अल्पसंख्यक मंत्री सालेह मोहम्मद के गले में एक सपेरे ने दो कोबरा सांप डालने की कोशिश की। सांप को देखते ही मंत्री डर के मारे पसीने से तर—बतर हो गए और अपनी कुर्सी से उठकर खड़े हो गए। मंत्री के मना करने पर भी सपेरा सांप गले में डालने की कोशिश करता रहा। घटना जैसलमेर के फलसुंड में शनिवार शाम की है। इसका वीडियो रविवार को सामने आया।
जानकारी के मुताबिक मंत्री सालेह मोहम्मद एक निजी स्कूल के वार्षिक समारोह में पहुंचे थे। स्टेज पर डांस प्रोग्राम चल रहा था। सामने गेस्ट और बाकी लोग बैठे हुए थे। कार्यक्रम में सपेरा गजेंद्र सुथली भी सांपों का खेल दिखा रहा था।
प्रोग्राम के दौरान अचानक सपेरा दो कोबरा सांप लेकर मंत्री के पास आ गया और करीब 6 फीट लंबे सांपों को उनके गले में डालने लगा। मंत्री ने सपेरे को रोकने का प्रयास किया। सपेरे के नहीं मानने पर वो कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने सपेरे को दूर धकेला।
— Abhishek Dubey 'Journalist' (@abhay230879) April 30, 2023
सपेरे की हरकत से मंत्री नाराज हो गए। इस पर सपेरे ने स्टेज पर जाकर मंत्री से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए कहा कि उसने ये हंसी मजाक में किया था। उसका ऐसा कोई इरादा नहीं था। मंत्री ने उसे माफ कर दिया, लेकिन वह भावुक हो गया। मंत्री ने स्टेज पर सपेरे के कंधे पर हाथ रखकर उसे चुप कराया।
एलन मस्क ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर बड़े बदलाव करने का ऐलान किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए बताया कि अब मीडिया पब्लिसर्स को अगले महीने से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आर्टिकल पढ़ने के लिए यूजर्स से चार्ज लेने की अनुमित मिलेगी।
इस फीचर के रोल आउट होने के बाद वो यूजर भी आर्टिकल पढ़ सकेंगे जिनके पास मंथली सब्सक्रिप्शन नहीं है और कभी-कभार आर्टिकल पढ़ना चाहते हैं। ऐसे यूजर्स को प्रति आर्टिकल के हिसाब से चार्ज देना पड़ेगा। एलन मस्क ने कहा- यह मीडिया ऑर्गेनाइजेशन और पब्लिक दोनों के लिए एक बड़ी जीत होना चाहिए।
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ट्विटर ने ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट करते हुए बताया कि 'दुनियाभर के क्रिएटर्स अब साइन अप कर सकते हैं और ट्विटर पर कमाई कर सकते हैं। आज ही अप्लाई करने के लिए सेटिंग में मोनेटाइजेशन पर टैप करें।' हालांकि, इसके जरिए वही क्रिएटर्स पैसा कमा पाएंगे जिनके अकाउंट में कम से कम 500 फॉलोअर्स हों। वहीं अकाउंट वैरिफाइड होने के साथ ही पिछले 30 दिन से एक्टिव हो।
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ट्विटर के ट्वीट पर कमेंट करते हुए एलन मस्क ने कहा कि दुनिया भर के कंटेंट क्रिएटर्स को सपोर्ट करें! कई लोगों की इनकम का ये एक प्रमुख सोर्स है। इससे वो आपके लिए ज्यादा समय देकर बढ़िया कंटेंट बना सकेंगे।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह किसी ना किसी बात को लेकर चर्चा में बने ही रहते हैं। भाजपा के खिलाफ उनकी मुहिम हमेशा जारी रहती है, लेकिन इसका फायदा कांग्रेस को बीते 19 सालों में नहीं मिल पाया है। इस बार उन्होंने 'द कश्मीर फाइल्स' के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को एक फिल्म बनाने की सलाह दी है। बकायदा उस फिल्म के लिए उन्होंने नाम सुझाया है, तो कॉन्सेप्ट को लेकर भी अपनी राय दी है। साथ ही पैसों को लेकर चिंता नहीं करने की बात कहते हुए भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि यदि वे इस फिल्म को बनाते हैं, तो वह ब्लॉक बस्टर होगी।
विवेक अग्निहोत्री जी आप एक सफल फ़िल्म निर्माता हैं और जो Trilogy आप बना रहे हैं उस Delhi Files के साथ एक और फ़िल्म अवश्य बनायें। जिसकी शुरुआत 2014 से हो सकती है। “The Thugs Of Modern India”। Block Buster होगी।@vivekagnihotri@BJP4India@RSSorg@INCIndia 1/n https://t.co/1kDzfUZ49b
दरअसल, दिग्गी ने विवेक अग्निहोत्री को 2014 के बाद की स्थितियों पर फिल्म बनाने की सलाह दी है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा- विवेक अग्निहोत्री जी, आप एक सफल फिल्म निर्माता हैं और जो Trilogy आप बना रहे हैं उस Delhi Files के साथ एक और फिल्म अवश्य बनायें, जिसकी शुरुआत 2014 से हो सकती है। “The Thugs Of Modern India”। Block Buster होगी। उदाहरण के लिए किरण पटेल, संजय शेरपुरिया नीरव मोदी, मेहूल चौकसी और भी कई हो सकते हैं। केवल आप को कुछ निष्पक्ष research करना होगा। इसकी शूटिंग का location गुजरात में ही होना चाहिए। funds की कोई दिक्कत नहीं होगी। पूर्व के आप के “मित्रों” में The Kerala Story के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह भी अब जुड़ गए हैं। यह भी गुजरात के ही हैं।
इस पर विवेक अग्निहोत्री ने दिग्विजय सिंह को ट्विटर पर ही तीखा जवाब देते हुए लिखा है 'सोच रहा हूँ क्यों ना उसके पहले ‘Pidi Files’ बनायी जाये। पर आपके मालिक तो आपको Pidi बनने के काबिल भी नहीं समझते।
कई लोग कह रहे हैं “धोबी का कुत्ता ना घर का ना घाट का’ बना दी जाये।
अच्छा एक और बात, अगर सब कुछ मैं ही बनाऊँगा तो Bollywood में जो आपके प्यादे हैं वो क्या करेंगे?'
सोच रहा हूँ क्यों ना उसके पहले ‘Pidi Files’ बनायी जाये। पर आपके मालिक तो आपको Pidi बनने के काबिल भी नहीं समझते।
कई लोग कह रहे हैं “धोबी का कुत्ता ना घर का ना घाट का’ बना दी जाये।
अच्छा एक और बात, अगर सब कुछ मैं ही बनाऊँगा तो Bollywood में जो आपके प्यादे हैं वो क्या करेंगे? https://t.co/ozPWWo7lA9
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) April 30, 2023
नईदिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 1 से 3 मई, 2023 तक मालदीव की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह मालदीव की रक्षा मंत्री सुश्री मारिया अहमद दीदी और विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विचार-विमर्श के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों से संबंधित सभी क्षेत्रों की समीक्षा की जाएगी। रक्षा मंत्री मालदीव के राष्ट्रपति श्री इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से भी मुलाकात करेंगे।
मित्र देशों और क्षेत्र के साझीदारों की क्षमता निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप राजनाथ सिंह मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों को एक फास्ट पेट्रोल वेसल जहाज और एक लैंडिंग क्राफ्ट उपहार में देंगे। अपने प्रवास के दौरान वह देश में जारी परियोजना स्थलों का भी दौरा करेंगे और प्रवासी भारतीयों से बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्री की यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता के प्रगाढ़ संबंधों के निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
भारत और मालदीव समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, कट्टरपंथीकरण, समुद्री डकैती, तस्करी, संगठित अपराध और प्राकृतिक आपदाओं सहित साझा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति के साथ-साथ सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विजन तथा मालदीव की ‘भारत पहले’ नीति में हिंद महासागर क्षेत्र के भीतर क्षमताओं को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करने की इच्छा जताई गई है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है। मैदान में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस दमखम लगाकर जुटी हुई है, तो इधर भाजपा के स्टार प्रचारकों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। पीएम मोदी का आज कर्नाटक में दूसरा दिन है। एक दिन पहले उन्होंने कर्नाटक में रोड शो किया, जिसमें बड़ी तादाद में मतदाताओं ने पीएम मोदी को प्यार दिया।
रविवार को पीएम मोदी ने कोलार में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कर्नाटक का ये चुनाव सिर्फ आने वाले 5 सालों के लिए MLA, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाने का नहीं है। ये चुनाव आने वाले 25 सालों में विकसित भारत के रोडमैप की नींव को सशक्त करने का है। अस्थिर सरकार इस तरह के बड़े वीजन पर कभी काम नहीं कर सकती। इस बीच पीएम मोदी ने किसी का नाम लिए बगैर कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शाही परिवार जमानत पर बाहर है, पर उपदेश देने में किसी तरह की कमी नहीं कर रहा है।
#WATCH आज जब मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं तो सबसे ज्यादा तकलीफ कांग्रेस को हो रही है इसलिए कांग्रेस की दिनों दिन मुझसे नफरत और बढ़ गई है। उन्होंने मुझ पर हमला और बढ़ा दिया है। कांग्रेस के लोग धमकी दे रहे हैं, "मोदी तेरी कब्र खुदेगी।" अब वे मेरी तुलना सांप से कर रहे… pic.twitter.com/3Tc6AHQSli
इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस और जेडीएस पर निशाना साधते हुए कहा, इतनी बढ़ी संख्या में आपका यहां आना आज कांग्रेस और JDS दोनों की नींद उड़ाने वाला है। कर्नाटक के विकास में ये दोनों पार्टियां सबसे बड़ा रोड़ा हैं। कांग्रेस और JDS मिलकर चाहे जितना खेल लें लेकिन कर्नाटक की जनता उन्हें क्लीन बोल्ड करने जा रही है।
पीएम बोले, अस्थिर सरकारों के पास विजन नहीं हो सकता। कांग्रेस के शासन काल में दुनिया भारत से नाउम्मीद थी लेकिन जैसे ही बीजेपी सत्ता में आई दुनिया अब भारत को एक उज्ज्वल स्थान के रूप में देखने लगी। कर्नाटक ने बीजेपी को चुनने का फैसला किया है। राज्य में निरंतर विकास के लिए डबल इंजन की सरकार बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस और जेडीएस शासन के दौरान विकास की गति धीमी हो गई।
नईदिल्ली। केन्द्रीय वित्त तथा कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस समीक्षा बैठक में राजस्व सचिव, सीबीआईसी के अध्यक्ष और सीबीआईसी के सदस्यों ने भी भाग लिया। वित्त मंत्री ने सीबीआईसी को अगले सप्ताह तक जीएसटी रिटर्न की जांच की स्वचालित प्रक्रिया शुरू करने और प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग के जरिए करदाता आधार बढ़ाने के लिए एक कार्य योजना को लागू करने का निर्देश दिया।
इस व्यापक समीक्षा में कर संबंधी सुविधाएं, करदाताओं को प्रदान की जाने वाली सेवाओं, व्यापार जगत की शिकायत निवारण; अनुशासनात्मक मामलों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अंतिम रूप देना और नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स, इनडायरेक्ट टैक्स एंड नारकोटिक्स (एनएसीआईएन) के आगामी पलासमुद्रम परिसर की प्रगति सहित विविध कार्य क्षेत्रों को शामिल किया गया।
वित्त मंत्री ने करदाताओं को प्रदान की जाने वाली सेवाओं में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। शिकायत निवारण के संबंध में, श्रीमती सीतारामन ने यह अपेक्षा व्यक्त की कि प्रत्येक जोन में व्यापार और उद्योग जगत के उन सदस्यों के साथ संवाद किया जाए जो जीएसटी इकोसिस्टम का हिस्सा हैं ताकि उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में जाना जा सके, ताकि उनके लिए निवारण की प्रक्रिया हेतु व्यवस्थित रूप से मामलों की पहचान की जा सके। उन्होंने निवारण की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिकायतों के निवारण के बारे में प्रतिक्रिया लेने हेतु एक प्रणाली स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान, वित्त मंत्री को 2022-23 के दौरान कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह में अंतिम राजस्व उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई, जोकि 2021-22 में 12.89 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 13.82 लाख करोड़ रुपये है। जीएसटी के मामले में, वर्ष 2022-23 के दौरान औसत सकल मासिक संग्रह 1.51 लाख करोड़ रुपये और मासिक जीएसटी राजस्व संग्रह लगातार 12 महीनों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
वित्त मंत्री ने नकली बिलिंग/इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के खिलाफ अभियान को तेज करने के संबंध में, श्रीमती सीतारामन ने यह अपेक्षा व्यक्त की कि सीबीआईसी पहले से दर्ज किए गए मामलों की टाइपोलॉजी का अध्ययन करके व्यापक रूप से मूल कारकों का विश्लेषण कर सकता है और खतरे को दूर करने तथा इन्हें घटित होने से रोकने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उपायों के बारे में अपनी सिफारिशें दे सकता है।
नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज ब्रिटेन में इंपीरियल कॉलेज लंदन का दौरा किया और कॉलेज में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि केंद्र की युवा-केंद्रित नीतियों की श्रृंखला के कारण यह समय भारत के युवाओं और छात्रों के लिए सर्वोत्तम है। इंपीरियल कॉलेज लंदन में डॉ. जितेंद्र सिंह की यात्रा के अवसर पर कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए चार लाख ब्रिटिश पौंड की छात्रवृत्ति की घोषणा की। इसमें से 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति भारत की छात्राओं को दी जाएगी।
इस अवसर पर उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वे यूरोप के सर्वाधिक प्रगतिशील विश्वविद्यालयों में से एक प्रमुख विश्वविद्यालय में आकर बहुत प्रसन्न हैं। इस विश्वविद्यालय ने विश्व को होनहारों के अतिरिक्त पेनिसिलिन, होलोग्राफी और फाइबर ऑप्टिक्स दिए हैं।
इंपीरियल कॉलेज लंदन, इंग्लैंड में एक सार्वजनिक अनुसंधान विश्वविद्यालय है। यह कॉलेज ब्रिटेन में अनुसंधान, पर्यावरण अनुसंधान और रसेल समूह विश्वविद्यालयों में अनुसंधान प्रभाव के लिए प्रथम श्रेणी में गिना जाता है। यह एमएस और पार्किंसंस का ऊतक बैंक, 'कई स्क्लेरोसिस, पार्किंसंस रोग और संबंधित स्थितियों वाले व्यक्तियों द्वारा दान किए गए केंद्रीय तंत्रिका तंत्र ऊतकों के नमूनों' का संग्रह भी है। यह ब्रिटेन के सबसे बड़े ब्रेन बैंक के संग्रह का हिस्सा है।
पिछले पांच वर्षों में इंपीरियल के विद्यार्थियों ने 300 से अधिक भारतीय संस्थानों में भागीदारों के साथ 1,200 से अधिक शोध प्रकाशनों में लेखन में साझेदारी की है। अनुसंधान भागीदारों में भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान शामिल हैं। कॉलेज में वर्तमान में 700 भारतीय छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और भारत में इंपीरियल कॉलेज से शिक्षा पाने वाले 3,000 से अधिक पूर्व छात्रों का एक समुदाय है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जीवंत माहौल में लगभग एक घंटा छात्रों से बातचीत की और उन्होंने कहा कि यह भारत में युवाओं के लिए सर्वोत्तम समय है, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 9 वर्षों में कई बाधाओं को दूर किया है और कई बोझिल नियमों को हटाया है तथा एक सक्षम वातावरण बनाया गया है, जहां युवा अपनी आकांक्षाओं को अनुभव कर सकते हैं।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी प्रतिभागियों के लिए खोला गया है। अब अंतरिक्ष क्षेत्र में भी सैकड़ों स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप आंदोलन को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से बढ़ावा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप यह आंकड़ा 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ 350 से बढ़कर 90,000 से अधिक हो गया है।
साथियो, ‘मन की बात’ मेरे लिए तो दूसरों के गुणों की पूजा करने की तरह ही रहा है। मेरे एक मार्गदर्शक थे – श्री लक्ष्मणराव जी ईनामदार। हम उनको वकील साहब कहा करते थे। वो हमेशा कहते थे कि हमें दूसरों के गुणों की पूजा करनी चाहिए। सामने कोई भी हो, आपके साथ का हो, आपका विरोधी हो, हमें उसके अच्छे गुणों को जानने का, उनसे सीखने का, प्रयास करना चाहिए। उनकी इस बात ने मुझे हमेशा प्रेरणा दी है। ‘मन की बात’ दूसरों के गुणों से सीखने का बहुत बड़ा माध्यम बन गयी है।
मेरे प्यारे देशवासियो, इस कार्यक्रम ने मुझे कभी भी आपसे दूर नहीं होने दिया। मुझे याद है, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तो वहां सामान्य जन से मिलना-जुलना स्वाभाविक रूप से हो ही जाता था। मुख्यमंत्री का कामकाज और कार्यकाल ऐसा ही होता है, मिलने जुलने के अवसर बहुत मिलते ही रहते हैं। लेकिन 2014 में दिल्ली आने के बाद मैंने पाया कि यहाँ का जीवन तो बहुत ही अलग है। काम का स्वरूप अलग, दायित्व अलग, स्थितियाँ-परिस्तिथियों के बंधन, सुरक्षा का तामझाम, समय की सीमा। शुरुआती दिनों में, कुछ अलग महसूस करता था, खाली-खाली सा महसूस करता था। पचासों साल पहले मैंने अपना घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि एक दिन अपने ही देश के लोगों से संपर्क ही मुश्किल हो जायेगा। जो देशवासी मेरा सब कुछ है, मैं उनसे ही कट करके जी नहीं सकता था। ‘मन की बात’ ने मुझे इस चुनौती का समाधान दिया, सामान्य मानवी से जुड़ने का रास्ता दिया। पदभार और प्रोटोकॉल, व्यवस्था तक ही सीमित रहा और जनभाव, कोटि-कोटि जनों के साथ, मेरे भाव, विश्व का अटूट अंग बन गया। हर महीने में देश के लोगों के हजारों संदेशों को पढता हूँ, हर महीने में देशवासियों के एक से एक अद्भुत स्वरूप के दर्शन करता हूँ। मैं देशवासियों के तप-त्याग की पराकाष्ठा को देखता हूँ, महसूस करता हूँ। मुझे लगता ही नहीं है, कि मैं, आपसे थोडा भी दूर हूँ। मेरे लिए ‘मन की बात’ ये एक कार्यक्रम नहीं है, मेरे लिए एक आस्था, पूजा, व्रत है। जैसे लोग, ईश्वर की पूजा करने जाते हैं, तो, प्रसाद की थाल लाते हैं। मेरे लिए ‘मन की बात’ ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल की तरह है। ‘मन की बात’ मेरे मन की आध्यात्मिक यात्रा बन गया है।
‘मन की बात’ स्व से समिष्टि की यात्रा है।
‘मन की बात’ अहम् से वयम् की यात्रा है।
यह तो मैं नहीं तू ही इसकी संस्कार साधना है।
आप कल्पना करिए, मेरा कोई देशवासी 40-40 साल से निर्जन पहाड़ी और बंजर जमीन पर पेड़ लगा रहा है, कितने ही लोग 30-30 साल से जल-संरक्षण के लिए बावड़ियां और तालाब बना रहे हैं, उसकी साफ़-सफाई कर रहे हैं। कोई 25-30 साल से निर्धन बच्चों को पढ़ा रहा है, कोई गरीबों की इलाज में मदद कर रहा है। कितनी ही बार ‘मन की बात’ में इनका जिक्र करते हुए मैं भावुक हो गया हूँ। आकाशवाणी के साथियों को कितनी ही बार इसे फिर से रिकॉर्ड करना पड़ा है। आज, पिछला कितना ही कुछ, आँखों के सामने आए जा रहा है। देशवासियों के इन प्रयासों ने मुझे लगातार खुद को खपाने की प्रेरणा दी है।
भोपाल। प्रदेश में पहले सिंचाई का रकबा 7 लाख हेक्टेयर हुआ करता था, जो अब बढ़ कर 45 लाख हेक्टेयर हो गया है प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक प्रदेश का सिंचाई रकबा 65 लाख हेक्टेयर कर दिया जाए इसके लिए नवीन सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट नीमच जिले के रामपुरा में शनिवार को मछुआ कॉलोनी में बनने वाले सामुदायिक भवन का शिलान्यास कर मछुआ बंधुओं से संवाद कर रहे थे। सांसद सुधीर गुप्ता, मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू, विधायक गरोठ देवी लाल धाकड़ सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मंत्री सिलावट ने कहा कि मत्स्य उत्पादन में बालाघाट जिला देश में प्रथम स्थान पर है। गांधी सागर जलाशय में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मांग और गुणवत्तापूर्ण कतला, रऊ, प्रजाति मत्स्य का बीज भी डाला जावेगा। उन्होंने कहा कि मछुआरों को नाव के लिए प्रदान किए जा रहे 12 हजार रूपये को बढ़ा कर 15 हजार रुपये किया जाएगा।
मंत्री सिलावट ने कहा कि मछुआरों की मछली पकड़ने की मजदूरी बढ़ाने की मांग के प्रस्ताव को मत्स्य महासंघ की बैठक में रखा जाएगा उन्होंने मछुआरों की विभिन्न मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात भी कही।
मंत्री सिलावट ने कहा कि मत्स्य महासंघ गांधी सागर रामपुरा के अनियमितता करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जावेगी। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने गांधी सागर से मनासा क्षेत्र एवं नीमच जिले की सिंचाई योजना में छुटे हुए।
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दूरस्थ शिक्षा स्वावलंबन का माध्यम बने। व्यावसायिक, रोजगार परक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट में भी शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाए। इस संबंध में दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की संभावनाओं पर सम्मेलन में विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का आधार रोजगार, व्यवसाय और इन्डस्ट्री की जरूरतों के अनुसार होना चाहिए। ज्ञान विज्ञान, टेक्नोलॉजी, अकादमिक क्षेत्र में कुशल, दक्ष बनाने और कौशल उन्नयन के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा डिस्टेंस लर्निंग में उपलब्ध होनी चाहिए।
राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय भोपाल के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को आज आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कार्यान्वयनः मुक्त और दूरस्थ शिक्षा, शिक्षण संस्थानों के लिए दृष्टिकोण, अवसर और चुनौतियाँ" विषय पर चर्चा के लिए किया गया। राज्यपाल को कार्यक्रम में सम्मेलन की स्मारिका, पुस्तक एडाप्टिंग "आईसीटीटूदिएनईपी-2020 इन हायर एजूकेशन" और "लाइब्रेरी एंड इंफार्मेशन सर्विस इन न्यू नार्मल" पुस्तकें और तुलसी का पौधा, शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के विस्तार के लिए जरूरी है कि ज्ञान और कौशल के विकास में भाषा बाधा नहीं बनने पाए, इसके लिए क्षेत्रीय भाषाओं में दूरस्थ शिक्षा में स्मार्ट लर्निंग टूल्स विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे विशाल भू-भाग वाले राज्य में शिक्षा की पहुँच बढ़ाने और उसे विद्यार्थी परक बनाने के प्रयासों में दूरवर्ती शिक्षा प्रभावी साधन बन सकती है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोज मुक्त विश्वविद्यालय भी राष्ट्रीय इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी के समान चेनल प्रारंभ करे। उन्होंने कहा कि ज्ञान की गंगा के प्रवाह को बढ़ाने और विस्तारित करने के लिए दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की जाना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाये कि पारंपरिक शिक्षा और दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर समान हो।
इंदिरा गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने सारस्वत उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिस्टेंस लर्निंग एजूकेशन में अपार अवसर उपलब्ध हुए हैं। नैक द्वारा मुक्त विश्वविद्यालयों का भी ग्रेडेशन किया जाने लगा है। इग्नू और बाबा साहब मुक्त विश्वविद्यालय अहमदाबाद को नैक द्वारा "ए++" की ग्रेडिंग दी गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पारंपरिक, दूरस्थ शिक्षा और छात्र केन्द्रित व्यवस्थाएँ की गई हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने वर्ष 2020 के नियमन के द्वारा पारंपरिक शिक्षा और दूरस्थ शिक्षा की उपाधियों को समतुल्य माने जाने की व्यवस्था भी कर दी है।
मानहानि केस में राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई गई थी। सूरत की सेशंस कोर्ट से राहत ना मिलने के बाद अब राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ऐसे में राहुल ने इस मामले में जल्द से जल्द सुनवाई करने की भी अपील की है। शनिवार को याचिका पर हुई सुनाई में कोर्ट ने शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी को रिकॉर्ड पर दस्तावेज पेश करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया। ऐसे में अब मामले में 2 मई को अगली सुनवाई होगी।
हालांकि 2 मई की सुनवाई को 5 मई के लिए टाला जा सकता है। दरअसल जज का कहना है कि 'वो 5 मई के बाद देश से बाहर जा रहे हैं'। ऐसे में शनिवार को सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक मितेश अमीन ने कहा कि 'इस स्तर पर कोर्ट को सिर्फ मामले की गंभीरता को देखना है और मजिस्ट्रेट और सत्र न्यायालय दोनों ने पहले ही मामले की गंभीरता पर विचार कर लिया है। हालांकि अपराध गैर-संज्ञेय और जमानती है, लेकिन जिस क्षण फैसला सुनाया जाता है, वे पहलू नगण्य होते हैं। जहां तक दोषसिद्धि पर रोक का विचार है, वह याचिकाकर्ता के लिए उपलब्ध नहीं है। यह ऐसा मामला नहीं है, जहां सजा पर रोक लगाई जा सके'।
Gujarat High Court asks senior advocate Abhishek Singhvi, representing Rahul Gandhi, to file a reply by 2nd May on plea seeking stay on Surat Sessions Court's decision of convicting Rahul Gandhi in 'Modi surname' defamation case.
इसे लेकर अब राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 'सजा पर रोक लगाई जाए या नहीं, इस पर फैसला कोर्ट और आरोपी के बीच का है। शिकायतकर्ता को इससे कोई लेना-देना नहीं है और अगर उनकी बात सुनी जाती है तो ज्यादा वेटेज नहीं दिया जाना चाहिए'।
सिंघवी ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि 'अगर दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई तो मुझे उस अवधि के लिए चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा, जो राजनीति में लगभग अर्ध-स्थायी है, यहां तक कि राजनीति में एक सप्ताह भी लंबा समय है, यहां चुनाव लड़ने से 8 साल की रोक लग रही है। पूरा राजनीतिक करियर दांव पर लग जाएगा। यह कोई गंभीर अपराध नहीं है, मैंने कोई हत्या नहीं की है। मैं इस लायक नहीं हूं। कृपया ध्यान दिया जाए'।
जयपुर। राजस्थानी की राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ इलाके में एक मेंहदी फैक्ट्री में पुलिस ने दबिश दी है। शिकायत थी कि बेंगलुरु की एक फेमस मेहंदी कंपनी के नाम से यहां पर एक फैक्ट्री में डूप्लीकेट मेंहदी का माल बनाया जा रहा था। फैक्ट्री पर दबिश देकर कॉपीराइट का सामान जब्त किया गया है। जब्त किए माल की कीमत हजारों रुपए में बताई जा रही है।
ACP (कोतवाली) नरेन्द्र कुमार ने बताया कि बैंगलुरु सिटी सिविल कोर्ट के आदेश का कालू सिंह उल्लंघन कर रहा था। कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई के लिए कोर्ट कमिश्नर बनाया गया। सिंह मेंहदी इंडस्ट्रीज कम्पनी के अधिकारी कोर्ट कमिश्नर के साथ जयपुर पहुंचे।
जयपुर पुलिस से मदद लेकर नाहरगढ़ इलाके में दबिश दी गई। पुरानी बस्ती में स्थित आदित्य राज मेंहदी प्रोडेक्ट के नाम से चल रही फैक्ट्री पर पुलिस ने दबिश दी। फैक्ट्री मालिक कालू सिंह पर आरोप है कि वह बैंगलुरु की कंपनी बांसुरी मेंहदी के नाम से माल बना रहा था। फैक्ट्री पर कार्रवाई कर हजारों रुपए कीमत का माल, पैकिंग मटेरियल जब्त किया गया है।
चित्तौड़गढ़ । सड़क के बीच लटक रहे हाईटेंशन बिजली के तारों को छूते ही टेम्पो में करंट दौड़ गया। उसमें आग लग गई और दो युवक समेत दो घोड़ी जिंदा जल गए। करंट की चपेट आए तीन लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
घटना चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन थाना क्षेत्र के रामथली गांव का है। हादसा शनिवार अलसुबह करीब तीन बजे का है। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को जानकारी दी और लाइट बंद करवाई।
आग की चपेट में आकर मरने वालों में से रामथली निवासी शांतिलाल (28) पुत्र लेहरु गाडरी और टेम्पो ड्राइवर गांव हथियाना निवासी किशन लाल (44) पुत्र शंकरलाल खटीक शामिल हैं। वहीं, टेम्पो में सवार दो घोड़ी भी जिंदा जल गईं।
कपासन थानाधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि शांतिलाल शादियों के दौरान निकलने वाली बिंदौरी में घोड़ी ले जाता था। शुक्रवार को शांतिलाल अपने छोटे भाई कैलाश (25) को साथ लेकर गांव पांछली में बिंदौली कार्यक्रम में दो घोड़ी लोडिंग टेम्पो में लेकर गए थे। टेम्पो गांव हथियाना निवासी किशन खटीक का था और किशन ही चला रहा था। इनके साथ में हथियाना निवासी शिवलाल पुत्र बंशीलाल तेली भी था। वह ड्राइवर के साथ गया था।
पांछली गांव में बिंदौली निकालने के बाद सभी सुबह 3 बजे टेम्पो से वापस लौट रहे थे। रास्ते में रामथली के पास 11 केवी लाइन का तार फॉल्ट होने के कारण टूट कर नीचे गिरा हुआ था। अंधेरा होने की वजह से तार दिखाई नहीं दिया और टेम्पो उसकी चपेट में आ गया। करंट का झटका लगते ही ड्राइवर किशन ने टेम्पो को रोका। तब तक वाहन में करंट फैल चुका था।
सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच के मामलों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल एक्शन लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जब भी कोई नफरत फैलाने वाला भाषण देता है तो सरकारें बिना किसी शिकायत के FIR दर्ज करें। हेट स्पीच से जुड़े मामलों में केस दर्ज करने में देरी होने पर इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा। मामले में अगली सुनवाई 12 मई को होगी।
कोर्ट ने कहा- ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए बयान देने वाले के धर्म की परवाह नहीं करनी चाहिए। इसी तरह धर्मनिरपेक्ष देश की अवधारणा को जिंदा रखा जा सकता है। कोर्ट ने अपने 2022 के आदेश का दायरा बढ़ाते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश दिए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड सरकार को ये आदेश दिया था।
अदालत ने कहा कि हेट स्पीच एक गंभीर अपराध है, जो देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को प्रभावित कर सकता है। जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि हम धर्म के नाम पर कहां पहुंच गए हैं? यह दुखद है।
न्यायाधीश गैर-राजनीतिक हैं और उन्हें पार्टी ए या पार्टी बी से कोई सरोकार नहीं है और उनके दिमाग में केवल भारत का संविधान है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट देश के विभिन्न हिस्सों से दाखिल हेट स्पीच से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
पहले पत्रकार शाहीन अब्दुल्ला ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर नफरत फैलाने वाले बयान देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने 21 अक्टूबर 2022 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को ऐसे मामलों में बिना शिकायत के केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने अब अपने आदेश का दायरा बढ़ा दिया है।
बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा चुनाव को अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। महज 10 दिनों बाद प्रचार की गूंज थम जाएगी। इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय प्रवास पर कर्नाटक पहुंच चुके हैं। उन्होंने सबसे पहली सभा कर्नाटक के बीदर में ली। जहां पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस हर उस व्यक्ति से नफरत करती है जो सामान्य मानवी की बात करता है, जो उनके भ्रष्टाचार को सामने लाता है, जो उनकी स्वार्थ भरी राजनीति पर प्रहार करता है। इस चुनाव में भी कांग्रेस ने फिर से मुझे गालियां देने का काम शुरू कर दिया है। अब तक मुझे कांग्रेस के लोगों ने 91 बार अलग अलग गालियां दी हैं। इन गालियों के शब्दकोष में टाइम खराब करने की बजाए अगर कांग्रेस ने इतनी मेहनत Good Governance में की होती तो इनकी इतनी दयनीय स्थिति नहीं होती।
#WATCH इस चुनाव में भी कांग्रेस ने फिर से मुझे गालियां देने का काम शुरु कर दिया है। अब तक मुझे कांग्रेस के लोगों ने 91 बार अलग-अलग गालियां दी हैं। अगर कांग्रेस ने इतनी मेहनत सुशासन के लिए की होती तो आज कांग्रेस की ऐसी दुर्दशा ना होती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी pic.twitter.com/RJx8m5qyAQ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कर्नाटक का यह चुनाव केवल 5 वर्ष के लिए सरकार बनाने मात्र का नहीं है, यह कर्नाटक को देश में नंबर वन राज्य बनाने का चुनाव है। ये विकसित भारत के लिए कर्नाटक की बड़ी भूमिका तय करने वाला चुनाव है और भारत विकसित तभी होगा जब कर्नाटक का कोना-कोना विकसित होगा। यह चुनाव राज्य की भूमिका तय करेगा और इसे नंबर 1 बनाने के लिए डबल इंजन सरकार राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस ने तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया
पीएम मोदी ने कहा कि करोड़ों माताओं-बहनों के बैंक खाते बीजेपी ने खुलवाए, उसमें सरकारी मदद सीधे पहुंचे यह व्यवस्था बीजेपी ने की, बिना गारंटी मुद्रा लोन मिले ये व्यवस्था बीजेपी ने की, मुफ्त राशन की व्यवस्था बीजेपी ने की। हमारे बंजारा साथियों की कांग्रेस ने कभी सुध नहीं ली लेकिन हमने उनको भी विकास से जोड़ा। बीजेपी के इन सेवा कार्यों के बीच कांग्रेस ने सिर्फ समाज को बांटा। जाति, मत, पंथ के आधार पर बंटवारा किया और शासन के नाम पर सिर्फ तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया।
#WATCH कांग्रेस ने गरीबी हटाओ के नाम पर कई योजनाएं शुरू की मगर लाभ बिचौलियों और भ्रष्टाचारियों को मिला। असली लाभार्थी तक तो उसका हक पहुंचा ही नहीं था। कांग्रेस के प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्र से 1 रुपया भेजते हैं तो सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है मगर 85 प्रतिशत भ्रष्टाचार की भेंट… pic.twitter.com/njwBNkNt2H
पीएम मोदी ने कहा कि इन्होंने छत्तीसगढ़ और राजस्थान के किसानों से जो वादे किए वो अभी तक धरती पर उतरे नहीं हैं। कांग्रेस ने इस क्षेत्र के गन्ना किसानों को अपने हाल पर छोड़ दिया था जबकि हम उनकी समस्याओं को प्राथमिकता पर दूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय देश में सिर्फ 40 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन होता था जबकि हमारी सरकार में यह उत्पादन बढ़ कर 400 करोड़ लीटर से भी ज्यादा का हो गया है। पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ने से गन्ना किसानों को बहुत लाभ हुआ है।
भोपाल। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के दूसरे चरण में जनता को विभिन्न सेवाओं का लाभ सुविधाजनक प्राप्त हो। नामांतरण, बंटवारा, अविवादित नामांतरण, सीमांकन सहित विभिन्न 67 सेवाओं का लाभ इस अभियान में जनता को प्रदान किया जाना है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। अभियान में ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया जाए। उक्त बातें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहीं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अपने जिले में शिविर लगाने की योजना बना लें। मुख्यमंत्री चौहान आज निवास कार्यालय समत्व भवन से मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के द्वितीय चरण के संबंध में चर्चा कर रहे थे। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनता की शिकायतों का निराकरण और काम होना ही राम राज्य की परिकल्पना है। अभियान में जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी जनता की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित हो। जनता की सारी दिक्कतें दूर हों। जनता से सम्पर्क और संवाद बना रहे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान को कलेक्टर्स और अधीनस्थ अमला गंभीरता से लें। इसमें लापरवाही अक्षम्य होगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनता की सेवा ही राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सभी कलेक्टर्स जिले के विकास के लिए 5 साल का रोडमेप भी तैयार करें, जिससे आदर्श जिला बन सकें। प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है। आने वाले 5 सालों में जिला प्रगति के नए सौपान गढ़े इसके लिए जन-प्रतिनिधि और कलेक्टर मिल कर काम करें। हर जिले का सम्पूर्ण विकास करना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्रीष्मकाल में पेयजल, दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। कायाकल्प अभियान में निर्माण कार्य तेजी से पूरे हों, इसके लिए राशि जारी की गई है। सड़कों की गुणवत्ता से समझौता न हो। गेहूँ खरीदी का भुगतान में विलंब न हो। आगामी खरीफ फसलों के लिए खाद-बीज और कृषि आदान की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाए। वन ग्राम राजस्व ग्रामों में परिवर्तित हो जाएं, इसके लिए समय-सीमा में रूपरेखा तैयार की जाए।
नईदिल्ली। 29 अप्रैल 2023 विश्व पशु चिकित्सा दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह दिन हर साल अप्रैल के अंतिम शनिवार को पशु चिकित्सा व्यवसाय को सम्मान स्वरुप मनाया जाता है। इस साल इस दिवस का विषय पशु चिकित्सा क्षेत्र में विविधता, समानता और समावेश को बढ़ावा देना है।
पशुधन उत्पादन और प्रबंधन के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा, जैव आतंकवाद के खतरे को रोककर देश की सुरक्षा, पशु और मानव स्वास्थ्य और कल्याण, खाद्य सुरक्षा, खाद्य गुणवत्त, इकोसिस्टम, दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स विकास, जैव चिकित्सा अनुसंधान, ग्रामीण विकास, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और नीति निर्माताओं के रूप में आर्थिक विकास में पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिकाओं को पहचानने और उसका समारोह मनाने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के साथ मिलकर पशु चिकित्सा दिवस- 2023 का विश्व उत्सव मनाने जा रहा है। इसका आयोजन 29 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया जाएगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ संजीव कुमार बालियान और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री श्री एल मुरुगन मौजूद रहेंगे।
इस विशाल कार्यक्रम में देश भर के पशु चिकित्सा व्यवसाय के हितधारकों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में देश में पशु चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं के साथ मुख्यधारा के विषयों पर सम्मेलन, पैनल चर्चा और वन हैल्थ विषय पर पशु चिकित्सकों की भूमिका शामिल है।
मौसम की आंख मिचौली जारी है। बीते एक सप्ताह से छत्तीसगढ़ में पारा गिरा हुआ है, तो देश के दूसरे हिस्सों में भी उतार—चढ़ाव जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है, जिसके मुताबिक अगले चार से पांच दिनों तक देशभर के कई हिस्सों में बारिश के आसार बन रहे हैं। इस दौरान तापमान सामान्य या सामान्य से कुछ डिग्री नीचे रह सकता है।
मौसम विभाग द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की बहुत संभावना है। राज्य में कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी स्थिति नजर आ सकती है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और केरल और माहे में भी अगले 5 दिनों के दौरान बारिश के आसार बनते नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग द्वारा जारी प्रेस रिलीज में 27 और 28 अप्रैल को ओडिशा और झारखंड में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की आशंका जाहिर की है। जिसका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर पड़ना स्वाभाविक है। वहीं,असम, अरुणाचल, मेघालया में 28 से 30 अप्रैल. इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम त्रिपुरा में 29 और 30 अप्रैल को बारिश के साथ तेज हवाएं चलती देखी जा सकती हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा और गुजरात में अगले 5 दिनों तक बारिश की आशंका है। उत्तराखंड में 27 से 30 तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा राजस्थान में भी अगले 4 से 5 दिनों तक बारिश के आसार बनते नजर आ रहे हैं।
उत्तर भारत के भी तमाम राज्यों में अगले पांच दिनों तक गरज के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की जा सकती है। दिल्ली, लखनऊ समेत तमाम राज्यों में बारिश की बात कही गई है। नई दिल्ली में आज से तीन मई तक बारिश का अलर्ट है। इन सात दिनों में बारिश की तीव्रता कम-ज्यादा हो सकती है।