रायपुर
EOW ने सीजीएमएससी मामले में 5 अधिकारियों को किया गिरफ्तार... कोर्ट में करेंगे पेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी अधिकारियों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद देर शाम उन्हें हिरासत में ले लिया गया। आज, इन सभी आरोपियों को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगी जाएगी।
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में CGMSC के महाप्रबंधक तकनीशियन बसंत कौशिक, जीएम तकनीशियन कमलकांत पाटनवार, बायोमेडिकल इंजीनियर क्षिरौंद्र रावटिया, स्वास्थ्य विभाग स्टोर इंचार्ज डॉ. अनिल परसाई और आनंद राव शामिल हैं।
इस घोटाले में सरकार को 411 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मामले में IAS और IFS अधिकारियों समेत अन्य अफसरों की मिलीभगत सामने आई है। महज 27 दिनों के भीतर 750 करोड़ रुपये की खरीदारी कर ली गई, जिससे सरकारी खजाने पर भारी असर पड़ा। CGMSC ने कई निजी कंपनियों के साथ मिलकर घोटाले को अंजाम दिया। इनमें मोक्षित कॉर्पोरेशन, रिकॉर्ड्स एवं मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज और सीबी कॉर्पोरेशन शामिल हैं।
इन कंपनियों ने मेडिकल उपकरणों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा। उदाहरण के लिए, 8 रुपये में मिलने वाली EDTA ट्यूब को 2,352 रुपये में खरीदा गया, जबकि 5 लाख की CBS मशीन 17 लाख में खरीदी गई। इतना ही नहीं, मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने 300 करोड़ रुपये के रीएजेंट भी खरीदे।
EOW पहले ही मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर रिमांड पर ले चुका है। EOW और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हुए इस महाघोटाले ने स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले में और कौन-कौन से बड़े नाम उजागर करती हैं।
एनआईटी रायपुर एफआईई में नवाचार और उद्यमिता पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न
रायपुर। एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एफआईई), जो एक टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर है, ने शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से नवाचार और उद्यमिता पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम 17 मार्च से 21 मार्च 2025 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षाविदों और इनक्यूबेशन मैनेजरों में नवाचार-प्रेरित सोच को विकसित कर अकादमिक क्षेत्र और उद्यमिता के बीच की दूरी को पाटना था।
इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कुल 50 प्रतिभागियों, शिक्षकों, इनक्यूबेशन मैनेजरों और स्टार्टअप संस्थापकों ने भाग लिया। पांच दिनों तक प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों द्वारा संचालित सत्रों में भाग लिया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार, रचनात्मकता, वित्त, व्यवसाय मॉडल और बौद्धिक संपदा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ-साथ, प्रतिभागियों को व्यावहारिक गतिविधियों में भी सम्मिलित किया गया ताकि वे छात्र स्टार्टअप्स का प्रभावी मार्गदर्शन कर सकें।
कार्यक्रम का समापन 21 मार्च 2025 को आयोजित समापन समारोह के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के प्रमुख एवं सीईओ प्रो. हुलास पाठक उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में प्रो. एबी सोनी, प्रभारी निदेशक, एनआईटी रायपुर, तथा विशेष अतिथि के रूप में प्रो. पी. वाई. ढेकने, कुलसचिव, एनआईटी रायपुर, उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता प्रो. समीर बाजपेयी, प्रमुख, करियर डेवलपमेंट सेंटर, एनआईटी रायपुर ने की। मुख्य अतिथि प्रो. हुलास पाठक ने अपने संबोधन में उद्यमिता शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे संस्थागत इनक्यूबेशन संसाधनों का उपयोग कर छात्र-प्रेरित स्टार्टअप्स को समर्थन दें, जिससे प्रभावशाली शोध और नवाचार को बढ़ावा मिल सके। समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और उन्होंने इस कार्यक्रम से प्राप्त अपने अनुभव एवं ज्ञान साझा किए। कार्यक्रम का समापन एनआईटी रायपुर के सहायक कुलसचिव पवन कटारिया द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम एनआईटी रायपुर एफआईई की समर्पित टीम द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें संकाय प्रभारी डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया, और प्रभारी अधिकारी पवन कटारिया शामिल थे। कार्यक्रम को बोर्ड निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी के मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। एनआईटी रायपुर एफआईई उच्च शिक्षा संस्थानों में एक समृद्ध नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण के लिए शिक्षकों और इनक्यूबेशन प्रबंधकों को आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बड़े विचारों के महान व्यक्ति थे नाना साहब गोरेः रमेश बैस
पहली MIC बैठक में हुए कई अहम फैसले.. यहां बनेगा कमर्शियल कांप्लेक्स और इलेक्ट्रॉनिक मार्केट
रायपुर। महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में गुरुवार को एमआईसी की पहली बैठक हुई। इस दौरान शहर में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के मद्देनजर नगर निगम जल्द ही शंकर नगर में भव्य कमर्शियल कांप्लेक्स और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बनाने का फैसला लिया है।
एमआईसी की बैठक में इन दोनों योजनाओं को 225.71 करोड़ रुपए के बजट के साथ मंजूरी दी गई। इसके अलावा 167 करोड़ 44 लाख रुपए के बॉन्ड जारी करना भी तय किया गया। शहर के सभी 70 वार्डों में वार्ड एक्शन प्लान बनाने के लिए कंसलटेंट नियुक्त करने की भी मंजूरी दी गई।
महापौर मीनल ने सभी 14 एमआईसी सदस्यों के साथ 2025-26 के बजट पर भी चर्चा की। नगर निगम ने बांड जारी करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर रही है। एमआईसी में मंजूरी के बाद सामान्य सभा में स्वीकृत होते ही मंजूरी के लिए शासन को जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही निगम के बॉन्ड बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में पंजीबद्ध हो जाएंगे। बांड की रकम का उपयोग नगर निगम दोनों प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा।
24 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएगी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
रायपुर | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी | वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विधायकों को उद्बोधन’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगी | जारी शेड्यूल के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू सुबह 08:30 बजे राष्ट्रपति भवन से रवाना होकर 08:45 बजे पालम हवाई अड्डा एरावइल पहुंचेंगी और 08:55 बजे पालम हवाई अड्डा से रायपुर रवाना होंगी | 10:35 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10:45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से विधानसभा के लिए रवाना होंगी और 11:05 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचेंगी, जहां 11:05 से 11:15 तक का समय आरक्षित रहेगा | 11:15 से 1200 तक पौधारोपण, विधायकों के साथ ग्रुप फोटो और विधायकों को संबोधन के कार्यक्रम में शामिल होंगी | 12 बजे विधानसभा से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी और 12:30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से भारतीय वायु सेना के विमान से दिल्ली रवाना होंगी।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बुधवार को विधानसभा परिसर का निरीक्षण किया और कार्यक्रम की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों की विस्तार से समीक्षा की | कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार पूरी की जाए | बैठक में यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई | साथ ही राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के लिए प्रवेश और निकास द्वार तय किए गए, जिससे कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
आंजनेय यूनिवर्सिटी द्वारा तीन दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन आज से
• छत्तीसगढ़-विजन @ 2047: चुनौतियाँ, दायित्व एवं सुझाव पर व्यापक मंथन
• उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
• तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों को अपनी शोध-परियोजनाओं एवं नवीन विचारों को प्रस्तुत करने का मिलेगा अवसर
रायपुर | आंजनेय यूनिवर्सिटी, नरदहा, रायपुर में 21 मार्च से 23 मार्च 2025 तक तीन दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन “छत्तीसगढ़-विजन @ 2047: चुनौतियाँ. दायित्व एवं सुझाव” का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्त्वावधान में किया जा रहा है। यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन एवं ऑनलाइन) में आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षाविद, इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स भाग ले सकें। सम्मेलन का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

चांसलर अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास को 2047 तक एक समृद्ध. आत्मनिर्भर एवं प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में आवश्यक रणनीतियों पर विचार करना है। इस अवसर पर तकनीकी नवाचारों का समावेश, औद्योगिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी अनुसंधान, नीति निर्माण और सामाजिक न्याय के योगदान एवं चुनौतियों पर विशेष रूप से चर्चा होगी। यह आयोजन उन सभी शोधकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के लिए एक बेहतर मंच साबित होगा जो छत्तीसगढ़ के भविष्य पर मंथन करना चाहते हैं। विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को अपनी शोध-परियोजनाओं एवं नवीन विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।
प्रो वाईस चांसलर ने कहा कि क्षेत्रीय सम्मेलन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। जिनमें प्रमुख रूप से जिंदल पैंथर टीएमटी, श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर, सर्वोतम ऑइल, सारडा एनर्जी एंड मिनिरल्स लिमिटेड, निको, नवी वेल्थ, मैजिक पेंट्स, बिलासा ब्लड बैंक एवं एमकेजी फाउंडेशन सम्मिलित हैं। इन संस्थानों के सहयोग से इस आयोजन को व्यापक स्तर पर प्रभावशाली बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम सचिव डॉ. प्रांजलि गनी ने कहा कि हमें ऐसी आशा है कि आंजनेय यूनिवर्सिटी के इस प्रयास से न केवल एक स्पष्ट विकसित दृष्टि मिलेगी, बल्कि यह सम्मेलन अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. टी रामाराव, महानिदेशक डॉ. बी सी जैन उपस्थित रहे।
राज्यपाल रमेन डेका ने विश्व योग प्रतियोगिता के लिए चयनित प्रतिभागियों को 50 हजार रूपए की सहायता राशि दी
रायपुर | राज्यपाल रमेन डेका ने विश्व योग प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों को 50 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की है।
ये प्रतिभागी आगामी अप्रैल माह में मलेशिया में आयोजित होने वाली 16वीं विश्व योग प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी खिलाड़ी साक्षी वर्मा और विभांशु बंजारे और उनके योग प्रशिक्षक नमेश कुमार साहू ने राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की। रमेन डेका ने प्रत्येक प्रतिभागी के लिए 25-25 हजार रूपये की अनुदान राशि स्वीकृत की और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा की सौजन्य भेंट
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में सुविख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय सम्मान प्रदान किया। प्रेरक कथाओं और भक्ति प्रवचनों के लिए विख्यात देवी चित्रलेखा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री साय ने देवी चित्रलेखा के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार और प्रवचन समाज को जागरूक करने के साथ नैतिक मूल्यों को भी सशक्त करते हैं। उन्होंने देवी चित्रलेखा जी की भूमिका को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली बताते हुए कहा कि उनके प्रयास जनमानस के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर दोनों के बीच आध्यात्मिक चेतना के प्रसार, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और समाज में समरसता को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के विभागों के लिए 12 हजार 389 करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक अनुदान मांगे पारित
छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम बनाने वाला होगा देश का पहला राज्य: मंत्री चौधरी
हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत: मंत्री चौधरी
इस बजट में छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य: मंत्री चौधरी
संचित शोधन निधि में अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल
एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शामिल
निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि हुआ प्राप्त
नवा रायपुर में ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ का होगा निर्माण
राज्य में कन्टीन्यूअस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन्स की स्थापना
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र’‘ का गठन
2047 तक प्रदेश को विकसित बनाने हेतु पथ प्रदर्शक दस्तावेज छत्तीसगढ़ अंजोर-विजन/2047 तैयार
छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में राजस्व संग्रहण के दृष्टिकोण से तीसरे स्थान पर

रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को वित्त, आवास एवं पर्यावरण एवं योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 12 हजार 389 करोड़ 29 लाख रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। इसमें वित्त विभाग से संबंधित व्यय के लिए 11 हजार 109 करोड़ 43 लाख 25 हजार रूपए, आवास एवं पर्यावरण से संबंधित व्यय के लिए 1 हजार 208 करोड़ 36 लाख 72 हजार रूपए, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग से संबंधित व्यय के लिए 71 करोड़ 49 लाख 60 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी वित्त विभाग के अनुदान मांगों की चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि वित्त विभाग के इस बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति हितलाभों, जैसे- पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, एनपीएस में नियोक्ता अंशदान आदि मदों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2004 से अप्रैल 2022 के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए एनपीएस-ओपीएस चयन करने विकल्प दिया गया था। नियोक्ता अंशदान के लिये बजट में प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि 1 अप्रैल, 2022 से पुरानी पेंशन योजना की बहाली के फलस्वरूप भविष्य के पेंशन दायित्वों के बढ़ते वित्तीय भार को ध्यान में रखते हुए इसके प्रबंधन के लिये 456 करोड़ का प्रावधान पेंशन निधि में निवेश के लिये रखा गया है। इसके लिये हम पेंशन निधि अधिनियम भी बनाने जा रहे हैं, जिससे इस प्रक्रिया को स्थायी स्वरूप दिया जा सकेगा। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। यह हमारी सरकार के दूरगामी सोच एवं कुशल वित्तीय प्रबंधन का ही एक प्रमुख भाग है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा भविष्य में बाजार ऋणों की देयताओं को ध्यान में रखते हुए संचित शोधन निधि का गठन किया गया है, जिसमें गत वर्ष के अवशेष ऋणों के 0.5 प्रतिशत प्रति वर्ष निवेश किया जाता है। साथ ही निधि में कुल अवशेष ऋणों का 5 प्रतिशत तक निवेश होना चाहिए। वर्तमान में इस निधि में कुल अवशेष ऋणों का 7.3 प्रतिशत से अधिक है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य सरकार की गारंटी पर लिये जाने वाले ऋणों की अदेयता की स्थिति में उनका भुगतान सुनिश्चित करने हेतु गारंटी मोचन निधि में अब तक 500 करोड़ निवेशित किये हैं तथा इस बजट में भी 500 करोड़ का प्रावधान किया है। संचित शोधन निधि के साथ गारंटी मोचन निधि में बड़ी राशि निवेशित करने वाला छत्तीसगढ़ देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में से एक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को विकासशील से विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत है। हमने इस बजट में एक नया फंड छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड बनाया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य होगा। निश्चित रूप से यह हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की पहल में सहयोगी होगा।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य में हितग्राहियों को सुचारू रूप से लाभ पहुंचाने हेतु डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर सेल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के द्वारा सीएसएस की विमुक्त की गई राशि की निगरानी एवं जमीनी स्तर तक के उपयोगीकरण का पर्यवेक्षण किया जाता है। एसएनएस-स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 03 राज्यों में शमिल है। निर्धारित लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने पर राज्य शासन को भारत सरकार से इस वर्ष 500 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। राज्य के आय-व्यय का रियल टाईम पर्यवेक्षण एवं डेटा विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे वित्तीय प्रबंधन और बेहतर हो सकेगा।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने बजट में प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिये आवश्यक प्रावधान रखने का प्रयास किया है। किसी भी कार्य को करने के लिये हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिये, हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की सरकार में हो रहे रिफॉर्म इस सकारात्मकता के द्योतक हैं।
आवास एवं पर्यावरण विभाग
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी अपने विभाग आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुदान मांग के चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को आधारभूत सुविधाओं का विस्तार एवं देश और दुनिया में पहचान स्थापित करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र में पेयजल की निर्वाध आपूर्ति, प्रदेश के कोने-कोने से शासकीय कार्य हेतु आने वाले लोगों के लिए परिवहन सुविधा, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास जैसी जनसुविधा उपलब्ध कराने में हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की परिकल्पना थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की याद में हमारी सरकार ने नवा रायपुर मंे ’’अटल स्मारक और संग्रहालय’’ निर्माण का निर्णय लिया है।
मंत्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे IIM, Hidaytulla Law University, IIIT, IHM स्थापित है। विश्वस्तरीय आवासीय विद्यालय का निर्माण पूर्णता की ओर है। केन्द्रीय विद्यालय एवं अन्य अनेक निजी विद्यालय एवं विश्वविद्यालय नवा रायपुर क्षेत्र में संचालित है। हमारी सरकार ने युवाआंे के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एवं उच्च्तर अध्ययन की सुविधा प्रदाय करने की योजना बनाई है। हमारी सरकार ने बजट में पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए प्रावधान किया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अंतर्गत नवा रायपुर में विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण की योजना है।
मंत्री चौधरी ने कहा कि नवीन उद्योगों को रियायत, ऑनलाईन पंजीयन प्रणाली पर विशेष फोकस करते हुए विभाग द्वारा पंजीयन प्रणाली में मोबाईल एप ‘सुगम’ लागू किया गया हैै। जिसमें पक्षकार द्वारा पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत करते समय संपत्ति की फोटो अपलोड करते ही उस स्थान के अक्षांस एवं देशांतर की जानकारी स्वतः कैप्चर हो जाती है। गूगल मैप के माध्यम से संपत्ति की सही स्थिति, निर्मित संरचना मुख्यमार्ग से दूरी का अनुमान होने से संपत्ति का उचित मूल्यांकन हो पा रहा है, जिसके कर अपवंचन की रोकथाम हो रही है। इसके साथ ही पैन आधार इंटीग्रेशन, सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाजार मूल्य एवं गाइडलाइन दरों की विसंगति दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 30 प्रतिशत की कमी को समाप्त कर 2019-20 की दरों को यथावत लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीयन शुल्क में कमी/युक्तियुक्तकरण के तहत गाइडलाइन दर से ऊपर की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क से छूट एवं पारिवारिक व्यवस्थापन हेतु शुल्क की रियायत का प्रावधान किया गया है।
वित्त, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी, वाणिज्यिक कर (जीएसटी एवं पंजीयन) विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण राघवेन्द्र सिंह, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुनील सोनी, शेषराज हरवंश, हर्षिता बघेल ने भाग लिया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित हितग्राहियों से की मुलाकात
रायपुर | राज्यपाल रमेन डेका ने जांजगीर चापा जिले के प्रवास के दौरान नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पेण्ड्री में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित आवास का अवलोकन किया। उन्होंने मीना सूर्यवंशी व शंकरलाल के पक्के आवास का अवलोकन किया साथ ही हितग्राहियों से बातचीत की।

उन्होंने हितग्राहियों को पक्का आवास मिलने से उनके जीवन स्तर में बदलाव की जानकारी ली। ग्राम पेण्ड्री में उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन के हितग्राहियों से चर्चा की एवं समय पर पेंशन मिलने के बारे में जानकारी ली।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया शुभारंभ
Raipur Breaking: रायपुर के चांदनी चौक के किराया भण्डार में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी
रायपुर । रायपुर के चांदनी चौक इलाके में किराया भण्डार में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग इतनी भयंकर है कि उसका धुआं कैनाल रोड से भी साफ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना हो गई हैं। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। राहत और बचाव कार्य जारी है।
खबर अपडेट हो रही है....
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने तकनीकी अधिकारियों को दिया जा रहा है तीन दिवसीय प्रशिक्षण
रायपुर | राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-डिस्टैक्टिव टेस्ट (NDT) उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे संरचनाओं की मजबूती और विश्वसनीयता की जांच बिना किसी नुकसान के की जा सकती है। इन्हीं अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी और उपकरणों के संचालन में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन के अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 17 मार्च से नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के प्रथम तल पर स्थित मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) में दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 19 मार्च तक चलेगा।

मुख्य तकनीकी परीक्षक आर. पुराम ने बताया कि संगठन द्वारा लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता एवं भौतिक प्रगति की जांच कर सामान्य प्रशासन विभाग को प्रतिवेदन प्रेषित किया जाता है। प्रशिक्षण में एनडीटी विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक जांच उपकरणों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि नॉन-डिस्टैक्टिव टेस्टिंग (NDT) ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी भी निर्माण सामग्री या संरचना की मजबूती, गुणवत्ता और स्थायित्व की जांच की जाती है, बिना उसे कोई नुकसान पहुंचाए। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाओं की जांच के लिए किया जाता है। प्रशिक्षण में अल्ट्रासोनिक पल्स वेलासिटी, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR), डिजिटल रीबाउंड हैमर टेस्ट, प्रोफोमीटर टेस्ट, टोमोग्राफी जैसे प्रमुख उपकरणों के संचालन की तकनीक सिखाई जा रही है। इन उपकरणों की मदद से कंक्रीट की मजबूती, अंदरूनी दरारें, नमी की मात्रा, सरंचना में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और संभावित कमजोरियों की पहचान की जाती है।
इस प्रशिक्षण से संगठन के अधिकारियों को आधुनिक जांच तकनीकों की समझ विकसित होगी, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी रूप से परखा जा सकेगा। इससे संगठन को भविष्य में तेजी, सटीकता और विश्वसनीयता के साथ निरीक्षण करने में सहायता मिलेगी।
रायपुर के ‘बरसाना’ में रामकथा 20 मार्च से... कथा श्रवण कराएंगे रामज्ञानी दास महाराज
रायपुर। राजधानी रायपुर के वीर सावरकर नगर मोहबा बाजार स्थित बरसाना एन्क्लेव में श्री अयोध्या धाम में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। भक्तजनों और श्रद्धालुओं को रामकथा का श्रवणपान महात्यागी आश्रम, तिरखेड़ी,सालेकसा,गोंदिया के मानस मर्मज्ञ श्री रामज्ञानी दास जी महाराज कराएंगे।
आयोजन समिति के सचिव गणेशा जाधव ने बताया कि श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बरसाना एन्क्लेव में 20 से 26 मार्च की अवधि में श्रीरामकथा का अभूतपूर्व आयोजन समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि श्री राम कथा में कथाव्यास मानस मर्मज्ञ रामज्ञानी दास जी महाराज, महात्यागी आश्रम, तिरखेड़ी,सालेकसा,गोंदिया होंगे। सामाजिक समरसता की दृष्टि से प्रतिदिन नगर के अलग-अलग सेवा बस्ती में महाराज का बस्ती प्रवास संपर्क योजना का कार्यक्रम भी बनाया गया है। श्रीराम कथा आयोजन समिति,रायपुर श्रद्धालुओं से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में कथा श्रवण का लाभ लेंवे।
छत्तीसगढ़ में एक कंटेनर से 500 किलोग्राम गांजा जप्त, बाजार मूल्य करीब एक करोड़
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने एक कंटेनर से लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का 500 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीती रात जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुतर्रा-रापाखर्रा पुल के पास एक कंटेनर से 500 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस को मुखबिर से जिले में गांजा तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस दल ने वाहनों की तलाशी शुरू की।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सुतर्रा-रापाखर्रा पुल के पास एक कंटेनर से गांजा बरामद हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर चालक दिल्ली निवासी राहुल गुप्ता ने हिरासत में पूछताछ के दौरान बताया कि कंटेनर में ओडिशा से गांजा रखा गया था और उत्तर प्रदेश की ओर रवाना किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में होगा शिविर का शुभारंभ |
रायपुर | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर द्वारा विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन 18 मार्च से किया जा रहा है। इस शिविर का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में किया जाएगा।

यह शिविर 18 मार्च से 20 मार्च तक चलेगा। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं में भेषज रोग (मेडिसिन विभाग), स्त्री रोग, अस्थि रोग, नाक, कान एवं गला रोग, चर्म रोग, शल्य रोग, मनोरोग, दंत रोग एवं नेत्र रोग से संबंधिक बीमारियों का परीक्षण किया जाएगा।
शिविर में सोनोग्राफी, ई.सी.जी., उच्च रक्तचाप, मधुमेह, समस्त रक्त जांच एवं जनरल चेकअप की जांच सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विधानसभा से जुड़े लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है, ताकि वे विभिन्न रोगों की जांच और उपचार करा सकें। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के शुभारंभ के मौके पर उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव, विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल समेत अन्य मंत्रिगण एवं विधायक गण उपस्थित रहेंगे।
खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और नवाचार का नया अध्याय : खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत
2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक 11,581 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित
44 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक ई-नीलामी: देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी
बैलाडीला क्षेत्र में तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी
जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त: 9,362 विकास कार्यों को दी गई मंजूरी
राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की योजना
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी, डिजिटल निगरानी और पर्यावरण-संवेदनशील खनन रणनीतियों को अपनाकर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नए आयाम दिए हैं।

खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उत्खनन के चलते बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के गठन के समय की तुलना में खनिज राजस्व में 30 गुना वृद्धि हुई है, जो 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2024-25 में अप्रैल से फरवरी तक ही 11,581 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। यह पारदर्शी खनन नीति और प्रभावी प्रशासन का परिणाम है। अब तक 44 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिसमें अब तक चूना पत्थर के 14, लौह अयस्क के 9, बॉक्साइट के 11, स्वर्ण के 3, निकल, क्रोमियम के 2, ग्रेफाइट के 2, ग्लूकोनाइट के 2 और लिथियम के 1 खनिज ब्लाक की निलामी की गई है।
भारत सरकार द्वारा देश के आर्थिक एवं सामरिक विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा जनवरी, 2025 में की गई है। इस के अनुरूप प्रदेश में विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 से ही क्रिटिकल एवं सामरिक महत्व के खनिजों के अन्वेषण / खोज पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 31 परियोजनाओं अंतर्गत क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स पर कार्य किये जा रहे है।
प्रदेश में अब तक 10 क्रिटिकल एवं डीप सीटेड मिनरल्स ब्लॉक्स जिसमें लिथियम का 1, स्वर्ण का 3, निकल, क्रोमियम का 2, ग्रेफाइट का 2 ग्लूकोनाइट के 2 मिनरल ब्लॉक की नीलामी की गई है।
देश में पहली बार खनिज लिथियम ब्लॉक की सफलतापूर्वक नीलामी की कार्यवाही भारत सरकार द्वारा की गई है जिसके तहत् जिला कोरबा के कटघोरा लिथियम ब्लॉक को मेसर्स साउथ मायकी मायनिंग कंपनी को 76 प्रतिशत प्रीमियम राशि पर आबंटित किया गया है। राज्य के सुकमा एवं कोरबा जिले में भी लिथियम अन्वेषण कार्य किया जा रहा है जिसमें लिथियम के भण्डार पाये जाने की पूर्ण संभावना है।
बैलाडीला क्षेत्र भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडारों में से एक है। यहां तीन नए लौह अयस्क ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कांकेर जिले के हाहालद्दी लौह अयस्क खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल की हैं। सेटेलाइट इमेजरी और माइनिंग सर्विलियेंस सिस्टम के माध्यम से अवैध खनन की निगरानी की जा रही है। गौण खनिज खानों में सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से खनन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार बेहतर कार्य करने वाले पट्टेधारियों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रणाली के तहत प्रोत्साहित कर रही है।
खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा प्रदेश के सामाजिक विकास में निवेश किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1,673 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और कौशल विकास सहित 9,362 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।
राज्य सरकार ने चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क और ग्रेफाइट सहित कुल 13 खनिज परियोजनाओं में अन्वेषण कार्य शुरू किया है। प्रारंभिक सर्वेक्षणों में चूना पत्थर के 283 मिलियन टन, लौह अयस्क के 67 मिलियन टन और बॉक्साइट के 3 लाख टन भंडार का अनुमान लगाया गया है। स्वर्ण, ग्रेफाइट और ग्लूकोनाइट जैसे खनिजों की खोज भी की जा रही है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सूरजपुर जिले के जाजावल क्षेत्र में यूरेनियम ब्लॉक के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। कोल बेड मीथेन पूर्ववर्ती कोरिया जिले में वेदांता लिमि. एवं ऑईलमैक्स को पेट्रोलियम अन्वेषण लायसेंस स्वीकृत किया गया है। मैंगनीज ओर इंडिया लि. (मोईल) द्वारा सीएमडीसी के साथ प्रदेश में प्रथम बार बलरामपुर क्षेत्र में खनिज मैगनीज का भंडार चिन्हित किया गया है।