागर; 65 लाख की हेराफेरी, समिति अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत 6 पर FIR
इस मामले में सभी छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
ट्रक से नशीली दवाई सप्लाई करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
एनआईटी रायपुर में रोबोटिक्स और निवेश जागरूकता पर विशेष वेबिनार
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने विश्व निवेशक सप्ताह 2025 के अवसर पर रोबोटिक्स और वित्तीय साक्षरता पर केंद्रित दो ज्ञानवर्धक ऑनलाइन सत्रों का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के रोबोटिक्स क्लब और फाइनेंस एंड कंसल्टिंग क्लब ने संयुक्त रूप से सहभागिता की।
पहला सत्र एनआईटी रायपुर के रोबोटिक्स क्लब द्वारा आयोजित “आरओएस-2 हंबल और गज़ेबो के साथ रोबोटिक आर्म सिमुलेशन” विषय पर केंद्रित था। सत्र के मुख्य वक्ता श्री पुष्कर शिंदे थे, जो एस्ट्रो रोबोटिक्स में पूर्णकालिक रोबोटिक्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रोबोटिक्स के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को रोबोटिक ऑपरेटिंग सिस्टम (आरओएस) के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया और बताया कि आरओएस-2 किस प्रकार एक रोबोट के “मस्तिष्क” के रूप में कार्य करता है, जबकि गज़ेबो जैसे सिमुलेशन प्लेटफॉर्म उसे एक “आभासी ब्रह्मांड” प्रदान करते हैं। श्री शिंदे ने “सेंस–थिंक–एक्ट लूप” के माध्यम से रोबोटिक्स के कार्य सिद्धांत को समझाया और औद्योगिक स्वचालन से लेकर जटिल वातावरणों में रोबोट की तैनाती तक इसके व्यापक उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पायथन और सी++ जैसी भाषाओं के महत्व, करियर संभावनाओं तथा उद्योग की मांग पर भी चर्चा की। सत्र का समापन विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर के साथ हुआ।
दूसरा सत्र रोबोटिक्स क्लब और फाइनेंस एंड कंसल्टिंग क्लब द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित “वित्तीय योजना और वित्तीय धोखाधड़ी” विषय पर केंद्रित था। इस सत्र के वक्ता श्री तनुज पोद्दार थे, जो बीएफएसआई उद्योग (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) में 18 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पेशेवर एवं बीम आउटसोर्सिंग सर्विसेज के संस्थापक हैं। यह सत्र सेबी के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभूति आयोग संगठन (आईओएससीओ) के तहत आयोजित विश्व निवेशक सप्ताह का हिस्सा था तथा नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) द्वारा प्रायोजित था। श्री पोद्दार ने निवेश के लाभों और वित्तीय नियोजन के महत्व पर चर्चा करते हुए प्रतिभूति बाजारों की जटिल अवधारणाओं को सरल ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपाय सिखाए।
कार्यक्रम को अधिक रोचक बनाने के लिए एक इंटरैक्टिव बिंगो-शैली की गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने विभिन्न वित्तीय अवधारणाओं पर सीखा और विजेताओं को अमेज़न वाउचर से पुरस्कृत किया गया। दोनों सत्रों का समापन युवाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनने और भविष्य के प्रति समझदारी से निर्णय लेने के प्रेरक संदेश के साथ हुआ।
इसरो की उपलब्धियाँ प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।
इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं।
जेल से फरार हत्या के बंदी ने किया आत्मसमर्पण, जेल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। बिलासपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। अंबिकापुर जेल से फरार हत्या के आजीवन कारावासी बंदी मुकेश कांत ने मंगलवार को बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बंदी ने कलेक्टर के समक्ष पेश होकर न केवल खुद को पुलिस के हवाले किया बल्कि जेल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप भी लगाए।
जानकारी के अनुसार, मुकेश कांत वर्ष 2013 से अंबिकापुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। फरवरी 2025 में इलाज के दौरान अस्पताल ले जाने पर वह पुलिस की निगरानी से फरार हो गया था। उस समय से उसकी तलाश में पुलिस और जेल प्रशासन जुटा हुआ था, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। करीब आठ महीने तक फरार रहने के बाद अब उसने स्वयं बिलासपुर पहुंचकर सरेंडर किया है।
कलेक्टर के सामने आत्मसमर्पण करते हुए मुकेश कांत ने एक लिखित शिकायत पत्र भी सौंपा, जिसमें उसने अंबिकापुर जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में उसने कहा कि जेल के अंदर बंदियों से पैसे वसूले जाते हैं और जो पैसे नहीं देते, उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। मुकेश ने आरोप लगाया कि उसने अपने परिवार से बार-बार पैसा मंगवाकर जेल अधिकारियों को देने का दबाव झेला।
उसने अपने आरोपों के समर्थन में ट्रांजेक्शन डिटेल्स भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें कथित रूप से जेल कर्मचारियों या उनके परिजनों के खातों में भेजी गई रकम का उल्लेख है। उसने बताया कि जब उसने इस वसूली का विरोध किया, तब उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे धमकियां दी गईं।
मुकेश कांत ने अपनी शिकायत में अंबिकापुर जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अनियमितताओं की भी ओर इशारा किया है। उसने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल में ट्रांसफर किया जाए ताकि उसे निष्पक्ष माहौल में अपनी सजा काटने का अवसर मिल सके।
कलेक्टर कार्यालय में आत्मसमर्पण की जानकारी मिलते ही पुलिस और जेल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, अंबिकापुर जेल प्रशासन ने फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।जेल प्रशासन पर लगे इन गंभीर आरोपों ने जेल व्यवस्था की पारदर्शिता और मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है।