अंताक्षरी की उपविजेता बनी टीम ने... अर्जुन की तरह लक्ष्य साधा... गलतियों को सुधारा और सामंजस्य के सूत्र पर चले
2023-07-24 04:12 PM
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रायपुर। कहा जाता है, किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे पहले जरूरी होता है कि आप उसके लिए मैदान में उतरो। महाराष्ट्र मंडल अंताक्षरी प्रतियोगिता की उपविजेता बनी सुर संगम टीम ने इस सूत्र वाक्य पर पूरे आत्मविश्वास के साथ अमल किया, जिसका परिणाम है कि इस टीम ने कड़े मुकाबले के बावजूद लक्ष्य को भेदने का भरसक प्रयास किया और शिखर पर पहुंचने से सिर्फ एक पायदान पीछे रह गए, लेकिन उपविजेता का खिताब हासिल करने में सफल साबित हुए।
जी हॉं, हम बात कर रहे सन एंड सन द्वारा प्रायोजित उसी अंताक्षरी प्रतियोगिता की, जिसकी चर्चा आज पूरे राजधानी में हो रही है। महाराष्ट्र मंडल के इस आयोजन को ऐसी तारीफ मिल रही है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस प्रतियोगिता में उपविजेता का खिताब जीतने वाली सुर संगम की चारों प्रतिभागियों ने इस आयोजन को लेकर क्या कुछ कहा, आइए जानते हैं।
महाराष्ट्र मंडल के इस आयोजन की जानकारी मिलने के बाद सुर संगम टीम की चारों प्रतिभागियों रचना ठेंगड़ी, सुमिता रायजादा, अंजलि काले और सृष्टि दंडवते ने सबसे पहले स्पर्धा में भाग लेने का आत्मविश्वास दिखाया। चारों ने एकमत होकर तय किया कि परिणाम जो कुछ होगा, लेकिन टीम के साथ प्रतियोगिता में शामिल जरुर होंगे।
टीम की सदस्या रचना ठेंगड़ी ने बताया कि इस स्पर्धा की जानकारी मिलने के तत्काल बाद ही इस बात का फैसला हो गया था कि हम भाग लेंगे। इसके बाद 1950 के दशक से रिलीज होने वाली फिल्मों के गाने को देखने का क्रम शुरु हुआ और मौजूदा समय तक की फिल्मी गानों को देखने का सिलसिला चलता रहा।
सुमिता रायजादा ने बताया कि बीते साल भी उनकी टीम ने प्रतियोगिता में भागीदारी की थी, तब फायनलिस्ट में पहुंचने से चूक गए थे, उन गलतियों को सुधारते हुए आगे बढ़े और प्रतिदिन चारों एक दूसरे से बातचीत करते, समझबुझ तय करते तैयारी में जुटे रहे।
अंजलि काले ने बताया कि चारों ने तय किया था कि जब तक पूरा विश्वास ना हो, तब तक आगे बढ़ने की कोशिश नहीं करेंगे, इससे टीम माइनस मार्किंग से बच गई और हमने जो प्वाइंट अर्जित किए, वह हमें आगे बढ़ाने में काम आया। उन्होंने बताया कि हम चारों के बीच तालमेल काफी अच्छा था, जिसका फायदा मिला।
वहीं सृष्टि दंडवते ने बताया कि अंताक्षरी का मतलब हमें अच्छे से पता था, इसलिए नए—पुराने सभी तरह के गानों, विसुअल और बजर राउंड पर ध्यान दिया। इसके अलावा नियम और शर्तों को समझकर उसे फॉलो किया, जिसकी वजह से एक बेहतर मुकाम पर पहुंच पाए।
सुर संगम के इन चारों प्रतिभागियों ने सन एंड सन व महाराष्ट्र मंडल के इस आयोजन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से खुद का आत्मविश्वास बढ़ता है, तो इसके साथ ही स्वस्थ मनोरंजन का अवसर भी मिल जाता है।