रायपुर
मुख्यमंत्री ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने नए मंत्रियों को दी बधाई
रायपुर – मुख्यमंत्री साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब तथा राजेश अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
ग्रामीणों को लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत
रायपुर। लुण्ड्रा विकासखंड के ग्रामीणों को लंबे समय से झेल रही लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्याओं से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर क्षेत्र में विद्युत विस्तार कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद लुण्ड्रा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थायी समाधान मिलेगा।
5.84 करोड़ की लागत से बनेगा दुलदुला मार्ग ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
रायपुर। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और पहल पर फोटकोसेमर–सजापानी–केंदापानी से कर्राडांड होते हुए दुलदुला तक 5 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 84 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल का विस्तारः गजेंद्र यादव, खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल ने ली मंत्री पद की शपथ
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। साय सरकार में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। इन विधायकों ने बुधवार को छत्तीसगढ़ राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। शपथ लेने वाले विधायकों में राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव शामिल है। तीन मंत्रियों की नियुक्ति के साथ साय मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या अब बढ़कर 14 हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। राज्य गठन के बाद से छत्तीसगढ़ में पिछली सरकार तक मुख्यमंत्री सहित 13 मंत्री रहे हैं।
छत्तीसगढ़ ने ‘हरियाणा मॉडल’ अपनाया है, जहां 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री होते हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी राज्य के मंत्रिपरिषद का आकार, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। विधानसभा की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। 90 सदस्यों वाले छत्तीसगढ़ में यह सीमा 13.5 है, जिससे 14 कैबिनेट सदस्यों के लिए जगह बनती है। छत्तीसगढ़ में 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 14 सदस्य हो सकते हैं। राज्य में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद 13 दिसंबर, 2023 को नई सरकार का गठन हुआ था। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री के रूप में तथा अरुण साव और विजय शर्मा ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। पीएम मोदी भी आए थे। 22 दिसंबर 2023 को नौ अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी, जिसके बाद साय मंत्रिमंडल में कुल 12 सदस्य हो गए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में रायपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद रायपुर दक्षिण सीट के विधायक और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया था। तब से साय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 11 सदस्य ही थे।
मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरण
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद साय मंत्रिमंडल के 14 में से सात सदस्य- अरुण साव, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, टंक राम वर्मा, लक्ष्मी राजवाड़े और गजेंद्र यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। वहीं मंत्रिमंडल के तीन सदस्य- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रामविचार नेताम और केदार कश्यप अनुसूचित जनजाति वर्ग (एसटी) से हैं। राज्य मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति (एससी) से दो सदस्य दयालदास बघेल और गुरु खुशवंत हैं तथा सामान्य वर्ग से दो सदस्य विजय शर्मा और राजेश अग्रवाल हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला सदस्य हैं।
पहली बार के 8 विधायक बने मंत्री
आज शपथ लेने वाले नए मंत्री राजेश अग्रवाल, खुशवंत और गजेंद्र यादव पहली बार के विधायक हैं। नए मंत्रियों के साथ 14 सदस्यीय साय मंत्रिमंडल में आठ सदस्य ऐसे हो गए हैं, जो पहली बार विधानसभा के लिए चुनकर आए हैं। साय मंत्रिमंडल में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी पहली बार के विधायक हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद साय सरकार में सरगुजा संभाग से पांच, बिलासपुर संभाग से तीन, रायपुर संभाग से दो, दुर्ग संभाग से तीन तथा बस्तर संभाग से एक सदस्य हैं।
TS सिंहदेव को हराने का इनाम मिला
राज्य में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को हराकर पांच वर्ष बाद सत्ता में वापसी की थी। भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 54 सीट जीती हैं, जबकि कांग्रेस 35 सीट ही हासिल कर सकी। राज्य में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को एक सीट मिली है। आज शपथ लेने वाले मंत्रियों में राजेश अग्रवाल (58) ने 2023 के विधानसभा चुनाव में राज्य के उत्तर क्षेत्र के सरगुजा संभाग के सबसे महत्वपूर्ण सीट अंबिकापुर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के तत्कालीन उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को महज 94 मतों हराया था। माना जा रहा है कि इस जीत ने ही राजेश अग्रवाल के लिए मंत्रिमंडल में जगह सुनिश्चित की है।
बृजमोहन अग्रवाल की जगह राजेश अग्रवाल
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को लोकसभा भेजने का फैसला किया था। रायपुर से सांसद चुने जाने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने विधायक और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से माना जा रहा था कि वैश्य समाज से एक विधायक को साय मंत्रिमंडल में जगह दिया जाएगा। भाजपा में इस समाज से वरिष्ठ नेता अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, सुनील सोनी और संपत अग्रवाल भी विधायक हैं, लेकिन पार्टी ने पहली बार के विधायक राजेश अग्रवाल पर भरोसा जताया है। राजेश अग्रवाल पूर्व में कांग्रेस में भी रह चुके हैं। वह 2018 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे।
सतनामी समाज के प्रमुख व्यक्ति हैं खुशवंत
मंत्रिमंडल में शामिल किए गए गुरु खुशवंत (36) अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित आरंग विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया को 16,538 मतों से पराजित किया। इस चुनाव में खुशवंत को 94039 मत तथा डहरिया को 77501 मत मिले। खुशवंत पहली बार के विधायक हैं। गुरू खुशवंत अनुसूचित जाति में सबसे प्रभावशाली सतनामी समाज से हैं तथा वह समाज के महान गुरु घासीदास के वंशज हैं। उनके पिता बालदास साहेब भी समाज के प्रमुख व्यक्ति हैं। गुरू खुशवंत वर्तमान में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं। वह विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। राज्य में अनुसूचित जाति की संख्या लगभग 13 फीसदी है तथा विधानसभा की 90 सीट में से 10 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इससे पहले दयालदास बघेल ही साय मंत्रिमंडल में सतनामी समाज का प्रतिनिधित्व करते थे। गुरु खुशवंत के मंत्री बनने के बाद इस समाज से दो मंत्री हो गए हैं।
गजेंद्र के पिता RSS की पृष्ठभूमि वाले
47 वर्षीय गजेंद्र यादव दुर्ग शहर से पहली बार के विधायक हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत वार्ड पार्षद से की है। यादव ओबीसी समाज से आते हैं। जाति समीकरण को ध्यान में रखते हुए यादव को साय मंत्रिमंडल को जगह दी गई है। इससे पहले भाजपा सरकार में दुर्ग शहर के पूर्व विधायक स्व. हेमचंद यादव मंत्री थे। गजेंद्र यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं तथा उनके पिता बिसराराम यादव राज्य में आरएसएस के प्रांत संघचालक रहे हैं। गजेंद्र यादव 2022 में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में यादव ने कांग्रेस के नेता अरुण वोरा को 48,697 मतों से हराया। अरुण वोरा अविभाजित मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे स्वर्गीय मोती लाल वोरा के बेटे हैं।
गणेश विसर्जन के लिए महादेव घाट की विशेष साफ सफाई
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर महादेवघाट में गंदगी होने की जनशिकायत के त्वरित निदान हेतु नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग की विशेष सफाई गैंग ने नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर लगातार एक सप्ताह तक महादेवघाट में घाट व पचरी की सघन सफाई करवाकर कचरा गंदगी उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वच्छता कायम की।
सीजी-रेरा ने लागू की वॉलन्टरी कॉम्प्लायंस स्कीम, सितंबर तक मिलेगी अधिकतम 90% तक की छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (सीजी-रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए वॉलन्टरी कॉम्प्लायंस स्कीम लागू की है। यह योजना सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की जयन्ती पर उन्हें नमन किया
रायपुर। आज भारत गणराज्य के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की जयन्ती पर उन्हें सादर नमन करने राजधानी शहर के राजीव गाँधी चौक पर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल में रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग ने नगर निगम जोन 4 के सहयोग से रखे गए पुष्पांजलि आयोजन में राजधानी शहर के प्रथम नागरिक नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने सभी राजधानीवासियों की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को जयन्ती पर सादर नमन करते हुए आदरांजलि अर्पित की. नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, जोन 4 उप अभियंता रंजीत बारवा सहित नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं,आमजनों ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को जयन्ती पर प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर सादर नमन किया।
नवा रायपुर शिफ्ट होगा बिजली कंपनी मुख्यालय... सीएम 3 सितंबर को करेंगे शिलान्यास
रायपुर। रायपुर के डंगनिया स्थित बिजली कंपनी मुख्यालय को नवा रायपुर शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों का संयुक्त मुख्यालय का नवा रायपुर अटल नगर सेक्टर 24 में निर्माण किया जाना है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने इसके शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान की है।
छत्तीसगढ़ शासन ऊर्जा विभाग के उपसचिव आशुतोष कुमार जायसवाल ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर इस बात की सूचना दी है, मुख्यमंत्री ने आगामी 3 सितंबर को सुबह 11.30 बजे शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है। बतादें कि लगभग 200 करोड़ की लागत से यहां भवन निर्माण किया जाएगा।

अवैध निर्माण अवैध प्लाटिंग पर चला निगम का बुलडोजर
वहीं भाठागांव इंटेकवेल के पास भिन्न 2 स्थानों पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग पर स्थल पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध मुरूम रोड को काटकर मार्ग का आवागमन अवरुद्ध करते हुए स्थल पर तत्काल कारगर रोक लगायी गयी।
75 हजार पौधों का रोपण करने के लिए 12 विद्युतकर्मी पुरस्कृत
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं सुनीता लाल बिजली बिल से मिला छुटकारा
रायपुर। देश को स्वच्छ किफायती और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर अग्रसर करने वाली केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम जनता के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। इस योजना के तहत गौरेला शहर के सुंदर नगर निवासी सुनीता लाल ने अपने घर पर सौर ऊर्जा को अपनाकर न सिर्फ आर्थिक बचत की है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सुनीता लाल ने योजना के तहत अपने मकान की छत पर 2 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित करवाया है इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से 30 हजार रूपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। सौर संयत्र लगने से उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।
रविवि के इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल द्वारा आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल, इलेक्ट्रॉनिक्स & फोटोनिक्स विभाग और प्रबंधन संस्थान के सहयोग से आयोजित एक प्रेरणादायक विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र के माध्यम से उद्यमिता की भावना को प्रज्वलित किया। इस सत्र में दिलीप मोहंती, चीफ (एचआरएम)जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड रायपुर, छत्तीसगढ़ ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार साझा किए। कार्यक्रम में डॉ दिलीप मोहंती ने नवाचार एवं उद्यमिता विद्यार्थियों, शोधार्थियों और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं को संबोधित किया।
यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जो सदैव ऐसे कार्यक्रमों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। स्वागत भाषण डॉ. कविता ठाकुर, द्वारा अध्यक्ष, इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल एवं विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फोटोनिक्स अध्ययनशाला, पंडित रविवि, रायपुर द्वारा दिया गया।
डॉ. ए.के. श्रीवास्तव,प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवम विभागाध्यक्ष,एमबीए विभाग ने कार्यक्रम के आरंभ में डॉ दिलीप मोहंती के बारे में छात्रों को उद्बोधित किया एवम स्टार्टअप इनोवेशन पर अपने विचार साझा किए। अपने उद्बोधन में डॉ मोहंती ने कहा कि किसी भी विचार को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए केवल नवाचार ही नहीं बल्कि उसके व्यावसायिक मूल्य और व्यवसायिक सामंजस्य की प्राप्ति आवश्यक है। उन्होंने प्रोटोटाइप वैलिडेशन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए कहा कि वास्तविक बाजार की समस्याओं को पहचानकर ही समाधान आधारित उत्पाद विकसित किए जा सकते हैं।
विशेष रूप से उन्होंने नवाचार आधारित स्टार्टअप और पारंपरिक व्यवसाय के अंतर पर प्रकाश डाला। श्री मोहंती के अनुसार पारंपरिक व्यवसाय मुख्यतः स्थापित बाजार और सुरक्षित मांग पर आधारित होते हैं, जबकि नवाचार आधारित स्टार्टअप में अनिश्चितता अधिक होती है परंतु नवीन समाधान और तकनीकी श्रेष्ठता उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाती है।
उन्होंने युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में सफलता के लिए धैर्य, दृढ़ता और ग्राहक की आवश्यकताओं की गहन समझ अनिवार्य है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछकर संवाद स्थापित किया और व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
यह आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार से स्टार्टअप तक की यात्रा में मार्गदर्शन प्रदान करने वाला रहा तथा विश्वविद्यालय के नवाचार वातावरण को और सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हुआ।इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न अध्ययनशाला के लगभग 80 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रबंधन संस्थान में किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जी.के. देशमुख द्वारा किया गया।
चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारी सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत विषयगत कार्यशालाओं की शुरुआत
रायपुर। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विभाग द्वारा कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (ईएपी) के अंतर्गत विषयगत कार्यशालाओं की शुरुआत की गई। संयंत्र के मानव संसाधन विभाग के मुख्य सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संदीप माथुर रहे।
अपने संबोधन में माथुर ने कहा कि सेल ने सदैव सुरक्षा, हाउसकीपिंग और तकनीकी अनुशासन के साथ-साथ कर्मचारियों की खुशी और मानसिक संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के कार्यक्रम कर्मचारियों को लाभान्वित करेंगे और सभी को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएंगे।
कार्यशालाओं के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तिगत एवं कार्य-संबंधी मुद्दे, मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण, तनाव प्रबंधन, वित्तीय एवं कानूनी चिंताएँ, कार्य-जीवन संतुलन और पारिवारिक संबंध जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ 17 फरवरी 2025 को निदेशक (कार्मिक) केके सिंह द्वारा ज़ूम मीटिंग के माध्यम से किया गया था, जिसमें सेल के सभी संयंत्रों एवं इकाइयों ने भाग लिया था। इसके बाद मेसर्स ईएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 19 फरवरी से 5 मार्च तक सभी पाँच इस्पात संयंत्रों में तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किए गए थे। भिलाई में यह कार्यक्रम 24 से 26 फरवरी तक संपन्न हुआ था।
इसके क्रम में अब 18 से 20 अगस्त तक विषयगत कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। अधिकारियों के लिए “परामर्श के लिए जाएँ या न जाएँ” तथा गैर-अधिकारियों के लिए “तनाव से शक्ति तक” जैसे विषय रखे गए हैं। उद्घाटन दिवस पर विभिन्न विभागों से लगभग 300 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।
इस कार्यक्रम का समन्वय मानव संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को स्वस्थ, संतुलित और सहयोगात्मक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (मानव संसाधन) शालिनी चौरसिया और सिकंदर इंदौरिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के. सुपर्णा ने प्रस्तुत किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह पर उत्कृष्ट सेवा के लिए 13 विद्युतकर्मी राज्य स्तर पर पुरस्कृत
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी मुख्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 विद्युत कर्मियों को अध्यक्ष डा. रोहित यादव (आईएएस) ने नगद, पदक एवं प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। तीनों पावर कंपनियों के उत्कृष्ट कर्मियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया से किया गया था।
कंपनी मुख्यालय में 15 अगस्त को आयोजित समारोह में जनरेशन कंपनी के श्री सतीश कुमार रस्तोगी, सहायक अभियंता को मड़वा विद्युत गृह 2 के कोल मिल क्र. 2-एच के प्लेनेटरी गियर बाक्स में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने, आरके कौशिक, कार्यपालन अभियंता, एचटीपीएस, कोरबा पश्चिम को 4×210 एवं प्रस्तावित 2×660 मेगावॉट की नवीन परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
ट्रांसमिशन कंपनी के त्रिभुवन जंघेल, परिचारक श्रेणी-एक (लाइन) अति उच्च दाब (संधारण) संभाग, भिलाई को 220 केवी खेदामारा-ठेलकाडीह सर्किट-2 में कंडक्टर हार्डवेयर फेल होने से बाधित विद्युत आपूर्ति को बहाल, इंजोर कुमार साय, कार्यपालन अभियंता, (निर्माण) संभाग, कोरबा को सघन वन क्षेत्र को बायपास करते हुए 132/33 केवी उपकेन्द्र जनकपुर को ऊजÊकृत करने, गणेशराम जायसवाल, कार्यपालन अभियंता (निर्माण) संभाग, बिलासपुर को अति उच्च दाब उपकेन्द्र मस्तुरी एवं धरदेही के लिये 400 केवी लाईन के निर्माण एवं कोंडातराई-जुर्डा 132 केवी लाइन के निर्माण कार्यों में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए पुरस्कृत किया गया।
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अविनाश कुमार दुबे, सहायक अभियंता (बघेरा उपसंभाग) को बकाया राशि में 48 प्रतिशत की कमी तथा ट्रांसफार्मर फेल्योर रेट में 5 प्रतिशत से 2.7 प्रतिशत लाने, नितेश चन्द्र दुबे तकनीशियन नगर संभाग दक्षिण रायपुर ने आंधी-तूफान के कारण 33 केवी के 9 फीडरों में ब्रेक-डाउन के कारण 12 उपकेन्द्रों एवं 20 उच्चदाब उपभोक्ताओं की बाधित विद्युत व्यवस्था को अल्पसमय में बहाल करने के कारण पुरस्कृत किया गया।
इसी तरह केंद्रीय कार्यालय स्तर पर 6 कर्मियों को पुरस्कृत किया गया। जनरेशन कंपनी से श्री पंकज जायसवाल, सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) को पावर फायनेंस कार्पोरेशन द्वारा 8.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर स्वीकृत ऋण की बकाया राशि को 7.48 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर रिफायनेंस करवाने, बादल वर्मा, सहायक अभियंता (सीएण्डआरए) को वर्ष 2025-26 की पूंजीगत निवेश योजना याचिका में खर्च की जानकारी का संकलन करने के लिए पुरस्कृत किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी के यूआर मिर्चे, अधीक्षण अभियंता (लाइन) को विधानसभा व लोकसभा प्रश्नों के उत्तर एवं छत्तीसगढ़ महालेखाकार के ऑडिट-पैराओं का उपयुक्त जवाब समय-सीमा में प्रेषित करने, रेखा शर्मा, सहायक अभियंता (भार प्रेषण केन्द्र) को ट्रांसमिशन लॉस की गणना से संबंधित सभी आंकड़ों को दुरूस्त करने के लिए पुरस्कृत किया गया। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के दुर्गा चरण पटेल कार्या. सहा. श्रेणी-दो को निविदा संपादित करने, न्यायालयीन प्रकरणों, विधानसभा प्रश्नों की जानकारी को समय सीमा में उपलब्ध कराने, प्रभाकर उराव, सहायक अभियंता (राजस्व) को डिजिटल एवं आनलाइन भुगतानों तथा सैप बिलिंग माड्यूल में आवश्यक प्रविष्टि व उपभोक्ता शिकायतों का निराकरण करने हेतु पुरस्कृत किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका ने रविशंकर विश्वविद्यालय को दी नैक ए प्लस ग्रेड मिलने पर शुभकामनाएं
रायपुर। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दी है। राजभवन मे रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदांनद शुक्ला ने राज्यपाल से भेंट कर विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने का पत्र सौंपा। राज्यपाल ने इसे पूरे प्रदेश के लिए हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे गुणवत्ता में सुधार लाकर अति उत्तम ग्रेडिंग प्राप्त करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रविशंकर विश्वविद्यालय राज्य का पहला शासकीय विश्वविद्यालय है जिसे सामान्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है। राज्यपाल श्री डेका ने विगत एक वर्ष में नियमित रूप से शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें गुणवत्ता में सुधार लाने और नैक ग्रेडिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से रविशंकर विश्वविद्यालयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संचालक प्रोफेसर आर. पी. परगनिहा और कुलसचिव प्रोफेसर अंबर व्यास उपस्थित थे।