दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश को लेकर उत्‍साह

 -  बच्‍चों को शिक्षा देने के साथ संस्‍कारवान बनाने वाले अभिभावकों का रुझान महाराष्‍ट्र मंडल के स्‍कूल की ओर

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्‍वर विद्यालय (एसडीवी) में इन दिनों छत्‍तीसगढ़ माध्‍यमिक शिक्षा मंडल के अंतर्गत पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं जारी हैं। 10वीं और 12वीं के नतीजे आने में अभी काफी समय है। इसके बावजूद आगामी शिक्षण सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए अभिभावकों में उत्‍साह देखा जा रहा है।   

प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि अभी नौ‍निहालों के प्रवेश को लेकर अभिभावकों का एसडीवी की जानकारी हासिल कर एडमिशन फार्म ले जाने का सिलसिला लगातर बढ़ रहा है। साथ ही इनके प्रवेश का क्रम भी जारी है। प्राचार्य के अनुसार 10वीं- 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम के बाद भी एसडीवी में नए प्रवेश को तेजी मिलती है।

प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने जानकारी दी कि एसडीवी में बच्‍चों को प्रार्थना के साथ ही जिस शिद्दत के साथ संस्‍कार दिये जाते हैं, वो अन्‍य शालाओं में आसानी से देखने को नहीं मिलते। यही कारण है कि जो अभिभावक अपने बच्‍चों को शिक्षित करने के साथ ही संस्‍कारवान बनाना चाहते हैं, उनकी पसंद संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल होती है। बच्‍चे जैसे- जैसे अगली कक्षाओं में पहुंचते जाते हैं, वैसे- वैसे वे अपने में अच्‍छे संस्‍कारों के साथ आध्‍यात्म से जुड़ी बहुत सी सीख को आत्‍मसात करते रहते हैं।

उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार कहते हैं कि सीएसइबी और आइसीएससी के 10वीं और 12वीं के परिणामों के बाद उन बच्चों के एसडीवी में प्रवेश शुरू होते हैं, जो अपना बोर्ड बदलकर छत्‍तीसगढ़ माध्‍यमिक शिक्षा मंडल के अंतर्गत अपनी शिक्षा आगे बढ़ाना चाहते हैं। बहरहाल एसडीवी में पिछले शिक्षा सत्र में 12वीं वाणिज्‍य संकाय से दो और 10वीं से दो बच्चे प्रावीण्‍य सूची में आने के बाद अभिभावकों की भारी अपेक्षाओं के बीच इस बार भी कुछ बच्‍चों की मेरिट लिस्‍ट के हिसाब से तैयारी कराई गई थी। वहीं इस बार साइंस फैकल्‍टी को लेकर भी इस नए सिरे से काम किया गया है। हमें विश्‍वास है कि इसके भी उत्‍साहजनक परिणाम सामने आएंगे।