पंथी, सुआ नृत्य, गौरा-गौरी और कर्मा ददरिया होगा आकर्षण का केंद्र
- महाराष्ट्र मंडल में चार नवंबर को मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव
- संत ज्ञानेश्वर स्कूल की बच्चियों पारंपरिक वेशभूषा में देंगी मनमोहक प्रस्तुति
रायपुर। पंथी, राउत नाचा, कर्मा, सुआ, सैला और गेड़ी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विभिन्न समुदाय से जुड़े ऐसे लोकनृत्य है, जिनके बिना छत्तीसगढ़ के तीज त्योहार पूरे नहीं होते। इस वर्ष हम छत्तीसगढ़ का 25वां स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह के रुप में मना रहे है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडल द्वारा 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव मनाया जा रहा है। इस आयोजन में पंथी, सुआ नृत्य, गौरा-गौरी और कर्मा ददरिया होगा आकर्षण का केंद्र होंगे।
कार्यक्रम की प्रभारी और मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की महिला केंद्र की टीम, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चे और शिक्षक के साथ मंडल की पर्यावरण समिति द्वारा छत्तीसगढ़ी कार्यक्रमों की श्रृंखला में छत्तीसगढ़ के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पंथी नृत्य सतनामी समुदाय का प्रमुख नृत्य है, जो गुरु घासीदास के जन्म उत्सव के रूप में होता है। वहीं राउत नाचा यादव समुदाय द्वारा दीपावली पर किया जाने वाला पारंपरिक नृत्य है, जिसमें वे विशेष वेशभूषा पहनकर टोली में गाते-नाचते हैं। वहीं कर्मा नई फसल आने की खुशी में किया जाता है और यह छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति का पर्याय माना जाता है।
गीता दलाल ने आगे बताया कि मंडल की चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं द्वारा इस अवसर गौरा-गौरी नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। यह छत्तीसगढ़ के गोड़ समाज द्वारा किए जाने वाला नृत्य है। जिसे दीपावली की रात उत्सव के रुप में मनाया जाता है। इसमें महिलाएं मिट्टी से शंकर पार्वती का निर्माण कर उनकी पूजा करती हैं और रात भर नृत्य कर सुबह तालाब में इसका विसर्जन किया जाता है।
गीता दलाल ने बताया कि इस कार्यक्रम में खास बात यह होगी कि पूरे कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ी में किया जाएगा। यानी अतिथियों का स्वागत, भाषण, कार्यक्रम का संचालन। पर्यावरण समिति के सदस्यों द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दिखाती सुग्घर छत्तीसगढ़ को प्रस्तुत किया जाएगा। जिसमें हमारी संस्कृति और संस्कार एक ही गीत पर नजर आएगा। वहीं संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों भी लोकनृत्य पर अपनी प्रस्तुति देंगे। अर्पिता बेडेकर की टीम विद्या के अंजोर पर छत्तीसगढ़ी नाटक प्रस्तुत करेगी। इसके साथ मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह की बच्ची महालक्ष्मी साहू द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।