हार्ड हीटर से अब टीम संभालने वाला बन गया यह क्रिकेटर, धोनी को लेकर कही यह बड़ी बात
खेल डेस्क। टीम इंडिया में लगातार ऐसे खिलाड़ियों के आने का सिलसिला चल रहा है, जिनके अभूतपूर्व प्रदर्शन से विश्व क्रिकेट में खलबली मची हुई है। 1983 में कपिल देव और उनकी टीम ने अदम्य साहस का परिचय देकर विश्वकप में पहली जीत दिलाई थी, जिसके बाद एक लंबा इंतजार भारत को करना पड़ा, लेकिन विकेट के पीछे से करिश्माई जीत महेन्द्र सिंह धोनी ने दिलाई, जिसके बाद टीम इंडिया के हौसले के आगे विश्व की तमाम क्रिकेट टीम ने घुटने टेक दिए। महेन्द्र सिंह धोनी के सन्यास के बाद टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा, क्रिकेट प्रेमियों में निराशा का भाव नजर आने लगा था कि आखिर उनके बाद टीम इंडिया को जीत की राह दिखाने वाला कौन होगा।
निश्चित तौर पर विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी कुछ दम भर रही थी, लेकिन टीम को संभालने, जीत के दावे को पक्का करने का हौसला नजर नहीं आ रहा था। पर अब यह खामी भी टीम इंडिया ने दूर कर ली है।
तो दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट टीम टी—20 के कप्तान हार्दिक पांड्या के इस बयान ‘मुझे दूसरे तरीके से जिम्मेदारी लेनी है, जहां मैं हमेशा साझेदारी में विश्वास करता हूं। मैं अपनी टीम और दूसरे अधिक भरोसा और आश्वासन देना चाहता हूं कि कम से कम मैं वहां मौजूद हूं।’ ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
धोनी के विकल्प पर बयान
हार्दिक पांड्या भारतीय टीम के तेज और घातक गेंदबाज के साथ ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनके सामने गेंदबाज किसी भी तरह का हो, उनका बल्ला थमने का नाम नहीं लेता। लेकिन अब पांड्या के पास कप्तान होने की जिम्मेदारी है, जिस पर उनका कहना है कि धोनी टीम को जीत दिलाने के लिए कई बड़े समझौते करने से नहीं चूके, अब उनकी बारी है। ऐसे में वे धोनी का अनुसरण करते हुए अपने स्ट्राइक रेट को कम करने से भी नहीं हिचकेंगे और टीम इंडिया को मजबूत बनाने की जवाबदारी को पूरा करेंगे।