पितृ पक्ष अमावस्या पर जरूर करें यह खास उपाय.... पितरों को मिलेगा मोक्ष और आपको उनका आशीष
डेस्क। सनातन परंपरा में पितृ पक्ष का विशेष महत्व होता है। अभी पितृपक्ष चल रहा है। ऐसे में सभी अपने पितरों का तर्पण कर उन्हें भोजन आदि करता है। पितृ पक्ष अमावस्या का विशेष महत्व होता है। श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन में उन सभी पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि के बारे में पता ना हो। अगर आप पितृ पक्ष के दौरान उनका तर्पण नहीं कर पाए है तो अमावस्या के दिन उनका तर्पण अवश्य करें। शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और आपको पितरों का आशीर्वाद। अमावस्या के दिन यह खास उपाय आप अवश्य करें।
- अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके गायत्री मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि सूर्य देव को जल अर्पित करने से पितर तृप्त होते हैं।
- पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाए और दीपक जलाए। काले तिल के साथ पितरों को जल अर्पित करने से उनकी कृपा मिलती है।
- अमावस्या के दिन दूध, तिल, कुशा, पुष्प, गंध मिश्रित जल से पितरों का तर्पण करना चाहिए। माना जाता है कि इस जल से तर्पण करने से पितरों की प्यास बुझती है।
- अमावस्या के दिन ब्रम्हा, विष्णु, रूद्र, सहित सभी देवताओं, ऋषियों के नाम पर तिल और कुशा के साथ तर्पण करना चाहिए।
- पूड़ी, बड़ा, सब्जी, दाल, चावल को पितरों के नाम से अग्नि में डाले। वहीं गाय को भोजन कराए। इस उपाय को करने से गौ माता समेत सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
- पितृ पक्ष में दान का बड़ा महत्व है। अमावस्या के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।