दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बाल नाट्य के कलाकारों को पुरस्कृत कर किया उनका उत्साहवर्धन

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय वाल्मिकी रामायण कथा के तीसरे दिन मंडल के बाल कलाकारों ने उत्तर रामायण प्रसंग पर 15 मिनट का बाल नाट्य प्रस्तुत किया। कथा के अंतिम दिन सभी बाल नाट्य के कलाकारों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं एक पात्रीय नाटक शबरी के कलाकारों को भी पुरस्कृत किया गया। वहीं कथा के पहले दिन गणेश वंदना प्रस्तुत करने वाली प्रचिति राजवाड़े को भी पुरस्कृत किया गया। 

महाराष्ट्र मंडल के सचिव आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल रंगमंच की प्रतिभाओं को मंच देने और उन्हें आगे लाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहता है। मंडल के बाल कलाकारों ने वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान सुंदर नाटक की प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुति देखकर कथावाचक आचार्य रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने भी उस दिन की कथा उत्तर रामायण के लव-कुश प्रसंग पर ही सुनाई। उन्होंने बच्चों के आध्यात्म के प्रति प्रेम देखकर हर्ष व्यक्त किया।

मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल की टीम रंगमंचीय कार्यक्रम के लिए हमेशा तत्पर रहती है। बाल कलाकारों ने सदस्य अपर्णा कालेले के निर्देशन में सुंदर नाटक प्रस्तुत किया।  वहीं एक पात्रीय नाटक शबरी ने भी सभी भक्तों को माता शबरी के करुण प्रेम में डूबो दिया। दोनों की नाटक बहुत शानदार थे। उत्तर रामायण नाटक के बाल कलाकार तनिष्क डोनगांवकरतन्वी डोनगांवकरप्रणीश डोनगांवकरअनय पंडितअक्षत पंडितप्रथमेश पुराणिककियान महाजनविहान कालेलेमायरा गुप्ते सहित सभी बाल कलाकारों को पुरस्कृत किया गया। वहीं शबरी की परिकल्पना आचार्य रंजन मोड़क ने की। जिसमें शबरी के  मुख्य पात्र में चंचल ध्रुव और राम की भूमिका में भूपेंद्र साहू को पुरस्कृत किया गया।