छत्तीसगढ़
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में 10 नवम्बर दिन सोमवार को प्लेसमेंट कैम्प का होगा आयोजन
उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र मालवीय नगर चौक दुर्ग (छ.ग.)
चिकित्सकों के लिए मानव स्वास्थ्य सेवा से बढ़कर, कोई खुशी और आनंद नहीं - विजय शर्मा
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अपने संक्षिप्त एक दिवसीय प्रवास के दौरान स्व बलिराम स्मृति मेडिकल कॉलेज के चरक सभागार में मेडिकल कॉलेज के अध्ययनरत चिकित्सकों से संवाद करते हुए कहा कि सुरक्षा कैंपों के समीप संवेदनशील ग्रामों में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर एक नई पहल है, जो चिकित्सकों को बस्तर क्षेत्र की जनता से जुड़ने के साथ एक अनोखा अनुभव प्राप्त करने का अवसर है। हमारे सुझाव को स्वीकार कर कालेज के डीन और उनकी टीम के द्वारा संवेदनशील ग्रामों में एक-दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया इसके लिए बधाई। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा देने में जो खुशी-आनंद की अनुभूति होगी,ओ पैसा से नहीं खरीदी जा सकती है। यहां चिकित्सकों के अलावा रायपुर के बड़े बड़े चिकित्सकों ने बस्तर संभाग के जिलों में आकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। कालेज में तैयार हो रहे नए चिकित्सक भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अपना मनोभाव जरूर बनाएं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री शर्मा ने स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए 18 सदस्यों से परिचय प्राप्त कर उनके कार्य की सराहना की। साथ ही कालेज में अध्ययनरत बस्तर संभाग के चिकित्सकों से भी उनके जिले की जानकारी के साथ परिचय प्राप्त किया।
इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि सरकार द्वारा बस्तर में शांति बहाली के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा जनता के बीच बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने की संवेदनशील ग्रामों में मेडिकल शिविर आयोजित करना भी एक नई पहल का स्वागत है। बस्तर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का दल जिन्होंने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया उन्हें बहुत बहुत बधाई। बस्तर जैसे प्राकृतिक सुंदरता वाले इलाके में कला, संस्कृति को जानने-समझने के साथ चिकित्सा सेवा देना एक बेहतरीन अवसर मिला। इस प्रकार के कार्यक्रम में सभी चिकित्सकों को जाना चाहिए, इसका बहुत अच्छा प्रभाव क्षेत्र की जनता को मिलेगा। कार्यक्रम में आई जी सुन्दरराज पी. ने भी चिकित्सकों को बधाई देते हुए आगे की कार्ययोजना पर स्वास्थ्य टीम, मेडिकल कालेज की टीम से चर्चा कर संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम में विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिंहा, डीन डॉ प्रदीप बेक, अस्पताल अधीक्षक डॉ अनुरूप साहू सहित अध्ययनरत चिकित्सक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एनआईटी रायपुर के 16वें दीक्षांत समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा होंगे मुख्य अतिथि
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर (एनआईटी रायपुर) का 16वां दीक्षांत समारोह आगामी रविवार, 9 नवम्बर 2025 को दोपहर 2:00 बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संस्थान एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने जा रहा है। समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा शनिवार को आयोजित पूर्वाभ्यास में विद्यार्थियों को डिग्री एवं पदक वितरण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
इस गरिमामय समारोह के मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा होंगे, जबकि रक्षा मंत्री, भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. जी. सतीश रेड्डी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एवं हावरे प्रॉपर्टीज ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे करेंगे। एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रामना राव इस अवसर पर संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
इस वर्ष कुल 1,382 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें बी.टेक एवं बी.आर्क कार्यक्रमों के 1,055 विद्यार्थी, एमसीए, एम.एससी. एवं एम.टेक के 278 विद्यार्थी, तथा 49 शोधार्थी (पीएच.डी.) शामिल हैं। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुल 54 पदक — 27 स्वर्ण और 27 रजत पदक — प्रदान किए जाएंगे। इनमें बी.टेक एवं बी.आर्क कार्यक्रमों के 13 स्वर्ण और 12 रजत पदक, तथा एमसीए, एम.एससी. और एम.टेक कार्यक्रमों के 14 स्वर्ण और 15 रजत पदक शामिल हैं। संस्थान के सर्वश्रेष्ठ छात्र का प्रतिष्ठित पुरस्कार कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग शाखा की छात्रा सुश्री आर्या श्रीवास्तव को प्रदान किया जाएगा।
दीक्षांत समारोह में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, सेनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे, जो संस्थान की शैक्षणिक गरिमा और एकता का प्रतीक होगा। एनआईटी रायपुर अपने विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए सतत् प्रयासरत है और उन्हें राष्ट्र निर्माण तथा वैश्विक प्रगति में सार्थक योगदान हेतु प्रेरित करता रहेगा।
बाराद्वार गौठान मे बड़ा खुलासा: 200 गौ वंशों की मौत का मामला सामने आया, बीमारी और चारा की कमी बनी वजह
हाईकोर्ट ने प्राचार्य प्रमोशन पर रोक हटाई... 1478 व्याख्याताओं की पदोन्नति का रास्ता साफ
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य के ई-संवर्ग व्याख्याताओं के प्राचार्य पदोन्नति से जुड़ा बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति रविंद्र अग्रवाल की एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए शासन के पक्ष में निर्णय दिया। इस फैसले से अब प्रदेश के 1478 व्याख्याताओं की प्राचार्य पद पर पदोन्नति और पोस्टिंग का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
राज्य शासन ने 30 अप्रैल 2025 को ई-संवर्ग के 1478 व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नत करने की सूची जारी की थी। लेकिन कुछ शिक्षकों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर दीं। याचिका लंबित रहने के कारण शासन ने पोस्टिंग प्रक्रिया रोक दी थी। इस देरी के चलते 126 व्याख्याता बिना प्राचार्य पद पर नियुक्त हुए ही सेवानिवृत्त हो गए।
राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि प्रमोशन नियम 2019 के तहत तैयार की गई वरिष्ठता सूची और चयन प्रक्रिया सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर की गई है। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं पाई गई, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।
दरअसल, 2019 से लेकर 2025 तक विभिन्न याचिकाओं के चलते यह मामला अदालत में विचाराधीन रहा। कुछ याचिकाएं बीएड और डीएलएड योग्यता से जुड़ी थीं, तो कुछ में वरिष्ठता और पदोन्नति प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।
जशपुर जम्बुरी में पर्यटकों ने लिया ग्रामीण संस्कृति, रोमांच और आतिथ्य का अनूठा अनुभव
जिला प्रशासन द्वारा निवास, भोजन, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुदृढ़ व्यवस्था ने जशपुर जम्बुरी को एक आदर्श ग्रामीण-पर्यटन उत्सव बना दिया है। इस आयोजन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है, बल्कि जशपुर को “प्रकृति, संस्कृति और एडवेंचर का संगम” के रूप में राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिली है।
बस स्टैंड में महापौर पुत्र की दबंगई! ट्रैफिक पुलिस के रोकने पर भड़का
यह सुनकर महापौर का बेटा ठंडा पड़ा और बिना कुछ कहे वापस चला गया। मामले ने नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियम के अनुसार महापौर लिखा वाहन केवल महापौर के उपयोग में होना चाहिए, परिवारजन या निजी कामगारों के लिए इसका प्रयोग वर्जित है। बावजूद इसके, महापौर पुत्र ने शासकीय वाहन में दबंगई का प्रदर्शन कर पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है।
जशपुर जम्बुरी में पर्यटकों ने लिया ग्रामीण संस्कृति, रोमांच और आतिथ्य का अनूठा अनुभव
ठंड की दस्तक...... अगले चार दिनों में राजधानी के तापमान में आएगी गिरावट
रायपुर। मानसून से लौटते ही ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में रात के तापमान में काफी गिरावट आई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना जताई है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 13 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया। अंबिकापुर फिलहाल सबसे ठंडा शहर बना हुआ है।
बीते कुछ दिनों में पारा तेजी से गिरा था, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग ने शुक्रवार से फिर से रात के तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले तीन दिनों में मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड और बढ़ने की संभावना है।
ठंड बढ़ने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फूलगोभी, मटर, धनिया, बैंगन, पत्ता गोभी और सेम जैसी सब्जियों की पैदावार ठंड में बेहतर होती है। इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और सब्जियों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। यानि, ठंड बढ़ने से जहां सुबह-शाम की रौनक लौटेगी, वहीं किसानों को भी राहत मिलेगी। अब आने वाले दिनों में पारा कितना नीचे जाएगा, इस पर सबकी नज़र रहेगी।
गोधना शांति मुहल्ला स्कूल में चोरी से दहशत, 30 फीट रेलिंग काटकर छोड़ा
ब्रेकिंग : फूड इंस्पेक्टर के बर्खास्तगी आदेश पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन द्वारा जारी फूड इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया। राज्य सरकार ने नाबालिग के दौरान किए गए अपराध को कारण बताते हुए नौकरी से निकाल दिया था। याचिकाकर्ता ने राज्य शासन के इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
बता दें कि राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता के खिलाफ 2002 में नाबालिग रहने के दौरान दर्ज दो अपराध को कारण बताते हुए सेवा से बाहर कर दिया था। डिवीजन बेंच ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उन्हें सभी अयोग्यताओं से छूट मिलती है।
याचिकाकर्ता पेंड्रा रोड निवासी प्रहलाद प्रसाद राठौर की भूतपूर्व सैनिक कोटे से 30 अगस्त 2018 को फूड इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति हुई थी। 15 मार्च 2024 को पुलिस वेरिफिकेशन के बाद राज्य सरकार को पुलिस ने रिपोर्ट सौंपी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने एक आदेश जारी करउन्हें सेवा से हटा दिया।
रिपोर्ट में कहा गया कि उनके खिलाफ पुराने आपराधिक प्रकरण दर्ज थे, इसलिए वे सरकारी सेवा के लिए अयोग्य हैं। प्रहलादराठौर ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने जनवरी 2025 में उनकी याचिका खारिज कर दी। सिंगल बेंच के फैसले काो चुनौती देते हुए उसने डिवीजन बेंच में याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा कि नाबालिग रहते केस दर्ज हुआ था। इसमें दोषसिद्धि भी नहीं हुई है। पड़ोसी से मामूली झगड़े का मामला वर्ष 2007 में लोक अदालत में समझौते के बाद मामला बंद हो चुका है। इसके अलावा इस मामले में कोई जांच भी नहीं हुई। कोर्ट की ओर से दोषसिद्धि भी नहीं है। वहीं, बर्खास्तगी से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया, न ही उनके जवाब मांगा गया।
याचिकाकर्ता ने कहा में कि भारतीय नौसेना में लंबी सेवा के दौरान उनके चरित्र और आचरण को अनुकरणीय और बहुत अच्छा दर्ज किया गया है। मामले में दिए गए फैसले में अपराध से पहले वे नाबालिग थे। मामले 2002 के थे और 2007 में ही निपटारा हो चुका था। 2018 में नौकरी मिलने से पहले वे पूरी तरह समाप्त हो चुके थे। ऐसे पुराने और मामूली मामलों के आधार पर चरित्र को अयोग्य बताना मनमाना है। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार द्वारा जारी बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया है।
"वंदे मातरम्” की गूंज से गूंजेगा छत्तीसगढ़… वर्षभर चलेगा महोत्सव
रायपुर। /“वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश के लिए गर्व और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय अवसर है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस ऐतिहासिक पर्व को वर्षभर चलने वाले महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी यह आयोजन जनभागीदारी के साथ चार चरणों में ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भव्य रूप में संपन्न किया जाएगा।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रातः 10 से 11 बजे तक दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के पश्चात पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। गीत के बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा- प्रथम चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ), और चतुर्थ चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रत्येक जिले में स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके।
प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” विषय पर विशेष सभाएँ, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगेगा।
राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और आंदोलन को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाएगी।
हाउजी खेलकर रोहिणीपुरम केंद्र ने मनाया दिवाली मिलन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की रोहिणीपुरम महिला केंद्र की टीम ने बुधवार 5 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल में दिवाली मिलन मनाया। सर्वप्रथम हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। जिसके बाद महिलाओं ने हाउजी खेला। गीत-संगीत के बीच महिलाओं ने दिवाली मिलन मनाया। इसके साथ सभी ने मंडल के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद भी लिया।
इस अवसर पर अचला मोहरीकर, अलका कुळकर्णी, संध्या खंगन, चित्रा बल्कि, सुनिता रामटेके, अपर्णा जोशी, विशाखा पोगड़े, जयश्री गायकवाड़, मीरा कुपटकर, जयश्री भूरे, साधना बहिरट, सोनाली कुळकर्णी, अपर्णा वरारपांडे, अनुभा साडेगांवकर, राजेश्री वैद्य, मीना विभूते, वीणा वंडलकर, प्राची गणोदवाले शीतल कंबलकर, मंगला कुळकर्णी, नीता तनखीवाले, रश्मितनखीवाले उपस्थिति थीं।
नेशनल हाईवे-30 की जर्जर हालत के विरोध में बंद रहा नगर, लोगों ने जताया आक्रोश, कहा – जल्द हो सड़क की मरम्मत
सुप्रीम कोर्ट का ED को निर्देश.... महादेव बेटिंग ऐप के आरोपी को जल्द ढूंढ निकालो
रायपुर। महादेव बेटिंग ऐप घोटाले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश जारी किया है। लगातार महादेव बेटिंग ऐप घोटाले के फरार चल रहे सह-संस्थापक रवि उप्पल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय ईडी को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि, ऐसे आरोपी कानून और जांच एजेंसियों के साथ खेल नहीं सकते। कोर्ट ने उप्पल की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है। यह चौंकाने वाला मामला है, अदालत को अब कुछ करना ही होगा। उसे जल्द ढूंढ निकालो।
जानकारी के अनुसार, रवि उप्पल जो लंबे समय से दुबई में रह रहा था, भारतीय एजेंसियों के प्रत्यर्पण प्रयासों के बीच वहां से भी फरार हो गया है। अब उसकी मौजूदगी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने ईडी को उसकी तलाश की जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत ने कहा कि, उप्पल की पहुंच काफी लंबी है, तभी वह लगातार जगह भांगने में कामियाब हो जा रहा है।
22 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रवि उप्पल को पेश होने का समन जारी किया था। लेकिन उप्पल ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि, रवि उप्पल को 2023 में दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन वह दुबई की जेल से भी फरार हो गया। इस पर जस्टिस सुंद्रेश ने सख्त लहजे में कहा, वह हर बार भाग नहीं सकता। अंततः उसे इस प्रक्रिया का हिस्सा बनना ही पड़ेगा। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत के सवाल पर हम नरमी बरतने को तैयार हैं, लेकिन सही समय आने पर ही उस पर विचार किया जा सकता है।
बता दे कि, महादेव बेटिंग ऐप कथित रूप से एक ऑनलाइन सट्टेबाज़ी नेटवर्क है, जिसके जरिए देशभर में हजारों करोड़ रुपए के लेन-देन किए गए। ईडी का आरोप है कि ऐप के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और विदेशी निवेश नियमों का उल्लंघन किया गया। रवि उप्पल और उसका सहयोगी सौरभ चंद्राकर इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड बताए जाते है।
17 लाख की इनामी नक्सली का आत्मसमर्पण, तीन राज्यों में थी सक्रिय
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रही 17 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली कमला सोरी उर्फ उंगी उर्फ तरूणा (30 वर्ष) ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत किया गया यह कदम नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कमला सोरी वर्ष 2011 से प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ी थी। वह माड़ डिवीजन और बस्तर आधारित एमएमसी (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन की सक्रिय सदस्य रही। इस दौरान वह एमएमसी जोन प्रभारी रामदर की टीम में प्रमुख भूमिका निभाती थी और कई हिंसक वारदातों सहित पुलिस बलों पर हमले की योजनाओं में शामिल रही।
मूलतः सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र के ग्राम अरलमपल्ली की रहने वाली कमला छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्य प्रदेश की सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय थी। तीनों राज्यों की पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर कुल 17 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में विकास कार्यों की तेजी, सड़कों और संचार सुविधाओं के विस्तार, सिविक एक्शन कार्यक्रमों तथा सुरक्षा बलों की सतत जनसंपर्क मुहिम से नक्सल प्रभावित इलाकों में विश्वास का माहौल बना है। इसी बदलाव से प्रभावित होकर कमला सोरी ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
नेशनल हाइवे पर चलती हाईवा में लगी आग