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कफ सिरप माफिया पर सवाल, अजय राय बोले— क्या न्याय माँगना अपराध है

वाराणसी। मंगलवार की सुबह चौबेपुर थाना क्षेत्र के बरथरा कला गाँव में एक घर से उठी चीख ने प्रदेश की राजनीति को झकझोर दिया। अधिवक्ता स्व. राजा आनंद ज्योति सिंह की पत्नी अजय राय के सामने फूट-फूटकर रो पड़ी— “बर्बाद कर दिया सब कुछ, क्या कसूर था मेरे पति का?” यह सवाल न सिर्फ एक विधवा का दर्द था, बल्कि पूरे न्याय तंत्र पर तीखा प्रहार भी।

परिजनों का आरोप: न्याय की गुहार अनसुनी
परिवार का कहना है कि वे एक साल से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। आरोप है कि शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। लगातार प्रयासों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी ने पीड़ित परिवार को असहाय बना दिया है।

अजय राय का हमला: न्यायिक जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने परिजनों से मुलाकात के बाद कहा कि इस केस की जांच यूपी पुलिस नहीं, बल्कि न्यायिक जांच के माध्यम से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि “कफ सिरप माफिया को बचाने की कोशिश हो रही है, जबकि असली आरोपी सामने आना चाहिए।”

परिवार की स्थिति: असहाय और अनाथ
राजा ज्योति सिंह अपने पूरे परिवार के पोषक थे। उनके निधन के बाद पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे पूरी तरह असहाय हैं। अजय राय ने सवाल उठाया— “योगी सरकार का बुलडोज़र क्या इस महिला की पीड़ा नहीं देख पा रहा? क्या इस सरकार में न्याय माँगना भी अपराध हो गया है?”

कांग्रेस का वादा: संघर्ष जारी रहेगा
अजय राय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। 
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