सियान गुड़ी में बुजुर्गों ने जाना जीवन में ध्यान और योग का महत्व
रायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में शुक्रवार, 24 फरवरी को बुजुर्गों ने जीवन में ध्यान और योग के महत्व को समझा और जाना। सियान गुड़ी पहुंची महाराष्ट्र मंडल की मालती मिश्रा ने सियान गुड़ी के बुजुर्गों को जीवन में ध्यान के महत्व को समझाया।
मालती मिश्रा ने कहा कि आज की भागमभाग और हाईटेक होते जीवन के बीच युवा पीढ़ी एक बार फिर अपनी बुजुर्गों द्वारा की जाने वाले नैतिक क्रियाओं में रुचि दिखा रहा है। ध्यान, योग, डाइट आदि चीजों के लिए युवा पीढ़ी गुगल कर रही है। गुगल में सभी कंटेंट सही हो यह जरूरी नहीं। ध्यान, योग और डाइट के लिए एक्सपर्ट की सलाह बेहद जरूरी है।

मालती मिश्रा ने आगे कहा कि विपश्यना ध्यान की एक विधि है। जिसमें विपश्यना का अर्थ है 'चीजों को वैसे ही देखना जैसे वे वास्तव में हैं'। यह सांसों और शरीर की संवेदनाओं को तटस्थ भाव (साक्षी भाव) से देखने की एक प्राचीन आत्म-अन्वेषण विधि है। इसके लिए शांत स्थान पर आराम से, पालथी मारकर या कुर्सी पर बैठें, आंखें बंद करें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। अपनी आती-जाती सांसों को महसूस करें। हवा के नाक से अंदर जाने और बाहर आने पर ध्यान केंद्रित करें। शरीर में होने वाली हर छोटी-बड़ी संवेदना (जैसे गर्मी, ठंडक, खुजली, दर्द, या कंपन) को महसूस करें। इस प्रक्रिया को 10-15 मिनट या अधिक समय तक जारी रखें। इस अवसर पर केके पाठक, डॉ ओसी बिसेन (ओमकार बिसेन), डॉ ओपी सोनी, राजेश शर्मा, राजेंद्र चौहान, लखन लाल साहू और योगेश सेंगर विशेष रुप से उपस्थित थे।