रायपुर
वीर सावरकर का जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मबलिदान और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीकः मुख्यमंत्री साय
Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर का संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए समर्पित था। वीर सावरकर न केवल आज़ादी की लड़ाई के अग्रणी योद्धा थे, बल्कि वे एक समाज सुधारक, इतिहासकार, लेखक और दूरदर्शी राजनेता भी थे। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई और आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेल्युलर जेल में बिताए गए सावरकर जी के कठोरतम वर्ष उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मानसिक दृढ़ता के प्रमाण हैं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे वीर सावरकर के विचारों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हुए आगे बढ़ें। वीर सावरकर का जीवन हर भारतीय के लिए आत्मबलिदान, समर्पण और देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।
युक्तियुक्तकरण से शिक्षा होगी बेहतर, समावेशी और प्रभावशालीः सीएम साय
Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा।
तेज रफ्तार का कहर, मवेशी को रौंदते हुए सड़क पर पलटी कार, चालक फरार
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार की रात तेज रफ्तार कार ने पहले एक मवेशी को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार चला रहा युवक नशे की हालत में था। हादसे के बाद वह कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
यह दर्दनाक घटना तिफरा के पास नेशनल हाईवे पर हुई है, जो सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में आता है। फिलहाल पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने 28 नवीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर, तेलीबांधा रायपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देने की साथ ही उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिले इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी।
मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण हेतु उपलब्ध है।
वट सावित्रीः महिलाओं ने पति के लंबी उम्र पूजा अर्चना
Raipur News: अपने पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने आज वट सावित्री का पूजन किया। यह दिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है इस दिन पतिव्रता सावित्री देवी के रूप में मनाया जाता है। राजधानी के लगभग सभी मोहल्लों में स्थित वट के वृक्ष के नीचे महिलाएं पूजा करती नजर आई।
इस दिन मृत्यु देव ने पतिव्रता सावित्री के पति की प्राण हरण करना चाहा लेकिन भारतीय नारी की प्रेम के आगे सावित्री ने यमदूत से अपने पति की जीवन वापस ले लिए। इस वजह से भारतीय नारी आज भी वट सावित्री की पूजा करती है, और अपने पति की दीर्घायु की कामना करती है।
वट सावित्री व्रत सौभाग्य और संतान सुख देने वाला व्रत है इस व्रत में वट और सावित्री दोनों का विशेष महत्व माना गया है पुराणों में पीपल की तरह वट वृक्ष की विशेष महता है।
गौ साधक रामजीलाल अग्रवाल का जीवन सभी समाजों के लिए रहा प्रेरणास्पद
Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी में अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर वर्तमान काल तक जिन-जिन व्यक्तित्वों को सामाजिक सफलता का प्रतीक माना गया, उनमें आदर्श उदाहरण रहे- रामजीलाल अग्रवाल। जीवन पर्यंत जिन्होंने पीड़ित मानवता के कल्याण की अपनी राह नहीं छोड़ी। टीबा बसाई झुंझनू, राजस्थान से आकर वे छत्तीसगढ़ के रायपुर में रच बस गए और इस माटी के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। आज 96 वें वर्ष उन्होंने अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर मोक्ष की यात्रा अंगीकार कर ली। ऋषि तुल्य गौ साधक रामजीलालजी ने जितना जीवन जीया वह केवल अग्रवाल सभा के लिए ही नहीं, अन्य समाजों के लिए भी प्रेरक बना रहा। एक व्यक्ति अपने जीवन में परिवार सहित समाज के कल्याण की खातिर किस हद तक सोच सकता है वे इसका अतुलनीय उदाहरण थे। सही मायनों में अनथक कर्म योगी। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान उन्हें वरिष्ठ समाजसेवी, गौसेवक के रूप में पहचानता था। अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक तो वे थे ही। इन सबके पहले एक विशाल कुटुम्ब को संभालने वाले आदर्श परिवार के मुखिया भी थे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पिता वरिष्ठ समाज सेवी, गौ सेवक, और अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक स्वर्गीय रामजीलाल अग्रवाल आज पंच तत्व में विलीन हो गए। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। उनके पार्थिव शरीर को सर्वप्रथम मौहदापारा गौ आश्रम ले जाया गया, जहां गौ सेवकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत उन्हें रामसागर पारा स्थित उनके पुराने निवास पर ले जाया गया, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने भी नम आंखों से विदाई दी। इसके बाद अंतिम यात्रा मारवाड़ी श्मशान घाट पहुंची, जहाँ विधिपूर्वक उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, मंत्री रामविचार नेताम, टंकराम वर्मा, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, इंद्र देव राय, संतोष बाफना, विकास उपाध्याय, निगम मंडल आयोग के अध्यक्षगण, राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मन की बात में प्रधानमंत्री ने किया छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का जिक्र
दुर्ग में लाइफस्टाइल क्लीनिक रोगों की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य का नया माध्यम बना
Raipur News: रोगों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के अंतर्गत देशभर लाइफस्टाइल क्लीनिकों की स्थापना करने के लिए सराहनीय पहल की है। इसी के अंतर्गत अप्रैल माह में दुर्ग में मोहनलाल बाकलीवाल शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में एक लाइफस्टाइल क्लीनिक का आरंभ किया गया। एक माह के अंदर ही इस क्लीनिक में मरीजों की भीड़ लगने लगी है।
राष्ट्रीय आयुष मिशन की एक समीक्षा बैठक रायपुर में हुई, उसके बाद केंद्रीय आयुष विभाग के अधिकारियों ने चुनिंदा पत्रकारों के साथ दुर्ग के इस मोहनलाल बाकलीवाल शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय को भेंट देकर उसके कार्यान्वयन की समीक्षा की।
इन अधिकारी एवं पत्रकारों को जानकारी देते हुए आयुष विभाग के सह निदेशक डाक्टर सुनील दास ने बताया कि, यह लाइफस्टाइल क्लीनिक मरीजों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। जहाँ मरीजों को आहार, दिनचर्या, योग अभ्यास और तनाव प्रबंधन तकनीकों के बारे में संरचित मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। प्रारंभिक लाभार्थियों ने अपने ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर में सुधार और संपूर्ण ऊर्जा व मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि, यह क्लीनिक विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड विकार, मोटापा, तनाव और जोड़ों के दर्द जैसे जीवनशैली जनित रोगों के उपचार हेतु आयुर्वेद, योग, आहार परामर्श और जीवनशैली प्रबंधन के माध्यम से सेवा प्रदान करता हैं
दास ने कहा कि, इस क्लिनिक में बुजुर्गों के अलावा युवा भी लक्षणीय मात्रा में आते है। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण ये रोग आज युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली जहां केवल लक्षणों के उपचार पर केंद्रित होती है, वहीं यह लाइफस्टाइल क्लीनिक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है, जो कि मूल कारण की पहचान, व्यक्तिगत जीवनशैली में बदलाव, प्राकृतिक उपचार और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देता हैं। उन्होंने कहा कि, उपचार के लिए इस क्लीनिक में योग्य आयुर्वेद चिकित्सक, योग विशेषज्ञ और प्रशिक्षित परामर्शदाता नियुक्त किए गए हैं।
लाइफस्टाइल क्लीनिक आवश्यकता बताते हुए सहायक निदेशक डॉक्टर गजेंद्र बघेल ने कहा कि, इस क्लीनिक द्वारा बिना चीरफाड़ के सस्ता और प्रभावी इलाज किया जाता है, रोग होने से पहले ही बचाव पर बल दिया जाता है और दीर्घकालिक दवाओं पर की निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाता है। निरंतर स्वास्थ्य अभ्यासों से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने का तथापि आधुनिक परिवेश में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस समय इस क्लीनिक में उच्च रक्तचाप (Hypertension), टाइप 2 मधुमेह (Diabetes Mellitus), थायरॉइड विकार, मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम, तनाव, अनिद्रा और मानसिक रोग, जोड़ों का दर्द, गठिया व अन्य अस्थि-संवंधी समस्याएं पर उपचार होता है।
दुर्ग और नजदीक की जनता को आवाहन करते हुए डाक्टर सुनील दास ने कहा कि, जीवनशैली जनित बीमारियों से पीड़ित लोगों ने इस लाइफस्टाइल क्लीनिक में अवश्य जाना चाहिए और अपने जोखिम कारकों की जांच कर प्राकृतिक उपचार और स्वस्थ जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाना चाहिए। लोग क्लीनिक के नियमित योग सत्रों, स्वास्थ्य शिविरों और परामर्श में भाग लेकर अपने दीर्घकालिक रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि, आज जीवनशैली में छोटा सा बदलाव, कल एक रोगमुक्त जीवन की गारंटी बन सकता है।
रायपुर में चिन्हित किया गया कोरोना संक्रमित मरीज... स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
Raipur News: देश के कई इलाकों में कोरोना के बढ़ते संक्रमितों के बीच राजधानी रायपुर में संक्रमित मरीज़ चिन्हित किया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी ने इस मामले की पुष्टि की है।
बता दें कि संक्रमित मरीज़ को MMI नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहाँ उसका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। मरीज को सिंगल वार्ड में रखा गया है और इलाज की अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मीनगर, पचपेड़ी नाका निवासी यह व्यक्ति सर्दी-खांसी के रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचा था। लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों को कोरोना की आशंका हुई, जिसके बाद उसका सैंपल लिया गया। रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद तुरंत उसे आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने भी मरीज के संक्रमित होने की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीज के परिजनों का सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, हाल के दिनों में मरीज़ के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है।
गौर करने वाली बात यह है कि मरीज की किसी अन्य राज्य की यात्रा का कोई इतिहास नहीं है, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि संक्रमण स्थानीय स्तर पर फैला हो सकता है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, भीड़-भाड़ से बचें और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाँच कराएँ।
नौतपा के एक दिन पहले राजधानी में बारिश... शाम को भी हो सकती है बारिश
रायपुर के समाजसेवी और गोसेवक रामजीलाल अग्रवाल जी का निधन
रायपुर। राजधानी रायपुर के वरिष्ठ समाजसेवी और गोसेवक रामजीलाल अग्रवाल को 96 वर्ष की आय़ु में निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा रविवार 25 मई को सुबह 10 बजे मौलश्री विहार, रायपुर से मारवाड़ी शमशान घाट के लिए निकलेगी। सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते सहित पूरी कार्यकारिणी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। काले ने कहा कि रामजी अग्रवाल समाजसेवा की बड़ी मिसाल है। जनसेवा के साथ गोसेवा के लिए उन्होंने बड़ा काम किया।
समाजसेवी रामजीलाल अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक थे। वे सावित्री देवी अग्रवाल, गोपालकृष्ण अग्रवाल, सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अग्रवाल सभा रायपुर के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यशवंत अग्रवाल के पिता, विष्णु अग्रवाल के भाई, पूरनलाल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल के चाचा एवं देवेंद्र अग्रवाल, गणेश अग्रवाल के ताऊजी थे।
श्री रामजीलाल अग्रवाल जी की अंतिम यात्रा 25 मई 2025 रविवार को सुबह 10 बजे रामजी वाटिका मौलश्री विहार, वि.आई.पी. रोड, रायपुर से निकलेगी। अंतिम संस्कार मारवाड़ी शमशान रायपुर घाट में संपन्न होगा। उनके निधन से राजनीतिक जगत, व्यापारियों और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।
दुर्घटना में घायल मरीजों को डेढ़ लाख रुपए तक का मिलेगा निःशुल्क इलाज
Raipur News: सड़क दुर्घटना होने वाले पीडितों के लिए भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025 शुरू किया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को नकदी रहित मुफ्त उपचार की व्यवस्था होगी। इसमें किसी भी पीड़ित परिवार को 7 दिन की अवधि के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से संबद्ध हास्पिटल में डेढ़ लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।
जायसवाल ने बताया कि ये निःशुल्क इलाज एक व्यक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपए तक होगा। यानी अगर एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, दुर्घटना में 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है। यानी आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृति किसी भी अस्पताल में नई योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का का निः शुल्क इलाज के लिए पात्र होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान योजना संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है, लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके। जायसवाल ने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस जन हितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
बोर्ड परीक्षा में खराब रिजल्ट वाले स्कूल के 40 प्राचार्यों को नोटिस… जवाब के बाद होगी कार्रवाई
Raipur News: बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूल के 40 प्राचार्यों को संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर ने नोटिस जारी किया है। परीक्षा परिणामों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई है। प्राचार्यों से नोटिस में अलग-अलग बिंदुओं पर जवाब मांगा है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो बड़ा एक्शन होगा।
नोटिस में स्कूल प्रमुखों से जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। उन बिंदुओं में 2024-25 सत्र के मूल्यांकन टेस्ट, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम की जानकारी मांगी गई है। इस दौरान यह भी डाटा मांगा गया है कि किस विषय के टीचर का कैसी रिपोर्ट है। उसके विषय का रिजल्ट कितने प्रतिशत रहा, ये सब जानकारी नोटिस में मांगी गई है।
इन प्रमुख बिंदुओं पर भी मांगी जानकारी
कमजोर परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई, की जानकारी। कमजोर छात्रों की पहचान और उनके लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था। लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के संबंध में की गई कार्यवाही। शिक्षकों द्वारा जांची गई कॉपियों और प्राचार्य द्वारा किए गए पुनर्निरीक्षण का विवरण। प्राचार्य एवं शिक्षकों के निवास स्थान और स्कूल से दूरी। शिक्षकों द्वारा लिए गए अवकाश का ब्यौरा। सत्र 2024-25 में विद्यालय का किस अधिकारी ने निरीक्षण किया। शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग ने स्कूलों की जवाबदेही तय करने के लिए यह कदम उठाया है। खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों को सुधार के लिए तत्काल कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मराठा समाज द्वारा आयोजित आर्टशाला शिविर का समापन.. बच्चों को किया गया पुरस्कृत
रायपर। छत्रपति संभाजी महाराज जन्म जयंती (मराठा युवा दिवस) के अवसर पर मराठा समाज रायपुर द्वारा निः शुल्क 5 दिवसीय समर कैंप (आर्ट शाला 2025) का समापन एवं पुरस्कार वितरण मराठा बोर्डिंग बूढ़ापारा रायपुर में हुआ। जहां मराठा समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरूण घाटगे, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र डुकरे, युवा जनपद पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाडिक के कर कमलों द्वारा शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस पांच दिवसीय शिविर की प्रशिक्षिका ज्योति पवार, प्रीति फरताड़े, अपर्णा चौहान को महासचिव विनोद मांढरे एवं सचिव शरद फरताड़े द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इन पांच दिनो में प्रतिभागियों को निःशुल्क ड्राइंग,पेंटिंग, लिपनआर्ट,कोल्ड कुकिंग, मेहंदी,डांस के साथ ही साथ शिष्टाचार एवं संस्कार भी सिखाया गया जहां पर मराठा समाज द्वारा सभी प्रतिभागियों को उपयोग में लगने वाले सभी सामग्री भी निः शुल्क प्रदान किए गए थे।
मराठा समाज रायपुर द्वारा पहली बार आयोजित किए गए इस शिविर में 96 प्रतिभागियों ने एक साथ भाग लेकर शिविर को सफल बनाने के साथ ही साथ इतिहास भी रच दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्मकाल में बच्चों के स्कूलों की अवकाश लगने पर समय का सदुपयोग करना था। जहां बच्चे मोबाइल के साथ सारा दिन व्यस्त रहते हैं उसके बदले आर्ट सीखने से उन्हें कार्य कुशलता आ सकी जिसकी सराहना प्रतिभागी बच्चों के सभी अभिभावकों ने की एवं मराठा समाज रायपुर का आभार जताया और इस प्रकार के शिविर लगाते रहने की बात भी कही।
इस समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मराठा मित्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष लोकेश पवार, कोषाध्यक्ष हेमराव सिरगिरे, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र डुकरे, प्रदेश महासचिव महेन्द्र जाधव, अतुल चौहान, जेएन कदम, मराठा युवा समाज के संरक्षक राहुल डुकरे, नीरज इंग्ले, महासचिव मनीष भोंसले, सौरभ बाकरे, शिशिर सुरोशे, हर्ष चव्हाण, गणेश जाधव, संजू राव, रितिक राव, महेन्द्र कांगले, रविकांत शिंदे, अभिजीत जाचक, विनम्र फरताडे, हेमंत मोहिते, ब्रवीन सोलंके, मारुति राव, हर्षद अढ़ाऊ, विनायक ढिगे प्रियंका घाटगे, हर्षा डुकरे, हेमा ढिगे एवं मराठा मित्र मंडल, मराठा युवा समाज, महिला मंडल रायपुर के साथ साथ छत्तीसगढ़ मराठा समाज के पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 5 अमृत स्टेशनों का किया उद्घाटन
युक्तियुक्तकरण से न तो स्कूल बंद होंगे और न ही पद समाप्त होंगे... 4 हजार स्कूल बंद होने की बात पूरी तरह भ्रामक
Raipur News: छत्तीसगढ़ में विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण को लेकर कुछ शैक्षिक संगठनों प्रश्नों और भ्रांतियां का शिक्षा विभाग ने ठोस तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने बताया है कि न तो किसी स्कूल को बंद किया जा रहा है, न ही शिक्षकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण की यह प्रक्रिया पूरी तरह शिक्षा के अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की न्यायसंगत ढंग से उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
शिक्षा विभाग ने विषय के बजाय कालखंड आधारित गणना से 5000 व्याख्याता अतिशेष होने के दावे को भ्रामक बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषय के आधार पर ही पद स्वीकृत हैं। यदि किसी विद्यालय में किसी विषय का एक ही व्याख्याता कार्यरत हैं, तो उन्हें किसी भी स्थिति में ‘अतिशेष’ नहीं माना जा रहा है। केवल उन्हीं स्कूलों की समीक्षा की जा रही है, जहां एक ही विषय में एक से अधिक व्याख्याता कार्यरत हैं या जिन विषयों में छात्र हैं ही नहीं, जैसे कि किसी विद्यालय में कॉमर्स के विद्यार्थी नहीं होने पर वहां के कॉमर्स व्याख्याता को दूसरे विद्यालय में पदस्थ किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि कुछ संगठनों द्वारा राज्य में युक्तियुक्तकरण से 4000 विद्यालय बंद होने की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। विभाग ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार क्लस्टर विद्यालयों की अवधारणा के तहत केवल एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों का प्रशासनिक समायोजन किया जा रहा है। इससे कोई विद्यालय बंद नहीं होगा, और न ही किसी प्रधान पाठक का पद समाप्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल संसाधनों और प्रशासनिक संरचना को बेहतर बनाना है।
राज्य में 43849 शिक्षक पद समाप्त होने के दावें को भी शिक्षा विभाग ने तथ्यहीन बताया है। शिक्षा विभाग ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि वास्तविकता यह है कि गणना के अनुसार केवल 5370 शिक्षक (3608 प्राथमिक स्तर के सहायक शिक्षक और 1762 पूर्व माध्यमिक शिक्षक) ही दर्ज संख्या के अनुपात में अतिशेष पाए गए हैं। ये शिक्षक केवल अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाएंगे। किसी भी पद को समाप्त नहीं किया जा रहा है, बल्कि सभी स्वीकृत पद भविष्य में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की स्थिति में जीवित रखे जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना, जरूरत वाली शालाओं में शिक्षक उपलब्ध कराना और शिक्षा प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाना है। शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को समुचित शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।
छत्तीसगढ़ के इन 5 नए जिलों को वाहनों के पंजीयन कोड आबंटित
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 5 नए जिलों को वाहनों के पंजीयन कोड आबंटित कर दिये हैं। इसकी अधिसूचना परिवहन विभाग छग शासन ने राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी को सीजी 32, सारंगढ़ बिलाईगढ़ को सीजी 33, खैरागढ़ छुईखदान गंडई को सीजी 34, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर को सीजी 35 और सक्ती जिले को सीजी 36 कोड संख्या आबंटित की गई है।