छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिला ग्रंथालय में किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद लखन साहू भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
CG Liquor Scam: शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 22 सौ करोड़ के शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनबर ढेबर को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर को जमानत प्रदान कर दी। अनवर रायपुर के पूर्व महापौर एजाज़ ढेबर के भाई हैं और उन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने लंबित ट्रायल, जांच की प्रगति में देरी और निरंतर हिरासत को अनुपयुक्त ठहराते हुए यह राहत दी है।
अनवर को अभी पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिली है क्योंकि वह राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराध के मामले में अब भी न्यायिक हिरासत में हैं और इस प्रकरण में उन्हें जमानत नहीं मिली है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने यह ध्यान दिलाया कि इससे पूर्व भी इसी विषय से संबंधित एक अन्य रिपोर्ट के तहत अनवर ने लगभग 80 दिन हिरासत में रहे है। वर्तमान मामले में उन्हें 8 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने अब तक मूल शिकायत के साथ तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल किए हैं, जिनमें 40 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है। इसके बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि अब तक न तो कोई संज्ञान लिया गया है और न ही ट्रायल शुरू हुआ है, जिससे अनवर की निरंतर हिरासत को अनुचित ठहराया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्शदीप सिंह खुराना ने दलील दी कि राज्य की EOW-ACB द्वारा दर्ज मामले में 450 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है और जांच अभी भी प्रारंभिक चरण में है। “ऐसे में सुनवाई शुरू होने की कोई निकट भविष्य में संभावना नहीं है, और अधिकतम सजा सात साल की है,” खुराना ने कहा।
छत्तीसगढ़ में बदला हुआ है मौसम का मिजाज… बारिश और तूफान की गतिविधि बढ़ने की संभावना
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ाने के लिए परिस्थितियों अनुकूल हैं। आज 20 मई से प्रदेश में बारिश, बिजली और तेज हवा के साथ मध्यम से तीव्र तूफान के गतिविधि बढ़ जाएगी। इस दौरान कई इलाकों में हल्की मध्यम बारिश की भी संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के अगले दो-तीन दिनों के दौरान दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव और कोमॉरिन क्षेत्र के शेष हिस्सों, दक्षिण बंगाल के खाड़ी के कुछ और हिस्सों, मध्य बंगाल के खाड़ी के कुछ और हिस्सों साथ ही उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ाने के लिए परिस्थितियों अनुकूल हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य खड़ी और उससे सटे दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवर्ती परिसंचरण बना हुआ है। यह औसत समुद्र तल से 1.5 और 5.8 की ऊपर ऊपर दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है, और ऊंचाई बनी हुई है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं एक दो जगह पर गरज-चमक के साथ तेज हवा 40-50 किमी की रफ्तार से चलने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में आज मौसम बादल छाए रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वहीं सबसे गर्म इलाका रायपुर रहा है। यहां सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
नक्सलियों के मंसूबों को सुरक्षा बलों ने किया नाकाम... आईईडी को किया निष्क्रिय
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में नक्सलियों के मंसूबों को एक बार फिर सुबक्षा बल के जवानों ने नाकाम कर दिया। जिले के मैनपुर थाना क्षेत्रातंर्गत ग्राम गौरमुंड के जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर 18 मई को असिस्टेंट कमांडेंट सुधीर कुमार के नेतृत्व में टीम रवाना हुआ।
असिस्टेंट कमांडेंट सुधीर कुमार के नेतृत्व में जिला बल एवं 65 वाहिनी सीआरपीएफ की कंपनी की संयुक्त टीम गौरमुण्ड के जंगल में अभियान पर रवाना हुए थी। माओवादियों द्वारा विभिन्न जगह पर कुकर बम सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से लगाए हुए थे।
नक्सलियों के मंसूबो को नाकाम करते हुए सुरक्षा बल के बीडीएस टीम के द्वारा 5 किलो के 2 आईईडी को सुरक्षार्थ नष्ट किया गया। नक्सलियों द्वारा जंगल में लगाए गए इस आईईडी से नजदीक गांव के ग्रामीणों एवं पशुओं को भी नुकसान हो सकता था। सुरक्षाबलों को सर्चिंग के दौरान जंगल में सोलर प्लेट, वायर, बर्तन जैसे अन्य नक्सल सामग्री बरामद हुए।
कोटा ब्लॉक के आमागोहन में उतरा मुख्यमंत्री का उड़नखटोला, समाधान शिविर में शामिल
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का उड़न खटोला बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम आमागोहन में उतरा। वनांचल के आदिवासी ग्राम में मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल था। वे चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर अपने राज्य के मुखिया को एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए घण्टो डटे रहे।
मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में जहाँ ग्रामीणों से संवाद किया वहीं मुख्यमंत्री ने समाधान पेटी में डाले गए आवेदनों की निराकरण की स्थिति भी जानी। उन्होंने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि आज सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। जो सरकार अच्छा काम करती है उनकी ही हिम्मत होती है जनता के बीच जाने की। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से सरकार योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रही है।
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ आदिवासी ग्राम आमागोहन के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से राज्य में हमारी सरकार बनी और डेढ़ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में लोकसभा,नगरीय निकाय,नगर पंचायत में हमारी सरकार बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने दुर्ग और अम्बिकापुर में भी राज्यवासियों को 3-3 लाख पीएम आवास दिये। इसके अलावा पीएम जनमन आवास और नक्सल क्षेत्रों में आत्म समर्पित परिवारों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। जिनका नाम छूट गया है उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है,आने वाले दिनों में छूटे हुए हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे।
महुआ की छांव में सुशासन की चौपाल: बैगा समुदाय ने किया सीएम का आत्मीय स्वागत
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिना पूर्व सूचना के हेलीकॉप्टर से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बैगा बाहुल्य ग्राम चुकतीपानी पहुंचे। ग्रामीण अपने बीच मुख्यमंत्री श्री साय को यूं अचानक पाकर आश्चर्यचकित हो गए, लेकिन कुछ ही क्षणों में यह हैरानी स्वागत में बदल गई। ग्रामीणों ने गुलमोहर की माला, तेंदू फल की टोकरी और स्थानीय फूल-पत्तियों से बना गुलदस्ता भेंट कर मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया।
गांव के मिडिल स्कूल परिसर में महुआ पेड़ के नीचे लगी चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से करते हुए कहा कि सरकार कैसे काम कर रही है, यह जानने मैं स्वयं आपके घर आया हूं। जो भी परेशानी है, निःसंकोच बताइए।
चौपाल के दौरान जब मुख्यमंत्री की नजर ओवरफ्लो हो रही पानी टंकी पर पड़ी, तो उन्होंने पानी की बर्बादी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर पीएचई विभाग के सब इंजीनियर को फटकारते हुए कहा कि या तो काम करो, या सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो।
जनसंवाद के दौरान महिलाओं ने बताया कि वे महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि से स्व-सहायता समूह बनाकर जैविक खेती कर रही हैं और स्थानीय मंडियों में सब्जियाँ बेचकर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट से उगाई गई लाल भाजी भी मुख्यमंत्री को भेंट की।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मिडिल स्कूल भवन के मरम्मत की घोषणा की, साथ ही स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि गांव के लिए 179 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि हर जरूरतमंद को छत मिल सके।
नौकरी का झांसा देकर लाखो की ठगी.... बिजली विभाग का अधिकारी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला पुलिस ने बलौदाबाजार में पदस्थ विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कुलेश्वर साहू को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गरियाबंद में अपनी पदस्थापना के दौरान उसने कई लोगों नौकरी पर लगवाने के नाम पर कुल 60 लाख की ठगी को अंजाम दिया था। इतना ही नहीं, उसने रकम के बदले में उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया. खुलासा होने के बाद लोगों ने उससे पैसे वापिस मांगे, लेकिन तब तक आरोपी अभियंता ने गबन किए रुपए भी ऑनलाइन जुए में हार दिए थे।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने पाण्डुका थाना क्षेत्र में रहने वाले महेंद्र साहू से उनके कई रिश्तेदारों को नौकरी लगाने के नाम पर 60 लाख रुपए ठगी की। 3 साल से चल रहे इस खेल में रकम के एवज में आरोपी अफसर ने जाली नियुक्त पत्र भी थमा दिया। नियुक्ति लेने दफ्तर जाने के बाद प्रार्थी के रिश्तेदारों को ठगे जाने का अहसास हुआ तो रकम वापस चक्कर लगाते रहे।
वहीं पैसे ना लौटाने पर पीड़ित महेंद्र साहू ने 14 मई को पाण्डुका थाना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आज आरोपी अभियंता कुलेश्वर साहू के खिलाफ बीएनएस की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आज न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
आरोपी अफसर के पास से पुलिस ने उसके बलौदा बाजार निवास से 40 हजार नगद, लैपटॉप प्रिंटर और बोलेरा वाहन जप्त किया है। फिलहाल इस मामले में पुलिस अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है. यह भी पता लगा रही है कि पाण्डुका के अलावा ठगी के शिकार और कितने लोग हुए।
आबकारी घोटाला मामले में ACB-EOW का छापा, छत्तीसगढ़ के 5 शहरों में 15 ठिकानों पर दस्तावेज खंलाग रहे अफसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा का शिकंजा कसता जा रहा है। शराब घोटाले मामले में जेल में कैद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने दबिश दी है। सूत्रों के मुताबिक बस्तर संभाग के सुकमा, तोंगपाल, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में 13 और रायपुर में 2 ठिकानों को मिलाकर कुल पंद्रह ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की छापेमारी जारी है। एसीबी-ईओडबू्ल्यू के अफसर दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार जगदलपुर धरमपुरा हाउसिंग बोर्ड स्थित निवास स्थित प्रेम मिघलानी और रायपुर के संतोषी नगर स्थित नहाटा परिवार के अलावा अम्बिकापुर के बड़े कपड़ा व्यापारी और सरकारी विभागों में सप्लायर धजाराम इंटरप्राजेज के मालिक अशोक अग्रवाल और मुकेश अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। सुबह तकरीबन 6 बजे एंटी करप्शन के अधिकारी व कर्मचारियों ने दबिश दी है। दंतेवाड़ा में कांग्रेस प्रदेश सचिव राजकुमार तामो के कुम्हाररास स्थित घर पर भी टीम ने दबिश दी। सुकमा जिला मुख्यालय में भी EOW और ACB की संयुक्त टीम ने चार ठिकानों पर रेड डाली गई है। यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। सभी आरोपी लखमा के नजदीकी बताए जा रहे हैं। जांच टीम दस्तावेज खंगालने में जुटी हुई है।
बता दें कि इससे पहले ED ने 28 दिसंबर को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे हरीश कवासी के घर छापा मारा था। 15 जनवरी को लखमा को गिरफ्तार किया गया था। 21 जनवरी से लखमा रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने कवासी लखमा के खिलाफ 3773 पन्नों का चालान पेश कर चुकी है। चालान में बताया गया है कि पूर्व आबकारी मंत्री लखमा को इस घोटाले की पूरी जानकारी थी। यही नहीं उन्हें 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को अंजाम देने वाले सिंडिकेट के प्रमुख बताया है। इसके साथ ही कवासी लखमा की शराब नीति में बदलाव करने में भी भूमिका अहम थी। इसके अलावा चालान में शराब दुकान में निरीक्षण करने से पहले आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति लेने का भी जिक्र है। ईडी की चार्जशीट में कवासी लखमा को 2 करोड़ रुपये हर महीने प्रोटेक्शन मनी मिलता था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चालान में बताया गया है कि शराब घोटाले में अब तक कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा, लिकर कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दीशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबियों के ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की छापामार कार्रवाई चल रही है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एजेंसियां जांच कर रही है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें सजा मिलेगी। बता दें कि सुबह से एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम सुकमा, तोंगपाल, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, अंबिकापुर और रायपुर जिले के कुल पंद्रह ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने 2161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला बताया था।
कांकेर में तेंदुए का आतंक! आदमखोर ने मासूम बच्चे पर किया जानलेवा हमला
Raipur news: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में तेंदुए का आतंक जारी है, आदमखोर तेंदुएं ने आज फिर जिले के दुधावा क्षेत्र में एक मासूम बच्चे पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि अब तक 5 बच्चों पर तेंदुआ हमला कर चुका है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्चे को अस्पताल भिजवाया।
आपको बता दें कि इस इलाके के लोग दहशत में जीने मजबूर है। वहीं वन विभाग की टीम अभी तक तेंदुए को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहें है, अब देखना होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन क्या एक्शन लेती है।
गांव-गांव और शहर-शहर में 17 मई को निकलेगी तिरंगा यात्रा... जनप्रतिनिधि करेंगे अगुवाई
मुख्यमंत्री पहुंचे सीतागांव… स्वास्थ्य केंद्र और हायर सेकेंडरी स्कूल उन्नयन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह उपस्थित थे।
सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आज के समाधान शिविर में क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों—सीतागांव, मदनवाड़ा, कारेकट्टा, हलांजुर, हुरेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा—को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। हमारी सरकार को कार्यभार संभाले डेढ़ वर्ष हुआ है और इस दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हज़ार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब केवल 500 रुपये में हो रहा है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन्हें आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया । इसमें मत्स्य विभाग द्वारा जाल का, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड का, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ‘खुशियों की चाबी’ का वितरण किया गया। शिविर में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ दिया गया तथा स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। पेंशन योजना के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।
उत्तर प्रदेश में हुए भीषण सड़क हादसे में 3 की मौत, 30 से ज्यादा घायल
Uttarpradesh News: शुक्रवार सुबह-सुबह भीषण यूपी के बुलंदशहर के जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र में पंजाब से मजदूरी कर लौट रहे जनपद शाहजहांपुर और हरदोई के लोगों से भरी कैंटर की ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के दौरान मौके पर चीख पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने करीब 1 घंटे तक रेस्क्यू चला कर कैंटर में फंसे लोगों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेजा। महिला समेत तीन लोगों की हादसे में मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। पांच लोगों को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं मरने वालों के घरवालों को पुलिस ने सूचना दे दी है।
जानकारी के मुताबिक जनपद शाहजहांपुर और हरदोई के मजदूर पंजाब में ईंट भट्ठा पर मजदूरी कर घर लौट रहे थे। शुक्रवार की सुबह करीब साढे छह बुलंदशहर के जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के 11 मिल चौकी के समीप बुलंदशहर अनूपशहर मार्ग पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने कैंटर को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तेज आवाज के साथ केंटर के परखच्चे उड़ गए।
ट्रक का चालक हादसे के बाद फरार हो गया। कैंटर चालक और महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं 30 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है। हालत गंभीर होने पर पांच लोगों को रेफर कर दिया गया है। मृतकों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित करें- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
Raipur news: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान न्यायिक व्यवस्था को जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि "दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर और सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग कर न्यायिक प्रक्रिया को सहज और तेज़ किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जहाँ आवागमन की कठिनाइयों के चलते लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "सुशासन तिहार" सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में चलाया जा रहा है, और तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में हमने मोदी की गारंटी के वादों को प्राथमिकता से लागू किया है, जिससे आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रहवास, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की पूरी व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि एनएमडीसी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएं ताकि ये युवा मुख्यधारा में आत्मविश्वास से लौट सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने 1460 पंचायतों में शुरू हुए अटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग जैसी सेवाएं गांव में ही मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर क्षेत्र खनिज एवं वनोपज संपदा से समृद्व है। यहां के रहवासियों की आय संवृद्धि और उन्हें विकास की मुख्यधारा से सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। बस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित कर बस्तर ही नहीं समूचे छत्तीसगढ़ और देश को मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद का समूल उन्मूलन करेंगे। उन्होंने वनोपज संग्रहण , प्रसंस्करण और खेती को जनजातीय समुदाय के समृद्धि के जरूरी निरूपित करते हुए खेती-किसानी को बढ़ावा देने सहित सिंचाई के साधनों के विकास और कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों मछलीपालन, पशुपालन, बकरापालन, सूकरपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतर प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बस्तर में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर फोकस कर इसके जरिए रोजगार को बढ़ावा देने कहा।
मुख्यमंत्री ने बस्तर के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र के जरिए आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सम्बन्धित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य विकास कार्यों को टीम भावना के आगे बढ़ाते हुए जन सेवा में जुटे रहने के निर्देश दिए। वहीं शासन की सभी योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किए जाने तथा व्यक्तिमूलक योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को सेचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रेत के अवैध खनन और परिवहन पर सरकार सख्त... खनिज सचिव पी. दयानंद ने दिए कड़े निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनन माफियाओं के बुलंद हौसले पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। खनिज सचिव पी.दयानंद ने सभी जिले के कलेक्टरों की बैठक लेकर रेत के अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई के लिए निर्देश दिये है। खनिज सचिव पी.दयानंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख जिलों के कलेक्टरों एवं खनिज अधिकारियों की बैठक ली । बैठक में प्रदेश में रेत के अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये है।
गौरतलब है कि बलरामपुर रेत माफियाओं ने पुलिस कांस्टेबल को ट्रेक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद बालोद जिला में राजस्व टीम के सामने रेत माफियाओं ने मीडियाकर्मी पर जानलेवा हमला करते हुए मारपीट की है। प्रदेश में लगातार रेत के अवैध खनन और गुंडागर्दी के मामले सामने आने के बाद आज खनिज सचिव पी.दयानंद ने सख्त रूख दिखाया है। वीडियों कांफ्रेसिंग के जरिये पी.दयानंद ने प्रमुख जिलों के कलेक्टर और खनिज विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। सचिव ने कहा कि रेत के अवैध खनन व परिवहन को रोकने के लिए जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स के माध्यम से निरंतर निगरानी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व की हानि रोकना शासन की प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। सचिव पी.दयानंद ने निर्देशित किया कि स्वीकृत रेत खदानों का संचालन पर्यावरणीय स्वीकृति में निर्धारित अनुमेय मात्रा के अनुरूप विधिसम्मत रूप से किया जाए तथा खनिज राजस्व की समय पर वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत खदानों से ही रेत का खनन एवं परिवहन हो तथा किसी भी अवैध स्त्रोत से आपूर्ति के मामले के कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आगामी तीन माह में अधिकाधिक रेत खदानों को चिन्हांकित कर ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन हेतु निविदा जारी की जाए।
फ़र्ज़ी नियुक्ति ब्रेकिंग: 110 कर्मचारियों को बहाल करने सिंगल बेंच के फैसले को डिविज़न बेंच ने किया रद्द
रायपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर में सेवा से बर्खास्त किए गए 110 कर्मचारियों को बहाल करने के हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले को डिविज़न बेंच ने रद्द कर दिया है। कर्मचारियों को बर्खास्त करने के 10 साल बाद सिंगल बेंच ने बैंक ऑफ़ स्टाफ के निर्णय को गलत ठहराते हुए उन्हें बहाल करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता 29 कर्मचारियों की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए डिविज़न बेंच ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को संबंधित कर्मचारियों का पक्ष जानने के बाद उन्हें नौकरी पर रखना है या नहीं रखना है यह तय करने के निर्देश दिए हैं।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष देवेंद्र पांडे के कार्यकाल में बैंक में भर्ती के नाम से धांधलियां हुई थी। बिना योग्यता बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए पिछले दरवाजे से भर्तियां कर दी गई। आरोप है कि बिना विधिवत ढंग से भर्तियों के लिए अनुमति के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में भर्तियां की गई। जो परीक्षा में नहीं बैठे उन्हें भी नौकरी दे दी गई। साक्षात्कार कमेटी ने अपने अपात्र कर्मचारियों को भी साक्षात्कार में बुलवा हाईएस्ट नंबर देकर उनका चयन कर लिया गया। इसमें लेनदेन की भी बात सामने आई थी।
जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना
रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे। केंद्रीय मंत्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं।