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TEACH & TALK : अपने बच्चों में आज से डालना शुरु करें... इन आदतों को... जीवनभर आएगा उनके काम

डेस्क्। आमतौर पर यह देखा जाता है कि ज्यादातर पैरेंट्स बच्चों को स्कूल में दाखिल कराने के बाद, उस पर पढ़ने का दबाव बनाते हैं। खिलाते वहीं हैं, जिससे बच्चों का मन उब जाता है। बच्चों के साथ खेलने के लिए, उनको पर्याप्त समय देने के लिए आज के दौर में पालकों के पास समय नहीं है, जबकि बच्चों को अपने पैरेंट्स के अटेंशन की सबसे ज्यादा जरुरत होती है। ऐसी ही कुछ जरुरी बातें हैं, जिन्हें हम यहां पर साझा कर रहें है, जो आपके बच्चों के लिए आज ही नहीं, बल्कि ताउम्र काम आएगी और उसकी भावी जिंदगी में परेशानियां काफी कम हो जाएंगी। 

चीयर अप करें

बच्‍चों को चुप रहने या बैठने की बजाय उन्‍हें भागने और दौड़ने के लिए प्रेरित करें। बच्‍चों को घर से बाहर निकल कर खेलने के लिए बढ़ावा दें। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार बच्‍चे को एक दिन में कम से कम 60 मिनट फिजिकली एक्टिव रहना चाहिए। आप उसे किसी स्‍पोर्ट में भी डाल सकते हैं। जो बच्‍चे शारीरिक रूप से अक्रियाशील यानि इन‍एक्टिव रहते हैं, उनमें दीर्घकालिक स्थितियों जैसे कि हाई बीपी या कोलेस्‍ट्रॉल का खतरा ज्‍यादा रहता है। बच्‍चे को प्रति सप्ताह कम से कम 3 दिन जंपिंग या दौड़ने जैसी गतिविधियां करनी चाहिए।

न्यूट्रिशियन का रखें ख्याल

बच्‍चों को कम उम्र से ही हेल्‍दी खाना खाने को लेकर प्रोत्साहित करना शुरू कर देना चाहिए। स्वस्थ भोजन करना आसान है और बच्चों के लिए यह मजेदार भी हो सकता है। उदाहरण के लिए, उन्हें अपने साथ किराने की दुकान पर ले जाएं और उन्हें फल या सब्जियां चुनने दें या फूड लेबल पढ़ने दें। सप्ताह के लिए भोजन तैयार करने में उनकी मदद लें, और उन्हें दिखाएं कि प्यास बुझाने के लिए पानी, जूस या कोल्‍ड ड्रिंक से बेहतर है। बच्‍चे की प्‍लेट में विभिन्न प्रकार की ताजी सब्जियां परोसें। प्रत्येक सप्ताह रंगीन सब्जियों के साथ मटर या फलियां चुनें।
 
 
 

ज्यादा पढ़ने की आदत डालें

एजुकेशन स्किल्‍स को बेहतर करने के लिए रीडिंग सबसे अच्‍छा तरीका है। यह सच है कि जब छोटा बच्चा पढ़ता है तो इससे उसकी शब्दावली, भाषा कौशल, एकाग्रता और यहां तक कि कल्पना को विकसित करने में मदद मिलती है। पढ़ना बच्चों को अलग-अलग दृष्टिकोण सिखाने और दूसरों की भावनाओं को समझने में उनकी मदद करने का एक बेहतरीन साधन है। आप बच्‍चे के इंट्रस्‍ट के हिसाब से उसके लिए कोई किताब लेकर आएं।

पैसों की जानकारी दें

बच्‍चों को पैसों के बारे में बताने से वो टीनएज और वयस्‍क होने पर आर्थिक रूप से मजबतू हो सकते हैं। बच्‍चों को मनी स्‍मार्ट बनाना उतना भी मुश्किल नहीं है जितना आप सोचते हैं। बच्‍चे को घर का छोटा-मोटा सामान लाने का काम दें। जब भी आप शॉपिंग करने जाते हैं, तो अपने बच्‍चे को भी साथ लेकर जाएं। आप बच्‍चे के साथ फाइनेंस से जुड़े गेम्‍स जैसे कि मोनोपोली भी खेल सकते हैं। इससे बच्‍चे को पैसों जुड़े बेसिक नियम समझ आते हैं।