तिलक जी का साहस, संघर्ष और समर्पण हमें सदा प्रेरित करता हैः जोगळेकर
रायपुर। पूर्ण स्वराज की मांग से विदेशी हुकूमत की नींव हिलाने वाले देश के अमर सेनानी लोकमान्य तिलक की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। आजादी के आंदोलन में उनके साहस, संघर्ष और समर्पण की कहानी हमें सदा प्रेरित करती रहेगी। उक्त बातें रायपुर महाराष्ट्र मंडळ के वरिष्ठ सदस्य और चार्टर्ड एकाउंटेट रामदास जोगळेकर ने तिलक जयंती पर महाराष्ट्र स्नेह मंडळ नेहरू नगर भिलाई द्वारा आय़ोजित कार्यक्रम में कहीं।
कार्यक्रम के मुख्य अथिति चंदूलाल मेडिकल कालेज में पदस्थ फिजियोलाजी डिपार्टमेंट के एचओडी डा. देशकर थे। मुख्य वक्ता चार्टर्ड एकाउंटेट रामदास जोगळेकर थे। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और अतिथियों के स्वागत सत्कार के साथ हुआ। तिलक जी की प्रतिमा में माल्यार्पण के बाद कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।
शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रामदास जोगळेकर ने प्रारंभ से अंत तक तिलक जी के जीवन, उत्कट प्रसंग, जीवन के प्रति तिलक जी के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है की धारणा का जोर-शोर से प्रतिपादन, लाल-बाल-पाल के आपसी घनिष्ठ संबंध और नरम दल और गरम दल का अस्तित्व और परिणाम जैसे अनेक आयामों पर अपने विचार ऱखे।
कार्यक्रम में राजधानी से आए महाराष्ट्र नाट्य मंडळ के प्रमुख अनिल कालेळे ने भी तिलक जी पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने उपस्थित लोगों को यह बताया कि महाराष्ट्र नाट्य मंडळ वर्षों से जन जागरूकता और संदेश परक नाटकों का मंचन करता रहा है। आगामी 27 सितंबर को महाराष्ट्र मंडळ दुर्ग में महाराष्ट्र नाट्य मंडळ रायपुर द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी को आमंत्रित किया।
इस अवसर पर संस्था के द्वारा आयोजित निबंध स्पर्धा में विजेता छात्रों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के संयोजक देशपांडे जी थे। वहीं संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन केलकर जी ने अत्यंत उत्कृष्ता के साथ किया।