रायपुर
बलौदाबाजार कांडः विपक्ष ने लाया स्थगन... हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित
रायपुर। विधानसभा में विपक्ष ने बलौदाबाज़ार आगजनी मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाया है। इस चर्चा की शुरुआत पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने की, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। चंद्राकर ने कहा की बलौदबाजार मामले की न्यायिक जांच चल रही है। इसलिए इस मामले पर विधानसभा में चर्चा उचित नहीं है, इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक हुई, और हंगामा भी मच गया। चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने काम रोको प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद सतनामी समाज को न्याय देने को लेकर विपक्ष ने सदन में नारेबाज़ी की, जिसके बाद अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
दरअसल बलौदाबाजार घटना पर विपक्ष ने स्थगन लाया, स्थगन प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि 10 जून को कलेक्टोरेट ,एसपी ऑफिस मे आगजनी हुई, जैतखाम को नुकसान पहुंचाया गया ,उसके बाद सतनामी समाज आक्रोषित हुआ। बिहार के तीन मजदूरों की गिरफ्तारी हुई, समाज में असंतोष फैला, शासन-प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन सरकार सोई रही। समाज के लोग मान ही नहीं रहे थे की कोई मजदूर रोजी ना मिलने से इस प्रकार की घटना करें वही, समाज ने सीबीआई जांच की मांग रखी थी।
घटना के दिन लोग सुबह 10 बजे से इकट्ठा हो गए थे, एसपी अधिकारी सभी आख बंद कर देखते रहे, लोग इकट्ठा हुए सब देख रहे थे। कोई ज्ञापन लेने भी नहीं आए, एसपी-कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध है। घटना जब घटी, पुलिस अपना जान बचा कर भागे। आईजी ,डीजी रायपुर में बैठे रहे है, क्या फोर्स नहीं भेज सकते थे। इसके लिए विष्णु सरकार जिम्मेदार है। आज तक इस प्रकार की घटना कही नहीं हुई है। घटना के बाद जो मिलते थे उन्हे उठाकर ले जा रहे थे,कां ग्रेस नेता, समाज के प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा।
वनभूमि पट्टे के लिए फर्जी दस्तावेज का गूंजा मामला.... कांग्रेसी MLA के सवाल पर मंत्री वर्मा ने दिया ये जवाब
रायपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत शोभा में वनभूमि पट्टा के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने का मामला विधानसभा में गूंजा। कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने प्रश्नकाल के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से इस संबंध में सवाल किया। उन्होंने पूछा कि पंचायत शोभा में सरपंच और सचिव के फर्जी हस्ताक्षर और सील का उपयोग करके वनाधिकार के लिए फर्जी मांग पत्र तैयार किया गया था, जिसकी शिकायत पूर्व सरपंच ने जिला कलेक्टर को लिखित में की थी। विधायक ध्रुव ने यह भी पूछा कि मामले में एफआईआर कब तक दर्ज की जाएगी।
राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा ने जवाब दिया कि शिकायत पर जिला स्तरीय वन अधिकार समिति गरियाबंद द्वारा परीक्षण करने के बाद यह पाया गया कि संजय नेताम और अनिता नेताम द्वारा किसी प्रकार का दावा आवेदन नहीं किया गया है, जिसके चलते प्रकरण को निरस्त कर दिया गया है. अतः एफआईआर दर्ज करने का प्रश्न नहीं उठता।
मंत्री के जवाब से विपक्ष ने असंतोष जताया और मामले की जांच की मांग पर अड़ा रहा। सदन में पूरा विपक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा था। जनक ध्रुव ने कहा कि तात्कालिक अनुभागीय अधिकारी द्वारा पूर्व सरपंच और सचिव के नाम से कार्रवाई की मांग की गई थी। जब आवेदन ही नहीं था, तो सचिव और सरपंच को नोटिस क्यों जारी किया गया? इस पर मंत्री वर्मा ने बताया कि फर्जी सील और हस्ताक्षर की शिकायत की गई थी, जिसकी जांच अनुभागीय अधिकारी और सहायक आयुक्त को सौंपा गया था। जांच में पाया गया कि संजय नेताम और अनिता नेताम द्वारा किसी भी आवेदन को प्रस्तुत नहीं किया गया था, इसलिए शिकायत को निराधार मानते हुए विलोपित कर दिया गया।
जनक ध्रुव ने सभी नोटिस की प्रतियां प्रस्तुत कीं और कहा कि कई ऐसे हितग्राही हैं जिनका आज तक पट्टा नहीं मिला है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंत्री टंकाराम वर्मा ने बताया कि यह सारा कार्य कांग्रेस के कार्यकाल का है. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अगर कोई तथ्य भिन्न है तो उसे प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह प्रकरण 2018 से पहले का है जब राज्य में बीजेपी की सरकार थी। उन्होंने पूछा कि क्या इस पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री वर्मा ने जवाब दिया कि जो भी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष के उमेश पटेल ने मांग की कि इस मामले में जांच की घोषणा की जाए. अंततः विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री जी की तरफ से कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
थोड़ी देर में शुरू होगी विधानसभा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक... पहुंचे विस अध्यक्ष और सीएम
रायपुर। विधानसभा सत्र शुरू होन के पूर्व आज सावन के पहले सोमवार के दिन विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई है। बैठक मेँ शामिल होने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव विधानसभा पहुंच चुके है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होगी। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव सहित समिति के सदस्य उपस्थित हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे
आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन लिए। इसके साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने परिसर में करंज का पौधा , वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने नीम का पौधा तथा पूर्व विधायक विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी पौधरोपण किया गया। आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला के रूप में अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय बनोरा का नाम विख्यात है। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर कार्तिकेय गोयल सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में अघोर पंथ का बीजारोपण करने वाले पूज्य अघोरेश्वर के शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर कमलों से तीन दशक पहले रायगढ़ के पूर्वांचल स्थित ग्राम बनोरा में इस ट्रस्ट की नींव रखी गई तब से लेकर आज तक यह ट्रस्ट राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा की स्थापना तीन दशक पहले की गई। अघोरेश्वर महाप्रभु ने समाज के विकास की अवधारणाओं का सूत्रपात किया लेकिन इस दिशा में बहुत से अधूरे कार्यों को पूरा करने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रियतम शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी ने बनोरा से जुड़ी अन्य शाखाओं का शिवरीनारायण, डभरा, चिरमिरी, अंबिकापुर सहित अन्य प्रांतों में भी विस्तार किया। बनोरा से जुड़ी सभी शाखाओं में मानव सेवी गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं। बनोरा ट्रस्ट से जुड़ी सभी शाखाएं आसपास क्षेत्र के मौजूद जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकता शिक्षा, चिकित्सा या आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देकर समाज कल्याण के लिए क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का किया शुभारंभ
रक्तदान से मिलती है आत्मिक संतुष्टि : अरुण साव
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का शुभारंभ किया। हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन द्वारा इसका आयोजन किया गया है। साव ने मेगा ब्लड डोनेशन कैंप के आयोजन के लिए फाउंडेशन को बधाई और साधुवाद दिया। वे इस दौरान रक्तदान कर रहे लोगों से मिले और उनकी हौसला अफजाई की। उन्होंने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
उप मुख्यमंत्री साव ने कैंप का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों से व्यक्ति को आत्मिक संतुष्टि और आंतरिक ऊर्जा मिलती है। यह बहुत पुण्य का काम है। इस तरह के आयोजनों से रक्त की जरूरत वाले मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी सहायता मिलती है। एक व्यक्ति का रक्तदान कई लोगों की जिंदगी बचाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति काफी समृद्ध और उदार है। ‘वसुधैव कुटुबंकम’ के ध्येय को अपनाते हुए हम पूरी दुनिया को अपना परिवार मानते हैं। इस तरह के रक्तदान शिविरों का आयोजन हमारी संस्कृति में गहरे पैठे परोपकार और समाज की सेवा की भावना को उजागर करती है।
मेगा ब्लड डोनेशन कैंप के शुभारंभ के मौके पर हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, संरक्षक मनोज गोयल, डॉ. नवीन बाफना, समाज सेवी संजय अग्रवाल, विशाल खंडेलवाल, अंकित अग्रवाल, अमित अग्रवाल और शारदा अग्रवाल सहित फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं सदस्य, तथा बड़ी संख्या में रक्तदाता मौजूद थे।
जन भावनाओं के अनुरुप होगा गजराज बांध का विकास और सौंदर्यीकरण : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने गुरूपूर्णिमा पर आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में गजराज बांध में लगाया पीपल का पौधा
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज गुरूपूर्णिमा पर राजधानी रायपुर के बोरिया खुर्द में गजराज बांध में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में पीपल का पौधा लगाया। वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत 230 एकड़ में फैले गजराज बांध के चारों ओर अलग-अलग चरणों में 230 पौधे लगाए जाएंगे। इसके द्वितीय चरण में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य और विधायक मोती लाल साहू की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों और बोरियावासियों ने ‘पीपल फॉर पीपल’ अभियान के अंतर्गत 101 पौधे लगाए। बोरिया खुर्द गजराज बांध संरक्षण समिति, शहर जिला साहू संघ, ग्रीन आर्मी ऑफ छत्तीसगढ़ और भारतीय जैन संघटना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विधायक मोती लाल साहू ने बरगद का पौधा लगाया। गुरुपूर्णिमा के मौके पर आज स्थानीय नागरिकों ने भी यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अपनी मां की स्मृति और सम्मान में पौधरोपण किया।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि गजराज बांध को बचाने के लिए बोरियावासियों का संघर्ष मैं लंबे समय से देख रहा हूं। नागरिकों और इस बांध के संरक्षण में लगे संस्थाओं का दृढ़ संकल्प अब पूरा होने की ओर अग्रसर है। इसे विकसित और संरक्षित करने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। जन भावनाओं के अनुरुप गजराज बांध का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
विधायक मोती लाल साहू ने कार्यक्रम में कहा कि बोरिया के नागरिक और अनेक संस्थाएं गजराज बांध के संरक्षण के लिए काम कर रही हैं। हम लोग इसे रायपुर शहर का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल बनाना चाह रहे हैं। अम्युजमेंट पार्क, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम जैसी जन सुविधाएं यहां विकसित करने की योजना है। रायपुर नगर निगम के आयुक्त अबिनाश मिश्रा, बोरिया खुर्द गजराज बांध संरक्षण समिति के अध्यक्ष पी.के. साहू, संरक्षक एन.आर. नायडू, सचिव क्षितिपाल, शहर जिला साहू संघ के अध्यक्ष केशव साहू, ग्रीन आर्मी ऑफ छत्तीसगढ़ के संस्थापक अमिताभ दुबे, पार्षद उमा चंद्रहास निर्मलकर, रमेश वर्ल्यानी और भारतीय जैन संघटना के अनेक पदाधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
आयुष्मान कार्ड का गलत उपयोग.... राजधानी के साईं समर्थ, अशोका, अंकुर और CIMT हॉस्पिटल सहित 11 पर जुर्माना, कुल 48 अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही
मुख्य सचिव ने कलेक्टरो और संभागायुक्तों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली बैठक
खाद-बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, राजस्व, एफ आर. ए., ध्वनि प्रदूषण सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की
रायपुर | मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कलेक्टरों और संभागयुक्तों की बैठक ली। बैठक में सड़क सुरक्षा, ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण, अभियोजन और राजसात की प्रगति, जेलों में अतिरिक्त बैरक्स, सॉलिड एवं लिक्विड बेस्ट मैनेजमैंट, पी एम किसान सम्मान निधि , वनाधिकार पट्टों का डिजीटाईजेशन एवं अभिलेख दुरूस्ती, जल-जीवन मिशन, राजस्व अभिलेखों, मादक पदार्थों की रोकथाम और मौसमी बीमारियों से निपटने जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर जिलेवार विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव जैन ने जिला सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने और सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने, गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन, लोक निर्माण, परिवहन तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को समन्वय से कार्य के निर्देश दिए हैं। कलेक्टरों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण हेतु डी.जे. वाहनों पर कानूनी प्रावधानों के तहत सक्त कार्यवाही कर अभियोजन एवं राजसात करने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव ने नक्सल प्रभावित जिलों के नक्सल पीड़ित परिवार और आत्म समर्पित नक्सलियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को मादक पदार्थों की रोकथाम तथा नशा करने वालों को नशामुक्ति अभियान से जोड़ने कहा है। उन्होंने इस संबंध प्रतिमाह जिला स्तरीय समिति की नियमित बैठक लेने और प्रभावी कार्यवाही करने को कहा है।
बैठक में वनाधिकार पत्रकों के डिजीटाईजेशन एवं अभिलेखों की दुरूस्तीकरण की जिलेवार समीक्षा की गई। व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार पत्रकों के हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने विशेष कार्यवाही करने कहा गया है। एफआरए पट्टों के नामांतरण एवं फौत दर्ज कर नियमानुसार अभिलेख दूरूस्ती की कारगर व्यवस्था करने आदिम जाति विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय से कार्य करने कहा गया है। इसी तरह से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार और भू-अर्जन अवार्ड के अनुरूप राजस्व अभिलेखों में दुरूस्ती कर संबंधित हितग्राहियों को संशोधित अभिलेख की प्रति प्रदान करने राजस्व अधिकारियों से कहा गया है। राजस्व नक्शों में सुधार के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए भी विशेष अभियान चलाने कहा गया है।
मुख्य सचिव ने उच्चतम न्यायालय के पारित आदेश के परिपेक्ष्य में केन्द्रीय और जिला जेलों के ओव्हर क्रॉउडिंग के निराकरण के लिए अतिरिक्त बैरक और जेल निर्माण कार्यों के लिए गृह एवं जेल, लोक निर्माण और वित्त विभाग के अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड बेस्ट मैनेजमैंट के लिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिलेवार समीक्षा की गई।
बैठक में जिलेवार वर्षा की स्थिति एवं खरीफ फसलों की बुआई और खाद-बीज वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने मौसमी बीमारियों तथा मलेरिया, डायरिया आदि से निपटने के लिए जिला कलेक्टरों को प्रभावित इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है। बैठक में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मुम्बई-नागपुर-झारसुगड़ा गैस पाईप लाईन परियोजना के अंतर्गत आने वाले जिलों में राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, बेमेतरा, रायपुर, सक्ति सहित अन्य जिलों के राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही कर सहयोग करने कहा गया है।
बैठक में आदिवासी विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन एवं मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजू एस., राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक़, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश सहित कृषि आवास एवं पर्यावरण, गृह, पशुधन विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारी, सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टर शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘स्पार्क’ पुरस्कार विजेता नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को किया सम्मानित
स्पार्क’ पुरस्कार विजेता नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को किया सम्मानित
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि में अच्छे कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना बड़ी उपलब्धि : अरुण साव
रायपुर | उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आरायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारत सरकार द्वारा ‘स्पार्क’ पुरस्कारों से नवाजे गए नगरीय निकायों के अधिकारियों और लाभार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव से नई दिल्ली से पुरस्कार प्राप्त कर लौटने के बाद ये अधिकारी और लाभार्थी सौजन्य मुलाकात के लिए आए थे। साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत सभी नगरीय निकायों, वहां के अधिकारियों और लाभार्थियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि में अच्छे कार्यों के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है। इन पांच में से तीन पुरस्कार हमारे नगरीय निकायों को पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए मिला है। वहीं एक पुरस्कार पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहने के लिए मिला है। दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ को पूरे देश में तृतीय पुरस्कार मिला है। राज्य को ये सभी पुरस्कार शहरी गरीबों के सपनों को पूरा करने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि के माध्यम से लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उनका जीवन आसान और खुशहाल हो रहा है। वे सशक्त हो रहे हैं। आप लोगों की मेहनत से शहरी गरीबों के जीवन में बदलाव आ रहा है। मैं इसके लिए आपकी सराहना करता हूं।
उप मुख्यमंत्री साव ने अपने निवास में मौजूद सूडा, बिलासपुर और रायगढ़ नगर निगम तथा भाटापारा और चांपा नगर पालिका के अधिकारियों से कहा कि आप लोग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का साकार करने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की कल्पना को ऐसे ही उत्कृष्ट कार्यों से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान, सुविधापूर्ण और खुशहाल बनाने का काम करेंगे। हमें इन योजनाओं को लक्षित लोगों तक योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।
उप मुख्यमंत्री साव ने नई दिल्ली में विगत 18 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में भागीदारी के लिए राज्य शासन द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के नामांकित लाभार्थी जशपुर नगर पालिका के सुमित किस्कु और लोरमी नगर पंचायत के कुशाल राम साहू को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लाभार्थी के रूप में नामांकित जगदलपुर नगर निगम की हैप्पी महिला स्वसहायता समूह की मृदुला जैन, भिलाई नगर निगम की राधा रानी स्वसहायता समूह की चित्ररेखा साहू, प्रियंका लोकवाणी, रागिनी टोण्डे, त्रिवेणी लहरे, सुनीता देवांगन, सुनीता यादव, सरस्वती झा और कंचन त्रिवेदी को भी सम्मानित किया।
उप मुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अधिकारियों, स्वसहायता समूहों और लाभार्थियों के सम्मान के दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व मिशन संचालक शशांक पाण्डेय, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार, भाटापारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी लाल अजय बहादुर सिंह, चांपा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गा प्रसाद अधिकारी और भोला सिंह ठाकुर उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, परियोजना अधिकारी जागृति साहू, राज्य मिशन प्रबंधक विवेक शुक्ला, प्रशांत अमोली, पी. घोष, सी.एल. पाठक, सिटी मिशन प्रबंधक एकता शर्मा, कोमल, रीमा, सरिता, सुषमा सीमा, रानु, माया, नाज पदमावती, नीरज साहू और संत कुमार महतो ने भी अपनी सहभागिता दी।
डिजिटल इंडिया में महिलाओं की भागीदारी नारी सशक्तिकरण को कर रही मजबूतः बृजमोहन
रायपुर। सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड ने अपना 15वां स्थापना दिवस राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन में 20 जुलाई को मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल थे। विशिष्ट अतिथि के रुप में पूर्व अध्यक्ष, कर्मकार मंडल, श्रम विभाग मोहन एंटी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए भी ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक महिलाओं को सूचना प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो ग्रामीण भारत को भी विकसित कर रहा है।

इस अवसर पर सांसद और विशिष्ठ अतिथियों ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ठ कार्य करने वाले ग्रामीण उद्यमियों और जिला प्रबंधकों को सम्मानित किया। अपने संबोधन में सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश सभी क्षेत्र में विकास के नये कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे है। जिसमें नारी शक्ति का विशेष योगदान है। इस अवसर पर मोहन एंटी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से अधिक से अधिक परियोजनाओं को सीएससी के माध्यम से संचालित किए जाने के प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में सीएससी के स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथि, ग्रामीण उद्यमी, सीएससी राज्य कार्यालय स्टाफ एवं समस्त जिला प्रबंधकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और विश्वास दिलाया कि माननीय मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों को मूर्त रूप देने हेतु दृढ़ संकल्प के साथ कार्य किया जाएगा।

इस अवसर पर संदीप कुमार वरिष्ठ प्रबंधक सीआरजीबी, कुलेश्वर कुजूर प्रधान महाप्रबंधक बीएसएनएल, अनित तिवारी परियोजना प्रबंधक यूआईडीएआई, एसके दत्ता महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, आशुतोष सिंह परियोजना प्रबंधक एफआई सीजी एसआरएलएम, अंकित कुंबलकर परियोजना प्रबंधक चिप्स, सीएससी राज्य कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी, राज्य के विभिन्न जिलों से आए ग्रामीण उद्यमी, जिला प्रबंधक एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित हुए।

श्याम बाई ने मुर्गी पालन को बनाया अपना स्व-रोजगार
रायपुर | प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में सार्थक पहल हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लघु एवं कुटीर उद्योगों बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि अधिक महिलाएं उद्योग से जुड़ सके। महिलाएं विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है। आधुनिक समय के साथ-साथ महिलाएं भी अपनी रूचि को स्व-रोजगार का साधन बनाकर सशक्त हो रही है।
जिला जांजगीर-चांपा से 33 किलोमीटर दूर हैै ग्राम पंचायत मेऊ की श्यामबाई टंडन अपनी जमीन पर खेती करके और मुर्गी पालन अपनाकर अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन व्यतित कर रही है। श्यामबाई ने बताया कि 2004 में उनके पति भारत टंडन की मृत्यु हो जाने के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई। उनके पति के रहते ही उन्होंने दोनों लड़कियों की शादी करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी थी, लेकिन उनके ऊपर अपनी स्वयं एवं परिवार की जिम्मेदारी थी, ऐसे में उन्होंने हौंसला नहीं छोड़ा और मजबूती के साथ वह अपने पैरों पर खड़ी हुई। उनके पास महज 92 डिसमिल खेती की जमीन है जिस पर वह परंपरागत खेती करती है और उसे बहुत ही कम आय हो रही थी।
श्याम बाई ने अतिरिक्त आमदनी के लिए मुर्गी पालन को भी व्यवसाय के रूप में अपनाया। इससे उनको अच्छी आमदनी हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत मनरेगा योजना से उनके घर में मुर्गीपालन के लिए शेड बनाकर दिया गया है। श्यामबाई ने बताया कि मुर्गीपालन से उन्हें प्रतिमाह 7 से 8 हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। उन्होंने स्व-रोजगार कर मुर्गी पालन से आत्मनिर्भर बन गई और दूसरों के सामने उसे हाथ फैलानी नहीं पड़ रही है। उन्होंने मुर्गी शेड निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन का आभार जताया है।
उद्यानिकी फसल से हो रही लाखों की आमदनी कावेराम को
रायपुर | नारायणपुर जिले के ग्राम भुरवाल के रहने वाले किसान कावेराम खेती से लाखों रूपए का मुनाफा कर रहे है, कावेराम ने कभी नहीं सोचा था कि वह कभी उन्नतशील किसान की श्रेणी में खडे़ हो सकेगा, लेकिन जब उसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से जुडे़ विभागीय योजनाओं के विस्तार से जानकारी मिला। तब उसने उद्यानिकी के क्षेत्र में कार्य करना शुरू कर दिया, धीरे-धीरे उनकी मेहनत और विभागीय योजनाओं से मिले लाभ का नतीजा सामने आने लगा और वे आज लाखों रूपए कमा रहा है। इससे उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आना शुरू हो गया। कावेराम ने 1 हेक्टेयर रकबा में जैविक फसल प्रबंधन एवं उन्नत बीज का प्रयोग करते हुए मिर्च, टमाटर, करेला जैसे सब्जियां लगाया है। इसमें ड्रिप के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था कर रहे है, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। किसान कावेराम को अब धान्य फसलों की तुलना में वर्षभर में तीन से चार गुना अधिक आय प्राप्त हो रहा है।
किसान कावेराम ने बताया कि वह अपने खेतों में हमेशा धान की फसल लगाता था, समय के साथ लागत में वृद्धि एवं उत्पादन में कमी आने से आमदनी में कमी होने लगा था। आमदनी को बढ़ाने के लिये उन्हें उद्यानिकी विभाग के द्वारा सब्जी की खेती करने का सुझाव दिया गया। कावेराम ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से टमाटर, करेला एवं मिर्च की खेती कर रहा है। खेती में अनुमानित लागत राशि 60 हजार रूपये है, अब तक कावेराम के द्वारा 3 लाख रूपये तक की सभी बिक्री कर चुका है, जिससे कावेराम की घर की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। कावेराम को देखकर उनके आसपास के किसान भी उद्यानिकी फसल लगाने प्रेरित हो रहे हैं।
पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में एक लाख इनामी नक्सली ढेर, कई बड़ी घटनाओं में था शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस को नक्सलियों के होने की सूचना मिली थी, जिस पर जिला बल, डीआरजी एवं बस्तर फाईटर की संयुक्त पार्टी सूचना स्थल पर सर्चिंग के लिए ग्राम तुमारगुट्टा, सिंगावरम व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई। सर्चिंग अभियान के दौरान तुमारगुट्टा, सिंगावरम के जंगल-पहाड़ को सर्च करते हुए आगे बढ़ रहे थे। तभी पूर्व से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को जान से मारने व हथियार लूटने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जिसका सुरक्षाबलों ने मुहतोड़ जवाब देते हुए जवाबी फायरिंग की।
सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल-पहाड़ी की आड़ में भाग निकले। जिसके बाद घटना स्थल की सर्चिंग करने पर एक अज्ञात पुरूष नक्सली का शव व शव के पास एक नग भरमार बंदुक, एक नग पिट्टू, जिसमें 3 पैकेट बैटरी वायर लाल-काला लगा हुआ। एक नग वाकी-टाकी (वायरलेस सेट), चार्जर एक नग लाल-काला वायर लगा। कोर्डेक्स वायर लगभग एक फीट, दो नग जिलेटिन रॉड, एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद किया गया।
उक्त पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गए नक्सली की शिनाख्ती ऑपरेशन टीम शामिल आत्मसमर्पित नक्सली व पुलिस कर्मियों द्वारा किया गया। मारे गये नक्सली का नाम सोड़ी नरसा है, जो प्रतिबंधित नक्सल संगठन में सुरपनगुड़ा आरपीसी मिलिशिया कमांडर है, जिस पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पद के अनुरुप एक लाख रुपये एवं पुलिस अधीक्षक सुकमा द्वारा दस हजार रुपये मात्र ईनाम घोषित है। मारा गया नक्सली कई घटनाओं मे शामिल था।
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मिनीमाता महतारी जतन योजना : जागृति को मिला 20 हजार का चेक
महासमुंद जिले की 8846 हितग्राहियों को मिला लाभ
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में मिल रहा है गर्भवती महिलाओं को लाभ | गरीब परिवारों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान सबसे बड़ी समस्या आती है। ऐसी परिस्थिति को देखते हुए, छत्तीसगढ़ में मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सहायता राशि प्रदान करना है। इससे महिलाओं को मदद मिलेगी और उनके परिवार को लाभ होगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत, पंजीकृत हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य है कि राज्य की अधिकतर जरूरतमंद महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
महासमुंद जिले में मिनीमाता महतारी जतन योजना की शुरुआत से अब तक 8846 हितग्राहियों को लाभ मिला है। जिसमें महासमुंद की सुभाष नगर निवासी जागृति साहू को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। जागृति ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक हैं। उन्होंने योजना की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग बच्चे के रहन-सहन और उचित देखभाल में किया जा रहा है।
गौरतलब है कि मिनीमाता महतारी जतन योजना का लाभ लेने के लिए महिला श्रमिकों का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत होना अनिवार्य है। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही को बच्चे के जन्म के 90 दिनों के भीतर श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, उत्तराधिकारी का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, शिशु के जन्म प्रमाण पत्र तथा मूल दस्तावेज के साथ श्रम विभाग, लोक सेवा केंद्र या वीएलई के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग की सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल है: सुश्री ह्यून ही बान
रायपुर। यूनिसेफ नई दिल्ली की सामाजिक नीति और सामाजिक सुरक्षा प्रमुख सुश्री ह्यून ही बान के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आये दल ने छत्तीसगढ़ नीति आयोग के मार्गदर्शन में कमजोर वर्गो के समुदायों के बीच सामाजिक सुरक्षा की पहुंच बढ़ाने और बच्चों के अधिकार के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की।
राज्य नीति आयोग में बैठक में सुश्री बान ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई के काम की सराहना करते हुए कहा देश के अन्य राज्य भी नवीन नीतियों और कार्यक्रमों के लिए इस इकाई की गतिविधियों का अनुकरण कर सकते हैं। उन्होंने आयोग सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई के नवोन्वेषी मॉडल की तारीफ करते हुए आयोग की सदस्यों को नई दिल्ली स्थित नीति आयोग में प्रस्तुतीकरण के लिए आमंत्रित किया। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में गठित सामाजिक नीति तकनीकी सहायता इकाई के माध्यम से राज्य और जिला स्तर पर साक्ष्य-आधारित नीतियों को विकसित करने और योजनाओं, कार्यक्रमों और सूचकांको में प्रगति की निगरानी में तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए यूनिसेफ के साथ एक संयुक्त उद्यम है।
सुश्री बान के नेतृत्व में यूनिसेफ की दल गत दिनों कोंडागांव में युवोदय कार्यक्रम, दंतेवाड़ा मे छत्तीसगढ़ पंचायत नेटवर्क फॉर चिल्ड्रन (सीजी-पंच) का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और इन कार्यक्रमों को सराहा। यूनिसेफ के दल ने रायपुर में छत्तीसगढ़ एलायंस फॉर सोशल प्रोटेक्शन कार्यक्रम की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम के जरिए कमजोर समुदायों के बीच सामाजिक सुरक्षा की पहुंच बढ़ाने में सहायता दी जा रही है।
राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव अनुप कुमार श्रीवास्तव ने आकांक्षी ब्लॉकों और जिलों में यूनिसेफ के काम की सराहना की और छत्तीसगढ़ में बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए यूनिसेफ के साथ साझेदारी के लिए आयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस बैठक में आयोग के संयुक्त संचालक नीतू गौरडिया, आपातकालीन विशेषज्ञ यूनिसेफ नई दिल्ली सरबजीत सिंह सहोता, सामाजिक नीति विशेषज्ञ, यूनिसेफ डॉ. बाल परितोष दास, यूनिसेफ के आपातकालीन पदाधिकारी विशाल वासवानी एवं एसपीटीएसयू के डॉ. संतु मैती एवं डॉ. हेमंत कुमार उपस्थित थे।
जलजीवन मिशन ने बदली भुईगांव के ग्रामीणों की जिंदगी
पेयजल की समस्या से मिली निजात, ग्रामीणों की आजीविका में हुआ सुधार
रायपुर | ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र शासन द्वारा शुरू की गई योजना जल जीवन मिशन से कई गांवों में पेयजल की समस्या दूर हो रही है। इससे न केवल शुद्ध पेयजल मिल रहा है बल्कि ग्रामीण जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार पूरे छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखण्ड के ग्राम भुइगांव जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित एक ऐसा गांव है, जहां वर्षों से पीने के साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत् पेयजल की समस्या से निजात मिली है। पहले गांव के लोग, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, हर दिन लंबी दूरी तय कर पानी लाते थे, जिससे उन्हें शारीरिक श्रम के साथ-साथ समय भी अधिक लगता था। ग्रामीणजन और सरपंच इस समस्या से निजात पाने का प्रयास कर रहे थे। कई ग्रामीण पानी की कमी के कारण बोर खुदवाने को भी मजबूर थे। ऐसे में गांव का भूजल स्तर भी कम होने लगा था।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्रदाय कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संभाग कांकेर द्वारा जलजीवन मिशन के तहत ग्राम भुइगांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए योजना बनाई गई और सबसे पहले, गांव में पानी की कमी की सही स्थिति का आंकलन किया गया। इसके बाद नल से जल आपूर्ति के लिए कार्य शुरू किया गया और गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन प्रदाय करने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई। पानी टंकी का निर्माण कर गांव के पास स्थित एक जलस्रोत से पाईपलाइन के माध्यम से पानी गांव तक पहुंचाया गया और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की व्यवस्था की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांचने का प्रशिक्षण देकर जल परीक्षण किट्स वितरित की गई है, जिससे ग्रामीण स्वयं पानी को परख कर सकें।
ग्रामवासियों को जलजीवन मिशन के महत्व और लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया। गांव में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और जागरुकता रथ से ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया, साथ ही जल प्रबंधन, जल संरक्षण और स्वच्छता पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को जल की गुणवत्ता की जांच करने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी इस टंकी ने गांव में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद भी लाई। गांव के लोगों की आजीविका में भी सुधार हुआ और वे आत्मनिर्भर बनने लगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एक गैर शासकीय संगठन के सहयोग और प्रयासों से ग्रामीणों को जागरूक करने में काफी हद तक सफलता मिली। ग्राम भुइगांव के सभी ग्रामीण अब गर्व से कहते हैं कि गांव में जलजीवन मिशन ने उनकी जिंदगी बदल दी।