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मथुरा-वृंदावन में यमुना की तबाही, हजारों लोग पलायन को मजबूर

मथुरा|  मथुरा-वृंदावन में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे शहर और निचले इलाकों में पानी घुस गया है। घर, खेत और मंदिर डूब गए हैं, जिससे हजारों लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। बांके बिहारी मंदिर तक जाने वाला वीआईपी मार्ग भी पानी में डूब चुका है।

प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने स्टीमर से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से मथुरा और वृंदावन के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए हैं। यमुना नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, जिससे लोगों को और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
 
मथुरा में यमुना का चेतावनी लेवल 165.20 मीटर और खतरे का निशान 166 मीटर है। वर्तमान में यमुना का जलस्तर 167.64 मीटर पर स्थिर है, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है। हालांकि, पिछले 10 घंटों से जलस्तर स्थिर बना हुआ है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में जलस्तर में गिरावट आ सकती है। 
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