दिव्य महाराष्ट्र मंडल

मराठी सोहळा में आईटी विशेषज्ञ परितोष की वर्कशॉप पर वरिष्‍ठ नागरिक भी डिजिटल लेन-देन को लेकर हुए अपडेट

रायपुर। यदि हम अपनी ओर से चौकन्‍ने रहें, सावधानी से डिजिटल लेन-देन करें, वाट्सएप पर आने वाले अनजान कॉल को नजरअंदाज करना सीख जाएं, तो न केवल डिजिटल क्राइम धीरे- धीरे खत्‍म होने लगेंगे, बल्कि हमारी जिंदगी में भी अनाश्‍यक तनाव व तकलीफें नहीं आएंगी। महाराष्‍ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल के प्रभारी, आईटी स्‍पेशलिस्‍ट परितोष डोनगांवकर ने बुजुर्गों की कार्यशाला में इस आशय के विचार व्‍यक्‍त किए।

महाराष्‍ट्र मंडल की 91वीं वर्षगांठ पर आयोजित मराठी सोहळा (मेला) में वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए आयोजित विशेष कार्यशाला में उन्‍होंने कहा कि समय- समय पर अपने पासवर्ड बदलते रहें और किसी को बताएं न, पूछने पर भी नहीं। पासवर्ड तय करते समय यह सावधानी जरूरी बरतें कि आप अपने जन्‍मदिन, विवाह तिथि जैसे महत्‍वपूर्ण तारीखों को नजरअंदाज करें, ताकि गलत उद्देश्‍य से कोई आपके पासवर्ड का अनुमान भी न लगा सके।

परितोष ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन में समझाया कि ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड के लिए भी इसी तरह की सावधानी बरतनी जरूरी है। किसी हड़बड़ी, तनाव या धमकी भरे फोन कॉल, डिजिटल अरेस्‍ट के दौरान यदि आपने अपना ओटीपी किसी से भी शेयर कर दिया, तो यह आपको बहुत ही भारी पड़ सकता है। यही वजह है कि आपको न तो वाट्सएप पर आए अंजान कॉल को स्‍वीकार करना है और न ही किसी के दबाव में कोई डिजिटल लेन- देन करना है। उन्‍होंने कहा कि डिजिटल लेन- देन को लेकर मन में थोड़ी भी शंका है, तो सबसे पहले अपने ट्रांजेक्‍शन को ही निरस्‍त कर दें।

प्रश्‍न- उत्‍तर सेगमेंट में परितोष ने लोगों के सवालों का जवाब उदाहरण देकर किया। महाराष्‍ट्र मंडल के अध्‍यक्ष अजय काले ने पूछा कि हमारा मोबाइल हैक होने के बाद वह कितनी देर में नार्मल होगा और कैसे। परितोष के बताया कि जैसे ही आपको पता चलेगा कि मोबाइल फोन हैक हो गया है, तो तत्‍काल साइबर क्राइम को कॉल करके उन्हें इसकी सूचना दें, ताकि यह स्‍पष्‍ट हो जाए कि मोबाइल हैकिंग के दौरान किसी भी कॉल, मैसेज- वीडियो और आर्थिक लेन-देन के लिए आप जिम्‍मेदार नहीं है। उसके बाद आप अपना मोबाइल कुछ देर के लिए बंद कर दीजिए। तत्‍पश्‍चात मोबाइल फोन शुरू करने पर वह पहले की ही तरह वह काम करने लगेगा। डॉ. कमल वर्मा, श्‍याम सुंदर खंगन सहित वरिष्‍ठ नागरिकों के सवालों का भी परितोष ने जवाब दिया।

पावर पॉइंट प्रेजेंटशन में दी गई जानकारी:-

0-         साइबर अपराध के प्रकार-

:- हैकिंग: सिस्टम या डेटा तक अनाधिकृत पहुंच।

:- फ़िशिंग: भरोसेमंद इकाई होने का भ्रम दिखाकर संवेदनशील जानकारी (जैसे, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड विवरण इत्यादि) प्राप्त करने जैसी धोखाधड़ी। मैलवेयर दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर, जिसमें वायरस भी शामिल हैं।

0-         साइबर अपराध का प्रभाव-

:- वित्तीय घाटा: व्यवसायों, व्यक्तिगत डेटा और बुनियादी ढांचे में सालाना अरबों डॉलर का नुकसान होता है।

:- प्रतिष्ठा क्षति: उल्लंघनों के बाद कंपनियों को विश्वास की हानि होती है, जिससे दीर्घकालीक नुकसान होता है।

:- राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम: महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और शासकीय नेटवर्क पर साइबर हमले।

0-         साइबर अपराधी कैसे काम करते हैं-

:- सोशल इंजीनियरिंग: गोपनीय जानकारी प्रकट करने के लिए लोगों को बहलाते हैं।

:- कमजोरियों का शोषण: सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए सॉफ़्टवेयर या हार्डवेयर में कमज़ोरियां ढूंढना। अवैध वस्तुओं का बाज़ार, जिसमें चुराया गया डेटा, हैकिंग सेवाएं और बहुत कुछ शामिल हैं।

0-         रोकथाम एवं सुरक्षा-

:- मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें: सामान्य पासवर्ड जैसे अपना नाम, उपनाम, जन्म तिथि जैसे पासवर्ड से बचें।

:- सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें

:- कमजोरियों को रोकने के लिए सिस्टम और एप्लिकेशन को अपडेट रखें।

:- एंटीवायरस और फ़ायरवॉल: दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।

:- शिक्षा एवं जागरूकता: साइबर खतरों को पहचानने पर कर्मचारियों और व्यक्तियों को भी इसके लिए प्रशिक्षित करें।

0-         सावधानियां-

•           यदि कोई अनजान व्यक्ति आपको कॉल/मैसेज कर लुभावना ऑफर देता है या आपके किसी सर्विस के ब्लॉक होने का भय दिखाता है, आपकी किसी एग्जिस्टिंग सर्विस, ऑनलाइन खरीददारी या व्यक्तिगत जानकारी देकर आपको विश्वास में लेता है, तो सचेत हो जाएं। आप साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं।

•           किसी भी अंजान व्यक्ति को फोन पर अपनी निजी जानकारी जैसे आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर, एटीएम कार्ड नंबर, ओटीपी आदि साझा न करें।

•           बीमा/फाइनेंस/किश्त/लोन/केवाईसी अपडेट/सिम ब्लॉक होना/लाटरी या लक्की ड्रा जैसे फोन काल/मैसेज के झांसे में न आएं।

•           लोन ऐप के झांसे में न आएं। ये बाद में आपको ब्लैकमेल करते हैं।

•           अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन जैसे क्विक सपोर्ट, एनीडेस्क, टीम विवर, एमई एड्मिन जैसे अन्य कोई भी सिस्टम शेयरिंग एप को इंस्टाल न करें।

•           अंजान नंबर से आए लिंक्स को कभी क्लिक न करें। आपका फोन हैक हो सकता है।

•           अंजान नंबर के वीडियो कॉल न उठाएं। फोन उठाते ही आप ब्लैक मैलिंग के शिकार हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्तियों से दोस्ती करने से बचें।

•           पाकिस्तान या अन्य विरोधी देशों से आने वाले कॉल न उठायें

•           क्यूआर कोड पर स्कैन करते समय किसे भुगतान किया जा रहा है, उसकी जानकारी चेक करें

•           गूगल में कस्टमर केयर का नंबर सर्च करते वक्त सावधानी बरतें। कस्टमर केयर नंबर के लिए हमेशा संबंधित कंपनी के वेबसाइट पर जाएं।

•           सोशल मीडिया एकाउंट्स पर टू स्टेप वेरीफिकेशन का उपयोग कर प्रोफाइल लॉक रखें।

•           सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली खबरों से बचें व बिना जांचे फॉरवर्ड न करें।

•           यदि कोई फोन कॉल के माध्यम से यह बोले कि आपका बच्चा किसी केस में फंस गया है, तो हो जाए सावधान। घबराएं नहीं, नजदीक पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

•           किसी अनजान व्यक्ति द्वारा आपका परिचित बनकर आपके खाते में राशि भेजने का झांसा देकर ठगी कर सकता है।

•           सोशल साइट में पार्ट-टाइम नौकरी, घर बैठे काम, पैंसिल पैकिंग जैसे झांसे वाले काम के भ्रम में न आएं।

•           किसी भी व्हाट्सअप या टेलीग्राम ग्रुप से जुड़कर शेयर में निवेश करने से बचे।

•           व्हाट्सअप पर आए किसी अन्य प्रकार के एप्लीकेशन (एपीके फाइल) को डाउनलोड या इंस्टाल न करें। (apk)

•           किसी के कहने पर कॉल फॉरवर्ड/ अंजान शॉर्ट कोड को अपने मोबाइल से डायल न करें।