छत्तीसगढ़
किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।
इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया अंतर ग्रामीण कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन
रायपुर। एनटीपीसी सीपत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सांसद खेल महोत्सव अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत आयोजित अंतर ग्रामीण कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय- भारत सरकार एवं सांसद, बिलासपुर के द्वारा मसाल जलाकर किया गया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री विजय कृष्ण पाण्डेय उपस्थित रहे।
मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर आयोजित इस खेल दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह सांसद खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता मात्र नहीं है बल्कि यह हमारे युवाओं के भीतर खेल में नेतृत्व की क्षमता, टीम भावना और उनके हुनर व योग्यता को समृद्ध करने का अवसर है। अगर राष्ट्र को विकसित करना है तो युवाओं को स्वस्थ और फिट रहना होगा क्योंकि खेल राष्ट्रनिर्माण का आधार होता है।
उन्होंने भारत सरकार की योजनाओं जैसे-फिट इंडिया, खेलो इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं योजनाओं का परिणाम है कि आज भारत के खिलाड़ी एशियाई, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और सफलता हासिल कर रहे हैं।
माननीय राज्यमंत्री ने सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियान- सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि 29 अगस्त से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 20 सितंबर तक जारी रहेगा, जिस दौरान खेल पंजीयन किया जाएगा और 21 सितंबर 25 दिसंबर तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस दौरान, एनटीपीसी सीपत में खेलने आए आठों गांवों के खिलाड़ियों से मुलाकात की और इस अभियान में पंजीकरण कराने और हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उद्घाटन समारोह के बाद माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों और दर्शकों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शपथ दिलाई, जिसमें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित रहने का संकल्प लिया गया। प्रतियोगिता में परियोजना प्रभावित आठ गांव—रांक, सीपत, गतौरा, कर्रा, देवरी, कौड़िया, रलिया और जांजी की आठ टीमों के कुल 96 खिलाड़ी भाग लिए।
फाइनल मुकाबला सीपत की टीम स्वामी विवेकानंद क्लब और रलिया की टीम शिव शक्ति क्लब के बीच खेला गया। शाम तक चले रोमांचक खेल में रलिया ने सीपत को 62-23 से पराजित कर खिताब अपने नाम दर्ज किया। विजेता टीम रलिया और उपविजेता टीम सीपत को परियोजना प्रमुख पाण्डेय ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया और बधाइयां दीं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल में आगे आना और खेल भावना से खेलना सबसे अहम है। टीमें खेलने आईं और फिट इंडिया अभियान का हिस्सा बनीं, इसके लिए उन्होंने आभार भी व्यक्त किया और भविष्य में खेलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल न केवल ग्रामीण युवाओं में टीम भावना और अनुशासन विकसित करने और प्रतियोगिता के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए उन्होंने एनटीपीसी सीपत को भी बधाई दी और आभार व्यक्त किया।
गरियाबंद से बड़ी खबर – तीन हाथियों का दल पहली बार पहुँचा इंदागांव रेंज
नक्सलियों ने बीजापुर में शिक्षादूत को अगवा कर की हत्या.... अब तक 8 शिक्षादूत को बनाया निशाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत को अगवा कर हत्या कर दहशत फैलाने की कोशिश की। बीजापुर में माओवादियों के इस कायराना करतूत से क्षेत्र में जहां दहशत है, पुलिस ने हत्या की इस वारदात के बाद क्षेत्र में सर्चिंग तेज कर दी है। बस्तर में चल रहे एन्टी नक्सल आपरेशन से नक्सली बौखलाए हुए है। यहीं वजह है कि नक्सली अपना खौफ कायम करने के लिए लगातार निर्दोष शिक्षादूतों को अपना निशाना बना रहे है।
जानकारी के मुताबिक माओवादियों ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया है। बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र के नेन्द्रा में कल्लू ताती शिक्षादूत के पद पर पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम वह स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने कल्लू ताती का अपहरण कर लिया। इसके बाद देर रात उसकी हत्या करने के बाद लाश को गांव के नजदीक फेंककर नक्सली लौट गये। आपको बता दे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब माओवादी ने ग्रामीणों के बीच अपना दहशत कायम करने के लिए शिक्षादूतों को अपना निशाना बनाया है।
कुछ दिन पहले ही माओवादियों ने ऐसे ही एक शिक्षादूत की हत्या कर दी थी। साल 2023 से अब तक माओवादियों ने 8 शिक्षादूतों को निशाना बनाकर उनकी हत्या की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे माओवाद विरोधी अभियान से नक्सली बौखलाए हुए है। इसी बौखलाहट में नक्सली निर्दोष शिक्षादूतों को अपना निशाना बनाकर ग्रामीणों के बीच अपनी दहशत कायम रखने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने इस घटना पर अपराध दर्ज कर क्षेत्र में सर्चिंग तेज कर दी है।
दो गांवों के ग्रामीणों में हिंसक झड़प, कई ग्रामीण हुए लहूलुहान, नाराज ग्रामीणों ने थाने के बाहर किया
Railway सेंसर की शक्ति रेलवे ने छूली सुरक्षा की नई ऊंचाईं
बिलासपुर रेलवे जोन के 12 पुलों पर यह प्रणाली स्थापित किये गए है, जांजगीर-चाम्पा जिले के दो नदियों पर सेंसर लगाई गईं है!
छत्तीसगढ़ में 14 मंत्री.... कांग्रेस ने दायर की हाईकोर्ट में याचिका
रायपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में हाल ही में तीन नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद कैबिनेट का आकार बढ़कर 14 हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह संख्या विधानसभा सीटों के 15फीसद से अधिक है, जो संविधान का उल्लंघन है। इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
दरअसल छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने 20 अगस्त को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इससे कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई। हालांकि, इस विस्तार के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया। कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया और अब मामला अदालत तक पहुंच गया है।
संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल सीटों के 15% से अधिक नहीं हो सकता। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कुल सीटें 90 हैं। इस आधार पर मंत्रिमंडल में अधिकतम 13.50% यानी 13 मंत्री ही हो सकते हैं। कांग्रेस का कहना है कि 14 मंत्रियों की नियुक्ति इस सीमा से अधिक है और सीधे तौर पर संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन है।
जनहित याचिका दायर होने के बाद अब सभी की निगाहें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पर टिकी हैं। अगर अदालत कांग्रेस के तर्कों से सहमत होती है, तो राज्य मंत्रिमंडल के गठन पर बड़ा असर पड़ सकता है। वहीं, अगर भाजपा का पक्ष मजबूत रहा, तो कांग्रेस को बड़ा झटका लगेगा।
कवर्धा जिले के झलमला स्कूल में शिक्षकों का टोटा... पालक और छात्रों ने स्कूल गेट पर जड़ा ताला, प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के झलमला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं और पालकों ने स्कूल के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। गुस्साए पालकों और बच्चों ने स्कूल गेट के बाहर खड़े होकर जमकर नारेबाजी की और शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विद्यालय में इस समय लगभग 350 से अधिक छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, लेकिन विषयवार शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और आवेदन देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे।
प्रदर्शन कर रहे पालकों ने बताया कि उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग और कलेक्टर कार्यालय को ज्ञापन सौंपा, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगातार उपेक्षा से परेशान होकर आज पालक और बच्चे सड़क पर उतर आए और स्कूल के गेट पर ताला लगाकर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराज़गी जताई। एक अभिभावक ने कहा, “बच्चों का भविष्य दांव पर है। शिक्षक नहीं होंगे तो पढ़ाई कैसे होगी? सरकार शिक्षा पर जोर देने की बात करती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर बच्चों को शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हो रहे।”
प्रदर्शन में शामिल बच्चों ने भी नाराज़गी जताई और कहा कि उन्हें नियमित कक्षाएँ नहीं मिल रही हैं। कई विषयों के शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं, जिसके कारण उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है। खासकर गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था चरमराने से पालक बेहद आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जब तक पर्याप्त शिक्षक नहीं भेजे जाते, तब तक वे इस तरह का विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र समाधान नहीं करता तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस बीच, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलने पर स्थिति पर नज़र बनाए रखने की बात कही है। हालांकि अब तक स्पष्ट नहीं है कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कब और क्या कदम उठाए जाएंगे। यह विरोध केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि समय रहते शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए, तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
सरपंच की मनमानी के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने घेरा जनपद कार्यालय
इस आंदोलन को और बल तब मिला जब विधायक ब्यास कश्यप भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन किया। ग्रामीणों का कहना है कि जनपद सीईओ, सरपंच को संरक्षण दे रहे हैं, जिसके चलते किसी भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
मंदिर की दान पेटी तोड़कर चोरी करने वाले 3 नाबालिग गिरफ्तार
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी चाम्पा निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक सागर पाठक सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि आरोपियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। मंदिर में चोरी की इस वारदात का पुलिस ने जिस तेजी से खुलासा किया, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि जांजगीर-चांपा पुलिस किसी भी अपराध पर तुरंत एक्शन लेने के लिए तैयार है।
बिलासपुर में सांसद खेल महोत्सव 2025’ का आगाज, युवाओं में फिटनेस और खेल प्रतिभा को मिलेगा नया मंच
करणी सेना प्रदेश युवा अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने तोमर बंधुओं पर की जा रही कार्रवाई
एनआईटी रायपुर में हिंदी कार्यशाला, छात्रों को मिला यूनिकोड का प्रशिक्षण
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर की राजभाषा समिति ने गुरुवार को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व पर जागरूकता फैलाना और यूनिकोड आधारित हिंदी टाइपिंग के प्रयोगों से प्रतिभागियों को अवगत कराना था।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे भूपेंद्र पांडे, वरिष्ठ अनुवादक अधिकारी, केंद्रीय माल एवं सेवा कर, रायपुर। उन्होंने हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में टाइपिंग के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी तथा यूनिकोड के उपयोग से डिजिटल दुनिया में हिंदी की उपयोगिता समझाई। छात्रों की सुविधा हेतु उन्होंने अपनी वेबसाइट की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. मनोज कुमार चोपकर, संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यशाला का आयोजन डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. शारदा नंदन राव के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
सत्र का समापन प्रतिभागियों से प्राप्त फीडबैक के साथ हुआ। समापन अवसर पर डॉ. संजय कुमार ने संस्थान के निदेशक का आभार व्यक्त किया और सभी से हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में हाल ही में आयोजित “मुंशी प्रेमचंद जयंती—पत्र लिखो प्रेमचंद को” प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति भिलाई-दुर्ग की 61वीं बैठक सम्पन्न, हिंदी के प्रचार-प्रसार को मिला नया संकल्प
रायपुर। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई-दुर्ग की 61वीं छमाही बैठक गुरुवार को सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य) भोपाल के उपनिदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह मेहरा उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं नराकास अध्यक्ष चित्त रंजन महापात्र ने की, जबकि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके उपरांत महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) तथा नराकास सचिव श्री राजीव कुमार और महाप्रबंधक श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुस्तक भेंटकर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि मेहरा ने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नराकास, भिलाई-दुर्ग ने हिंदी के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने वर्ष 2023-24 में मध्य क्षेत्र स्तर पर प्राप्त ‘नराकास राजभाषा सम्मान-प्रथम पुरस्कार’ पर बधाई दी और भविष्य में और ऊँचाइयाँ छूने की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सदस्य संस्थानों से हिंदी में कार्यालयीन कार्य और बढ़ाने का आह्वान किया।
निदेशक प्रभारी महापात्र ने कहा कि हिंदी में काम करना राष्ट्रीय कर्तव्य है और सभी संस्थान इस दिशा में प्रयासरत हैं। विशिष्ट अतिथि पवन कुमार ने कहा कि कलम और की-बोर्ड दोनों पर हिंदी का प्रयोग ही वास्तविक अनुकरणीयता है। बैठक में 50 सदस्य संस्थानों के प्रमुख, हिंदी अधिकारी एवं ‘राजभाषा विशिष्ट सेवा पुरस्कार’ प्राप्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
दक्षिण कोरिया के कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक मुलाकात
बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चितः मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए। बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।
इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
जंगल में नन्हे हाथियों का आराम, तस्वीरें देखकर लोग बोले : वाह…
यह मनमोहक तस्वीर केंदई रेंज के रेंजर अभिषेक दुबे ने कैमरे में कैद की है। फिलहाल कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में 52 हाथियों का दल विचरण कर रहा है और इन्हीं में से कुछ हाथियों का यह अद्भुत नजारा सामने आया है। तस्वीरों ने इंसान और हाथी के बीच चल रहे द्वंद्व को एक पल के लिए भुला दिया और प्रकृति की सुंदरता का अलग ही रूप दिखाया।