रूटीन डाइट में शामिल करें इन फलों को.... एनर्जी के साथ तनाव और स्ट्रेस से मिलेगी राहत
डेस्क। आज की भागमभाग जिंदगी में लोग अक्सर दफ्तर के समय के बाद भी वहां के काम घर पर या दफ्तर में करते है। इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य में पड़ता है। काम के दबाव के कारण लगभग 70 फीसद लोग अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो जाते है। ऐसे में समय से पहले शरीर में हार्मोनल बदलाव आने लगते है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अच्छी सेहत के लिए डाइट में पोषक तत्वों का लेना बेहद आवश्यक है। ऐसे में आप फल और पौष्टिक आहार को अपने डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। पौष्टिक आहार के लिए रूटीन डाइट में फलों को शामिल करना बेहद जरूरी है। ताकि इससे एनर्जी के साथ स्ट्रेस से राहत मिल सके।
संतराः संतरा और अन्य खट्टे फलों में विटामिन सी अधिक मात्रा में होता है। विटामिन सी न केवल इम्यून सिस्टम के लिए आवश्यक है बल्कि यह तनाव के स्तर को कम करता है। कई स्टडीज से पता चला है कि विटामिन सी अधिक मात्रा में लेने वाले व्यक्ति तनावपूर्ण तनाव व स्ट्रेस की स्थिति को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाते हैं।
केलाः केले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, यह पोषक तत्व आपके मूड पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। विटामिन बी-6 से भरपूर केला सेरोटोनिन के उत्पादन में सहायता करता है। सेरोटोनिन को “खुशी का हार्मोन” कहा जाता है। इसके अलावा, केले में मौजूद कार्बोहाइड्रेट आपको इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करने और थकान को दूर करने में मदद करता है।
बेरीज : स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और जामुन न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में मदद करते हैं, जो आपके मूड और संज्ञानात्मक गिरावट से संबंधित होते हैं। जामुन व अन्य बेरीज में फ्लेवोनोइड्स एक तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो तनाव व अवसाद को कम करते हैं।
एवोकाडो : एवोकाडो में कई पोषक तत्व होते हैं, जो आपके मूड को बेहतर करने में सहायक होते हैं। इसके सेवन से आपको मोनोअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलती है, जो आपके ब्रेन हेल्थ के लिए आवश्यक होता है। इससे ब्रेन एक्टिविटी बेहतर होती है और स्ट्रेस कम होता है।
अनानासः अनानास, का टेस्ट लोगों को खूब पसंद आता है। इस फल में ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है, जो अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद ब्रोमेलैन मस्तिष्क में सेरोटोनिन उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होता है। इससे आप खुश रहते हैं और आपका मूड बेहतर होता है।
अनारः अनार पोटैशियम से भरपूर होने के कारण दिल के लिए काफी अच्छा होता है। इसके सेवन से ब्लड वैसल्स में खून के थक्के या कोलेस्ट्रोल नहीं जमता और दिल के दौरे की संभावना कम होती है। इसके साथ साथ उच्च रक्तचाप में भी अनार का सेवन सही कहा जाता है, अनार के सेवन से डायबिटीज में भी राहत मिलती है।
अंगूरः अंगूर में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान और सेल्स डैमेज को हील करने में काफी फायदेमंद होता है। बता दें कि फ्री रेडिकल्स की वजह से कैंसर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज आदि की संभावना बढ़ जाती है, यह स्किन से लेकर बालों और आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है।
पपीताः पपीता में विटामिन सी और ए जैसे पोषक होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में सहायक हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी खाली पेट पपीता खाना काफी ज्यादा ठीक रहता है। पपीता ऐसा फल है, जिसमें शुगर की मात्रा काफी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है।