सप्त क्रांति से यहां की महिलाओं एवं बेटियों के जीवन में लाया जा रहा है सकारात्मक बदलाव
भोपाल। सप्त क्रांति के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं एवं बेटियों के मान-स्वाभिमान को बढ़ाने, जीवन की सुरक्षा, सशक्त बनाने, कल्याण, शिक्षा तथा स्वास्थ्य में मदद देने और आजीविका के साधन तथा अवसर उपलब्ध कराने के कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। महिलाओं एवं बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल की जा रही है। यह एक सामाजिक क्रांति है। उक्त बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में लाडली बहनों के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में दस तारीख का दिन अब ऐतिहासिक हो गया है। यह दिन बहनों के सम्मान, शान, स्वाभिमान, स्वावलंबन तथा सामाजिक क्रांति का दिन बन गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में मिल रही राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रतिमाह तक किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को आजीविका मिशन में अवसर उपलब्ध करा कर उनकी आमदनी हर माह 10 हजार रूपये तक की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना में अब वैवाहिक पात्र महिलाओं की न्यूनतम आयु 23 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष की गई है। साथ ही ट्रेक्टर वाले परिवारों की महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। इन पात्र महिलाओं से आवेदन-पत्र जमा करने का सिलसिला 25 जुलाई से प्रारंभ किया जायेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खाते में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की दूसरी किस्त की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। उन्होंने वर्चुअली प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद लाड़ली बहनों को संबोधित किया और प्रदेश में वार्ड तथा ग्राम पंचायतों में गठित लाड़ली बहना सेना की सदस्यों को शपथ भी दिलाई।