छत्तीसगढ़
नक्सलियों ने फिर भेजा शांति वार्ता का प्रस्ताव, इस बार सेंट्रल कमेटी से आया अभय का पत्र, लिखा..
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चल रहे कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के बीच नक्सलियों की ओर से एक नया पत्र सामने आया है। नक्सल संगठन के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय के हवाले से जारी इस पत्र में, सरकार से बिना शर्त एक तय समय सीमा में युद्ध विराम घोषित कर शांति वार्ता शुरू करने की मांग की गई है।
यह सात दिनों के भीतर नक्सल संगठन की ओर से शांति वार्ता को लेकर भेजा गया दूसरा पत्र है। इस बार पत्र केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जारी किया गया है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।
पत्र में नक्सल संगठन ने कर्रेगुट्टा मुठभेड़ के दौरान तीन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि भी की है। साथ ही, संगठन ने सरकार से बारंबार शांति वार्ता के प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाने और वार्ता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की अपील की है।
नक्सलियों ने पत्र में मांग की है कि छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित प्रभावित राज्यों में युद्ध विराम कर बिना शर्त शांति वार्ता शुरू की जाए।
कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के बीच नक्सलियों की तरफ से दूसरी बार आया यह प्रस्ताव सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के लिए एक नई चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
आईजी अमरेश मिश्रा ने ट्रैफिक जवानों की लगाई दरबार, समस्याएं सुनी और स्मार्ट पुलिसिंग के दिए निर्देश
रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर अमरेश मिश्रा द्वारा राजधानी रायपुर के यातायात व्यवस्था के संबंध में ट्रैफिक में तैनात आरक्षक-प्रधान आरक्षकों की बैठक ली गई जिसमें शहर की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन में चर्चा की गई, साथ ही ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को होने वाली समस्याओं को भी सुना गया।
बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रैफिक पुलिस किसी भी शहर की पहचान है, किसी भी बाहर से आने वाले व्यक्ति का सामना सबसे पहले वहां की यातायात पुलिस एवं यातायात व्यवस्था से होता है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के लोग कैसे होंगे, आप सभी इस शहर की पहचान है। ट्रैफिक ड्यूटी पुलिस विभाग की सबसे कठिन ड्यूटी है, थाने के कर्मचारियों के पास विकल्प रहता है कि विपरीत मौसम जैसे सर्दी, गर्मी या बारिश बंद होने के बाद अपने कर्तव्यों का निष्पादन कर सकता है, किन्तु ट्रैफिक जवान को ऐसे विपरीत मौसम में भी रोड में खड़े रहकर अपने कर्तव्य का निष्पादन करना पड़ता है।
आईजी के द्वारा ट्रैफिक के जवानों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने व अपने परिवार व बच्चों के प्रति आशावादी बनने के लिए प्रेरित किया गया और कहा कि एक निराशावादी व्यक्ति कभी भी अपना या अपने परिवार का उद्धार नही कर सकता, उसी प्रकार ड्यूटी के दौरान हमे आशावादी बनना पड़ेगा और अच्छी यातायात व्यवस्था के लिए हम और अधिक क्या कर सकते है यह सोचना पड़ेगा। जब तक आप लोगों के मन में ऐसा विचार नही आयेगा तब तक हम अच्छी व्यवस्था नही बना सकते। हमे अपने शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक अच्छा बनाना है इसके लिए हम सभी को अपने विवेक से काम करना होगा।
बैठक के दौरान अमरेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी प्रकार की अपराधिक घटनाओं में अपराधियों का सामना सबसे पहले ट्रैफिक से होता है अतः आप में यह कौशल होना आवश्यक है कि आप वाहन चालक के हावभाव एवं उनकी आंखो को देखकर पहचान सकते है कि कौन अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और कौन सामान्य व्यक्ति। आप अपने बीट क्षेत्र के संदिग्ध लोगों पर भी नज़र रखें। ड्यूटी के दौरान यदि कोई वाहन चालक आपके साथ दुर्व्यवहार करता है या आपके साथ वाद-विवाद करता है तो उनसे उलझे नही तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से मुझे सूचित करें, मै अवश्य उनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही कराऊंगा।
पंजीयन विभाग में दस नवीन क्रांतियों का शुभारंभ..... ओपी चौधरी ने विभागीय कार्यों का लिया जायजा
रायपुर। वाणिज्य कर (पंजीयन) मंत्री ओपी चौधरी ने अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में महानिरीक्षक पंजीयन श्री पुष्पेंद्र मीणा, विभाग के अधिकारी एवं सभी जिले के जिला पंजीयक और उप जिला पंजीयक उपस्थित थे। बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मंत्री ने पिछले एक वर्ष में हुए सुधारों, पंजीयन दस्तावेजों की स्थिति, राजस्व प्राप्ति, स्थापना, सतर्कता प्रकोष्ठ की गतिविधियों, न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति, मुदांक एवं आरआरसी प्रकरणों, ऑडिट रिपोर्ट्स तथा डाटा डिजिटाईजेशन की जिलेवार प्रगति पर चर्चा की।
पाकिस्तानियों को छत्तीसगढ़ से बाहर भेजने पर आज होगा अहम फैसला, गृह विभाग की कुछ देर में बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी नागरिको को वापस भेजने को लेकर आज अहम फैसला होने जा रहा है। आज छत्तीसगढ़ के गृह विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। जिसमें पाकिस्तान से भारत में आए हुए संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जो इस गंभीर मुद्दे पर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, “आज की बैठक में विशेष रूप से उन लोगों को लेकर चर्चा होगी जो पाकिस्तान से भारत आए हैं और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे संदिग्ध लोगों की जांच को लेकर एक स्पष्ट और मजबूत प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।” इस बैठक में पाकिस्तान से संबंधित मामलों को लेकर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के उपायों पर भी विचार होगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह बैठक राज्य के गृह विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें ऐसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जो राज्य की सुरक्षा और शांति के लिए जरूरी हैं। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस बैठक का परिणाम राज्य की सुरक्षा में एक नई दिशा देने वाला हो सकता है, और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
यह बैठक राज्य की सुरक्षा स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। साथ ही, छत्तीसगढ़ में ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ में लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला.... अब 30 दिन में मिलेगी जरूरी सेवाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर सरकार ने लिफ्ट और एस्केलेटर से जुड़ी सभी सेवाओं को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट में शामिल कर दिया है। अब इन सेवाओं को अधिकतम 30 दिन के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। अगर तय समय में काम नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इससे उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों को समय पर सेवा मिलेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक - मुख्यमंत्री
नक्सलियों के खुफिया गुफा तक पहुंचे जवान, 1000 से ज्यादा के छिपने का ठिकाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना बॉर्डर के कर्रेगट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ पिछले 5 दिन से सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है। भीषण गर्मी के बीच नक्सलियों के एक ठिकाने तक पहुंचने में सुरक्षा बल को कामयाबी मिली। यहां मिले गुफा में पानी की धार भी है। यहां 1000 से ज्यादा नक्सली रह सकते हैं। नक्सलियों ने सुरक्षा बल के पहुंचने से पहले ही अपना ठिकाना बदल लिया है। ऐसी आशंका है कि कुछ नक्सली रात का फायदा उठाकर भाग निकले होंगे। फोर्स का मूवमेंट अभी भी पहाड़ियों के नीचे जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गुफा में आराम से एक हजार से अधिक लोग कई दिनों तक पनाह ले सकते हैं। गुफा के अंदर पानी से लेकर आराम करने लायक भी सुविधा मौजूद है। गुफा के अंदर ही एक बहुत बड़ा मैदान जैसी जगह भी है। गुफा के अंदर नमी होने की वजह से ठंडकता भी है। वीडियो में जवाब बात भी कर रहे हैं कि गुफा के अंदर कई दिन नक्सली आराम से रह सकते हैं। गुफा के अंदर से पहाड़ी से बाहर निकलने का रास्ता होने की बातें भी कही जा रही है। बता दें कि सुरक्षा बलों के एक्शन से नक्सली घबराए हुए हैं। दो दिन पहले नक्सलियों ने चिट्ठी जारी कर शांतिवार्ता की बात कही थी।
बता दें कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोतापल्ली गांव के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 5 दिनों से सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। यह देशभर में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 10 हजार से ज्यादा जवानों ने बड़े कैडर के नक्सली लीडरों समेत 1000 नक्सलियों को पहाड़ी एरिया में घेर रखा है। एंटी नक्सल ऑपरेशन में किसी भी तरह की दिक्कत न आए इसलिए जवानों को हेलीकाफ्टर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सेना से 2 एमआई-17 हेलीकॉप्टर से नक्सलियों की निगरानी और फायरिंग भी हो रही है। ड्रोन कैमरे भी आसमान पर उड़ाकर निगरानी की जा रही है। मुठभेड़ में जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें 3 महिला नक्सली के शव समेत हथियार बरामद हुए हैं। मुठभेड़ में तीन जवान भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। कई बड़े कैडर के नक्सलियों के घिरने की चर्चाएं चल रही है।
UPSC 2024 में अदीबा अनम ने रचा इतिहास... बनीं महाराष्ट्र की पहली मुस्लिम महिला IAS
डेस्क। “सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें।” इस विचार को साकार करते हुए महाराष्ट्र के यवतमाल की 26 वर्षीय अदीबा अनम अशफाक अहमद ने UPSC 2024 परीक्षा में 142वीं रैंक हासिल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। वह महाराष्ट्र की पहली मुस्लिम महिला IAS अधिकारी बनने जा रही हैं।
अदीबा का सफर संघर्ष, मेहनत और अटूट विश्वास का प्रतीक है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली अदीबा के पिता अशफाक अहमद पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और परिवार किराए के मकान में रहता है। आर्थिक चुनौतियों और सामाजिक बाधाओं के बावजूद अदीबा ने अपने सपनों के आगे कभी घुटने नहीं टेके।
उन्होंने जिला परिषद उर्दू स्कूल से पढ़ाई की और दसवीं में 94% तथा बारहवीं में 92.46% अंक हासिल किए। इसके बाद पुणे के अबेदा इनामदार कॉलेज से गणित में बीएससी किया। अपने सपने को साकार करने के लिए अदीबा ने पुणे की यूनिक अकादमी, मुंबई के हज हाउस और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के कोचिंग सेंटरों में कठिन परिश्रम किया। पहले दो प्रयासों में असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 2024 में तीसरे प्रयास में शानदार सफलता अर्जित की।
अपनी सफलता का श्रेय अदीबा अपने परिवार, विशेष रूप से अपने मामा और ‘सेवा’ एजुकेशनल फाउंडेशन को देती हैं, जिन्होंने उनके सपनों को पंख दिए। अदीबा का मानना है कि “कोई भी सपना असंभव नहीं होता, बस उसके लिए मेहनत और विश्वास जरूरी होता है।”
उनके पिता अशफाक अहमद ने गर्व के साथ कहा, “मेरी बेटी ने न सिर्फ हमारा, बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन किया है।” अदीबा की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन गई है कि सीमित संसाधनों और कठिनाइयों के बावजूद भी, शिक्षा और मेहनत के बल पर कोई भी ऊँचाई हासिल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ सुनी पीएम के ‘मन की बात’
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ को जनजागरण और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का अद्वितीय मंच है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार और संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी आमजन तक पहुंचती है, जिससे पूरे समाज में जागरूकता और ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल प्रेरणा देता है, बल्कि समाज में सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक परिवर्तन को भी प्रोत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि आज भारत के युवा तेजी से साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इलाके, जो कभी पिछड़ेपन और हिंसा के लिए पहचाने जाते थे, अब नवाचार के केन्द्र बन रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ कभी हिंसा और अशांति का साया था, वहाँ आज बच्चे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र आज पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जहाँ बच्चों को थ्री-डी प्रिंटर, रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। बच्चों का तकनीक के प्रति यह जुड़ाव भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और नवाचार के प्रति देश के युवाओं में बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र अब वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का केन्द्र बन रहा है, जो विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का प्रेरक माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह सराहना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक उत्साहवर्धक संकेत है।
जंगलों में नक्सली साजिश नाकाम, सर्चिंग के दौरान मिले 9 बम
रायपुर। प्रदेश के धमतरी जिले के जंगलों में पुलिस, नगरी डीआरजी और सीएएफ खल्लारी टीम द्वारा किए गए नक्सल सर्चिंग ऑपरेशन में माओवादियों द्वारा डंप किए गए बम और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय के नेतृत्व में नगरी डीआरजी और सीएएफ खल्लारी की टीम सर्चिंग पर खल्लारी थाना क्षेत्र के चमेंदा और साल्हेभाट इलाके में रवाना हुई थी।
सर्चिंग के दौरान सुबह लगभग 8 बजे, चमेंदा और साल्हेभाट के बीच एक जंगल में माओवादियों द्वारा डंप किए गए तीन कुकर बम, तीन अमूल दूध के डिब्बों में बम, दो पाइप बम, एक टिफिन बम, एक वाकी-टॉकी, उपचार के लिए दवाइयां, दैनिक उपयोगी बर्तन, राशन और अन्य सामग्री बरामद हुई। यह सभी सामग्री अलग-अलग थैलों में एक त्रिपाल झिल्ली और नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में रखकर दो अलग-अलग स्थानों पर डंप की गई थी।
बीडीएस टीम ने डंप किए गए बमों को डिफ्यूज कर दिया। इस घटना को लेकर खल्लारी थाना में अज्ञात माओवादियों के खिलाफ अपराध संख्या 02/25, धारा 04, 05 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
किशोर न्याय तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण कानूनों पर कार्यशाला सह परिचर्चा आयोजित
कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था। तकनीकी सत्रों में प्रशिक्षकों विपीन ठाकुर एवं शरवत हुसैन नकवी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव शम्मी आबिदी और संयुक्त संचालक नंदलाल चौधरी ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के कार्यों की जानकारी साझा की।
गंभीरता और सक्रियता से काम करें अधिकारी, बर्दाश्त नहीं की जाएगी कोताहीः अरुण साव
रायपुर। एक दिवसीय बालोद प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जिले में नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बालोद कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मौजूदा ग्रीष्म ऋतु में लोगों को पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी की समस्या से जूझना न पडे़, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पूर्वानुमान लगाकर समय पूर्व समस्या के निराकरण की व्यवस्था करने को कहा। सांसद भोजराज नाग भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में बालोद जिले के विभिन्न नगरीय निकायों तथा लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में अच्छी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों में पेयजल की व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और अटल परिसरों के निर्माण की प्रगति की सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से बारी-बारी से जानकारी ली। साव ने बालोद नगर पालिका के व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बालोद शहर में जिला मुख्यालय के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा शहरवासियों को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान सिटी डेव्हलपमेंट प्लान की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री साव ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सुबह नगर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा। साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का संपादन करने को कहा।
देश के युवाओं को सरकारी नौकरी देने की संकल्प सिद्धि हेतु रोजगार मेले का आयोजन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय श्री हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ में हुए शामिल
पुलिस प्रताड़ना के शिकार पत्रकार को लड़नी पड़ी लंबी कानूनी लड़ाई, 3 दशक बाद मिला न्याय
रायपुर। एक झूठे मामले में पत्रकार को ढाई साल जेल में रहना पड़ा। इस मामले में 31 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार हाईकोर्ट ने उसे न्याय दिया। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दोषी पुलिस अधिकारियों से 5 लाख रुपये मुआवजा वसूलने का निर्देश दिया है।
भिलाई सेक्टर-6 निवासी प्रदीप जैन ‘प्रदीप साइकिल स्टोर’ के नाम से व्यवसाय करते थे और साथ ही पुलिस ज्यादती के खिलाफ समाचार पत्रों में नियमित रूप से खबरें प्रकाशित करते थे। इसी कारण एएसआई आरके राय उनसे रंजिश रखने लगा और उन्हें फंसाने की कोशिश करता रहा। इसी बीच प्रदीप जैन के छोटे भाई की पत्नी ने आत्महत्या कर ली। मामला भिलाई सिटी कोतवाली में दर्ज हुआ, लेकिन 28 दिसंबर 1994 की रात को प्रदीप जैन और उनकी पत्नी साधना जैन को सिटी कोतवाली के बजाय सुपेला थाना लाया गया, जहां एएसआई राय तैनात था। वहां राय ने उन्हें पीटा और धमकी दी कि “ऐसे केस में फंसाऊंगा कि बीस साल जेल में सड़ते रहोगे।”
29 दिसंबर को साधना जैन को सिटी कोतवाली भेज दिया गया, लेकिन प्रदीप जैन को सुपेला थाने में ही रोके रखा गया। अगले ही दिन, यह झूठा दावा किया गया कि प्रदीप जैन को मोहन नगर दुर्ग थाना क्षेत्र के तहत तितुरडीह से 180 ग्राम अफीम बेचते हुए पकड़ा गया है। जबकि वह 28 दिसंबर की रात से लगातार पुलिस हिरासत में थे। प्रदीप जैन ने यह साबित किया कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया था। दुर्ग की ट्रायल कोर्ट में उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित की, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार 893 दिन जेल में रहे।
फर्जी केस में फंसाए जाने को लेकर प्रदीप जैन ने जिला अदालत दुर्ग में मुकदमा दायर किया, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने वकील उत्तम पांडे, विकास बाजपेयी और पूजा सिन्हा के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रजनी दुबे और न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद पुलिस अधिकारियों को दोषी माना और प्रदीप जैन को 5 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश सुनाया। साथ ही निर्देश दिया गया कि इस राशि पर केस दर्ज होने की तिथि से अब तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी जोड़ा जाए और यह पूरी राशि दो महीने के भीतर दी जाए। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चाहे तो यह राशि दोषी पुलिसकर्मियों से वसूल सकती है।
देश को इस्पात उत्पादन का वैश्विक केन्द्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़- लखन लाल देवांगन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुंबई में आयोजित 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में भाग लिया। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक 300 मिलियन टन इस्पात उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा देश को इस्पात उत्पादन का वैश्विक केन्द्र बनाने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने राज्य के इस्पात उद्योग के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और उद्योगपतियों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
यह सम्मेलन 24 से 26 अप्रैल 2025 तक बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर (NESCO), मुंबई में आयोजित किया गया है। यह आयोजन भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा भी उपस्थित रहे।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ स्टील कैपिटल ऑफ इंडिया है। हमारे पास देश के लौह भंडार का 18 प्रतिशत है। हमारे यहां की बैलाडीला खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क को गुणवत्ता के मामले में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने कहा ग्रीन स्टील से जुड़ी तकनीक को अपनाने में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने बताया स्टील सेक्टर की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए ही हमने प्रदेश में नई औद्योगिक नीति बनाई है। इस नीति में स्टील जैसे कोर सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस है। हम स्पंज आयरन और स्टील यूनिट्स पर 150 प्रतिशत तक इंसेटिव और छूट दे रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस और स्पीड आफ बिजनेस का सबसे अधिक लाभ स्टील सेक्टर को मिल रहा है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए हम 118 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर रहे हैं।
देवांगन ने कहा कि हमने दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और रायपुर में इंवेस्टमेंट समिट किये हैं जिसमें साढ़े चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन त्वरित गति से किया जा रहा है। हाल ही में सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन इसका बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने बताया नई औद्योगिक नीति के तहत सर्वाधिक निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ शीर्ष दस राज्यों में शामिल हो चुका है।
6000 से ज्यादा जवानों ने नक्सलियों को घेरा, छत्तीसगढ़ सहित तीन राज्यों का ज्वाइंट ऑपरेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। देश के मोस्ट वांटेड नक्सली नेताओं के साथ करीब एक हजार से अधिक नक्सलियों को घेरने के लिए बस्तर के बहादुर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), कोबरा, CRPF, बस्तर फाइटर, महाराष्ट्र से C60 कमांडो और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड्स फोर्स के जवानों के साथ वायु सेना को भी शामिल किया गया है। इस ऑपरेशन में अब तक 5 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। एक दिन पहले दो जवान भी घायल हुए थे, जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है।
नक्सलवाद पर शिकंजा कसने दो दिन पहले ही ऑपरेशन के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस वायु सेना के MI17 हेलीकॉप्टर, जगदलपुर, बीजापुर, तेलंगाना, आंध्र और महाराष्ट्र में तैनात किए गए। ड्रोन के जरिए पूरे इलाके की निगहबानी की जा रही है। हेलीकॉप्टर के जरिए जवानों की खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। इस ऑपरेशन पर छत्तीसगढ़ समेत देशभर की सुरक्षा एजेंसियों की नजर टिकी हुई है। बीजापुर समेत महाराष्ट्र और तेलंगाना में पुलिस के आला अधिकारी मौजद हैं। तीन राज्यों से ऑपरेशन पर नजर रखी जा रही है। जवानों के निशाने पर कर्रेगुट्टा और नीलम सराय पहाड़ी है, जहां 300 से ज्यादा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है।
बता दें कि, छत्तीसगढ़-तेलंगाना-महाराष्ट्र की सीमा पर करीब 6 हजार जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जवानों ने खूंखार नक्सली हिड़मा, दामोदर, देवा समेत कई बड़े लीडर और उनकी बटालियन को घेर लिया है। जिस पहाड़ी पर मुठभेड़ हो रही है वहां करीब 300 से ज्यादा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। यह ऑपरेशन 24 घंटे से अधिक समय से चल रहा है। इंटेलिजेंस के अनुसार नक्सलियों के पास पर्याप्त राशन-पानी नहीं है। इधर जवानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए हेलीकॉफ्टर से फूड्स पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। उसके बाद जंगल में बाइक से खाना पहुंचाया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नक्सलियों के सामने अब कोई विकल्प नहीं बचा है। उनके सामने सरेंडर ही एकमात्र रास्ता है। सरेंडर नहीं करने पर मुठभेड़ में मारा जाना तय है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस इलाके में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1,2 समेत अन्य कंपनियां सक्रिय हैं। बड़े नेता हिड़मा, देवा, विकास समेत तेलंगाना-महाराष्ट्र-आंध्र की सेंट्रल कमेटी, DKSZCM (दंण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी), DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर), ACM (एरिया कमेटी मेंबर), संगठन सचिव जैसे बड़े कैडर्स के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। रायपुर राजधानी से गृह विभाग और इंटेलिजेंस की टीम इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।