डॉ. अंबेडकर का जीवन प्रेरित करता है: काले
2026-04-14 07:14 PM
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- महाराष्ट्र मंडल में सादगी से मनाई गई संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती
रायपुर। अभावों और भयंकर भेदभाव झेलने के बावजूद अपने दम पर शिक्षा हासिल करने और समाज में समानता की लड़ाई लड़ने वाले बाबा साहेब अंबेडकर का समूचा जीवन हमें प्रेरित करता है। संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती पर महाराष्ट्र मंडल में आयोजित कार्यक्रम में इस आशय के विचार अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने व्यक्त किए।
डॉ. अंबेडकर जयंती के सादगीपूर्व आयोजन में काले ने कहा कि वे केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री और शिक्षाविद थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। जब भारत का संविधान लिखने की बात आई, तो उन्होंने संविधान निर्माण समिति का न केवल प्रतिनिधित्व किया बल्कि संविधान का मसौदा तैयार कर भारतीय समाज में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की नींव रखी।
वरिष्ठ रंगसाधक अनिल श्रीराम कालेले ने कहा कि शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो' का उनका नारा उनके व्यक्तित्व और विचारों को मुखरता से व्यक्त करता है। हम उनके आदर्शों को अपनाकर, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण कर सकते हैं। आज के वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में हमें उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लेना ही चाहिए, क्योंकि समाज में बढ़ती जातिगत, भाषागत, आर्थिक और न जाने कितनी तरह की असमानताओं से लेकर बढ़ते धर्मांतरण जैसे हालात से निपटने का सही मार्ग यही है।
इस मौके पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़़ कार्यवाह सुबोध टोले, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, वरिष्ठ सभासद प्रशांत देशपांडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, कुणाल दत्त मिश्रा, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश खांडेकर सहित सभासद उपस्थित रहे।