छत्तीसगढ़
बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसने पर HC सख्त, छात्रों को इतने हजार रुपये दिए जाने के निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के एक सरकारी स्कूल में पिछले महीने कथित तौर पर कुत्ते का जूठा भोजन छात्रों को परोसे जाने के मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रत्येक छात्र को एक महीने के भीतर 25-25 हजार रूपए का भुगतान करें।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने इस मामले का जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में स्वतः संज्ञान लिया था और राज्य से हलफनामा मांगा था। सरकार द्वारा उच्च न्यायालय में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 28 जुलाई को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लच्छनपुर गांव के एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय में हुई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों के बयान के अनुसार, 28 जुलाई को एक कुत्ते ने स्कूल में एक स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन को जूठा कर दिया था और जब छात्रों ने शिक्षकों को इसकी सूचना दी तब उन्होंने समूह के सदस्यों को छात्रों को यह खाना न परोसने की सलाह दी थी लेकिन इसके बावजूद स्वयं सहायता समूह ने बच्चों को खाना वितरित किया।
रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के प्रधानाध्यापक से शिकायत करने के बावजूद खाने-पीने के गंदे सामान को भोजन से नहीं हटाया गया और बच्चों ने उसे खा लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), बलौदाबाजार-भाटापारा ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है और उनकी रिपोर्ट के अनुसार, आठ अगस्त तक स्कूल के 84 बच्चों को रेबीज रोधी टीके की तीन खुराक दी जा चुकी हैं।
सीएमएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, सभी छात्र स्वस्थ हैं और नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। यह भी बताया गया है कि बच्चे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लच्छनपुर की निरंतर निगरानी में हैं। स्वयं सहायता समूह को शासकीय माध्यमिक विद्यालय लच्छनपुर में मध्याह्न भोजन के कार्य से हटा दिया गया है और उसे आगे कोई भी सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा।
सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभारी प्राचार्य संतोष कुमार साहू, संकुल प्राचार्य, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और संकुल समन्वयक को भी दिनांक छह अगस्त के आदेश के तहत निलंबित कर दिया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा के जिलाधिकारी ने स्कूल शिक्षा से जुड़े सभी संबंधित विभागों को लिखे एक पत्र में स्कूलों में मध्याह्न भोजन की तैयारी और वितरण के संबंध में कुछ निर्देश जारी किए हैं।
स्कूल शिक्षा संचालनालय ने छत्तीसगढ़ के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सफाई बनाए रखने, भोजन तैयार होने के बाद खाद्य सुरक्षा गुणवत्ता की जांच करने और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में निर्धारित भोजन के मानक को सुनिश्चित करने के संबंध में दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। राज्य ने उच्च न्यायालय को बताया कि इस मामले में कोई मुआवजा नहीं दिया गया क्योंकि स्वास्थ्य जांच के बाद बच्चे स्वस्थ पाए गए।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की पीठ ने मंगलवार को दिए अपने आदेश में कहा, ”सरकार और स्वयं सहायता समूह को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का काम सौंपा गया था, लेकिन उक्त मध्याह्न भोजन कुत्ते द्वारा दूषित कर दिया गया था और यह स्कूल के छात्रों के खाने योग्य नहीं था। यद्यपि स्कूल के 84 बच्चों को रेबीज रोधी टीके की तीन खुराकें दी जा चुकी हैं, फिर भी राज्य की ओर से यह लापरवाही बरती गई।”
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कुत्ते का झूठा भोजन खाने वाले प्रत्येक छात्र को एक माह के भीतर 25-25 हजार रूपए का भुगतान करने के लिए कहा है। उच्च न्यायालय ने कहा है, हमें आशा और विश्वास है कि राज्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने में अधिक सतर्क और सावधान रहेगा।
कटघोरा के राजा के आगमन पर किया ऐतिहासिक स्वागत
इस आयोजन के पीछे ‘जय देव गणेश उत्सव समिति’ का विशेष योगदान रहा है. समिति द्वारा हर वर्ष नए और आकर्षक पंडालों का आयोजन किया जाता है. इस वर्ष पद्मनाभस्वामी मंदिर की थीम पर पंडाल सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी कर दी है. 21 फीट ऊंची इस भव्य प्रतिमा का निर्माण छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के थाना स्थित प्रसिद्ध राधे आर्ट गैलरी द्वारा किया गया है. इस प्रतिमा के नगर आगमन पर स्थानीय लोग अत्यंत खुश नजर आए और उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाया.
GST चोरी मामले महावीर मोल्ड्स के प्रोपराइटर अंकित सिंह गिरफ्तार, 19.65 करोड़ का फ्रॉड
रायपुर। छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी के एक मामले में महावीर मोल्ड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर अंकित सिंह को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अंकित सिंह ने 18 बोगस व्यवसायियों से फर्जी खरीदी दिखाकर वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 19.65 करोड़ रुपये का अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फ्रॉड किया। गिरफ्तारी के बाद अंकित सिंह को रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जांच में पता चला कि अंकित सिंह ने फर्जी ITC को अन्य व्यवसायियों को पासऑन कर राज्य के राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई। आरोपी न केवल महावीर मोल्ड्स इंडिया प्रा. लि. का डायरेक्टर है, बल्कि जय बजरंग लोहा प्रा. लि. और श्री पशुपतिनाथ लोहा एंड स्टील ट्रेडर्स प्रा. लि. का भी संचालन और प्रबंधन कर रहा था। इन फर्मों के कर दायित्व को समायोजित करने के लिए भी उसने अपात्र ITC का दावा किया।
राज्य GST विभाग द्वारा कर चोरी और धोखाधड़ी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग बोगस पंजीकरण और बिना वास्तविक सप्लाई के ITC के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में 20 अगस्त को तीन कारोबारी कंपनियों द्वारा की गई धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। ये कंपनियां फर्जी बिलों और चालानों के जरिए ITC प्राप्त करने और इसे अन्य कारोबारियों को पास करने में शामिल थीं। राज्य GST विभाग ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ITC का दावा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी अधिकारियों का जमानती वारंट जारी.... अगली सुनवाई 23 सितंबर को
रायपुर। प्रदेश में 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में EOW के चालान पेश करने के बाद कोर्ट ने आबकारी अधिकारियों को बुधवार 20 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट के इस निर्देश के बाद भी आबकारी अफसरों ने न्यायालय में अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज कराई। अब कोर्ट ने गैर मौजूद अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। आबकारी अफसरों को 23 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि शराब घोटाले मामले में EOW अधिकारियों ने अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। इनमें कारोबारी, आबकारी विभाग के अफसर, रकम पहुंचाने वाले एजेंट, हवाला कारोबारियों समेत कई अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच में सामने आया कि पूर्व भूपेश सरकार के कार्यकाल में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के गठजोड़ से इस घोटाले को अंजाम दिया गया था।
Mungeli कलेक्टर का बड़ा एक्शन : 130 पटवारियों को थमाया शो-कॉज नोटिस
रायपुर। प्रदेश के मुंगेली जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री और ई-गिरदावरी जैसे शासन के प्राथमिकता वाले कार्यों में लगातार हो रही धीमी प्रगति और लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिले के कुल 130 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर की गई है। उन्होंने तीनों एसडीएम को निर्देशित किया था कि जिन पटवारियों द्वारा कार्य में कोताही बरती जा रही है, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक प्रक्रिया अपनाई जाए।
कलेक्टर के निर्देश पर मुंगेली तहसील के एसडीएम अजय शतरंज ने 48 पटवारियों, लोरमी तहसील के एसडीएम अजीत पुजारी ने 46 पटवारियों और पथरिया तहसील की एसडीएम रेखा चंद्रा ने 36 पटवारियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी किए गए पटवारी डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, शत-प्रतिशत नक्शा बटांकन, गिरदावरी और ई-गिरदावरी जैसे कार्यों में शासन के मानकों के अनुरूप प्रगति नहीं कर पा रहे थे।
राज्य शासन इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहा है। हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली जिले की प्रगति रिपोर्ट पर गंभीर असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने बैठक उपरांत सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे राजस्व अमले की सघन निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। 130 पटवारियों को नोटिस जारी कर यह संदेश दिया गया है कि शासन की प्राथमिकताओं में शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉक्टर्स और नर्स नहीं, महिला गार्ड करती हैं इस अस्पताल में मरीजों का इलाज
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन यशवंत ध्रुव ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिल चुकी है। जिन डॉक्टरों और नर्स की मौजूदगी में यह लापरवाही हुई है, उन्हें भी शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उद्घाटन से पहले ही उखड़ा करोड़ों का पुल, जगदलपुर में PWD का घटिया काम उजागर
अभी उद्घाटन के पहले ये हाल है, जिससे यह साबित होता है कि कितना गुणवत्ता विहिन एवं घटिया काम हुआ है,जिसका आगे तो भगवान ही मालिक है।
सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र से बड़ी कार्रवाई गांजा तस्करी में तीन आरोपी गिरफ्तार
मत्स्य पालन से बनी मिसाल योगेश्वरी कश्यप
जिससे उनका परिवार चल रहा है। योगेश्वरी की सफलता साबित करती है कि अगर मन में कुछ कार्य करने क़ो ठाने तो सफलता एक दिन जरूरी मिलती है, आज योगेश्वरी समय का सही उपयोग उनकी मेहनत और लगन ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है।साथ ही योगेश्वरी कश्यप की मछली पालन द्वारा आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बेरोजगारी दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
भानुप्रतापपुर ओवरब्रिज: गड्ढों की वजह से हो रहे हादसे
यह सवाल उठता है कि विभागीय अधिकारी किन मीटिंग्स में व्यस्त रहते हैं जो उन्हें इन समस्याओं पर ध्यान देने का समय नहीं मिलता। क्या वे कभी भी आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देंगे|इस समस्या के समाधान के लिए सेतु विभाग को तुरंत ध्यान देना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से, सेतु विभाग के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार खबर प्रकाशित होने के बावजूद भी, उन्होंने इस समस्या का समाधान नहीं किया है। यह बहुत ही चिंताजनक है और आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
रायपुर :मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।
मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं।
अब सीधे बैंक खाते में आएगा धान का पैसा
Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में इस बार धान खरीदी का पैसा सीधे किसानों की बैंक खातों में आएगा. बतातें चले कि राज्य सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के तहत खरीदी गई धान के भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव करने का फैसला किया है. सरकार इस बार धान खरीदी का पैसा सीधे किसानों को उन खातों में ट्रांसफर करेगी जो आधार कार्ड से लिंक होंगे, इससे किसानों को समय से भुगतान भी मिल जाएगा.
छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए केंद्र सरकार से 250 करोड़ रुपयों की मंजूरी
तोमर बंधुओं की जमानत याचिका पर सुनवाई
पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए तोमर बंधुओं ने वकील सजल गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने पुलिस पर दबाब और दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें सूदखोरी और आर्गेनाइज क्राइम जैसे केस में फंसाया गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब किया था।
विश्वविद्यालय की कैंटीन में आग लगने से मची अफरा-तफरी
भिलाई दंपती विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति को मिली तलाक की डिक्री
रायपुर। भिलाई के एक दंपती के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने वकील पति के पक्ष में तलाक की डिक्री मंजूर कर दी है। अदालत ने माना कि पत्नी ने बिना कारण घर छोड़ा और उसके व्यवहार से पति को मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा।
1996 में हुआ था विवाहः जानकारी के अनुसार, भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी और उनकी पत्नी का विवाह वर्ष 1996 में हुआ था। दंपती के एक बेटा और एक बेटी हैं। शुरूआती जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ रिश्तों में दरार आने लगी। पति का आरोप था कि पत्नी के प्रिंसिपल पद पर नियुक्त होने के बाद उसका स्वभाव बदल गया और वह अक्सर विवाद करने लगी।
कोरोना काल में बढ़ा विवादः कोरोना महामारी के दौरान अदालतें बंद रहीं और पति की आमदनी रुक गई। पति का कहना है कि इसी दौरान पत्नी ने बेरोजगारी को लेकर ताने देने शुरू कर दिए। अगस्त 2020 में विवाद के बाद पत्नी बेटी को लेकर बहन के घर चली गई। बाद में उसने एक पत्र छोड़ा जिसमें लिखा था कि वह पति और बेटे से सारे रिश्ते तोड़ रही है।
फैमिली कोर्ट से हाईकोर्ट तकः पति ने कई बार पत्नी को वापस लाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं लौटी। इसके बाद उसने दुर्ग फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। अक्टूबर 2023 में फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की।
हाईकोर्ट का आदेशः न्यायमूर्ति रजनी दुबे और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट का आदेश पलट दिया। नोटिस और समन के बावजूद पत्नी अदालत में पेश नहीं हुई। कोर्ट ने पति और गवाहों के बयान, पत्नी द्वारा छोड़ा गया पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर माना कि पत्नी ने बिना किसी वैध कारण के अलगाव किया और उसका व्यवहार मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। अदालत ने कहा कि अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की संभावना नहीं है। इसलिए पति को तलाक की डिक्री दी जाती है।
साय कैबिनेटः प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों के लिए दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।