रायपुर
मुख्यमंत्री साय आज छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का करेंगे विमोचन
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय निकाय निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक
कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न हो : राज्य निर्वाचन आयुक्त : अजय सिंह
अब रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्वप्रेरणा से जोड़ सकते हैं मतदाता सूची में नाम
रायपुर | राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्थानीय निकाय निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारियों की विडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई ताकि चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाएं समय पर और सही तरीके से संपन्न हो सकें।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन नामावली को पूर्ण रूप से सही बनाया जाये। नामावली में किसी भी तरह की त्रुटि को दूर करने के निर्देश दिए ताकि हर योग्य मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और वे अपने मतदान का अधिकार सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी मतदाता का नाम सूची में आवश्यक रूप से शामिल हो।
सिंह ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया के संबंध में कहा कि अब शासन द्वारा प्रावधान में संशोधन उपरांत निर्धारित प्रारूप में आवेदन के द्वारा तथा रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्वप्रेरणा से किया जा सकता है। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को एक अक्टूबर की स्थिति में सभी योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाने के संबंध में प्रमुखता से कहा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति के संबंध में कहा कि योग्य और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें ताकि चुनाव के दौरान सभी प्रक्रियाएं सही ढंग से हो सकें। इन अधिकारियों का चुनाव प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान होता है, इसलिए उनकी नियुक्ति में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने चुनाव कर्मियों की व्यवस्था और प्रशिक्षण के बारे में सभी जिले के कलेक्टर्स से जानकारी ली और चुनाव में संलग्न होने वाले सभी कर्मियों की उचित व्यवस्था और प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव कर्मियों को प्रशिक्षण देने से वे चुनाव के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम होंगे। उन्होंने अधिकारियों को समय पर और उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि चुनाव के दिन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। उन्होंने कर्मचारियों की समुचित व्यवस्था के लिए पास के जिले से समन्वय बनाने कहा ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने निर्वाचन सामग्री की व्यवस्था के संबंध में कहा कि सभी आवश्यक सामग्री समय से उपलब्ध हो। इसके अलावा, इन सामग्रियों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के लिए कहा ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
समीक्षा बैठक में बजट आबंटन और आवश्यकताओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त बजट होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से चुनाव में आवश्यक सभी बजट प्रावधानों और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम नागरिकों की सहायता हेतु निर्वाचन से संबंधित समस्त कार्यवाही के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष एवं शिकायत सेल की स्थापना करने कहा।
इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सभी जिला के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी, उप सचिव डॉ. नेहा कपूर एवं आलोक श्रीवास्तव एवं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
खाद्य मंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना : हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से धान की खरीदी शुरू होने जा रही है | धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई है | खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है | मंत्री बघेल ने आज अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी व्यवस्था की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली | बैठक में अपर मुख्य सचिव ने मंत्री बघेल को अवगत कराया कि धान उपार्जन के संबंध में संपूर्ण तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं | राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाएगा।
खाद्य मंत्री बघेल ने बताया कि इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27,01,109 है | इस वर्ष 1,35,891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं, जिससे 1,36,263 हेक्टेयर नवीन रक्बों का पंजीयन किया गया है | कुल 34,51,729 हेक्टेयर रक्बे में पंजीयन अनुसार धान उपार्जन का अनुमान है | सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है | छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा | इसके लिए 07 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है | खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी।
मंत्री बघेल ने बताया कि धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है | खरीदी केंद्रों में तौल के लिए इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था किया गया है | खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिए गए हैं | सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं | विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है, जिसका नं. 0771-2425463 है | धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है | समितियों में राशि आहरण के लिए ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो | किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी | खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में जिला कलेक्टरों के साथ संभाग स्तर पर विशेष कार्ययोजना बनाई गई है।
राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है | मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है | एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है | मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर अलग-अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे | विभागीय मंत्री ने निर्देशित किया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे | प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा।
आदिवासी लोक नृत्यों की छटा : राजधानी में दो दिनों तक बिखरेगी
जनजाति गौरव दिवस पर पूर्वोत्तर राज्यों के कलाकार अपनी संस्कृति की दिखाएंगे झलक
वांगला-रुंगला, रेट-किनॉन्ग, गेह पदम ए ना-न्यी ई और सोलकिया आदिवासी नृत्यों की देंगे प्रस्तुति
रायपुर | राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस के भव्य आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के कलाकार भी अपनी संस्कृति की झलक बिखेरेंगे। 14-15 नवम्बर को आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पूर्वोत्तर भारत के पांच राज्यों मेघालय, मिजोरम, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कलाकार रायपुर पहुंच चुके हैं। रायपुर रेलवे स्टेशन पर कलाकारों का पुष्पाहार और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। पूर्वोत्तर राज्यों से आए ये कलाकार वांगला-रुंगला, रेट-किनॉन्ग, गेह पदम ए ना-न्यी ई, सोलकिया जैसे लोक नृत्यों की प्रस्तुति से अपनी संस्कृति के विविध रंग बिखेरेंगे।
फसल कटाई के बाद गारो आदिवासी करते हैं वांगला-रुंगला नृत्य, देवता मिस्सी सालजोंग का करते हैं धन्यवाद |
जनजातीय गौरव दिवस पर प्रस्तुति देने मेघालय से 20 सदस्यों की टीम रायपुर आई है। यह दल गारो जनजाति द्वारा फसल कटाई के बाद किया जाने वाला वांगला-रुंगला लोक नृत्य प्रस्तुत करेगी। इसके कलाकार मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 200 किलोमीटर दूर नॉर्थ कर्व हिल्स से आए हैं। दल का नेतृत्व कर रहे मानसेन मोमिन ने बताया कि वांगला गारो जनजाति का लोकप्रिय त्योहार है। यह जनजाति कृषि अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। फसल कटाई के बाद उर्वरता के देवता मिसी सालजोंग को धन्यवाद देने के लिए वे यह नृत्य करते हैं। वे फसल उपलब्ध कराने के लिए भगवान को धन्यवाद देते हैं, उनकी पूजा कर नाच-गाकर प्रार्थना करते हैं और नई फसल का भोग लगाते हैं। देवता मिसी सालजोंग को धन्यवाद देने से पहले किसी भी कृषि उत्पाद का उपयोग नहीं किया जाता है।
वांगला-रुंगला आदिवासी लोक नृत्य में महिला और पुरुष दोनों हिस्सेदारी करते हैं। पुरुष नर्तक अपना परंपरागत ढोल लेकर नृत्य करते हैं जिसे दामा कहा जाता है। वांगला-रुंगला लोक नृत्य में नर्तकों का नेतृत्व करने वाले को ग्रिकगिपा या तोरेगिपा कहा जाता है। इसमें महिलाएं संगीत की धुन पर अपने हाथ हिलाती हैं, जबकि पुरुष अपने परंपरागत ढोल को बजाकर नृत्य करते हैं।
दुश्मनों पर जीत के जश्न का नृत्य है सोलकिया, मंत्रोच्चार जैसे स्वर संगीत के साथ होता है नृत्य |
मिजोरम की राजधानी आईजोल से रायपुर पहुंची लोक नृत्य दल यहां सोलकिया नृत्य की प्रस्तुति देगी। इसके 20 सदस्यों के दल में 11 पुरूष और नौ महिलाएं शामिल हैं। यह नृत्य मुख्यतः मिजोरम की मारा जनजाति द्वारा किया जाता है। ‘सोलकिया’ का अर्थ दुश्मन के कटे हुए सिर से है। सोलकिया नृत्य मूल रूप से दुश्मनों पर जीत का जश्न मनाने के लिए किया जाता था। खासकर उस मौके पर जब विजेता द्वारा दुश्मन का सिर ट्रॉफी के रूप में घर लाया जाता था। लेकिन अब यह सभी महत्वपूर्ण अवसरों पर मिजो समुदायों के पुरुषों और महिलाओं द्वारा किया जाता है।
मिजोरम के कलाकारों के दल का नेतृत्व कर रहे श्री जोथमजामा ने बताया कि सोलकिया नृत्य की शुरुआत पिवी और लाखेर समुदायों द्वारा की गई थी। इस लोक नृत्य के साथ आने वाला स्वर संगीत गायन की तुलना में मंत्रोच्चार के अधिक निकट है। ताल संगीत एक जोड़ी घडि़यों द्वारा प्रदान किया जाता है, जो एक दूसरे से बड़े होते हैं, जिन्हें डार्कहुआंग कहा जाता है। संगीत को बेहतर बनाने के लिए कई जोड़ी झांझ भी बजाए जाते हैं।
जोथमजामा ने इस नृत्य को करने वाली मारा जनजाति के बारे में बताया कि यह एक कुकी जनजाति है जो मिजोरम की लुशाई पहाड़ियों और म्यांमार की चिन पहाड़ियों में रहती है। इन्हें लाखेर, शेंदु, मारिंग, ज़ु, त्लोसाई और खोंगज़ई नामों से भी जाना जाता है।
वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वोरा के निधन पर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक व्यक्त किया
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वोरा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने वोरा के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वोरा का आज सवेरे रायपुर में निधन हो गया है।
मुख्यमंत्री साय ने गोपाल वोरा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने दैनिक नवभारत, देशबंधु और लोकमत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों में कुशलतापूर्वक अपने पत्रकारीय दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने अपनी सक्रिय पत्रकारिता से लंबे समय तक रायपुर और प्रदेशवासियों को देश-दुनिया की खबरों से रू-ब-रू कराया। उनके निधन से रायपुर ने पत्रकारिता जगत का एक प्रमुख चेहरा खो दिया है।
डॉ. अभिमन्यु आयुर्वेद मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कमल विहार रायपुर में : भव्य शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर | छत्तीसगढ़ का पहला आयुर्वेदिक हॉस्पिटल डॉ. अभिमन्यु आयुर्वेद मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कर कमलो से बुधवार को कमल विहार रायपुर में होने जा रहा है । यह हॉस्पिटल २० बिस्तरों का सर्वसुविधायुक्त मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है यहाँ पेन, पाइल्स, पंचकर्म, पीलीया, गायनी व स्किन संबंधी समस्त रोगों के उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, फिजियोथेरेपी की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी ।
हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. अभिमन्यु साहू ने बताया कि हमारा डॉ. अभिमन्यु पेन रिलीफ सेंटर पिछले 5 वर्षो से रायपुर के समता कॉलोनी में संचालित है जहां पिछले 5 वर्षो में जोड़ों,नसों, मांसपेशियों के दर्द के लगभग 12500 मरीजों का सफलतापूर्वक ईलाज किया जा चुका है जिसकी सबसे बड़ी ख़ासियत है, यह ईलाज पूर्णतः आयुर्वेदिक है जिसके कोई साईड इफेक्ट नहीं है तथा लागत भी कम आती है।
डॉ. अभिमन्यु साहू ने बताया हमारे यहां ना सिर्फ छ.ग. बल्कि भारत के विभिन्न हिस्सो जैसे उड़ीसा, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात से मरीज आते है कुछ मरीज विदेशो से भी सलाह लेते है उनकी तकलीफ दूर करने के लिए हमने 2 वर्षे पहले अष्ठवेदा टेलीमेडीसीन सुविधा की शुरूवात की, इस सुविधा का सैकडो मरीज लाभ उठा रहे है। हम हमारी बहुत सी दवाईयां पिछले 4 वर्षों से खुद ही निर्मित कर रहे है ताकि मरीज़ों को सर्वोत्तम दवा व उपचार मिल सके, यह दवाईयां बाजार में आयुर्जीनोमिक्स बोटेनिकल के नाम से उपलब्ध है।
डॉ. अभिमन्यु ने आगे बताया कि मैं बहुत समय से छत्तीसगढ़ में एक आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की कमी महसूस कर रहा था क्योंकि बहुत से रोगों का इलाज करने मरीज़ को भर्ती करने की आवश्यकता पड़ती है और छत्तीसगढ़ की लोगों को इसके लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था पर अब यह कमी दूर हो गई है प्रदेशवासियों को बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।
हमारा यह हॉस्पिटल सर्वसुविधायुक्त है हमारे यहां प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धतियां जैसे पंचकर्म, शिरोधारा, क्षारसूत्र, लेज़र आदि की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। हमारे हॉस्पिटल में डीलक्स रूम, प्राइवेट रूम, सेमी प्राइवेट रूम, पैथ लैब, माइनर ओ.टी., मेडिकल आदि की सुविधाएँ उपलब्ध रहेगी , हमारा हॉस्पिटल मरीज़ों की सेवा में 24×7 तत्पर रहेगा ।
हॉस्पिटल के उद्घाटन के शुभ अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में, माननीय अरुण साव जी कार्यरक्म की अध्यक्षता करेंगे । तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजेश मूनत (विधायक), मोतीलाल साहू (विधायक), संदीप साहू (विधायक), भूलन सिंह मरावी (विधायक), इंद्र कुमार साहू (विधायक), टहल सिंग साहू (प्रदेश अध्यक्ष- साहू समाज) आदि उपस्थित रहेंगे
प्रदेश में अगले 16 दिसंबर तक शादियों के सीजन में लगभग 3,000 करोड़ का अतिरिक्त व्यापार संभावित : अमर पारवानी
रायपुर | देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि आज देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर प्रदेश में अगले 16 दिसंबर तक शादियों के सीजन में लगभग 3,000 करोड़ का अतिरिक्त व्यापार संभावित है। आज शादियों के सीजन का पहला दिन है, जो 18 दिनों तक चलेगा। इस अवधि में पूरे प्रदेश सहित देश भर में लगभग 48 लाख शादियाँ होने का अनुमान है जो व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त वृद्धि लाएगा और अगले एक महीने से अधिक समय तक प्रदेश सहित देश में गाजे बाजे की आवाज़ सुनाई देगी। प्रदेश सहित देश भर के विभिन्न राज्यों के मंदिरों एवं अन्य अनेक स्थानों पर तुलसी विवाह भी संपन्न हुए। तुलसी का पौधा सीधा भगवान विष्णु से संबंधित होता है और देवउठनी एकादशी पर देशभर में भगवान श्री विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह तुलसी माता से करवाया जाता है जिसे बहुत शुभ माना गया है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने बताया कि पुराणों के अनुसार देवउठनी एकादशी को भगवान श्री विष्णु चार माह की निद्रा के बाद जागते हैं तथा देव के उठने के बाद से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है और इसीलिए इस दिन से शादियों के शुभ मुहूर्त भी शुरू होते हैं। शादी के सीजन में कपड़े, आभूषण, सजावट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, उपहार और खानपान जैसी विभिन्न श्रेणियों के व्यापार में बड़ी वृद्धि होती है वहीं बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के सेवा प्रदाताओं को भी बड़ा व्यापार मिलता है वहीं बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर भी मिलते हैं। कैट के एक अनुमान के अनुसार, इस शादी के सीजन में व्यापार से लगभग 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा जो प्रदेश सहित देश के आर्थिक एवं सामाजिक ढाँचे को मजबूत करेगा। पारवानी एवं दोशी ने कहा कि यह सीधे तौर पर भारत की अर्थव्यवस्था में “ सनातन अर्थव्यवस्था” के महत्वपूर्ण प्रतिभाग को दर्शाता है।
पारवानी एवं दोशी ने कहा कि यह शादी का सीजन न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान देगा। हम आशा करते हैं कि यह सीजन सभी व्यापारियों और लोगों के लिए सुखद एवं समृद्धि लाने वाला होगा। शादी के सीजन में कारोबार की अच्छी संभावनाओं को देखते हुए देशभर के व्यापारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। ग्राहकों की संभावित भीड़ को देखते हुए व्यापारी अपने यहां सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवाह का लगभग 20 प्रतिशत खर्च दूल्हा-दुल्हन पक्ष को जाता है जबकि 80 प्रतिशत खर्च विवाह संपन्न कराने में काम करने वाली अन्य तीसरी एजेंसियों को जाता है इसीलिए शादियों के सीजन में की गई ख़रीदी व्यापार में वित्तीय तरलता बनाए रखती है।
मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल... समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री साय की पहल पर समिति कर्मचारियों की 6 वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि की मांग को पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा 24 घंटे के भीतर पूर्ण करते हुए समिति कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इसके साथ ही अन्य 2 मांगों के संबंध में शासन स्तर पर अंतर्विभागीय समिति का गठन कर उचित कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री साय के पहल पर वर्ष 2018 के बाद पहली बार सहकारी समितियों के लगभग 13 हजार कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारियों की मांगों पर स्वयं संज्ञान लेकर इनके निराकरण के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये थे, इस संबंध में मुख्यमंत्री साय के समक्ष 10 नवंबर को विभागीय अधिकारियों के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों के शीघ्र निराकरण के संबंध में निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियम में संशोधन किये जाने के आदेश 11 नवम्बर 2024 को जारी कर दिये गए। इसमें समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि स्वीकृत कर दी गई है, जिसमें सभी कर्मचारियों में हर्ष एवं उल्लास व्याप्त है।
खाद्य विभाग द्वारा इस आशय का पत्र भी जारी कर दिया गया है कि धान उपार्जन समाप्त होने के एक माह के अंदर धान का उठाव राइस मिलर्स एवं विपणन संघ द्वारा किया जाएगा, यदि इसके पश्चात् भी उपार्जन केन्द्रों में धान शेष रहता है तो खाद्य विभाग द्वारा सहकारी समितियों को धान की सूखत दिये जाने संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया जाएगा।
कर्मचारियों की अन्य मांग के निराकरण के संबंध में खाद्य विभाग, वित्त विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं विपणन संघ को शामिल करते हुए एक अंर्तविभागीय समिति का गठन किया गया है, जो कर्मचारी संघ की मांग पर विचार कर निराकरण के लिए प्रस्ताव शासन को प्रेषित करेगी।
जनजातीय गौरव दिवस पर प्रस्तुति देने अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुँचे
अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुँचे
रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 14 एवं 15 नवंबर को होगा राज्य स्तरीय आयोजन
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 14 एवं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित 17 राज्यों के आदिवासी नर्तक दल मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
जनजातीय गौरव दिवस पर अपने नृत्य की प्रस्तुति देने नर्तक दलों छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। आज अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुंच चुके हैं।
अरूणाचल प्रदेश के नर्तक दल आदिलोक नृत्य नाटिका, उत्तराखंड के नर्तक दल झींझी, होली, हन्ना और दिया नृत्य, तेलंगाना के नर्तक दल माथुरी जनजाति नृत्य, राजस्थान के नर्तक दल वालर गरासिया गैर नृत्य और सिक्किम के नृतक दल सुब्बा लोक नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगे।
उल्लेखनीय है कि 14 नवंबर एवं 15 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान में संध्या 3 बजे से अंतर्राज्यीय लोक नर्तक दलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ-साथ जनजातीय गौरव से संबंधित विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन तथा जनजातीय जीवन शैली पर चित्रकला का प्रदर्शन भी होगा।
बागबाहरा जंगल से रेस्क्यू कर सफेद पूंछ वाले बीमार गिद्ध की बचाई गई जान
इंडिया पोस्ट पेमेंटस् बैंक द्वारा पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा उपलब्ध
एनआईटी में "डीप लर्निंग इन एआई और रोबोटिक्स" पर वर्कशॉप
रायपुर। एनआईटी रायपुर में 10 नवंबर 2024 को इनोवेशन-सेल के द्वारा "डीप लर्निंग इन एआई और रोबोटिक्स" पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करियर डेवलेपमेंट सेल के प्रमुख प्रोफेसर, डॉ समीर बाजपेई, रोबोटिक्स क्लब के प्रोफेसर इंचार्ज, डॉ राजेश डोरिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, डॉ रम्या सेल्वाराज उपस्थित रहीं। इस वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के रूप में ब्ल्यू ओशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संस्थापक अपार गुप्ता उपस्थित रहें ।
इस कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. समीर बाजपेई ने की जिसमें उन्होंने एनआईटी रायपुर में आई सेल क्लब, ई सेल क्लब, रोबोटिक्स क्लब और अन्य टैक्निकल क्लबों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि ये मंच इनोवेशन को बढ़ावा देते हैं, उद्यमिता को प्रोत्साहित करते हैं और छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक स्किल्स प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में अपार गुप्ता ने एआईं के महत्व के बारे में बताया और कहा कि आज चिकित्सा,डर्मेटोलॉजी इत्यादि क्षेत्रों में ए आई और रोबोटिकस का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते कई सारी जटिल सर्जरी भी इसी माध्यम से की जा रही है। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट द्वारा आयोजित की जाने वाली रिएक्टर सीरीज और बी2बी रणनीतियों के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने आने वाले समय में एआई के संभावित फायदों और नुकसान के बारे में बताया और कहा कि ए आई और रोबोटिकस की वजह से लोगों की जॉब्स पर पर भी खतरा मंडरा रहा है जिनमें सबसे ज्यादा खतरा आई टी सेक्टर से जुड़ी नौकरियों पर है। सत्र का समापन श्री अपार गुप्ता को स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
रायपुर दक्षिण उपचुनावः मतदाता परिचय पत्र के अलावा इन दस्तावेजों के साथ भी कर सकेंगे मतदान
रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा उप चुनाव के लिए आगामी 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए वोटर मतदाता फोटो पहचान पत्र के अतिरिक्त 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाकर भी मतदान कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। आयोग सभी मतदाताओं से अपेक्षा करता है कि वे मतदान स्थल पर अपना मत देने से पहले अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आयोग की ओर से जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कंगाले ने कहा कि यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उनके लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेज भी अनुमत किए गए हैं। ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों यथा आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य बीमा स्कीम के तहत जारी स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) द्वारा नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (NPR) के अंतर्गत जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किया गया फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किया गया सरकारी पहचान पत्र तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड दिखाकर मतदान कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को संजोए रखने के लिए युवाओं ने किया ‘उजियार’
रायपुर। छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को सहेजने के लिए "उजियार...हमर चिन्हारी के" सुंदर और सफल आयोजन श्री हरदेव लाला मंदिर टिकरापारा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम तीन सत्र में हुआ जिसमें पहले सत्र में धान और बांस शिल्पकला में पहुंचे बच्चे, युवा और बुजुर्गों के साथ मुख्य अतिथि भी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ पीसी लाल यादव ने कहा बांस और धान शिल्पकला में शामिल होकर मुझे मेरा बचपन याद आ गया।

दूसरे सत्र में युवा लेखकों के साथ-साथ पुराने लेखक/कवियों को सम्मान देने के उद्देश्य से "हमर गुरतुर गोठ (छत्तीसगढ़ी ओपन माईक) का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में लोक गीतों व नृत्यों प्रस्तुतियां भी हुई। कार्यक्रम के तीसरे व अंतिम सत्र में लोकनृत्य कर्मा, सुआ, पंथी के सामूहिक प्रस्तुति हुई जिसमें लगभग 2000 से ज्यादा लोग उपस्थित हुए और लोकगीतों की थाप में झूमे। हमारी संस्कृति हमारी चिन्हारी को संजोए रखने के लिए शहर के इस वृहद आयोजन में राज्य के कोने-कोने से संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग जुड़े।
उजियार के संस्थापक और संयोजक नागेश वर्मा जी ने बाताया कि उजियार एक यात्रा है, जिसमें वर्तमान के युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति से जोड़ने के लिए यह भव्य आयोजन है। उजियार के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सभी का सहयोग मिला। कार्यक्रम का संचालन वेद प्रकाश साहू, ऋचा वर्मा और हर्षिका ध्रुव ने किया। उजियार परिवार के सदस्य में सह संस्थापक आदित्य साहू, जीतू दुलरवा, गोपिका साहू, प्रांजल राजपूत, मुकेश साहू, दुष्यंत साहू, कोमलकांत, नितेश, खेमराज, भानुजा, पायल विशाल, बलराम, ललित साहू, नीतीश यादव, लोकेश साहू, सुनीता और पायल सभी कलाकार जुड़े।

इस वर्ष उजियार में विशेष सजावट गांव के परिवेश में किया गया जिसमें पुराने समय की पहचान खुमरी, नांगर, रापा, कुदारी, खरही, सभी वस्तुओं का दिखाने का प्रयास हुआ। धन कलाकारी में धान से बने माला राखी और आभूषण बांस शिल्प कला में फूलदा, आभूषण, गमला, तरोई लैम्प, आदि सिखाए गए कार्यशाला को रामकुमार पटेल और चंद्र प्रकाश के द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में रायपुर जिला के अलावा अन्य जिला भिलाई दुर्ग बिलासपुर दंतेवाड़ा रायगढ़ कोरबा धमतरी कोरिया सूरजपुर खैरागढ़ से कला संस्कृति से प्रेम करने वाले उपस्थित रहे जिन्होंने ओपन माइक में अपनी प्रस्तुति देने के बाद सामूहिक नृत्य में भी आनंद लिया।
बल्दाकछार एवं अवरई ग्राम में 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के ग्राम बल्दाकछार एवं अवरई में रहने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार के शतप्रतिशत लोगों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजना के तहत अब तक 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
बल्दाकच्छार में 39 और अवरई में 11 विशेष पिछडी जनजाति कमार परिवार रहते हैं जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 193 है।अब दोनों ही गांव के कमार जनजाति के सभी लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड व जाति प्रणाम पत्र बन गया है । महिलाओं के जनधन बैंक खाते खुल गए हैं। पात्रतानुसार किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि एवं पीएम मातृत्व वंदन योजना का लाभ मिला है। सभी की सिकल सेल जांच एवं सभी घरों में विद्युतीकरण हो गया है। इसके साथ ही 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी सुविधा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को प्रदान की गयी है।
15 नवम्बर 2023 से शुरू हुए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और अवरई में संतृप्तिकरण अभियान शुरू किया गया। इसमें योजना से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन उपरांत उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया गया और एक वर्ष के अन्दर ही 11 योजनाओं से शतप्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया गया।
1971 युद्ध के वीर योद्धा विंग कमांडर एमबी ओझा का निधन,CM साय ने निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया
रायपुर । 1971 युद्ध के वीर योद्धा विंग कमांडर एमबी ओझा (सेवानिवृत्ति) का आज दिनांक 10 नवंबर 2024 को 89 वर्ष की उम्र में रायपुर (छग) में निधन हो गया। सोमवार प्रातः 11:30 बजे महादेव शमशान घाट में उनके पार्थिव शरीर को विदाई दी जाएगी । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
विंग कमांडर एमबी ओझा (सेवानिवृत्ति) 1962 ,1965 ,1971 के युद्ध में शामिल थे तथा भारतीय शांति सेवा के मिशनों में भी शामिल थे। वे भारतीय वायु सेना में सन 1956 में कमीशन हुए थे । पाकिस्तानी सेना के 90,000 सैनिकों ने जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष हथियार डाले थे, उस अवसर पर विंग कमांडर एम बी ओझा उपस्थित थे तथा वे उस समर्पण के प्रत्यक्ष गवाह थे ।
मां भारती के वीर सपूत को विनम्र श्रद्धांजलि...
हमारे छत्तीसगढ़ के गौरव, 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में शामिल रहे विंग कमांडर एमबी ओझा जी के निधन का समाचार दुःखद है।
1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना के 90,000 सैनिकों ने जब हथियार डाले, उस अवसर पर श्री एमबी ओझा जी भी समर्पण के… pic.twitter.com/jGKc63hO0O