महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले 'जैन रत्न अलंकरण’ से सम्मानित
- भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में हुआ सम्मान
रायपुर। राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और युवा समाजसेवी अजय मधुकर काले को जैन रत्न अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया गया। काले को यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को भी “जैन रत्न अलंकरण” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, लोकेश कावड़िया, भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रेश शाह, विकास सेठिया, आनंद जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज (Jain Samaj) के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी का सत्य और अहिंसा का संदेश समस्त मानवता के लिए पथ प्रदर्शक है, जो हमें त्याग, तपस्या, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अजय मधुकर काले को समाजसेवा के क्षेत्र में अतुल्नीय योगदान के लिए दिया गया। बतादें कि दूरगामी योजनाओं को सीमित संसाधनों के साथ क्रियान्वित करने में दक्ष अजय काले ने महज 17 वर्ष की उम्र में समाजसेवा के लिए खुद को संकल्पित कर लिया था। नेत्रदान- देहदान के साथ रक्तदान के संकल्प के साथ अब तक 68 बार रक्तदान कर चुके है। 91 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था महाराष्ट्र मंडल में साल 1989 में दिव्यांग बालिकाओं की शिक्षा-दीक्षा, रहन-सहन और दिव्यागंता का उच्च स्तरीय उपचार करवाने जैसी जिम्मेदारियों का उन्होंने सफलतापूर्वक निर्वहन कर दिव्यांग बच्चियों को स्वावलंबी बनाया। इसके साथ ही चार दिव्यांग बच्चियों को पूर्ण शिक्षित और स्वावलंबी बनाकर विवाह कराया और महाराष्ट्र मंडल से ही उनकी विदाई करवाई। अजय काले के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से वर्ष 2014 में सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग सेवा संस्था का पुरस्कार दिया गया।
अजय काले ने संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के माध्यम से अपने नेतृत्व में निम्न और मध्यम निम्न आय वाले हजारों परिवारों के बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में बहुमुखी कार्य किए। मंडल के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पहली बार व्हील चेयर, वाकर, हास्पिटल बेड, वाटर बेड, एयर बेड, आक्सीजन कंस्ट्रेटर जैसी कई मेडिकल इक्विपमेंट जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की गई। कोरोना काल में क्वारंटाइन सेंटर, लोगों को भोजन वितरण करवाया। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान यूक्रेन में फंसे मराठी समाज के 3 छात्रों को सकुशल भारत लाने की दिशा में श्री अजय काले ने राजधानी रायपुर से लेकर नई दिल्ली तक के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से सतत चर्चा की, फॉलोअप लिया और जब तक सभी बच्चे सकुशल रायपुर नहीं पहुंच गए, तब तक वे पूरी प्रक्रिया को लगातार लाइनअप करते रहे।
1989 में महाराष्ट्र मंडल की सदस्यता लेने के बाद श्री काले ने मंडल के सभी प्रकल्पों और महाराष्ट्र मंडल ट्रस्ट के विभिन्न पदों पर सेवा और समर्पण भाव से काम किया। उसी का नतीजा है कि भारत देश के सबसे बड़े महाराष्ट्र मंडल रायपुर के 2008 में ट्रस्ट कार्याध्यक्ष, 2010 से लेकर 2028 तक एक बार निर्वाचित और लगातार आठ बार निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।