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पद्म पुरस्कार वर्ष 2025 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित.. जानिए कब तक और कैसे करें आवेदन
रायपुर। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा साहित्य, संस्कृति एवं कला आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों एवं योगदान के लिए दिए जाने वाले “पद्म विभूषण” तथा “पद्म श्री” पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।
पद्म पुरस्कार श्रृंखला के अन्तर्गत उक्त क्षेत्रों में दिए जाने वाले पुरस्कारों के लिए योग्य एवं पात्र व्यक्तियों के नामांकन की जानकारी प्रस्तुत करने हेतु ऑनलाईन https://awards.gov.in के माध्यम से 15 सितम्बर 2024 तक एवं निर्धारित प्रपत्र में स्पष्ट पूर्ण रूप से भरे गए प्रस्ताव सहित आवेदन पत्र दिनांक 25 अगस्त, 2024 तक संचालक, संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, सेक्टर-27, नवा रायपुर अटल नगर, छ.ग. को प्रेषित किया जा सकता है।
सरकारी कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी... जल्द लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग
नईदिल्ली। रविवार को राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। पीएम मोदी के साथ ही सारे मंत्रियों ने भी कैबिनेट पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के बाद देश में अहम मुद्दों पर चर्चा होनी शुरू हो गई है। सूचना मिली है कि केंद्र सरकार जनवरी 2026 में 8वां वेतन आयोग लागू कर सकता है। हर 10 साल में केंद्र सरकार नया वेतन आयोग लागू करती है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी, 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू किया था। ऐसे में नई सरकार जल्द ही नया वेतन आयोग लागू करने की योजना बना सकती है।
केंद्र सरकार में करीब एक करोड़ से भी ज्यादा सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारी है। इन कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के गठन होने का सबसे ज्यादा इंतजार है। 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के संबंध में सरकार को सिफारिश सौंपता है। जनवरी 2026 से कर्मचारियों की सिफारिशें 8वें वेतन आयोग को सौंपी जा सकती है। बता दें कि जनवरी, 1946 में पहले वेतन आयोग की स्थापना की गई थी।
8वें वेतन आयोग का गठन होने के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को लाभ होगा। 8वें वेतन आयोग के गठन से कुल 49 लाख सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी में इजाफा हो सकता है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 3.68 गुना पर फिटमेंट फैक्टर सेट किया जा सकता है। जिन सरकारी कर्मचारियों का वेतन 18,000 है, उनकी सैलरी में फिटमेंट फैक्टर लगाने के बाद उनकी सैलरी 8,000 हजार रुपये से बढ़ सकती है और उनका कुल वेतन 26,000 रुपये हो सकता है।
नई सरकार आने के बाद से ही सरकार से नीतियों में बदलाव की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई भी सूचना नहीं मिली है जिससे पता चले कि सरकार 8वां वेतन आयोग लागू करेगी। केंद्र सरकार ने पिछले दिसंबर को ही 8वें वेतन आयोग को लेकर अपने रुख को साफ कर दिया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नई सरकार काम संभालने के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर जल्द ही कोई फैसला ले सकती है।
7वें वेतन आयोग के गठन से फिटमेंट फैक्टर 2.57 फीसदी बढ़ा था, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में 14.29 फीसदी की बढ़त हुई थी। कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी भी 18,000 रुपये कर दी गई थी। 8वें वेतन आयोग के गठन से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने वाले लाभ बढ़ जाएंगे।
समाज के सेवक हैं, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय अधिकारी-कर्मचारी इस भावना से कार्य करें कि वे सरकार के नहीं समाज के सेवक हैं। उनकी कार्यशैली में मानवीयता व संवेदना का सदैव प्रकटीकरण होना चाहिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को प्राप्त अधिकार जन-आकांक्षाओं और जनहित की पूर्ति के लिए हैं और उनकी जनता के प्रति जबावदारी है। शासकीय सेवा बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करती है साथ ही यह परीक्षा भी लेती है।
आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 बैच का राज्य प्रशिक्षण कार्यक्रम, भारतीय वन सेवा 2022 बैच का आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम और राज्य सिविल सेवा 2019-20 बैच का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जून से आरंभ हो रहा है। प्रशासन अकादमी में कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन तथा महानिदेशक प्रशासन अकादमी विनोद कुमार, अपर मुख्य सचिव वन जे.एन. कंसोटिया, सचिव सामान्य प्रशासन जी.वी. रश्मि तथा संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशासन अकादमी के संकल्प गीत का गायन भी हुआ। शुभारंभ अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं ने अपना परिचय दिया।
बोलेरो और कार की जोरदार भिड़ंत, 4 यूट्यूबर्स की मौत... दो लोग हुए घायल
डेस्क। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 9 जून की देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। यह हादसा स्टेट हाइवे गजरौला संभल मार्ग पर दो बेकाबू कारों के आमने-सामने की ज़ोरदार टक्कर से हुआ। इस दुर्घटना में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में मनौटा पुल पर हुआ। यहां पर दो बेकाबू कारों की भिड़ंत हो गई। जिसमे 4 की मौत व 2 लोग घायल हो गए। जिन चार लोगों की मौत हुई, उन्हें यू-ट्यूबर बताया जा रहा है चारों यू-ट्यूबर हसनपुर से बर्थडे पार्टी मनाकर अपने घर जा रहे थे। घटना के बाद मौक़े पर ही भीड़ जमा हो गई। लोगों ने दुर्घटना का शिकार हुए लोगों को CHC गजरौला पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टर ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार वालों और पुलिस अफ़सरों तक ख़बर पहुंचाई गई, जिसके बाद वो मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है। बताया गया कि हादसे में मारे गए युवक एर्टिगा कार से बर्थडे मनाकर लौट रहे थे। इस दौरान सामने से आ रही बोलेरो कार से उनकी टक्कर हो गई। मारे गए चारों यू-ट्यूबर्स के यू-ट्यूब चैनल का नाम Round 2 World बताया जा रहा है, जिसमें वो कॉमेडी वीडियो बनाया करते थे। उनके यू-ट्यूब चैनल को 2.06 मिलियन लोगों ने सब्सक्राइब कर रखा है।
मोदी-3.0: शपथ ग्रहण के बाद मोदी कैबिनेट के इस सांसद ने जताई मंत्री पद छोड़ने की इच्छा
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 9 जून को 71 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दूसरे दिन केरल से बीजेपी की टिकट पर पहली बार जीतकर संसद पहुंचे सुरेश गोपी ने मंत्री पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। सुरेश गोपी ने कहा कि मैंने अभी कई फिल्में साइन की है। ऐसे में इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ नहीं कर पाउंगा। हालांकि पूरी निष्ठा के साथ त्रिशूर के सांसद के तौर पर काम करता रहूंगा।
सुरेश गोपी ने कहा, ‘मेरा मकसद सांसद के रूप में काम करना है। मैंने कुछ नहीं मांगा, मैंने कहा था कि मुझे इस पद की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि मैं जल्द ही पद से मुक्त हो जाऊंगा। त्रिशूर के मतदाताओं से कोई दिक्कत नहीं है। वे यह जानते हैं और एक सांसद के रूप में मैं उनके लिए वास्तव में अच्छा कार्य करूंगा. मुझे किसी भी कीमत पर अपनी फिल्में करनी हैं।
सुरेश गोपी मूल रूप से केरल के अलप्पुझा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1958 में हुआ है। उन्होंने एक बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में काम करना शुरू किया था। सुरेश ने कई फिल्मों में मुख्य भूमिका भी निभाई है। 1998 में आई फिल्म कलियाट्टम के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है।
भारत निर्वाचन आयोग ने 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का एलान किया
नई दिल्ली | भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में 13 विधानसभा क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है। चुनाव 10 जुलाई को कराये जायेंगे और मतगणना 13 जुलाई को होगी। चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने यह घोषणा की।
मध्य प्रदेश से अमरवाड़ा की सीट के साथ इन सभी सीटों पर उपचुनाव होगा। एमपी विधानसभा क्रमांक 123 की यह सीट कमलेश प्रताप शाह के इस्तीफे के बाद से रिक्त है। छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक कमलेश शाह ने पिछले दिनों इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से यह सीट खाली घोषित कर दी गई थी।
तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही देशभर के किसानों को दी बड़ी सौगात : 9.3 करोड़ किसानों के खातों में आएंगे 20,000 करोड़
नई दिल्ली | 9 जून 2024 को लगातर तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार 10 जून को अपना पदभार संभाल लिया। पदभार संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री किसान निधि की 17वीं किस्त जारी करने की फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं। पीएम मोदी के इस फैसले से 9.3 करोड़ किसानों के बैंक खातों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये आएंगे।
तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है | पीएम मोदी ने सोमवार 10 जून को किसान सम्मान निधि की किस्त जारी करने को लेकर फाइल पर साइन किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री किसान निधि की 17वीं किस्त जारी करने की फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे 9.3 करोड़ किसानों को लाभ होगा और लगभग 20 हजार करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे।
फाइल पर साइन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसानों के कल्याण को लेकर वे प्रतिबद्ध हैं। हम किसानों के कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहते हैं। इसको लेकर हमारी सरकार लगातार काम कर रही है और करती रहेगी।
जहां रेत खनिज उपलब्ध और खदान के रूप में घोषित नहीं है 15 जुलाई तक खदान घोषित किया जाए
भोपाल। जिन क्षेत्रों में रेत खनिज उपलब्ध है और उन्हें अब तक खदान के रूप में घोषित नहीं किया गया है ऐसे सभी क्षेत्रों को 15 जुलाई तक खदान घोषित किए जाने के निर्देश सभी कमिश्नर-कलेक्टर्स को दिये गए हैं। प्रमुख सचिव खनिज निकुंज श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर-कलेक्टर्स इस संबंध में निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण करने के निर्देश दिये गये हैं।
प्रमुख सचिव ने कहा कि कलेक्टर्स को अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोकथाम के निर्देश और मार्गदर्शन दिया गया है। पानी के भीतर किसी भी प्रकार के उत्खनन को सख्ती से रोका जाये। साथ ही उपयुक्त स्थानों पर जाँच चौकियों की स्थापना एवं मानसून के दौरान निर्माण कार्यों को जारी रखने के लिये रेत भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था बनाये रखने के लिये कहा।
प्रमुख सचिव ने कहा कि खनिज साधन विभाग द्वारा अवैध उत्खनन एवं भण्डारण की रोकथाम के लिये Geo Spatial Technology का उपयोग कर खनन निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है। इस प्रणाली के अंतर्गत खदानों को जियो टैग कर सेटेलाइट इमेजेस एवं रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी की सहायता से प्रदेश में हो रहे अवैध उत्खनन एवं भण्डारण पर निगरानी रखी जायेगी। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली खाद्यान्न के क्षेत्र के बाहर हो रहे अवैध उत्खनन का पता लगाने में सक्षम होगी।
प्रमुख सचिव ने कहा कि खनन निगरानी प्रणाली के अंतर्गत एक निश्चित समय अंतराल पर सतत रूप से प्राप्त सेटेलाइट इमेजेस का विश्लेषण कर सिस्टम द्वारा राज्य एवं जिला प्रशासन को अलर्ट भेजा जायेगा। क्षेत्रीय अमले द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से परीक्षण/निरीक्षण कर रिपोर्ट पोर्टल/मोबाइल एप पर दर्ज कर प्रकरण पंजीकृत किया जायेगा। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर खदान या उसके बाहर ड्रोन सर्वे कर वास्तविक उत्खनित मात्रा का पता लगाकर दोषियों पर कार्यवाही कर अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा। यह प्रणाली मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही है। यह प्रणाली पूरे प्रदेश में सितम्बर-2024 तक प्रभावी रूप से लागू कर दी जायेगी।
महाराणा प्रताप घास की रोटी खाकर स्वाभिमान के साथ जिये…. उन्होंने कभी स्वतंत्रता के साथ नहीं किया समझौता
भोपाल। तमाम तरह के मुगल आक्रमण के बाद भी महाराणा प्रताप घांस की रोटी खाकर स्वाभिमान के साथ जिये, पर उन्होंने कभी स्वतंत्रता के साथ समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में महाराणा प्रताप की जन्म जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन जितना पढ़ो उतना कम है। महाराणा प्रताप जीते-जी किवदंती बन गये। वे जब युद्ध में 76 किलो का कवच, 80 किलो का भाला और 2 तलवार लेकर जब उतरते थे, तो उनके सामने मुकाबला करने से हर दुश्मन कतराता था। महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक से भी उनकी मित्रता का उदाहरण दुनिया में आज भी अद्वितीय है। तमाम प्रकार के मुगलों के आक्रमण एवं आतंक के बाद भी महाराणा प्रताप घास की रोटी खाकर स्वाभिमान के साथ जिये, लेकिन उन्होंने स्वतंत्रता के साथ समझौता नहीं किया। ऐसे शूरवीर महापुरूष महाराणा प्रताप की जन्म जयंती आज हम मना रहे हैं, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आर्मी में नायक के पद पर तैनात मेवाड़ा समाज के शहीद के स्मारक बनाने सहित छात्रावास की भूमि, महाराणा प्रताप की प्रतिमा की स्थापना एवं चौराहे का नामकरण किया जायेगा। जो भी मांगे रखी गई हैं, उन्हें प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेवाड़ा समाज की पत्रिका प्रताप वार्ता का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज "जल गंगा संवर्धन" अभियान के तहत शाजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतो में किए गए उत्कृष्ट कार्य की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतो के कार्य की प्रशंसा भी की। उल्लेखनीय है कि 5 जून से 16 जून गंगा दशहरा तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से नदी, नालों और ऐतिहासिक एवं पारम्परिक जल संरचनाओं, तालाब, झील, कुंआ, बावड़ी आदि के संरक्षण, पुनर्जीवन के लिए कार्य किया जा रहा है तथा उनकी साफ-सफाई गहरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा : प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत-नेपाल संबंध मजबूत होंगे
नई दिल्ली | रविवार शाम को प्रधानमंत्री मोदी का शपथ ग्रहण समारोह हुआ और उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों और हिंद महासागर के देशों के राष्ट्र प्रमुखों को आमंत्रित किया गया था। इनमें नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड भी शामिल हुये | शपथ ग्रहण के बाद पुष्प कमल दहल प्रचंड ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि, उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत - नेपाल के संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे और लगातार मजबूत होंगे।
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि नरेंद्र मोदी जी के साथ बैठक हुई | उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार तीसरे कार्यकाल की बधाई दी मैंने। हमारे बीच रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई और साथ ही दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया गया | उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत - नेपाल संबंध और ज्यादा समृद्ध होंगे। साल 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों को प्राथमिकता दी है। नेपाल की बात करें तो बीते कुछ वर्षों में भारत और नेपाल के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ा है और प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल में भी इसके बढ़ने की उम्मीद है।
नेपाल की सरकार की कोशिश है कि भारत के साथ ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहयोग बढ़ाया जाए और भारतीय कंपनियां नेपाल में निवेश भी करें। इन दिनों नेपाल आर्थिक तौर पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में उसकी इच्छा है कि बड़ी आर्थिक ताकत जैसे भारत उनके वहां निवेश को लेकर आगे बढे । नेपाल की वामपंथी सरकार अक्सर भारत पर उसके आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाती रही है। खासकर वामपंथी सरकार में नेपाल में भारत के खिलाफ प्रौपेगेंडा बढ़ा है, लेकिन भारत की तरफ से कोई कड़ी प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। नेपाल की चीन से बढ़ती नजदीकी भी भारत सरकार के लिए चिंता का विषय है।
प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ ही श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, सेसेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद रहीं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में विदेशी मेहमानों के सम्मान में भोज दिया गया, जिसमें पीएम मोदी ने सभी राष्ट्रप्रमुखों से बातचीत की।
भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के निर्वाचित सदस्यों के नाम घोषित कर दिए गये हैं
नई दिल्ली | न्यायमूर्ति आशा मेनन (सेवानिवृत्त), न्यायालय आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी ने 9 जून 2024 को भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के निर्वाचित सदस्यों के नाम घोषित कर दिए। भारतीय पशु चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1984 (1984 के 52) की धारा 3 (3) एवं धारा 64 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद नियम, 1985 के नियम 15 के उप-नियम (3) के साथ पठित, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद में 11 सदस्यों के लिए चुनाव 8 जून 2024 हुआ था।
यह चुनाव पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए विकसित ई-वोटिंग पोर्टल (https://evotevci.dahd.gov.in) के माध्यम से आयोजित किया गया था। भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के सदस्यों के लिए मतदान 8 जून 2024 आयोजित किया गया था।
36,000 से अधिक पंजीकृत पशु चिकित्सक इस पोर्टल का उपयोग करके अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके और इन लोगों ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की इस पहल की सराहना की है, जिसने बिना किसी परेशानी के अधिकतम मतदाताओं को सक्षम बनाने के लिए एक उपयोगकर्ता अनुकूल पोर्टल विकसित किया है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग परिषद के ग्यारह सदस्यों को चुनने के लिए तीन साल में एक बार चुनाव आयोजित करता है। इस परिषद में मनोनीत सदस्य भी होते हैं।
भाजपा ने राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को बनाया ओडिशा का ऑब्जर्वर... सीएम की दौड़ में ये नाम शामिल
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद भाजपा ने ओडिशा में के लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को ऑब्जर्वर नियुक्त कर ओडिशा भेजा है। बतादें कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 147 सीटों में से 78 सीटें जीत ली हैं।
राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाने की लिए बीजेपी ने एक बयान में कहा है कि पार्टी के संसदीय बोर्ड ने राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है ताकि वे राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया की निगरानी कर सकें। यह दोनों नेता विधानसभा चुनावों में सक्रिय रूप से शामिल थे और अब मुख्यमंत्री पद के लिए सही उम्मीदवार का चयन करेंगे।
ओडिशा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 जून को होगा। बीजेपी नेता जतिन मोहंती और विजयपाल सिंह तोमर ने इसकी पुष्टि की है। मोहंती ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धताओं के कारण शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित किया गया है। नवनिर्वाचित सदस्यों की पहली विधायक दल की बैठक अब 11 जून को निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक सुरेश पुजारी नई दिल्ली पहुंचे हैं, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे सीएम पद की रेस में हैं। 2019 के चुनावों में बरगढ़ से लोकसभा चुनाव जीतने वाले पुजारी ने हाल ही में ब्रजराजनगर विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। उनके समर्थकों का मानना है कि उन्हें केंद्रीय नेताओं के साथ चर्चा के लिए नई दिल्ली बुलाया गया है।
वहीं सीएम के चुनाव के लिए ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल से ये सवाल पूछने कि क्या वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, सामल ने स्पष्ट किया, “मैं सीएम पद की रेस में नहीं हूं… मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं बस उसे पूरा कर रहा हूं।” गौरतलब है कि सामल चांदबली सीट से विधानसभा चुनाव हार गए थे।
मोदी 3.0- ईश्वर के नाम की मोदी ने ली शपथ... शाह, शिवराज, नड्डा सहित 72 मंत्रियों ने ली शपथ
नईदिल्ली। लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद भारत में नई सरकार गठित हो गई है। प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार शपथ ली है। उनके बाद राजनाथ सिंह और अमित शाह ने भी शपथ ग्रहण किया। 2019 में भी इसी क्रम में शपथ ग्रहण हुआ था। कुल 72 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ संसदीय क्षेत्र बिलासपुर के नवनिर्वाचित सांसद तोखन साहू NDA मंत्रिमंडल में जगह मिली है. इसके बाद बिलासपुर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और तोखन साहू के समर्थकों में उत्साह का माहौल है.
देखें मोदी 3.0 कैबिनेट की पूरी लिस्ट
1. नरेंद्र मोदी- लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की. उत्तर प्रदेश के वाराणसी से तीसरी बार लोकसभा का चुनाव जीतक सांसद बने हैं.
2. राजनाथ सिंह- उम्र 72 साल, देश के गृह और रक्षा मंत्री रह चुके हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर भी रहे हैं.
3. अमित शाह- उम्र 59 साल, देश के गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष रह चुके हैं. लगातार गांधीनगर से दूसरी बार सांसद बने. चार बार गुजरात के विधायक रहे हैं. गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री भी हैं.
4. नितिन गडकरी- उम्र 67 साल, 2014 से मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं. बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. लगातार तीसरी बार महाराष्ट्र के नागपुर से चुनाव जीतकर सांसद बने हैं.
5. जेपी नड्डा- उम्र 63 साल, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. 2014 में मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे. हिमाचल सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रहे हैं.
6. शिवराज सिंह चौहान- उम्र 65 साल, पहली बार कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और मध्य प्रदेश की विदिशा से लोकसभा चुनाव जीते हैं.
7. निर्मला सीतारमन- उम्र 64 साल, पिछली सरकार में वित्त मंत्री रहीं. राज्यसभा से सांसद हैं.
8. एस जयशंकर- उम्र 69 साल, विदेश सचिव के पद से रिटायर होने के बाद देश के विदेश मंत्री बने. 2 बार राज्यसभा से सांसद चुने गए हैं.
9. मनोहरलाल खट्टर- उम्र 70 साल, पहली बार कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की. 9 साल तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व प्रचारक हैं और हरियाणा की करनाल से पहली बार सांसद चुने गए हैं.
10. एचडी कुमारस्वामी- उम्र 65 साल, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री हैं. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे हैं और वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं. तीसरी बार लोकसभा सांसद बने हैं. एनडीए के सहयोगी जनता दल सेक्युलर के नेता हैं.
11. पीयूष गोयल- उम्र 60 साल, राज्य सभा में नेता सदन रहे हैं, पहली बार लोकसभा से सांसद चुने गए हैं. इससे पहले राज्यसभा के सदस्य के तौर पर सांसद बन पिछली सरकारों में मंत्री रहे. महाराष्ट्र की मुंबई नॉर्थ सीट से सांसद चुने गए हैं.
12. धर्मेंद्र प्रधान- उम्र 54 साल, पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री रहे हैं. ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा चुनाव जीते हैं.
13. जीतनराम मांधी- उम्र 78 साल, एनडीए गठबंधन के सहयोगी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता हैं. बिहार के पूर्व मुख्यंत्री रहे हैं. दलित समुदाय से आते हैं और पहली बार सांसद बने हैं.
14. ललन सिंह- उम्र 69 साल, एनडीए के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड के नेता हैं. जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और भुमिहार समाज से आते हैं. मुंगेर से सांसद चुने गए हैं.
15. सर्बानंद सोनोवाल- उम्र 62 साल, असम के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और आदिवासी समुदाय से आते हैं. पिछली सरकार में मंत्री रहे हैं. असम के डिब्रूगढ़ से लोकसभा चुनाव जीते हैं.
16 वीरेंद्र खटीक- उम्र 70 साल, पिछली सरकार में मंत्री रहे हैं. आठवीं बार सांसद चुने गए हैं. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ सीट से चुनकर इसबार संसद पहुंचे हैं. मध्य प्रदेश में बड़े दलित नेता माने जाते हैं.
16. के राममोहन नायडू- उम्र 36 साल, आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम से सांसद हैं, पूर्व मंत्री येरेन नायडू के बेटे हैं. इसबार सबसे युवा कैबिनेट मंत्री हैं.
कश्मीर में बड़ा हादसा, तीर्थयात्रियों से भरी बस खाई में गिरी,10 की मौत, कई घायल
डेस्क। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार को संदिग्ध आतंकवादियों की गोलीबारी के बाद तीर्थयात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है। इस बारे में डीसी रियासी विशेष महाजन ने पुष्टि की।
अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी देते हुए बताया कि शिव खोड़ी मंदिर जा रहे तीर्थयात्रियों की बस पर पोनी इलाके के तेरयाथ गांव में हमला हुआ। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान शुरू किया गया और पुलिस, सेना व अर्धसैनिक बलों के जवान घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में अधिक विवरण का इंतजार है।
जाने : लोकसभा में कौन सांसद कहां बैठते है कैसे होता है तय ?
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार सरकार बनाने जा रहे हैं | नरेंद्र मोदी 9 जून की शाम को शपथ ग्रहण करेंगे | जानकारी के मुताबिक इस दौरान कैबिनेट के मंत्री और सांसद भी शपथ लेंगे | संसद में पक्ष और विपक्षी दल कहां बैठते हैं, ये कैसे तय करते है | क्या कोई सांसद कहीं पर भी बैठ सकता है | संविधान में इसके लिए भी नियम दिए गये हैं | लोकसभा में अध्यक्ष तय करते हैं कि कौन सा सदस्य कहां पर बैठेगा | संसद में पारंपरिक व्यवस्था के तहत सत्ता पक्ष के लोग एक तरफ बैठेंगे और विपक्ष के लोग दूसरी तरफ बैठते हैं |
भारतीय संविधान में लोकसभा सदस्यों की अधिकतम संख्या 552 तय की गई थी | इसमें से 530 सदस्य अलग - अलग राज्यों से चुनकर आते थे, वहीं 20 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रिजर्व रहती है | दो सीटें एंग्लो इंडियन समुदाय के लिए निर्धारित थीं, जिन पर राष्ट्रपति सदस्यों को मनोनीत करते थे | अब यह व्यवस्था खत्म हो चुकी है | अभी लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या 543 है |
लोकसभा में सामान्य तौर पर स्पीकर के दायीं ओर की कुर्सियों पर सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य बैठते हैं | वहीं विपक्षी सांसद स्पीकर के बायीं ओर की सीटों पर बैठते हैं | स्पीकर के सबसे आगे एक टेबल पर लोकसभा सचिवालय के सभी अफसर बैठते हैं, जो सदन में दिन भर की कार्यवाही का पूरा लेखा-जोखा रिकॉर्ड करते हैं |
लोकसभा में प्रक्रिया और संचालन के नियम 4 के मुताबिक लोकसभा सदस्य स्पीकर द्वारा निर्धारित किए गए, नियम के अनुसार ही बैठते हैं | इस सम्बन्ध में जरूरी निर्देश क्लॉज 122(ए) में दिए गए हैं | इसी क्लॉज से स्पीकर को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी पार्टी की लोकसभा में सीटों की संख्या के आधार उसके सदस्यों के लिए बैठने की जगह तय करता है |व्यवस्था करते समय स्पीकर इस बात का ध्यान रखते हैं कि वरिष्ठ सदस्यों को आगे की ओर बैठने की जगह मिले | चाहे वो किसी भी दल के सदस्य हो सकते हैं |
नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है | वहीं राज्यसभा में 384 सदस्य बैठ सकते हैं | लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र के लिए नये संसद भवन में एक साथ 1272 सदस्यों के बैठने की पूरी व्यवस्था हो सकती है |
वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर हुए परिसीमन पर आधारित है | उस समय से इन सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है और साल 2026 के पहले इसमें बदलाव हो भी नहीं सकता है | बढ़ती आबादी और कई राज्यों में जनसंख्या के हिसाब से लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है | इसलिए संभावना जताई जा रही है कि 2026 के बाद देश में नया परिसीमन हो और सदस्यों की संख्या बढ़े | इसीलिए नए संसद भवन में अधिक सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जिसे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है |
आईएनएस रजाली में नौसेना पायलटों की पासिंग आउट परेड
सब-लेफ्टिनेंट अनामिका बी राजीव ने ‘पहली महिला नौसेना हेलीकॉप्टर पायलट’ के रूप में स्नातक की उपाधि प्राप्त की
नई दिल्ली | 102वें हेलिकॉप्टर कन्वर्जन कोर्स (एचसीसी) के स्नातक होने और चौथे बेसिक हेलिकॉप्टर कन्वर्जन कोर्स (बीएचसीसी) के चरण (I) प्रशिक्षण के पूरा होने के उपलक्ष्य में 07 जून 2024 को नौसेना वायु अड्डा – आईएनएस रजाली, अरक्कोणम, तमिलनाडु में पासिंग आउट परेड आयोजित की गई।
वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान ने 03 बीएचसीसी के तीन अधिकारियों सहित 21 अधिकारियों को प्रतिष्ठित "गोल्डन विंग्स" से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, 04 बेसिक कन्वर्जन कोर्स (बीसीसी) के तीन अधिकारियों ने सफलतापूर्वक अपना चरण - (I) प्रशिक्षण पूरा किया।
इस पासिंग आउट परेड ने भारतीय नौसेना के सभी हेलीकॉप्टर पायलटों के मातृ संस्थान, भारतीय नौसेना वायु स्क्वाड्रन 561 में कठोर उड़ान और जमीनी प्रशिक्षण को शामिल करते हुए 22 सप्ताह के गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन को चिह्नित किया।
लैंगिक समावेशिता और महिलाओं के लिए करियर के अवसरों के विस्तार के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए, सब लेफ्टिनेंट अनामिका बी. राजीव ने ‘पहली महिला नौसेना हेलीकॉप्टर पायलट’ के रूप में स्नातक की उपाधि प्राप्त करके इतिहास रच दिया। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से पहली कमीशन प्राप्त नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट जामयांग त्सावांग ने भी योग्य हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में सफलतापूर्वक स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
उड़ान में योग्यता क्रम में प्रथम स्थान पर रहने वाले प्रशिक्षु पायलट के लिए एफओसीइनसी, पूर्वी नौसेना कमान रोलिंग ट्रॉफी लेफ्टिनेंट गुरकीरत राजपूत को प्रदान की गई। ग्राउंड विषयों में योग्यता क्रम में प्रथम स्थान पर रहने के लिए सब लेफ्टिनेंट कुंटे मेमोरियल बुक पुरस्कार लेफ्टिनेंट नितिन शरण चतुर्वेदी को प्रदान किया गया। समग्र योग्यता क्रम में प्रथम स्थान के लिए केरल राज्यपाल रोलिंग ट्रॉफी लेफ्टिनेंट दीपक गुप्ता को प्रदान की गई।
पांच दशकों से अधिक की अपनी समृद्ध विरासत में, इस हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण स्कूल ने भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल के साथ-साथ मित्र विदेशी देशों के 849 पायलटों को प्रशिक्षित किया है। यह हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण स्कूल आईएनएस रजाली, अरक्कोणम में स्थित है। इसकी कमान वर्तमान में कमोडोर कपिल मेहता के पास है और हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण स्कूल की कमान कमांडर आर्चेश के पास है।
भारतीय नौसेना वायु स्क्वाड्रन का सुरक्षित और अनुकूल प्रशिक्षण वातावरण, सावधानीपूर्वक योजना और निष्पादन के साथ मिलकर ‘हर बार समय पर’ पाठ्यक्रम पूरा करना सुनिश्चित करता है। 102 एचसीसी के नए योग्य पायलटों को भारतीय नौसेना की विभिन्न फ्रंट-लाइन परिचालन इकाइयों में नियुक्त किया जाएगा, जहां वे टोही, निगरानी, खोज एवं बचाव और एंटी-पायरेसी जैसे विविध मिशनों को अंजाम देंगे। 04 बीएचसीसी के अधिकारियों ने सफलतापूर्वक चरण - (I) प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, उन्हें हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण स्कूल में चरण - (II) प्रशिक्षण के लिए रखा जाएगा।
मोदी 3.0 में केंद्रीय मंत्री बन सकती है यह सिने स्टार... इस प्रदेश से जीत दर्ज करने वाली इकलौती सांसद
नईदिल्ली। उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट से तीसरी बार जीत दर्ज करने वाली सिने स्टार हेमा मालिनी को मोदी 3.0 में मंत्री पद मिलने का रास्ता साफ नजर आ रहा है। सूत्रों की मानें तो उन्हें संस्कृति और पर्यटन मंत्री बनाया जा सकता है। मथुरा लोकसभा से हेमा मालिनी ने 2,93.407 वोट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मुकेश धनगर को पराजित किया है।
बतादें कि भाजपा से 30 महिलाएं 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर आई है। उत्तर प्रदेश से वे अकेली महिला है जो भाजपा से जीती है। मेनका गांधी और स्मृति ईरानी जैसे दिग्गज नेत्री हार गई है। ऐसी स्थिति में हेमा मालिनी को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी 2014 में भी राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी को 3.30.743 वोट से हराया था। 2019 में भी हेमा मालिनी ने राष्ट्रीय लोक दल के कुंवर नरेंद्र सिंह को 2.93.471वोट से हराया था। अभी उन्होंने 2.93.407 वोट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया है।
हेमा मालिनी 2003 से 2009 तक राज्य सभा की भी सदस्य रही है। हेमा मालिनी, भारतीय संस्कृति की वाहक रही है। फिल्मों में काम करने के लिए उन्होंने कभी भी अंग प्रदर्शन नही किया। भारतीय नृत्य परंपरा में भरत नाट्यम की वे सच्ची शिष्य है और 75वर्ष की हो जाने के बावजूद सतत नृत्य साधना में रत है। ये उनका ही प्रभाव था कि भाजपा से धर्मेंद्र और सनी देओल को भी सांसद बनवा दिया था।