मराठी सोहळा के अंतिम दिन ‘जब जिद पर आई पार्वती...’ ने बटोरी तालियां’
2026-10-26 07:35 PM
209
0- मराठी मेले में सांस्कृतिक नृत्यों और सुमधुर गानों की प्रस्तुतियों से झूम उठे दर्शक
रायपुर। जब सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की बात हो रही हो और इन दिनों ट्रेंड पर चल रहे गाने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ की प्रस्तुति न हो, ऐसा नहीं हो सकता। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित मराठी सोहळा (मेले) के तीसरे और अंतिम दिन महाराष्ट्र मंडल की योग और आध्यात्म समिति की ओर से इस गाने पर योग ड्रांस की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। वहीं अन्य प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं। महिलाओं, युवाओं व बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने आयोजन के उत्साह को दोगुना कर दिया।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि मंडल की योग और आध्यात्म समिति की ओर से दिव्या पात्रीकार, साक्षी टोले, वैशाली पुरोहित, श्रुति सराफ, श्वेता कुसरे और श्वेता खरे ने हनुमान अंश फिल्म के गाने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ पर योग नृत्य के साथ शानदार प्रस्तुति दी। प्रोफेशनल नृत्यांगना रीना बाबर ने ‘पिया तोसे नैना लागे रे…’ की प्रस्तुति देकर तालियां बटोरी। निखिल मुकादम की माउथ आर्गन पर बजाई गई धुन ‘मेरे नैना सावन भादो...’ पर दर्शक झूम उठे।
रचना ठेंगड़ी ने जुस्त के गाने ‘मेरे घर आया एक चोर...’ में सुंदर नृत्य किया। नृत्य के दौरान उनकी भाव भंगिमा ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। गीता दलाल के अनुसार कार्यक्रम में प्रकृति दंडवते ने ‘मैं रहूं या न रहूं... ये देश रहना चाहिए’ गाकर कार्यक्रम में देशभक्ति का जज्बा जगा दिया। ओंकार कुसरे ने भी संभावनापूर्ण प्रस्तुतियां दी। प्रशांत बक्षी, विनय काले सहित कई कलाकारों ने बीट को पकड़कर सुमधुर गाने गाए।
बच्चों में अर्णव कुसरे ने ‘विद्ठल विट्ठल…’ गाकर लोगों को चकित कर दिया। वहीं अभिज्ञा शुक्ला ने कृष्ण भक्ति में मनोरम डांस की प्रशंसा बटोरी। अरुणा अय्यर ने अपनी सुमधुर गाने गाकर प्रभावित किया। पुराने गानों के जॉइंट म्यूजिक पर अनुप्रीता काले ने पुरानी अभिनेत्रियों की याद ताजा कर दी। इसी तरह और भी प्रस्तुतियों ने महाराष्ट्र मंडल के 92वें स्थापना दिवस के महोत्सव को और भी मजेदार बना दिया।