चिकित्सा छात्रा से दुष्कर्म- हत्या के खिलाफ महाराष्ट्र मंडल की महिलाओं ने सौंपा ज्ञापन
रायपुर। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल में एक चिकित्सा छात्रा के साथ हुई बर्बरता से पूरा देश सदमे में है। इस घटना ने देशभर की महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान खड़े किए हैं। इस घटना ने करीब डेढ़ दशक पहले हुए निर्भया कांड की याद दिला दी। हमारे शहर, समाज और आसपास के क्षेत्रों में आए दिन छोटी बच्चियां, छात्राएं, गृहणियां, कामकाजी युवतियां- महिलाएं और बुजुर्ग औरतें ऐसी ही बर्बरता का शिकार हो रही हैं।
महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारिणी सदस्यों सहित महिला केंद्रों व विभिन्न समितियां की महिला प्रतिनिधियों ने शुक्रवार की शाम को कलेक्टोरेट परिसर में महिलाओं के प्रति होने वाले हिंसा के खिलाफ विरोध- प्रदर्शित किया। साथ ही ऐसी घटनाओं में दोषिय़ों को न्यूनतम समय में कठोरतम दंड सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कानून बनाने की मांग की। महाराष्ट्र मंडल की महिला सदस्यों का मानना है कि ऐसे कानून से न केवल अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हौसले पस्त होंगे, बल्कि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए देश की सेवा में अपना और अधिक योगदान दे सकेंगी।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टोरेट में डिप्टी कलेक्टर उत्तम प्रसाद रजक को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर नमिता शेष, आस्था काले, रश्मि गोवर्धन, अपर्णा देशमुख, अनिता नलगुंडवार, गीता हाटे, नीता भंडारकर, छाया महाजन, शुचिता देशमुख, सौ डेंगळे, गौरी क्षीरसागर, प्रिया बक्षी, रैना पुराणिक, आरती गोवर्धन, अंजलि नलगुंडवार, प्रणिता नलगुंडवार, अपर्णा मोघे, अपर्णा देशमुख, वंदना पाटिल, संध्या चौधरी, अर्चना मोघे, उपस्थित थीं।