रायपुर
एनआईटी रायपुर में मध्य भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक महोत्सव इक्लेक्टिका'25 का आगाज
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में संस्कृति– द कल्चरल कमेटी द्वारा आयोजित मध्य भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक महोत्सव इक्लेक्टिका'25 का आग़ाज़ किया गया। इस उद्घाटन समारोह में निदेशक (प्रभारी) डॉ. ए. बी. सोनी मुख्य अतिथि, एनआईटी रायपुर के रजिस्ट्रार डॉ. पी. वाई. ढेकणे, और सभी सम्मानित डीन इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे | इस दौरान संस्कृति क्लब की फैकल्टी इन चार्ज डॉ लता एस बी उपाध्याय ,अन्य फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थी भी मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम, दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. नितिन जैन, ने अपने संबोधन में इस तीन दिवसीय आयोजन के लिए उत्साह जताया और इसे छात्रों के लिए यादगार अनुभव बताया। उन्होंने ‘संस्कृति’ के साथ मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने वाले सभी क्लबों का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि ये क्लब सिर्फ इवेंट आयोजित करने के लिए नहीं, बल्कि छात्रों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने और संवारने के लिए भी हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस. सान्याल ने इस आयोजन के लिए छात्रों को शुभकामनाएं दी। सीडीसी हेड डॉ. समीर बाजपाई, ने कहा कि इक्लेक्टिका छात्रों को अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने का मंच देता है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों में संसाधनों के सही उपयोग पर भी जोर दिया।
कलोप्सिया में छात्रों ने स्केचिंग, मिनिएचर पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, हैंड पेंटिंग में भाग लिया। संस्थान की इको सोशल कमिटी गो ग्रीन के पुकार इवेंट के तहत पजल हंट, प्रदर्शनी और ट्रैश तो रैंप जैसे कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया , साथ हीओ संस्थान के क्लिक क्लब द्वारा फोटो प्रदर्शनी लगे गई |
इक्लेक्टिका 2025 के पहले दिन का अंत आर्टिस्ट नाईट के साथ हुआ। आर्टिस्ट नाइट में लोकप्रिय गायक लक्ष्य कपूर और अंशिका पांडे शामिल थे, जिन्होंने "दिल से दिल तक" जैसे गीतों के साथ अपने मनमोहक प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिल्ली में भाजपा की जीत... सीएम साय ने जताई खुशी, कहा- मोदी की गारंटी की जीत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत पर खुशी जताई। उन्होंने दिल्ली की जनता को नमन करते हुए कहा कि, केजरीवाल के झूठे वादों से दिल्ली की जनता परेशान थी, अब उन्होंने मोदी जी की गारंटी पर भरोसा जताया है। झूठ ज्यादा दिन नहीं चलता।
इस दौरान, सीएम साय ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, कांग्रेस तो प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाली पार्टी है, उनसे सनातन धर्म को लेकर ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ऐलान : किसानों के खातों में 12 हजार करोड़ एकमुश्त जाएंगे
रायपुर | छत्तीसगढ़ में किसानों को जल्द बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है | धान खरीदी के बाद जल्द ही सरकार किसानों के खाते में धान खरीदी की अंतर राशि डालने वाली है | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसानों के खातों में 12 हजार करोड़ की राशि का भुगतान किया जाएगा।

सत्ता में आने से पहले छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने किसानों से 3100 रुपये क्विंटल में धान खरीदी का वादा किया था | साल 2024 में 4 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई | लेकिन किसानों से मोटा धान 2300 प्रति क्विंटल और पतला धान 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया | ऐसे में जो अंतर की राशि है वह धान बोनस के रूप में जल्द ही किसानों के खाते में आने वाली है | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर धान खरीदी अंतर राशि के बारे में बताया, उन्होंने कहा इस साल सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए, लगभग 150 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है | 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की गई है | मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी के आंकड़े आते ही धान खरीदी की अंतर राशि किसानों को देने का वादा पहले ही हमने किया था | ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मोदी गारंटी को पूरा करते हुए एकमुश्त 12 हजार करोड़ की राशि का भुगतान हो जायेगा | आपके श्रम को मिले इस सम्मान से ही प्रदेश का नगर और गांव खुशहाल होगा | छत्तीसगढ़ में साल 2024-25 में धान खरीदी प्रदेश में इस साल खरीफ वर्ष 2024-25 में सरकार ने किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की | कुल 25.49 लाख से ज्यादा किसानों ने धान बेचा | जिसके लिए किसानों को 31 हजार करोड़ से भी ज्यादा का भुगतान सरकार ने किया।
विवाह के कारण कैडर चेंज, मणिपुर का अधिकारी अब छत्तीसगढ़ में
रायपुर। छत्तीसगढ़ को एक और आईएएस अधिकारी मिल रहा है। मणिपुर कैडर के आईएएस अधिकारी पठारे अभिजीत बबन छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर की आईपीएस अधिकारी साकोरे मानसी नानाभाऊ से विवाह के कारण मणिपुर से छत्तीसगढ़ कैडर में स्थानांतरित किया गया है।
भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के अवर सचिव संजय कुमार चौरसिया ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) नियम, 1954 के नियम 5 के उप-नियम (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, और मणिपुर तथा छत्तीसगढ़ की राज्य सरकारों की सहमति से, केंद्र सरकार ने पठारे अभिजीत बबन, आईएएस (MN:2022) को साकोरे मानसी नानाभाऊ, आईपीएस (CG:2023) से विवाह के आधार पर मणिपुर कैडर से छत्तीसगढ़ कैडर में स्थानांतरित किया है।
आईएएस पठारे अभिजीत बबन मणिपुर कैडर के 2022 बैच के अधिकारी हैं और महाराष्ट्र के अहमदनगर के निवासी हैं। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री प्राप्त की है। 2021 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और 333वीं रैंक प्राप्त कर मणिपुर कैडर में शामिल हुए। दूसरी ओर, आईपीएस साकोरे मानसी नानाभाऊ छत्तीसगढ़ कैडर की 2023 बैच की अधिकारी हैं और महाराष्ट्र के पुणे जिले के शिरूर तालुका के केंदूर गांव से हैं।
उन्होंने 531वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास की और छत्तीसगढ़ कैडर मिला। मानसी शिरूर तालुका की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं। विवाह के कारण अभिजीत ने अपना कैडर बदलने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
जो प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करता है, वही आगे चलकर बनता है एक सफल प्रशासक : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा
आदिम जाति विभाग के नवनियुक्त सहायक संचालक और जनपद सीईओ ने प्रमुख सचिव से मंत्रालय में की सौजन्य मुलाकात
रायपुर | आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग में नवनियुक्त सहायक संचालक और जनपद सीईओ ने विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा से मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कक्ष में सौजन्य मुलाकात की। गौरतलब है कि नवनियुक्त अधिकारियों का छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित होने के बाद विभाग में पदस्थापना दी गई है। इन अधिकारियों का राजधानी रायपुर के प्रशासन अकादमी निमोरा में आगामी 10 फरवरी से आधारभूत प्रशिक्षण होगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभाग में सहायक संचालक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के 10-10 रिक्त पदों के लिए भर्ती की गई है।

प्रमुख सचिव बोरा ने इस दौरान नवनियुक्त अधिकारियों का परिचय जाना और अपने सेवाकाल के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि नियुक्ति के पश्चात किस प्रकार प्रारंभिक वर्षों में कार्यो को सीखने के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपने प्रशिक्षण सत्र को पूरी गंभीरता के साथ पूर्ण करता है, वही आगे चलकर एक सफल प्रशासक बनता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने आपको यह सुनहरा मौका प्रदान किया है। इसके माध्यम से आप सरकार की योजनाओं को वंचित वर्ग तक पहुंचाकर राष्ट्रनिर्माण एवं देशसेवा की अपनी महत्ती भूमिका निभा सकते हैं।
प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि निर्धारित शेडयूल के अनुसार सभी नवनियुक्त अधिकारियों को 10 फरवरी से प्रशासन अकादमी, निमोरा में आधारभूत प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण के इस सत्र का पूरा लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी के लिए यह प्रशिक्षण सत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की सभी बारीकियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समझाया जाता है। अतः इसका पूरा लाभ लेने हेतु उनके द्वारा निर्देशित किया गया। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को नवा रायपुर में निर्माणाधीन ट्रॉयबल म्यूजियम एवं लायब्रेरी का भ्रमण करने को भी कहा। इस मौके पर उपसचिव बी.के.राजपूत, अपर संचालक आर.एस.भोई, उपायुक्त एल.आर.कुर्रे उपस्थित थे।
प्रदेश में बिक रहे अवैध मदिरा और मादक पदार्थों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
रायपुर। आबकारी विभाग की सचिव सह आयुक्त आर. संगीता ने आज नवा रायपुर में विभागीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन, उड़नदस्ता दल, एवं विभिन्न जिलों के आबकारी अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा एवं राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। संगीता ने अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की सापेक्ष प्रगति की समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
आबकारी सचिव संगीता ने स्थानीय चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु उन्होंने अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी थाना एवं जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
आबकारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री नहीं हो। उन्होंने ग्राहक सुविधा एवं शिकायत समाधान पर विशेष ध्यान देने के लिए "मनपसंद" मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर 14405 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के निर्देश दिए।
आबकारी सचिव ने फील्ड में कार्यरत आबकारी आरक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो और मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, इसे कड़ाई से सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया। सचिव ने कहा कि मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान किया जाए तथा बिक्री से प्राप्त राशि को बैंक में नियमानुसार जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस कार्य में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कैश कलेक्शन / बैंक एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
सरपंच प्रत्याशी की मौत : तेज रफ्तार ट्रक ने सरपंच प्रत्याशी को रौंदा, मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में सरपंच प्रत्याशी कुसुमा की मौके पर ही मौत हो गई है। तेज रफ्तार ट्रक प्रत्याशी कुसुमा को रौंदते हुए निकल गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया है। पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, साहस खोल निवासी कुसुमा चंद्राकर अपने पति देवानंद चंद्राकर के साथ बाइक में सवार होकर ओडिशा की दिशा में जा रही थी। इस दौरान मोड़ पर एक ट्रक तेज रफ्तार में विपरीत दिशा से अचनाक आते देख बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। सड़क पर गिरने के बाद ट्रक ने सरपंच प्रत्याशी कुसुमा को कुचलते हुए गुजर गया। हादसे में कुसुमा की मौके पर ही मौत हो गई। मृतिका कोड़की पारा पंचायत में सरपंच पद की प्रत्याशी थी।
मुख्यमंत्री से नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने की सौजन्य भेंट
मां कर्मा के नाम से डाक टिकट हुआ जारी.... लोगों में 1 लाख टिकट बांटेंगे तोखन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से : लेजेन्ड 90 की आयोजक समिति ने मुलाकात की
रायपुर | लेजेन्ड 90 किकेट लीग 6 से 18 फरवरी 2025 तक शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्डेडियम में आयोजित की जा रही है। लेजेन्ड 90 क्रिकेट लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर की लीग है जिसका आयोजन पूर्व में श्रीलंका सहित अनेक देशों में हुआ है। इस वर्ष उक्त लीग के आयोजन का सम्मान भारत को प्राप्त हुआ है। इस प्रतियोगिता में अनेक राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा ले रहें है, जिनमें कीस गेल, डेविड वार्नर, हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू वेड, मोइन अली, एरोन फींच, तिसारा परेरा, रॉबीन उथ्थपा, दिनेश कार्तिक, शॉन मार्श, मार्टिन गप्टिल, केदार जाधव, बेन डंक, साकिब अल हसन, तथा डेनियल किश्यचन आदि सम्मिलित हैं।

इसी तारतम्य में बुधवार को लेजेन्ड 90 की आयोजन समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। लेजेन्ड 90 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुणेश सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ वारीयर्स टीम की 21 नंबर (मुख्यमंत्री के जन्मतिथि के अनुसार) की जर्सी भेंट की तथा प्रतियोगिता हेतु विशेष निमंत्रण दिया। इस अवसर पर तरुणेश परिहार के अतिरिक्त आयोजन समिति से बलविन्दर सिंह एवं राहुल भदौरीया (संचालक स्र्पोट्स मिंट), सदन घोष (संचालक यारों), गौरव बत्रा एवं राजीव सोनी उपस्थित थे।
परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की : पांच लोगों की बचाई जान
18 वर्षीय मस्तिष्क मृत्यु घोषित मरीज ने अपने अंग दान कर पांच लोगों की जान बचाई
रायपुर | रायपुर के एक 18 वर्षीय युवक ने मस्तिष्क मृत्यु घोषित होने के बाद अंगदान कर पांच मरीजों को नई जिंदगी दी। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद, 29 जनवरी 2025 को उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया। इस कठिन समय में भी, उसके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उसके अंग और कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया, जिससे अंग विफलता से जूझ रहे मरीजों को नई आशा मिली।

छत्तीसगढ़ राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) ने इस पूरे अंगदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया। SOTTO के निर्देशानुसार, मरीज को अंग प्रत्यारोपण के लिए एम्स रायपुर में स्थानांतरित किया गया। एम्स रायपुर प्रशासन, SOTTO-छत्तीसगढ़ और विभिन्न चिकित्सा टीमों के समन्वय से यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अंगदान और प्रत्यारोपण की इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में एम्स रायपुर की कई टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेडिकल सुप्रिटेंडेंट ऑफिस से प्रो. रेणु राजगुरु और डॉ. नितिन बोरकर ने प्रशासनिक कार्यों की देखरेख की।
ट्रॉमा और आपातकालीन चिकित्सा टीम, जिसमें डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. पल्लवी और डॉ. नमन अग्रवाल शामिल थे, इन्होने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेडिसिन विभाग से प्रो. डॉ. विनय पंडित और डॉ. जस्केतन मेहर ने भी अहम योगदान दिया। फॉरेंसिक मेडिसिन टीम, जिसका नेतृत्व प्रो. कृष्णदत्त चावली कर रहे थे, ने मेडिकल- लीगल प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया, जबकि ट्रांसप्लांट समन्वयकों विषोक एन, विनिता और अम्बे ने मरीज के परिजनों को परामर्श दिया और अंगदान प्रक्रिया को पूरा किया। SOTTO के अंग आवंटन नीति के अनुसार, एक किडनी और दोनों कॉर्निया एम्स रायपुर को आवंटित किए गए, जबकि दूसरी किडनी और लिवर एक निजी अस्पताल को प्रदान किए गए। एम्स रायपुर में, एक किडनी का प्रत्यारोपण दुर्ग की 26 वर्षीय महिला को किया गया, जो पिछले सात वर्षों से क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थी। इससे पहले, उसने एक निजी अस्पताल में ABO-इनकंपेटिबल (असंगत रक्त समूह) किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था, जो असफल रहा और वह पिछले दो वर्षों से डायलिसिस पर निर्भर थी। एम्स रायपुर में किडनी प्रत्यारोपण की यह प्रक्रिया डॉ. अमित आर. शर्मा, डॉ. दीपक बिस्वाल और डॉ. सत्यदेव शर्मा (यूरोलॉजी टीम), डॉ. विनय राठौर (नेफ्रोलॉजी टीम), और डॉ. सुब्रत सिंघा एवं डॉ. मयंक कुमार (एनेस्थीसिया टीम) द्वारा सफलतापूर्वक की गई। डॉ. विनय राठौर ने बताया कि यह एम्स रायपुर में छठा बहु-अंगदान (मल्टी-ऑर्गन डोनेशन) और 11वां मृतदाता किडनी प्रत्यारोपण था। अब तक एम्स रायपुर में कुल 45 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि दूसरा किडनी प्रत्यारोपण पहली सर्जरी की तुलना में अधिक जटिल होता है, क्योंकि इसमें इम्यूनोलॉजिकल रिजेक्शन (अंग अस्वीकृति) का खतरा अधिक रहता है और सर्जरी की चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। डोनर के कॉर्निया का प्रत्यारोपण बेमेतरा और अंबिकापुर के 18-18 वर्षीय दो पुरुष मरीजों में किया गया, जिससे उनकी दृष्टि लौट आई। यह जटिल सर्जरी नेत्र रोग विभाग की टीम द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. विजया साहू ने किया। एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (से.नि.), ने डोनर के परिवार के इस महान निर्णय की सराहना की और समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने एम्स रायपुर की अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को और सशक्तबनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और समाज से इस नेक कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की। इस सफल प्रत्यारोपण के साथ, एम्स रायपुर अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में उभर रहा है और जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान इस जीवनदायी पहल को सफल बनाने में योगदान देने वाले डोनर के परिवार, SOTTO-छत्तीसगढ़ और सभी चिकित्सा दलों का हार्दिक आभार व्यक्त करता है
सुरक्षा के साथ खदान संचालन में पावर कंपनी अव्वल… गारे पेलमा के पांच ईनाम श्रेष्ठ कार्यों के प्रतीक - सुबोध सिंह
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को गारे पेलमा खदान के संचालन में सुरक्षा संबंधी मापदण्डों के पालन हेतु वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीनस्थ महानिदेशालय खान सुरक्षा द्वारा पांच महत्वपूर्ण पुरस्कारों से नवाजा गया है। इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने उत्पादन कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा है कि यह हमारी टीम की प्रतिबद्धता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीनस्थ महानिदेशालय खान सुरक्षा द्वारा वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर खदानों के रखरखाव और कार्य-निष्पादन का आकलन किया जाता है।
वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा 2024 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन विश्रामपुर में किया गया, जिसमें विभिन्न श्रेणियों में गारे पेलमा सेक्टर तीन, कोयला खदान को विविध पुरस्कार प्राप्त हुए। ओवरऑल ग्रुप ई (उत्पादन क्षमता 3 मिलियन टन से 5 मिलियन टन तक) में प्रथम, इंजीनियरिंग एक्सेवेशन में प्रथम, सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान में प्रथम, डस्ट सप्रेशन में द्वितीय, इल्यूमिनेशन (मांइस में लाइट की व्यवस्था) में द्वितीय, एक्सप्लोसिव (विस्फोटक) में द्वितीय, गारे पेलमा सेक्टर तीन कोयला खदान द्वारा प्रदर्शित एक्सीबिशन एवं स्टॉल हेतु द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। ओवरऑल ग्रुप ई (उत्पादन क्षमता 3 मिलियन टन से 5 मिलियन टन तक) की श्रेणी में गारे पेलमा सेक्टर तीन कोयला खदान को विगत चार वर्षों से प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो रहा है, जो कि सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार, कार्यपालक निदेशक एमआर बागड़े द्वारा ये पुरस्कार पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह को सौंपे गये। इस अवसर पर अध्यक्ष सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी परिवार के लिए गौरव का विषय है। हमारी टीम की मेहनत, प्रतिबद्धता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता ने हमें इस सम्मान तक पहुंचाया है। सुरक्षा हमारे संचालन की प्राथमिकता है और हम हमेशा अपने खनिकों के सुरक्षित कार्य वातावरण को सुनिश्चित करने के लिये प्रयासरत रहेंगे। सिंह ने पूरी टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिये बधाई दी और भविष्य में इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ने की आशा व्यक्त की है। वहीं कटियार ने कहा है कि सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता उच्च कोटि की है। इसे बनाये रखने के लिए उत्पादन कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयास जारी रहेंगे।
पद्मश्री पंडी राम मंडावी होंगे मुख्य अतिथि : रायपुर आर्ट लिटरेचर और फिल्म फेस्टिवल 8 को
रायपुर | रायपुर आर्ट लिटरेचर और फिल्म फेस्टिवल (RALFF) का आयोजन 8 फरवरी 2025 को रायपुर में किया जाएगा। जिसमें पद्मश्री पंडी राम मंडावी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
पंडी राम मंडावी को कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।वे छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की गोंड मुरिया जनजाति के प्रख्यात कलाकार हैं। उनकी ख्याति पारंपरिक वाद्ययंत्र निर्माण और लकड़ी की शिल्पकला के क्षेत्र में है। विशेष रूप से बांस से बनी बस्तर बांसुरी, जिसे ‘सुलुर’ कहा जाता है, के निर्माण में उनकी अद्वितीय पहचान है।

फेस्टिवल क्यूरेटर प्रीति उपाध्याय ने बताया कि फेस्टिवल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। ऐसे में पंडी राम मंडावी जैसे विभूति का मुख्य अतिथि के रूप में आना फेस्टिवल की गरिमा को और बढ़ा देगा। उनका जीवन और योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पंडी राम मंडावी ने बचपन से ही अपने पूर्वजों से यह कला सीखी और इसे न केवल संरक्षित किया बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी कला में लकड़ी के पैनलों पर उभरे हुए चित्र, मूर्तियां और अन्य शिल्प कृतियां शामिल हैं, जिन्हें उन्होंने वैश्विक पहचान दिलाई है।
फेस्टिवल के दौरान शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता, साहित्यिक चर्चाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। विजेताओं को प्रमाणपत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
आईपीएस अरूण देव गौतम बने छत्तीसगढ़ के 12वें DGP, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आईपीएस अरुणदेव गौतम को राज्य के 12वें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्त किया है। वे डीजीपी अशोक जुनेजा की जगह लेंगे, जिनके 6 महीने का एक्सटेंशन आज खत्म हो रहा है और इसके बाद अरुणदेव गौतम छत्तीसगढ़ पुलिस के मुखिया होंगे।
अरुणदेव गौतम ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। वे भोपाल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रह चुके हैं। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद उनका कैडर बदल गया और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला। छत्तीसगढ़ में उन्होंने 6 जिलों के एसपी और दो रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में कार्य किया। साथ ही गृह सचिव के रूप में लंबे समय पदस्थ रहने की वजह से उन्हें मंत्रालय के कार्यप्रणाली का अच्छा अनुभव भी है।
अरुणदेव गौतम को एक सरल और सहज पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। 1992 में आईपीएस सेवा में नियुक्ति के बाद उनकी पहली पोस्टिंग बिलासपुर में सीएसपी के रूप में हुई। सीएसपी के तौर पर वे अपनी पेट्रोलिंग को लेकर चर्चा में आए थे। वे रात के साथ-साथ सुबह चार बजे तक अपनी गाड़ी में शहर के सारे इलाकों और थानों का दौरा किया करते थे।
नगर निगम मुख्यालय पहुंचे : 15 नवप्रशिक्षु आईएएस अधिकारीगण
रायपुर | आज रायपुर जिला कलेक्टर एवं नगर निगम प्रशासक डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर 15 नवप्रशिक्षु आईएएस अधिकारीगण रायपुर नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन पहुंचे एवं नगर निगम आयुक्त और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक अबिनाष मिश्रा से मिलकर राजधानी शहर रायपुर में नगर निगम सहित स्मार्ट सिटी द्वारा केन्द्र सरकार एवं राज्य शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं के रायपुर जिला प्रशासन के निर्देशन में 24 गुना 7 संचालित युवाओं के लिए कल्याणकारी जनप्रिय नालंदा लाईब्रेरी परिसर एवं तक्षशिला लाईब्रेरी के संचालन के संबंध में स्मार्ट सिटी अधिकारियों द्वारा दिये गये पावर पाइंट प्रेसेंटेशन को नगर निगम मुख्यालय के तृतीय तल सभाकक्ष में देखा।

राजधानी शहर रायपुर सहित छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं के मध्य प्रतियोगी परीक्षाओं की सफलता को लेकर जगप्रसिद्ध लाईब्रेरी नालंदा एवं तक्षशिला परिसर के प्रशासनिक तौर पर कुशल संचालन से संबंधित प्रेसेंटेशन को देखकर सभी नवप्रशिक्षु आईएएस अधिकारीगण प्रसन्न हुए। नवप्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने नगर निगम रायपुर एवं रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से आमजनों के मध्य संचालित विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं को लेकर नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी एमडी अबिनाष मिश्रा से चर्चा की । इस संबंध में नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी एमडी के निर्देश पर नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने लोककल्याणकारी योजनाओं के राजधानी शहर रायपुर में सफाई क्रियान्वयन की जानकारी नवप्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को दी ।
प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक दिवसीय कार्यशाला
शासकीय कार्य में एआई के उपयोग और संभावित लाभों के प्रति किया गया जागरूक
प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया कार्यशाला में भाग
रायपुर | इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसवा राजु, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव कमल प्रीत सिंह, तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव एस.भारतीदासन, उर्जा विभाग के विशेष सचिव अंकित आनंद, एन.आर. डी.ए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार, आई. जी. राम गोपाल गर्ग सहित 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया । कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि तीव्र गति से परिवर्तित टेक्नालॉजी के इस दौर में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन की पहुँच बनाने के लिए इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की जानकारी इस कार्यशाला में दी जायेगी ।

निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि ए.आई. तकनीक हमारी सोच से अधिक गति से परिवर्तन ला रहा है । ए.आई. से हमारी अनेक समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त किया जा सकता है और शासकीय सेवा वितरण एवं नीति निर्माण में भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है । इन्हीं कारणों से आज की इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है ।
कार्यशाला के प्रथम सत्र के समापन पर उपस्थित समस्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मालिक ने कहा कि एआई तकनीक का उपयोग शासन और प्रशासन में दक्षता बढाने एवं त्वरित निर्णय लेने में किया जा सकता है । इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य शासकीय कार्यों में प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग को प्रोत्साहित करना है ।
नई दिल्ली से आये एआई के विशेषज्ञ डॉ. शिवा कक्कर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि विश्व में सर्वप्रथम टेक्नॉलाजी का उपयोग टेक्सटाईल उद्योग में किया गया। वर्ष 2022 के पश्चात सम्पूर्ण विश्व में एआई तकनीक का तीव्र गति से विस्तार हुआ। डॉ. शिवा ने बताया कि पहले यह माना जाता रहा है कि तकनीक के प्रयोग से रोजगार के अवसर कम होते हैं, परंतु वास्तविकता यह है कि नवीन तकनीक के माध्यम से नवीन कौशल को ज्यादा रोजगार प्राप्त होता है । कार्यशाला में एआई तकनीक के श्रेष्ठ उपयोग की जानकारी देते हुए डॉ. शिवा कक्कर ने चैट जीपीटी, मैटा, गूगल नोट बुक एल.एम्. जैसे अन्य प्रासंगिक एवं उपयोगी टूल्स की विस्तृत जानकारी प्रदान की ।
कार्यशाला के समापन पर धन्यवाद प्रस्तावित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक ने बताया कि चिप्स द्वारा इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर प्रतिमाह कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा । राज्य के विभाग अपने कार्यक्षेत्र से सम्बंधित विशेष विषयों का चयन कर चिप्स को सूचित करें तो उस विषय पर भी चिप्स द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा । इस अवसर पर चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय और संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम आशीष टोप्पो भी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
EPIC 2025 सम्मेलन : AIIMS रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न
रायपुर | EPIC 2025 सम्मेलन, जिसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग द्वारा आयोजित किया गया था, 2 फरवरी 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह तीन दिवसीय शैक्षणिक आयोजन 31 जनवरी से 2 फरवरी 2025 तक चला, जिसमें विशेषज्ञों के नेतृत्व में ज्ञानवर्धक सत्रों और अकादमिक चर्चाओं का आयोजन हुआ। इस सम्मेलन ने राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (INIs) के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों को एक मंच पर लाकर एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर क्षेत्र में इसकी महत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया।

इस सम्मेलन का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, AIIMS रायपुर ने किया, जिन्होंने मुख्य संरक्षक की भूमिका निभाई, जबकि प्रोफेसर (डॉ.) आलोक सी. अग्रवाल संरक्षक रहे। उनके नेतृत्व ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने उद्घाटन भाषण में, जनरल जिंदल ने आयोजन समिति को एक सुव्यवस्थित शैक्षणिक मंच प्रदान करने के लिए सराहा, जिससे अग्रणी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिला। उन्होंने एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग के योगदान को भी रेखांकित किया, जो ऑपरेशन थिएटर सेवाओं और पेरिओपरेटिव केयर (सर्जरी से पहले और बाद की देखभाल) के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि AIIMS रायपुर उत्कृष्ट मरीज देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मजबूत कर रहा है। इस सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे विभिन्न AIIMS, JIPMER, PGI और KGMU के विशेषज्ञ संकायों ने भाग लिया। उन्होंने इंटरैक्टिव सत्रों, पैनल चर्चाओं और कार्यशालाओं के माध्यम से एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में नवीनतम प्रगति पर विचार- विमर्श किया। कार्यक्रम के दौरान, प्रोफेसर (डॉ.) आलोक सी. अग्रवाल ने आधुनिक चिकित्सा में एनेस्थीसिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने वास्तविक नैदानिक स्थितियों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समझाया कि कैसे एनेस्थेटिक तकनीकों और पेरिओपरेटिव प्रबंधन में हुए नवाचार प्रत्यक्ष रूप से रोगियों के उपचार परिणामों को प्रभावित करते हैं। कार्यक्रम का समापन डॉ. जितेंद्र कलबांडे, सह-संगठन सचिव द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रोफेसर (डॉ.) सुब्रत सिंघा के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने देशभर के प्रतिष्ठित संकायों को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाई। EPIC 2025 सम्मेलन को सफल बनाने में वैज्ञानिक समिति, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट्स, और स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों की सराहना की गई। आयोजन समिति ने उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए इस सम्मेलन को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।