छत्तीसगढ़

अनुकंपा नियुक्ति के लिए दिया झूठा शपथ पत्र, डीईओ ने किया बर्खास्त, होगी एफआईआर

रायपुर। आज हर कोई चाहता है कि उसे सरकारी नौकरी मिल जाए। जिसके लिए वह पूरी मेहनत करता है। लेकिन कुछ मामलों में लोग नौकरी हासिल करने के लि फर्जी दस्तावेज का भी इस्तेमाल करते है। ऐसा समय-समय में होता रहा है। कई मामलों की जांच के बाद संबंधित दोषियों पर कार्रवाई हुई। इस बार मामला अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए फर्जी शपथपत्र देने का है। विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर एफआईआर के लिए पुलिस को पत्र लिख है। मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का है। 
 
बतादें कि किसी सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद उसके आश्रित को तभी अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है, जब उस परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं हो। मगर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में दो व्यक्तियों ने गलत जानकारी देकर नौकरी हासिल की। मामला विधासभा में उठाए जाने के बाद डीईओ के संज्ञान में आया और इसके बाद दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया।
 
 
जशपुर ब्लॉक के ग्राम सिटोंगा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 बैजनाथ राम का 6 अप्रैल 2020 को निधन हो गया था। मृतक के आश्रित स्वजनों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किए जाने के बाद मृतक के छोटे बेटे प्रेमकुमार ने निर्धारित प्रारूप में यह शपथ पात्र लिखकर दिया कि उसके परिवार से कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। इस पर विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए 4 फरवरी 2022 को सहायक ग्रेड 3 के पद पर प्रेमकुमार राम को जशपुर ब्लाक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भूडकेला में पदस्थ कर दिया।
 
उधर जशपुर जिले के मनोरा ब्लाक के बहेरना के हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ देवचरण राम का लंबी बीमारी के बाद 7 दिसंबर 2022 को निधन हो गया था। इस प्रकरण में भी शिक्षा विभाग ने मृत शासकीय सेवक देवचरण राम के बेटे दुर्गेश नायक को उसके द्वारा दिए गए शपथपत्र के आधार पर सहायक ग्रेड 3 के पद पर कुनकुरी ब्लाक के बंदरचुवां हाईस्कूल में नियुक्ति दी गई थी। 
 
इन दोनों ही अनुकंपा नियुक्तियों में गड़बड़ी का मामला विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जोर शोर से उठा था। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने 20 मार्च में सदन में मामले उठाते हुए बताया कि अनुकंपा नौकरी हासिल करने वाले दुर्गेश नायक का बड़ा भाई अनिल कुमार नायक सरकारी नौकरी पर कार्यरत है। इसी तरह प्रेमकुमार की अनुकंपा नियुक्ति के मामले को भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया था। यह मामले संज्ञान में आते DEO जेके प्रसाद ने तत्काल मामले की जांच कराई और अनुकंपा नियुक्ति के लिए गठित जांच समिति की बैठक बुलाकर प्रेमकुमार तथा दुर्गेश नायक को बर्खास्त कर दिया गया।