शिवाजी महाराज ने रामदास स्वामी से कहा- मेरा साम्राज्य ले लो पर भीख मत मांगो
2024-08-19 10:57 AM
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0- महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति महाराज की महाआरती में दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने किया संबोधित
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सोमवार की शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती की गई। इसमें विभिन्न समितियों और प्रकल्पों के पदाधिकारी और आजीवन सदस्य शामिल हुए।
इस मौके पर दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न विजय निमोणकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हिंदू साम्राज्य का प्रतीक माने जाते थे। उनके साम्राज्य का राष्ट्रीय नारंगी ध्वज हिंदुत्व की पहचान था। इस ध्वज से अपने गुरु के प्रति उनके सम्मान की झलक भी मिलती है।
निमोणकर ने कहा कि शिवाजी महाराज ने समर्थ रामदास स्वामी से बहुत सी शिक्षा ग्रहण की। एक बार उनके साम्राज्य में शिवाजी महाराज ने रामदास स्वामी को भीख मांगते हुए देख लिया। उन्होंने अपने गुरुवर को महल बुलवाया और उनके कदमों पर गिरकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने रामदास स्वामी से कहा कि आप मेरा पूरा साम्राज्य ले लीजिए लेकिन फिर कभी भीख मत मांगना। मैं आपको भीख मांगते हुए नहीं देख सकता। शिवाजी महाराज ने समर्थ रामदास से महल में रहने की जिद पकड़ ली। शिवाजी को दुखी- व्यथित देख गुरुवर रामदास ने उन्हें समझाया कि सांसारिक जीवन त्यागने के बाद अब उन्हें महल में रहना शोभा नहीं देता। उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप अपनी धोती का एक टुकड़ा फाड़कर शिवाजी महाराज को दिया और कहा कि तुम इसे अपने साम्राज्य की राष्ट्रीय ध्वज बना लो। इस ध्वज के माध्यम से तुम्हें मेरा आशीर्वाद मिलेता रहेगा।
छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती में महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल श्रीराम कालेले, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, संत ग्यानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, अभय भागवतकर, प्रवीण क्षीरसागर, वरिष्ठ आजीवन सभासद प्रशांत देशपांडे, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, श्रावणी मुकादम, विक्रांत क्षीरसागर, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी शामिल रहे।