छत्तीसगढ़

क्षतिपूर्ति चेक लेने पहुंचे पीड़ित से मांगे 33 सौ रुपये, शिकायत पर पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक लिपिक राजू माथुर को महज 33 सौ रुपये के लिए जेल जाना पड़ा। राजू कवर्धा न्यायालय में विधिक सेवा प्राधिकरण में लिपिक के तौर पर पदस्थ है। उसे दुष्कर्म पीड़िता को क्षतिपूर्ति राशि 2 लाख रुपये देने का निर्देश हुआ था। चेक देने के नाम पर पैसों की मांग लिपिक कर रहा था। इस मामले में शिकायत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने धारा 420 के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया है।

 

आरोप के मुताबिक क्षतिपूर्ति की राशि लेने के लिए पीड़ित ने जिला न्यायालय के विधिक सेवा प्राधिकरण के बाबू राजू माथुर से लगातार संपर्क किया। दिसंबर 2022 में आरोपी लिपिक सहायक ग्रेड-2 राजू माथुर ने छल कर 3300 रुपए लेकर धोखाधड़ी की। पीड़िता को अभी तक न्यायालय से क्षतिपूर्ति की राशि नहीं मिली है। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने धारा 420 के तहत आरोपी लिपिक के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।

 
घटना को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2020 में एक महिला से दुष्कर्म की घटना हुई थी। मामले में पुलिस ने धारा 450, 506, 376 के तहत आरोपी के खिलाफ जिला न्यायालय में चालान पेश किया था। प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायालय (एफटीसी) से पीड़ित को क्षतिपूर्ति राशि 2 लाख रुपए पास हुआ था। क्षतिपूर्ति की राशि दिलाने के नाम ही लिपिक सहायक ग्रेड- 2 राजू माथुर ने 3300 रुपए धोखाधड़ी की।