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तीन साल की उम्र से सिर के नीचे बैट रखकर सोते थे गिल... जानिए उनकी चिलचस्प किस्से

डेस्क। (साभार सोशल मीडिया)। भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल 3 साल की उम्र से ही सर के नीचे बैट रख कर सोते थे। शुभमन गिल का जन्म 8 सितंबर, 1999 को पंजाब के ऐसे घर में हुआ जहां परिवार के अधिकतर लोग पहलवानी और कबड्डी का शौक रखते थे। शुभमन के दादा दीदार सिंह बहुत अच्छे कबड्डी के खिलाडी रहे हैं। वे अपने बेटे लखविंदर सिंह को पहलवान बनाना चाहते थे, पर लखविंदर की जांघ की हड्डी टूट गई और वे किसान बन कर रह गए। लखविंदर को क्रिकेट में दिलचस्पी थी। उनका बेटा शुभमन 3 साल की उम्र से ही क्रिकेट के पीछे दीवाना था। पिता बताते हैं कि खिलौनों के तौर पर भी बेटे को सिर्फ क्रिकेट बैट और बॉल ही पसंद आते थे। बाकी कोई और खिलौना नन्हा शुभमन कभी छूता भी नहीं था। वह अपने बैट और बॉल के साथ ही सोता था। जब भी नन्हा शुभमन मेला घूमने जाता था, तो बगैर प्लास्टिक के बल्ले खरीदे वापस घर नहीं आता था।

शुभमन के क्रिकेट प्रेम को देखकर पिता लखविंदर सिंह ने अपने खेत में ही उनके लिए क्रिकेट का मैदान बना दिया। वह गांव के लड़कों को गिल को बॉल डालने के लिए कहते। लखविंदर जी बच्चों से कहते कि जो उनके बेटे को आउट करेगा, उसे 100 रुपये मिलेंगे। बच्चे शुभमन को गेंद फेंकते और वह पूरे दिन प्रैक्टिस करते। शुभमन गिल का खेल देखकर पिता को पूरा विश्वास हो गया कि ये क्रिकेट में जरूर नाम कमाएगा। पर शुभमन के पिता को अंदाजा था कि गांव में खेलकर भविष्य बेहतर नहीं हो पाएगा। इसलिए इनके पिता ने अपने घर फाजिल्का को छोड़कर मोहाली में पीसीए स्टेडियम के पास घर किराये पर ले लिया। इसके लिए पिता ने खेती-किसानी सब छोड़ दिया। अगर शुभमन गिल क्रिकेट में बड़ा नाम नहीं बना पाते, तो उनके परिवार के पास खेती-बाड़ी के लिए जमीन भी नहीं बची थी। कुछ वर्षों तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन एकेडमी में प्रोफेशनल क्रिकेट ट्रेनिंग लेने के बाद के बाद गिल का खेल बहुत अच्छा हो गया। लोग शुभमन की बैटिंग देखने दूर-दूर से आने लगे।

मात्र 11 साल की उम्र में शुभमन गिल ने पंजाब की अंडर -16 टीम में सिलेक्ट हो कर 5 मैचों में 330 रन ठोक डाले। 2014 में गिल ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी की अंडर-16 कैटेगरी में खेलते हुए पहले ही मैच में 200 से ज्यादा रन बनाए। शुभमन ने इंटर-डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 पंजाब क्रिकेट टूर्नामेंट ML मारकन ट्रॉफी में 351 रनों का निजी स्कोर बनाया और साथी बल्लेबाज निर्मल सिंह के साथ 587 रनो की साझेदारी बना दी। अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के कारण वह जल्दी ही भारत की अंडर-19 टीम सिलेक्ट हो गए। अंडर-19 विश्वकप 2018 में भारत के उपकप्तान शुभमन ने इस वर्ल्ड कप में 124 की अविश्वसनीय औसत से 373 रन बनाए। इस वर्ल्ड कप की 6 पारियों में उन्होंने 2 अर्धशतक और 2 शतक लगाए। वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहने वाले गिल ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में 102* नाबाद रनों की बेहद खूबसूरत पारी खेल कर भारत को फाइनल में पहुंचाया था। शुरुआत से ही पाकिस्तान के खिलाफ शुभमन गिल का बल्ला बोलता रहा है।

विराट कोहली की ही तरह शुभमन गिल को भी विरोधियों पर हावी होना पसंद है। इसलिए गिल को प्रिंस ऑफ इंडियन क्रिकेट कहा जाता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2018 में शुभमन गिल ने लाजवाब बल्लेबाजी कर न केवल भारत को चौथा विश्वकप जिताया, बल्कि खुद भी भारत के पूर्व दिग्गज खिलाडियों की प्रशंसा के हकदार बने। शुभमन गिल ने अपने IPL करियर की शुरुआत 2018 में KKR से की। कोलकाता ने गिल को 1.8  करोड़ में 2018 में खरीदा था। 2018 से 2021 तक शुभमन कोलकाता के लिए IPL खेले। IPL 14 में 478 रन बनाने के बावजूद कोलकाता नाइट राइडर्स ने मेगा ऑक्शन से पहले शुभमन को रिटेन नहीं किया और रिलीज कर दिया। इसके बाद गुजरात टाइटंस ने 8 करोड़ में शुभमन गिल को अपने साथ शामिल किया। बदले में IPL 15 की 16 पारियों में 4 अर्धशतकों की मदद से 483 रन बनाकर शुभमन ने पहले ही साल गुजरात को चैंपियन बना दिया। कोलकाता को पहले ही साल एहसास हो गया होगा कि उसने हीरे को खो दिया।