रायपुर
नवा रायपुर में युवाओं के लिए खुल रहे हैं रोजगार के नए अवसर, मिल रही हैं बेहतर सुविधाएं

10 निकायों के महापौर का कार्यकाल हो रहा खत्म, जानिए रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, दुर्ग में कब बैठेंगे प्रशासक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 10 नगर निगमों में पांच साल से महापौर की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों के कार्यकाल की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। गुरुवार से अगले नौ दिनों तक 10 नगर निगमों के महापौर का कार्यकाल खत्म होना शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही उनके स्थान पर सरकारी अधिकारी प्रशासक के तौर पर कामकाज संभालेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। सभी महापौर के स्थान पर संबंधित जिले के कलेक्टर प्रशासक के रूप में नियुक्त किए गए हैं। इधर निगमों में प्रशासक नियुक्ति को कांग्रेस ने भाजपा का कुशासन करार दिया है।

जिन निगमों में मेयरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें पहला नंबर राजनांदगांव निगम के मेयर का है। 3 जनवरी को मेयर का कार्यकाल खत्म होने के बाद वहां कलेक्टर प्रशासक होंगे। इसके बाद 4 जनवरी को बिलासपुर नगर निगम का कार्यकाल खत्म हो रहा है। रायपुर नगर निगम, जगदलपुर निगम, धमतरी निगम, दुर्ग नगर निगम, रायगढ़ निगम, चिरमिरी नगर नियम के मेयर की जगह 6 जनवरी को प्रशासक बैठेंगे। 8 जनवरी को अंबिकापुर नगर निगम और 10 जनवरी को कोरबा नगर निगम का कामकाज कोरबा के कलेक्टर संभालेंगे।
7 जनवरी को मेयर पद के लिए आरक्षण
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस सिलसिले में सबसे पहले नगरीय निकायों में वार्डों के आरक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। अब अगली बारी महापौर और पालिकाध्यक्ष के आरक्षण की है। राज्य के जिन 10 निगमों में नया चुनाव होना है वहां 7 जनवरी को मेयर पद के लिए आरक्षण किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। पिछला मेयर चुनाव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया था। यही नहीं बरसों बाद छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के चुनाव बैलेट (मतपत्र) के माध्यम से होंगे।
नए नाम 6 जनवरी तक जोड़े जाएंगे
राज्य में ऐसे युवा जो 1 जनवरी को 18 साल की आयु पूरा कर चुके हैं, उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। नए नाम 6 जनवरी तक जोड़े जाएंगे। दावा आपत्ति के बाद 15 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। इसके बाद राज्य सरकार राज्य निर्वाचन आयोग को इस संबंध में सूचना भेजेगी। इसके बाद आयोग किसी भी दिन राज्य में नगरीय निकायों के चुनाव की घोषणा कर सकता है। प्रदेश में पहली बार निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एक साथ होंगे।
राज्य के चावल निर्यातकों को मिलेगी मंडी शुल्क में छूट
36 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 का आगाज : हेलमेट जागरूकता बाईक रैली के साथ
मान. न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के द्वारा हरी झण्डी दिखाकर किया गया रवाना
एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह, स्वयं बाईक चलाकर हेलमेट पहनकर कर वाहन चलाने दिया संदेश।
रायपुर | नया साल 2025 के शुभारंभ होते ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 01 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक 36 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किये जाने आदेशित किया गया है। उक्त आदेश के परिपालन में यातायात पुलिस रायपुर एवं अंतर विभागीय लीड एजेंसी पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा, आज दिनांक 01 जनवरी 2025 को हेलमेट जनजागरूकता बाईक रैली के साथ 36 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 का शुभारंभ किया गया, जिसे मान. न्यायमर्ति अभय मनोहर सप्रे अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी द्वारा हरी झण्डी दिखाकर उक्त रैली को रवाना किया गया। इस बाईक रैली में डॉ. लाल उमेंद सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर, डॉ. अनुराग झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर, गुरजीत सिंह एवं सतीश ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर द्वारा दोपहिया वाहन चलाकर आम नागरिकों को दोपहया वाहन चालन के दौरान अनिवार्य रूप से हेलमेट धारण करने के लिए प्रेरित किया गया।
बता दे कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष माह जनवरी में सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जाता है जिसका मकसद, वाहन चालकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान यातायात पुलिस जिले के विभिन्न स्कूल, कालेज, शैक्षणिक संस्थानों एवं राष्ट्रीय राजमार्ग / राजकीय राजमार्ग के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में कई तरह की गतिविधियॉ और आयोजन कर लोगों को यातायात नियमों से संबंधित जानकारी देकर नियमों का पालन कर वाहन चलाने हेतु प्रेरित किया जाता है साथ ही यातायात नियमों का पालन नही करने से होने वाले जान माल की हानि के बारे में बताया जायेगा। जिसका प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण कर सुगम सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाना है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार 36 वॉ सड़क सुरक्षा माह 2025 का शुभारंभ हेलमेट जागरूकता बाईक रैली के साथ किया गया। जिसका प्रमुख उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट के प्रति जागरूकता लाना है। क्योंकि वर्ष 2024 में घटित सड़क दुर्घटना प्रकरणों का अवलोकन करने पर सबसे ज्यादा मृत्यु दोपहिया वाहन में हुई है जिसका मुख्य कारण सिर में गंभीर चोट आने से होना पाया गया। यदि दोपहिया वाहन चालक हेलमेट धारण कर वाहन चलाना प्रारंभ करेंगे तो निश्चित ही सड़क दुर्घटना में मृत्यु के प्रकरणों में 40-50 % की कमी लाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से यातायात पुलिस रायपुर द्वारा प्रमुखता के आधार पर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट धारण कर वाहन चलाने के प्रति जागरूकता लाने बाईक रैली का आयोजन किया गया।
अपील :- वाहन चालकों से अपील है, यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाए। नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने ना दे। वाहन के संपूर्ण कागजात हमेशा दुरूस्त रखें। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन ना चलाए, नशे की हालत में वाहन ना चलाए, चार पहिया वाहन चालन के दौरान अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाए, वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का उपयोग ना करें, सड़कों पर नो पार्किंग पर वाहन खड़ी कर दूसरों के लिए असुविधा या दुर्घटना का कारण ना बने।
राज्य में अब तक 86.42 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी
17.50 लाख किसानों को 19 हजार 415 करोड़ रूपए का भुगतान
अब तक 58.35 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी
32.57 लाख मीट्रिक टन धान का हो चुका है उठाव
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में धान 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 86.42 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 17.50 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 19 हजार 415 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। धान उठाव के लिए 58.35 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 32.57 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 31 दिसम्बर को 63,831 किसानों से 2.87 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 84 हजार 702 से अधिक टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 74 हजार 761 टोकन जारी किए गए हैं।
पाॅवर कंपनी में सेवानिवृत्ति समारोह : ईडी डी.के.तुली सहित 8 विद्युत कर्मियों की विदाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज मुख्यालय में आयोजित समारोह में कार्यपालक निदेशक (सिविल) देवेंद्र कुमार तुली सहित 8 अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के अवसर पर विदाई दी गई। अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव द्वारा तुली के योगदान की प्रशंसा करते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की गई। वहीं एक अन्य कार्यक्रम में एमडी (ट्रांसमिशन कंपनी) राजेश कुमार शुक्ला के मुख्य आतिथ्य के आयोजित कार्यक्रम में 7 अधिकारियों तथा कर्मचारियों को विदाई दी गई।
मुख्य समारोह का आयोजन अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव के मुख्य आतिथ्य में सेवाभवन में किया गया था। जिसमें निवृत्तमान ईडी तुली के साथ उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। इस अवसर पर पाॅवर ट्रांस्को के एमडी राजेश शुक्ला एवं डिस्टीब्यूशन कंपनी (डिस्काॅम) के एमडी भीमसिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। सभी ने तुली की कर्मठता और चार दशक की सेवा की सराहना की तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर अध्यक्ष डाॅ. यादव ने कहा कि तुली ने जल विद्युत परियोजनाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं। किसी भी संस्था की मजबूत नींव बनाने का कार्य सिविल विभाग के द्वारा किया जाता हैं। समारोह में सेवानिवृत्त ईडी तुली ने अपने कार्य अनुभव बताते हुए अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क को दिया तथा सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी प्रकार लोड डिस्पैच सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में अति. मुख्य अभियंता (सिविल) दिनेश कुमार देवांगन, वरिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) भूषण प्रसाद चंद्राकर, कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) कौशल प्रसाद यादव, कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) रमेश कुमार स्वर्णकार, कार्यालय सहायक श्रेणी-एक कमलकांत शुक्ला, लाईन सहायक श्रेणी-दो राम लखन देवांगन एवं मुख्य सुरक्षा सैनिक समय लाल वर्मा के योगदान का उल्लेख किया गया तथा सेवानिवृत्ति उपरांत देय हितलाभों के साथ उनका अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक के.एस.मनोठिया, वी.के.साय, संजय पटेल, आर.सी.अग्रवाल एवं जी.आनंद राव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्र एवं प्रकाशन अधिकारी गोविंद सिंह पटेल द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी नववर्ष 2025 की बधाई और शुभकामनाएं
24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन : संथाल परगना ने चौंपियन्स ट्रॉफी जीती
संथाल परगना बना चैंपियन, केरल उपविजेता और झारखण्ड फर्स्ट रनरअप रहा
तीरंदाजी में कर्नाटक और पूर्वी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन
विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित
रायपुर | राजधानी रायपुर में चल रहीं 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता का आज समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान फुटबॉल के फाइनल मैच में संथाल परगना ने केरल को पेनाल्टी शूट में एक के मुकाबले चार गोलों से हराकर चैंपियन की ट्रॉफी जीती। केरल की टीम उपविजेता रहीं वहीं झारखण्ड की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। तीरंदाजी की प्रतियोगिता में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बालक तीरंदाज और कर्नाटक की बालिकाएं छायी रहीं। इस पूरी प्रतियोगिता में फुटबॉल और तीरंदाजी के खेलों में लगभग 600 जनजातीय बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया।
अण्डमान, निकोबार से लेकर पूरे देश के लगभग 30 प्रांतों से जनजातीय खिलाड़ी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हुए। पड़ोसी देश नेपाल से भी खिलाड़ियों के एक दल ने तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष केदार कश्यप और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कोटा स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया उन्होंने सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और बेहतरीन खेल दिखाने के लिए सभी का हौसला बढ़ाया। समापन समारोह में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, अखिल भारतीय खेल-कूद प्रमुख फूल सिंह लेप्चा, राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष उमेश कश्यप और संगठन मंत्री रामनाथ कश्यप, सचिव अनुराग जैन और स्वागत समिति के सचिव अमर बंसल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रवीण ढोलके, सह संगठन मंत्री सुभाष बडोले, पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग प्रमुख प्रोफेसर राजीव चौधरी, वनवासी विकास समिति महानगर रायपुर के अध्यक्ष रवि गोयल और सचिव राजीव शर्मा सहित सह खेल-कूद प्रमुख पंकज सिंह, संगीता चौबे, डॉ. विजय साण्डिल्य, डॉ. आशुतोष साण्डिल्य, डॉ. मीना मूर्मू, टिशेन भगत गोपाल वियानी भी उपस्थित रहे।
संभवतः जनजातीय खिलाड़ियों की यह विश्व की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित इस 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन मंत्री अतुल जोग ने कहा कि यह प्रतियोगिता 1991 से अनवरत आयोजित होती आ रहीं है और यह प्रतियोगिता विशुद्ध रूप से जनजातीय खिलाड़ियों की सहभागिता वाली विश्व की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। जोग ने यह भी बताया कि इससे पहले भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में केवल तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा में ही 316 जनजातीय तीरंदाजों ने हिस्सा लिया था और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मेडल जीतने या खेल खेलने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आयोजन खिलाड़ियों में राष्ट्रीय एकता की भावना और हम सबके एक होने के भाव को जगाने वाला है। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि हमेशा कड़ी मेहनत करें, खेल से जुड़े रहें और लगातार अभ्यास करें ताकि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन किया जा सके।
खेल की ना भाषा, ना कोई सीमा, केवल प्रतिभा ही पहचान रू समापन समारोह को वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एच के नागु ने भी संबोधित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि खेलों की ना तो कोई भाषा है, ना ही कोई सीमा। खेल प्रतिभा ही खिलाड़ी की पहचान है। नागु ने कहा शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल जीवन संघर्ष के लिए भी हमें तैयार करते हैं। उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। नागु ने सभी विजेताओं को शुभकानाएं दी।
फुटबॉल के 22 मैच, 122 गोल, 9 मैचों का परिणाम टाई ब्रेकर या पेनाल्टी शूट से रू 24 वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में फुटबॉल के जनजातीय खिलाड़ियों ने अपना खूब जौहर दिखाया। पूरी प्रतियोगिता में फुटबॉल के 22 मैच कोटा स्टेडियम और यूनिवर्सिटी खेल मैदान पर खेले गये। जनजातीय खिलाड़ियों ने इन मैचों में 122 गोल दागकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेल के प्रति खिलाड़ियों का समर्पण और उनकी कुशलता इसी से सिद्ध होती है कि पूरी प्रतियोगिता में 9 मैचों का परिणाम टाई ब्रेकर या पेनाल्टी शूट से हुआ। फुटबॉल के खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक प्रतिभावों का प्रदर्शन किया। अंत में संथाल परगना ने चौंपियन्स ट्रॉफी जीती और केरल उपविजेता रहा। संथाल परगना के गोलकीपर विनय कुण्डू ने फाइनल मैच में पेनाल्टी शूट के 4 गोल बचाकर सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का मेडल प्राप्त किया वहीं संथाल परगना के ही खिलाड़ी विमल मराण्डी मेन ऑफ द टूर्नामेंट रहें। फाइनल मैच में केरल के खिलाड़ी अभिनंद को मेन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
आबकारी विभाग ने मारा छापा… जब्त की लाखों की शराब
रायपुर। रायपुर में बच्चों की दवाईयों की आड़ में पंजाब से शराब की तस्करी हो रही है। ये तस्करी एक कॉम्प्लेक्स में मौजूद एक फ्लैट से हो रही थी, जहां आबकारी विभाग ने छापा मारा है। आबकारी विभाग के अमले ने जहां से बड़ी मात्रा शराब जब्त की है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। यहां तस्कर पार्सल में बच्चों की दवाईयां है ऐसा लिखकर शराब की तस्करी करते थे, जिससे किसी को कोई शक नहीं होता था.
यहां से आबकारी विभाग ने Red label, J&B, Jagermaster, Ballentine, Black label, Chiwas regal, Johny walker blonde समेत महंगी शराब जब्त की है. इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी नीलम किरण सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक योगेश सोनी, जीतेश्वरी आलेन्द्र , आबकारी आरक्षक पुरुषोत्तम साकार, जागेश्वर वर्मा समेत अन्य स्टॉफ मौजूद रहे।
24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता : तीरंदाज़ी में पूर्वी उत्तरप्रदेश का जलवा
कर्नाटक की बालिका तीरंदाजों ने मेडल सहित सभी का दिल भी जीता
रायपुर | 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में हुए तीरंदाज़ी के मुकाबलों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के तीरंदाज़ों का जलवा रहा। कर्नाटक की बालिका तीरंदाजों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों ने ट्रॉफी और मेडलों के साथ अपनी खेल भावना और व्यवहार से आयोजकों सहित साथी खिलाड़ियों का दिल भी जीत लिया। पूर्वी उत्तरप्रदेश के तीरंदाज़ों ने कुल बारह में से चार पदक जीते हालांकि पूर्वी उत्तरप्रदेश के तीरंदाज किसी भी वर्ग में स्वर्ण पदक नहीं पा सके परंतु जूनियर बालक और सब जूनियर बालक वर्ग में इन खिलाड़ियों ने सिल्वर और ब्रांज मेडल प्राप्त किया। तीरंदाजी की जूनियर बालक वर्ग की प्रतिस्पर्धा में राजस्थान के हिमेश बरांडा ने 643 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। पूर्वी उत्तर प्रदेश के आदित्य सिंह ने 637 अंक लेकर रजत और हीरा सिंह ने 626 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक प्राप्त किया।

सब जूनियर बालक वर्ग में उत्तरबंगाल के सकनोन लेपचा ने 664 अंकों के साथ स्वर्ण और पूर्वी उत्तरप्रदेश के दीपक ने 661 अंक लेकर रजत तथा इंद्रदेव कुमार ने 651 अंक प्राप्त कर ब्रांज मेडल जीता।
जूनियर बालिका वर्ग में उड़ीसा की मंजुलता ने 563 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। छतीसगढ़ की रामशिला नेताम ने 493 अंक लेकर सिल्वर और उड़ीसा की ही मीना तीरिया ने 460 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक जीता।
सब जूनियर बालिका वर्ग में कर्नाटक की बालिकाओ का वर्चस्व रहा। कर्नाटक की भाग्यश्री ने 599 अंक के साथ स्वर्ण और अन्नपूर्णा ने 563 अंक लेकर रजत पदक पक्का किया। राजस्थान की दर्शी डामोर ने इस वर्ग में 541 अंक प्राप्त कर कांस्य पदक जीता।
उल्लेखनीय है की 25 वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीरंदाजी के 40 मीटर, 30 मीटर और 20 मीटर शूटिंग मुकाबले हुए। इन प्रतिस्पर्धाओं में बालक-बालिका जूनियर-सब जूनियर वर्ग में लगभग 400 जनजातीय तीरंदाज़ों ने हिस्सा लिया। तीरंदाज़ी के सभी मुक़ाबले राज्य आर्चरी एकेडमी के मैदान पर हुई।
रायपुर, बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए अब सप्ताह में छह दिन उड़ान
रायपुर। फ्लाई बिग एयरलाइंस ने बिलासपुर और रायपुर से अंबिकापुर के बीच हवाई सेवा को विस्तार दिया है। पहले यह सेवा सप्ताह में तीन दिन (गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार) संचालित होती थी, लेकिन अब इसे सोमवार से शनिवार तक सप्ताह के छह दिन किया गया है।
गौरतलब है कि सोमवार को पहली उड़ान बिलासपुर एयरपोर्ट पर उतरी परंतु फ्लाइट के नए शेड्यूल का प्रचार प्रसार ना होने के कारण अंबिकापुर से फ्लाइट बिलासपुर और बिलासपुर से अंबिकापुर पूरी तरह खाली आई और गई।
एयरलाइंस के नए शेड्यूल के हिसाब से अब रायपुर से अंबिकापुर की उड़ान सुबह 9:00 बजे प्रारंभ होगी और 10:15 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। 25 मिनट रुकने के बाद 10:40 पर उड़ान बिलासपुर के लिए रवाना होगी और 11:35 पर यहां लैंड करेगी। ठीक 12:00 दोपहर को बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान होगी जो 12:55 पर अंबिकापुर पहुंचेगी। वहां से 1:20 पर विमान उड़ कर दोपहर 2:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट वापस पहुंच जाएगा।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बढ़े हुए दोनों और शेड्यूल का स्वागत तो किया है परंतु साथ ही यह मांग की है कि बिलासपुर से यह उड़ान अंबिकापुर जाकर आगे बनारस तक भेजी जाए और वहां से वापसी में यह उड़ान अंबिकापुर होते हुए रायपुर तक शाम के पहले पहुंच जाए. ऐसा होने से बनारस के लिए हवाई सुविधा मिल सकेगी।
प्रतिबंधित नशीली टेबलेट के साथ एक गिरफ्तार....732 नग स्पास्मो टेबलेट जब्त
रायपुर। राजधानी पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आरडीए बिल्डिंग के पीछ दोपहिया वाहन में टेबलेट बेच रहे एक युवक को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। उक्त कार्रवाई एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स एवं थाना न्यू राजेन्द्र नगर पुलिस ने मिलकर की। बतादें कि इस प्रकरण में पूर्व में दो आरोपी और गिरफ्तार किए जा चुके है। आज गिरफ्तार हुए आरोपी के कब्जे से 144 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट स्पास्मों जब्त किया गया।
मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा लाल उमेंद्र सिंह ने बताया कि रायपुर पुलिस द्वारा पूर्व से चलाये जा रहे निजात अभियान के तहत नशे के विरूद्ध विशेष अभियान के तहत अवैध प्रतिबंधित मादक पदार्थो सहित प्रतिबंधित नशीली टेबलेट एवं सिरप तथा सूखे नशे के तस्करी, खरीदी-बिक्री, नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम रायपुर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय Anti Narcotics Task Force टीम का गठन किया गया है। जिसमें उक्त टीम को End to End एवं फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन, सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट पर प्रभावी कार्यवाही करने सहित स्त्रोत के बारे में विस्तृत जानकारी लेकर उनके विरूद्ध विधिसंगत विधिवत कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।
जिसके तारतम्य में 29 दिसंबर को थाना न्यू राजेन्द्र नगर में एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स तथा थाना न्यू राजेन्द्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा प्रकरण में पूर्व में आरोपी प्रेम बघेल, बुढी माता मंदिर के पास दुर्गा नगर थाना न्यू राजेंद्र नगर रायपुर एवं किशोर हरपाल दुबे कॉलोनी मंदिर के पास थाना मोवा पंडरी रायपुर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रतिबंधित नशीली टेबलेट स्पास्मों कुल 732 नग जब्त किया था।
हिरासत में लिए गए आरोपियों से प्रकरण में बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेजेस के संबंध में कड़ाई से पूछताछ में करने पर उसके द्वारा प्रतिबंधित नशीली टेबलेट धनेश कुमार साहू उर्फ संजय निवासी न्यू राजेन्द्र नगर नामक व्यक्ति को क्रय करना बताये जाने पर आरोपी धनेश कुमार साहू उर्फ संजय की पतासाजी कर गिरफ्तार कर उसके कब्जे 144 नग स्पास्मों टेबलेट जप्त कर आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही किया गया है। हिरासत में लिये आरोपियों से फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेजेस के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है।
नवा रायपुर को देश का प्रमुख मेडिकल हब बनाने के प्रयास जारी
नवा रायपुर में खुलेगा संजीवनी रिसर्च फॉउंडेशन का केंद्र
रायपुर | नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने नवा रायपुर में सत्य साईं रिसर्च सेंटर के लिए भूमि आवंटित करने की पहल शुरू कर दी है। बच्चों की फ्री हार्ट सर्जरी और इलाज की सुविधा देने वाले श्री सत्य साईं संजीवनी रिसर्च फाउंडेशन का यहां केंद्र खुलेगा।
इसे अत्याधुनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करेंगे। मरीजों के स्वजनों के लिए आवासीय सुविधा होगी, ताकि उपचार के दौरान ठहर सकें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में नवा रायपुर को देश का प्रमुख मेडिकल हब बनाने के प्रयास जारी है।
इसी क्रम में एनआरडीए ने श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल को रिसर्च सेंटर के लिए भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे कैबिनेट में भी लाया जाएगा। ये अस्पताल ऐसा है, जहां बिलिंग काउंटर ही नहीं है। इसके अलावा के रहने-खाने का कोई शुल्क नहीं लगता है। यहां इलाज कराने के लिए विदेश से भी मरीज आते हैं।
नवा रायपुर को मेडिकल सिटी बनाने के लिए काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश जरूरतमंदों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी। साल 2022 में स्थापित श्री सत्य साईं संजीवनी रिसर्च फाउंडेशन होमोग्राफ्ट इम्प्लांटेशन, बच्चों की हृदय सर्जरी और दुनिया के सबसे बड़े हार्ट टिशू और सीरम बायो-बैंक का संचालन करता है। यहां संगृहीत डाटा बच्चों की हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज में मददगार साबित हो रहा है।
हाल ही में कोरबा के एक बच्चे का दिल उत्तर प्रदेश के एक बच्चे को प्रत्यारोपित किया गया, जो अंगदान और चिकित्सा की उन्नति को दर्शाता है। अब तक फाउंडेशन ने 34,000 से अधिक सर्जरी की है। रायपुर केंद्र में 18,000 सर्जरी पूरी हुई हैं, जिनमें से 4,000 छत्तीसगढ़ के बच्चों की हैं।
100 बेड के श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल में रोजाना 200 बच्चों की जांच होती है। यहां पर बच्चों की जांच की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसमें से एक हाई क्वालिटी की फीटल इकोकार्डियोग्राफी भी है, जो कि गर्भवास्था के समय मां के गर्भ में पल रहे बच्चे में दिल की किसी बीमारी का पता लगाने के लिए की जाती है।
सात विशेषज्ञ चिकित्सकों व 35 चिकित्सा अधिकारियों का नियुक्ति आदेश जारी
रायपुर। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेशानुसार राज्य के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 6 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 12 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 5 चिकित्सा अधिकारियों, बस्तर संभाग में 6 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 6 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. अमिताभ लालजी साहू, जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ. क्षमा चोपड़ा, जिला अस्पताल कबीरधाम, डॉ. निकिता खेस, जिला अस्पताल जांजगीर, डॉ. अनु आनी जॉन, जिला अस्पताल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ शोएब खान जिला अस्पताल पंडरी रायपुर, डॉ नील माधव गवेल, जिला अस्पताल रायगढ़ व डॉ महिमा निधि जॉर्ज शास. चिकित्सा महाविद्यालय जिला रायगढ़ में पदस्थापना की गई है।
रायपुर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ भारती ठाकुर, डॉ. हरिश चौधरी, डॉ अजीत कुमार पटेल, डॉ. ओजस्वी गौतम, डॉ अनूप कुमार मेहर, डॉ. शिवेन्द्र सिंह मरई शामिल हैं। बिलासपुर संभाग हेतु जारी आदेश में डॉ. ऋषा जोगी, डॉ अरशद आलम, डॉ जीनत शेख, डॉ प्रतीक्षा सिंह, डॉ. लता गुप्ता डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ तेजस्विनी सोनी, डॉ. राजेश्वर प्रसाद कश्यप, डॉ. विरेन्द्र कुमार सार्वा, डॉ राजेन्द्र कुमार साहू, डॉ. सुयश आंचल, डॉ. अनुराग यादव, सरगुजा संभाग हेतु जारी आदेश में डॉ अभिषेक जायसवाल, डॉ. निहारिका कुशवाहा, डॉ. अंकिता बड़ा, डॉ आकांक्षा मिंज, डॉ. अनुराग सिंह यादव का नाम है।
दुर्ग संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रखर जंघेल, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डॉ नेहा रामटेके, डॉ अस्मिन निशा, डॉ शेमोन सिंह ठाकुर, डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ठाकुर हैं। बस्तर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रीति भवानी, डॉ. कविता नाग, डॉ. वैशाली साहू, डॉ. मेहुल पटेल, डॉ गिरधर गोपाल यादव व डॉ अतुल राज खटीक को पदस्थ किया गया है।
रायपुर पुलिस द्वारा जारी किये गये सख्त निर्देश : नववर्ष उत्सव हेतु
नशेड़ियों एवं हुड़दंगियों पर रहेगी रायपुर पुलिस की निगाह, की जायेगी कड़ी कार्यवाही
रायपुर | आगामी नव वर्ष आगमन के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ. लाल उमेन्द सिंह द्वारा रायपुर के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, ढ़ाबा एवं बार के साथ-साथ आम नागरिकों हेतु सख्त निर्देश जारी कर उनके कड़ाई से पालन करेन/करवाने के निर्देश दिये गये है, जिसके लिये सभी जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित राजपत्रित अधिकारियों द्वारा भी 50 से अधिक पेट्रोलिंग वाहनों में लगातार पेट्रोलिंग की जायेगी। निर्देशों की अवहेलना करना वालो के विरूद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है।
नव वर्ष के दौरान संचालकों द्वारा आयोजित कराने वाले समस्त कार्यक्रम की अनिवार्य रूप से अनुमति ली जावें साथ ही कार्यक्रम में कितने व्यक्ति शामिल हो रहे है, कौन सेलीब्रेटी है तथा किस प्रकार का कार्यक्रम है, की जानकारी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाये, उपलब्ध जानकारी के अतिरिक्त किसी प्रकार का कार्यक्रय यदि कराया पाया जाता है तो संबंधित संचालको/आयोजकोे के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।
नववर्ष उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुरे रायपुर जिले 24 फिक्स पिकेट्स निर्धारित किये गये है जिनमें 600 से 700 की संख्या में पुलिस बल तैनात किया जावेगा जो नशेड़ियो एवं हुड़दंगियो पर विशेष निगाह रखेंगे तथा चेकिंग प्वाईंट्स में लगाये गये है जिनमें चापरहिया एवं दोपहिया वाहनों की चेकिंग की जावेगी, पकड़ाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जावेगी।
नववर्ष की रात्रि रायपुर पुलिस द्वारा व्ही.आई.पी. रोड सहित अन्य मुख्य मार्गो में चेकिंग पाईंट लगाकर शराब का सेवन कर वाहन चलाने वालों की ब्रेथएनालाईजर से जांच की जाएगी, जो भी व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाते पाये जाएंगे ऐसे के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
नववर्ष में सभी बार/होटल/कैफे/ढ़ाबा/रेस्टॉरेंट के द्वारा आवश्यक रूप से माननीय न्यायलय के मानको का पालन किया जावे समस्त कार्यक्रम में डी.जे. पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी कोलाहल अधिनियम के मानको की अवहेलना करते पाये जाने पर संबंधित बार/होटल/कैफे/ढ़ाबा/रेस्टॉरेंट के विरूद्ध कोलाहल अधिनियम के तहत कार्यवाही की जावेगी।
होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, ढ़ाबा एवं बार के बाहर यातायात की सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराना होटल, रेस्टॉरेंट,कैफे, ढ़ाबा एवं बार की जिम्मेदारी होगी जिससे यातायात प्रभावित न हो। मुख्य मार्ग अथवा सर्विस रोड में वाहनों की पार्किंग कराते पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध यातायात नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही की जावेगी।
आउटर क्षेत्र के सभी बार/होटल/ढाबा आवश्यक तौर पर नववर्ष के दिन रात्रि 12:30 बजे से 01:00 बजे तक बंद हो जावे, नही होने पर कार्यवाही की जावेगी।
ऐसे संस्थानों के बाहर सार्वजनिक स्थानों अथवा चारपहिया वाहनों के अंदर बैठकर लोगों को शराब का सेवन करता पाये जाने पर संबंधित व्यक्ति एवं संस्थान के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।
कैफे, ढाबों, होटलों के बाहर पार्किंग में या रोड में गाड़िया खड़ी होती है, जहाँ लोग शराब पीते है (कैफे, ढाबों, होटलों के प्रश्रय से) चखना/स्नेक्स की सप्लाई करायी जाती है। कुछ पर पिछले दिनों कार्यवाही भी हुई है।
कार्यक्रम स्थलों में कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम आवश्यक रूप से रखेंगे एवं बाउंसर्स की वयवस्था करेंगे एवं स्थलों में किसी भी प्रकार से हुडदंग नही होना चाहिये, होने पर संबंधितों एवं आयोजकों पर कार्यवाही की जावेगी।
कार्यक्रम स्थल में किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ जैसे हुक्का, गांजा अथवा अन्य नशीली पदार्थ पाये जाने पर ऐसे संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही करने के साथ ही उनका लायसेंस भी निरस्त किया जायेगा।
नववर्ष में टेक्नों पार्टियों के दौरान होटलों/फार्महाउस/कैफे/ढाबों में सूखा नशे बिक्री उक्त स्थानों से से पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध नारकोटिक एक्ट के तहत कार्यवाही की जावेगी।
कार्यक्रम के दौरान संचालक किसी भी कार्यक्रम का क्षमता से अधिक पास जारी ना करें ताकि हुडदंग व अव्यस्था की स्थिति निर्मित ना हो।
नगर निगम, पुलिस, पर्यावरण संरक्षण, परिवहन विभाग की हुई एक मंच पर चर्चा
रायपुर शहर स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक
वायु गुणवत्ता के लिए रणनीति बनाकर एकजुट काम करेंगे सभी विभाग
रायपुर | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में गठित रायपुर शहर स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक रायपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम अंतर्गत औद्योगिक परिक्षेत्र सहित नगरीय क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण हेतु अब तक की गई गतिविधियों एवं भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में गठित इस समिति की बैठक प्रत्येक माह होती है जिसमें वायु गुणवत्ता बनाए रखने किए जा रहे अद्यतन उपायों पर चर्चा के साथ ही भावी प्रबंधों की रूपरेखा तैयार की जाती है।
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एवं नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में बीरगांव नगर निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा, नगर निगम रायपुर के मुख्य अभियंता यू.के. धलेंद्र, अपर आयुक्त कृष्णा खटिक, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, 15वें वित्त आयोग कार्यक्रम के कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी रघुमणि प्रधान, पर्यावरण संरक्षण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी मानिक चंदेल, नीलिमा सोनकर, परिवहन विभाग के रोहित कुमार मेहरा, शैलेंद्र कुमार पाल, नगर निगम उप अभियंता रमेश पटेल, नेहा पटेल, पर्यावरण संरक्षण मंडल के डॉ. पोखराज साहू आदि शामिल हुए। समिति में शामिल अधिकारियों ने अपने विभाग की गतिविधियों व भावी योजनाएं साझा की।
नगर निगम रायपुर ने बैठक में अवगत कराया कि वायु प्रदूषण को निगमित करने सड़क किनारे पेवर बिछाई जा रही है। विभिन्न मार्गों पर नियमित जल छिड़काव की व्यवस्था से धूल उड़ने की शिकायतों में कमी देखने का मिली है, साथ ही वायु गुणवत्ता स्तर में अपेक्षित सुधार हुआ है। यांत्रिक विधि से सड़कों की सफाई पर जोर दिया जा रहा है एवं अब 152 किलोमीटर क्षेत्र की सफाई अब स्वीपिंग मशीन से होगी। कूड़े-करकट को जलाने या खुले में फेंकने की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगाया गया है। निर्माण अपशिष्ट के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने जरवाय में सी. एण्ड डी. प्लांट संचालित किया जा रहा है। बीरगांव नगर निगम से कहा गया है कि अपने क्षेत्र के निर्माण अपशिष्ट के पुनः उपयोग हेतु इस प्लांट का भी उपयोग करें। रायपुर नगर निगम द्वारा सड़क के फूटपाथ एवं डिवायडर के नवीनीकरण के साथ ही आवश्यकतानुसार बी.टी. सड़कें व पेवर लगाने के साथ ही सघन वृक्षारोपण हेतु सभी को प्रेरित किया जा रहा है। 15वें वित्त आयोग के मार्गदर्शन के अनुरूप बैटरी चलित वाहनों के उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है एवं चार व दो पहिया वाहनों के लिए 13 चार्जिंग स्टेशन तैयार हो चुके हैं एवं 3 नए ई-चार्जिंग स्टेशन शहर में और बनाए जाएंगे। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने विभिन्न मार्गों में बी.टी. टॉपिंग और पैच रिपेयरिंग कर ड्रेन कवर भी आवश्यकतानुसार लगाए जा रहे हैं।
नवाचारों के तहत नगर के तीन शव दाह गृहों में एयर फिल्टर हेतु स्क्रबर व चिमनी स्थापना की जा रही है। सोनडोंगरी में डॉग क्रीमेटोरियम हेतु शेड तैयार कर परिसर के विस्तार हेतु निर्माण कार्य जारी है। 100 किलो क्विंटल वजनी जानवरों के शव दाह हेतु क्रीमेटोरियम की स्थापना भी रायपुर में की जा रही है एवं इसका निर्माण भी शुरू हो रहा है। संबंधित कार्य एजेंसी को तीन वर्ष के संचालन व संधारण की भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हरित क्षेत्र विकास योजना भी संचालित है, जिसके अंतर्गत तालाबों के समीप उद्यान व बर्ड पार्क तैयार किया जाएगा। पंडरी क्षेत्र में नॉन-मोटराईज्ड ट्रैक का नेटवर्क तैयार किया जाएगा जहां पर 10 वाहनों के पार्किंग, अंडर ग्राउंड केबलिंग, प्रसाधन आदि की सुविधा होगी। धूल मुक्त शहर के रूप में रायपुर को विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध कार्य निर्धारित किया जा रहा है। शहर के विभिन्न स्थलों पर बी.टी. रोड के अलावा सी.सी. रोड व एण्ड टू एण्ड पेविंग कार्य किए जा रहे हैं।
बीरगांव नगर निगम द्वारा अवगत कराया गया कि 18 एकड़ क्षेत्र में सघन वृक्षरोपण किया गया है एवं सी.एस.आर. के तहत इसके संधारण की जिम्मेदारी संस्था को प्रदान की गई है। बीरगांव क्षेत्र में भी सड़कों को धूल मुक्त रखने स्प्रिंकलर से नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लोगों को वायु प्रदूषण के खतरों से अवगत कराने व्यापक जागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सिलतरा व उरला औद्योगिक क्षेत्र के व्यवसायियों को भी वायु प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता ली जाएगी। बीरगांव नगर निगम द्वारा बिलासपुर मुख्य मार्ग पर बंजारी मंदिर के समीप ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है जिसकी सुविधा भी जल्द मिलेगी।
परिवहन विभाग द्वारा वायु प्रदूषण को कम करने कई कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा वाहन मालिकों को यह सुविधा दी जा रही है कि 15 साल पुराने कबाड़ हो चुके अपने वाहनों को परिवहन विभाग को बेच सकेंगे, ऐसे वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदी पर छूट की भी योजना परिवहन विभाग ने लागू की है। इसके अलावा सभी वाहनों के सर्विस सेंटर में प्रदूषण जांच अनिवार्य किया जा रहा है, इसके तहत रिपेयरिंग के लिए आने वाले वाहन जिनके पास पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं है, ऐसे वाहनों को सर्विस सेंटर से सर्टिफिकेट जारी होंगे। विभाग द्वारा बिना वाहन जांच के पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने वाले एजेंसियों की भी आकस्मिक जांच शुरू कर दी गई है एवं अवैध प्रमाण पत्र जारी करने वालों पर सख्ती बरती जा रही है।
पर्यावरण विभाग द्वारा नगरीय क्षेत्र के औद्योगिक संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वायु गुणवत्ता के मानक स्तर को बनाए रखने सभी प्रबंध सुनिश्चित करें। संस्थानों के आस-पास उड़ने वाले धूल कणों की रोकथाम के लिए नियमित तौर पर जल छिड़काव करें। पर्यावरण विभाग द्वारा तय मानकों के अनुरूप ई.एस.पी. प्रचालन की निगरानी की जा रही है एवं संयंत्रों से कहा गया है कि अपने स्तर पर भी प्रक्षेत्र में वायु गुणवत्ता के सभी प्रबंध सुनिश्चित करें। सघन वृक्षारोपण के तहत रोपित पौधों की देखभाल करें एवं वृक्षारोपण हेतु नए स्थलों का चयन पहले से सुनिश्चित करें।
यातायात पुलिस वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है। प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों, मिलावटी तेल से वाहन चलाने पर कार्यवाही शुरू की जा रही है। यातायात पुलिस द्वारा नगरीय क्षेत्र से गुजरने वाले दो पहिया व चार पहिया वाहनों के पीयूसी सर्टिफिकेट की भी जांच करेगा। वाहन मालिकों से कहा गया है कि वाहन कागजात, वैध लाइसेंस के साथ ही पीयूसी सर्टिफिकेट अपने साथ अवश्य रखें।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत रायपुर शहर स्तरीय क्रियान्वयन समिति की अगली बैठक जनवरी माह में होगी।
गणतंत्र दिवस समारोह का गरियामय होगा आयोजन
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश
रायपुर | प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस समारोह पूरे प्रदेश में गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह का आयोजन होगा। राज्यपाल रमेन डेका इस गरियामय समारोह में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज एक परिपत्र जारी कर गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन के लिए समस्त विभाग, समस्त संभागायुक्त, समस्त कलेक्टर एवं समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को पूर्व के वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्कूली बच्चों के कार्यक्रम तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य स्तरीय आयोजन में राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण एवं परेड की सलामी के पश्चात उनका उद्बोधन होगा। इसके अलावा समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों/संस्थानों द्वारा चलित झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा और पदक अलंकरण समारोह भी होगा। समारोह स्थल में रंगीन गुब्बारे भी उड़ाए जाएंगे। राज्य स्तर पर होने वाले परेड में सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, डीएफ, जेल पुलिस बल, होमगार्ड, एसटीएफ कमांडो, बीएसएफ, आईटीबीटी एवं अन्य सशस्त्र बल की टुकड़ियां भी शामिल होंगी।
जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा विनिर्दिष्ट मंत्रीगण द्वारा ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली जाएगी एवं मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि केवल जिला मुख्यालयों को छोड़कर अन्य किसी भी स्थान में परेड नहीं होगी। यहां के परेड में सेना (जहां उपलब्ध हो), पुलिस, नगर सेना, जेल प्रहरी की टुकड़ियां भाग लेंगी। समारोह में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम गरिमामय एवं रूचिपूर्ण हों।
साथ ही जनपद पंचायत या तहसील स्तर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा एवं ऐसी नगर पालिका/नगर पंचायत जिनका मुख्यालय ब्लॉक मुख्यालय पर नहीं है, उनमें नगर पालिका/नगर पंचायत के अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। पंचायत मुख्यालयों में सरपंच द्वारा एवं बड़े गांवों में, गांवों के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाकर, सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश की राजधानी रायपुर और अन्य जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा, इसे देखते हुए रायपुर व अन्य जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय कार्यालयों में ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रातः 9 बजे से पूर्व सम्पन्न कर लिया जाए, ताकि इन कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारीगण जिले के मुख्य समारोह में भाग ले सकें।
विभाग और कार्यालय प्रमुख द्वारा उनके शासकीय कार्यालयों में ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया जाएगा। शासकीय और सार्वजनिक भवनों में ध्वजारोहण किया जाएगा और 26 जनवरी की रात्रि में रोशनी की जाएगी।
