छत्तीसगढ़
गर्मी से कई चमगादड़ों की मौत, हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा
धमतरी में थाना परिसर के पास भीषण आग, जब्त वाहन और मैदान की सूखी घास जली
लोगों का कहना है कि यदि समय पर दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तो आग और विकराल रूप ले सकती थी और आसपास की सरकारी इमारतों, खासकर स्कूल को बड़ा नुकसान हो सकता था। दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने काफी प्रयासों के बाद आग को नियंत्रित किया और उसे फैलने से रोका। आग बुझाने के दौरान क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराया गया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि सूखी घास में किसी कारणवश आग लगी, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर थानों में लंबे समय से पड़े कंडम वाहनों और खुले मैदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में नियमित सफाई और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
ग्राम बरकई में अनोखी परंपरा “बंधा मतौर” का आयोजन, तालाब में सामूहिक मछली पकड़ने उमड़े हजारों ग्रामीण
आयोजन को देखने पहुंचे लोगों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इस कार्यक्रम की पहचान तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण इस बार रिकॉर्ड संख्या में भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर मछलियां पकड़ीं और अपने घर लेकर गए। आयोजन समिति ने बताया कि आने वाले वर्षों में इस पारंपरिक उत्सव को और अधिक भव्य रूप देने के लिए विशेष तैयारियां की जाएंगी, ताकि बस्तर की यह अनोखी सांस्कृतिक विरासत और व्यापक स्तर पर पहचान बना सके। वहीं कार्यक्रम के अंत में गांव के मालगुजार द्वारा तालाब के पानी को स्पर्श कर “बंधा मतौर” के समापन की घोषणा की जाती है, जिसे इस परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक क्षण माना जाता है।
90 वर्षीय बुजुर्ग को पीठ पर उठाकर बैंक पहुंची बहू, 500 रुपये की पेंशन लेने तय करनी पड़ी कई किमी की दूरी
सरगुजा। पहाड़, जंगल, धूप और थकान… लेकिन कदम नहीं रुके। वजह थी हर महीने मिलने वाले सिर्फ 500 रुपये। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक से सामने आई एक घटना ने लोगों को भावुक भी किया है और कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
घर की हालत ऐसी नहीं थी कि वाहन किराए पर लिया जा सके। गांव से बैंक तक पहुंचने का रास्ता भी आसान नहीं बीच में कच्चा रास्ता और नाला आने की बात सामने आई। ऐसे में उनकी बहू सुखमनिया ने फैसला किया कि इंतजार नहीं करेंगी।
बताया जाता है कि उन्होंने अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर उठाया और तपती दोपहर में कई किलोमीटर पैदल चलकर बैंक तक पहुंचीं। कुछ रिपोर्टों में दूरी करीब 5 किलोमीटर, जबकि कुछ जगह आने-जाने को मिलाकर इससे ज्यादा दूरी का उल्लेख किया गया है। बैंक पहुंचने के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी हुई और कई महीनों से लंबित पेंशन की राशि जारी की गई।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में अंतिम छोर तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने की चुनौती बताया।
मुख्यमंत्री साय की घोषणा का असर.... कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।
मुख्यमंत्री ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी। महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य गुरु सौरभ साहेब एवं जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया।
ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दीदी सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई।
मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।
दूसरी शादी पर हुई लड़ाई तो हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया दुल्हा, घंटों चला ड्रामा
रायपुर। प्रदेश के धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेंडरा में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक गांव के पास स्थित हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया और ऊपर से कूदने की धमकी देने लगा। करीब 50 फीट ऊंचाई पर चढ़े युवक को देखकर गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया।जानकारी के मुताबिक ग्राम भेंडरा निवासी यादराम साहू पहले से शादीशुदा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में वह अपनी प्रेमिका के साथ दूसरी शादी कर उसे घर ले आया था। युवक की इस हरकत से परिवार और ग्रामीण नाराज हो गए। गांव में इसे लेकर विवाद और तनाव की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों के अनुसार युवक जब दूसरी महिला को घर लेकर पहुंचा तो परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया। गांव के कई लोगों ने भी नाराजगी जताई। इसी बात से आहत होकर युवक शनिवार सुबह गांव से गुजर रहे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। टावर के ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली लाइन गुजर रही थी, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।टावर पर चढ़ने के बाद युवक नीचे खड़े लोगों को कूदने और जान देने की धमकी देने लगा। यह देख गांव में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर भखारा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने युवक को लगातार समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद युवक किसी तरह नीचे उतरने के लिए तैयार हुआ।युवक के सुरक्षित नीचे आने के बाद गांववालों और पुलिस ने राहत की सांस ली। यदि जरा सी भी चूक होती तो युवक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ सकता था या ऊंचाई से गिरकर उसकी जान जा सकती थी।बताया जा रहा है कि युवक शुक्रवार को भी टावर पर चढ़ गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने समझाकर उसे नीचे उतारा था। लगातार दो दिनों तक हुई इस घटना ने गांव में चर्चा का माहौल बना दिया है।
जशपुर के सेब से बदल रही किसानों की तकदीर
खैरागढ़ विश्वविद्यालय का नाम बदलने पर मुहर, अब कहलाएगा “राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय”
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान और राजपरिवार की दूरदर्शिता का प्रतीक है, जिसे मूल स्वरूप में संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है. देश-प्रदेश में कला और संगीत शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में शामिल यह विश्वविद्यालय वर्षों से संगीत, ललित कला और सांस्कृतिक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है. ऐसे में नाम परिवर्तन को केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि इतिहास, विरासत और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के जंगलों में दिखा दुर्लभ सफेद भालू….
विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि इन सफेद भालुओं का ध्रुवीय भालुओं से कोई संबंध नहीं है। पोलर बियर केवल आर्कटिक क्षेत्र में पाए जाते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में दिखने वाले सफेद भालू भारतीय स्लॉथ बेयर की ही दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था माने जाते हैं, दुर्लभ सफेद भालुओं की मौजूदगी छत्तीसगढ़ के जंगलों की जैव विविधता को और खास बनाती है। वन विभाग भी इनके संरक्षण और निगरानी पर लगातार नजर बनाए हुए है।
धान गायब कर 52 लाख का भ्रष्टाचार, जांच के निर्देश
इस प्रकार कुल 63 हजार 931.54 क्विंटल धान का प्रदाय किया गया। आनलाइन रिकार्ड के अनुसार केंद्र में एक हजार 696.06 क्विंटल धान शेष होना था, परंतु भौतिक सत्यापन में बोरियों में और न ही खुले में एक किलो भी धान नहीं मिला। समिति प्रबंधक नीलकंठ साहू व ऑपरेटर ने भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं पाये गये धान को सूखत होना बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि मिलर्स को धान देते समय रैंडम वजन नहीं किया गया। जबकि जांच में पाया गया कि सुनियोजित तरीके से, धर्मकांटा में प्राप्त वास्तविक वजन की एंट्री न करते हुए काल्पनिक एवं फर्जी आकड़ों की आनलाइन प्रविष्टि कर 1696.06 क्विंटल धान को सूखत दिखा दिया गया।
भीषण गर्मी को लेकर मौसम विभाग ने फिर दिया अपडेट
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण अंदरूनी उड़ीसा और उसके आसपास विस्तारित है. एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश से अंदरुनी उड़ीसा छत्तीसगढ़ होते हुए 1.5 कम ऊंचाई तक विस्तारित है. वहीं एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास बना हुआ है. प्रदेश में आज मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान में अगले तीन दिनों में दो डिग्री के आसपास वृद्धि होने की संभावना है. बस्तर संभाग में 26 मई से वर्षा का दौर प्रारंभ होने की संभावना है. मध्य क्षेत्र में 29 मई से वर्षा की गतिविधि प्रारंभ होने की सम्भावना बन रही है.
150 एकड़ अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई, बुलडोजर से ढहाए गए निर्माण
इसके साथ ही संबंधित राजस्व निरीक्षक (आरआई) को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने दोनों अधिकारियों से दो दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग और भूमि कब्जे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि जिले में अवैध कॉलोनी विकास पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
कवर्धा में 150 लोगों की ‘घर वापसी’: विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर कराया सनातन धर्म में पुनः प्रवेश
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में लगातार सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे लोग अपनी मूल परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों को समझ सकें। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने विधायक के इस कदम की सराहना की और इसे सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कतियाररास समाधान शिविर में हितग्राहियों को वितरित किए गए आयुष्मान कार्ड
सुशासन तिहार समाधान शिविर के माध्यम से उनका आयुष्मान कार्ड तैयार होकर उन्हें प्राप्त हुआ। कार्ड मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब जरूरत पड़ने पर परिवार को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने शासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण आम लोगों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। विशेष बात यह रही कि शिविर में उपस्थित नहीं हो पाने वाले कुछ हितग्राहियों तक भी प्रशासन की टीम स्वयं पहुंची। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अन्य पात्र हितग्राहियों को उनके घर एवं दुकानों में जाकर आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। हितग्राहियों ने शिविर में सहज एवं त्वरित तरीके से कार्ड प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। लोगों ने कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं गांव एवं वार्ड स्तर तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। शिविर में इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा भी आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को त्वरित राहत मिल रही है।
ट्रैक्टर ट्रॉली में बाइक को लादकर पेट्रोल पंप पहुंचा युवक
CG मे टला रेल हादसा! मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतरा
घटना के बाद रेलवे की ATR टीम मौके पर पहुंची और पटरी से उतरे इंजन को वापस ट्रैक पर लाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद करीब तीन घंटे में इंजन के पहियों को दोबारा पटरी पर चढ़ाया जा सका। इस दौरान कुसमुंडा साइडिंग में कोयला लोडिंग का काम प्रभावित रहा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मुख्य रेलवे परिवहन व्यवस्था पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
अस्पताल में कूलर-फैन नहीं, गर्भवती महिला हुई बेहोश, मरीज के परिजनों का हंगामा
मरीजों का आरोप है कि जहां बाहर मरीज तपती गर्मी में परेशान हो रहे हैं। वहीं काउंटर के अंदर कर्मचारी कूलर और पंखों की ठंडी हवा में आराम से ड्यूटी कर रहे हैं। भगत सिंह चौक निवासी श्रीराज सिंह ने बताया कि वे अपनी गर्भवती पत्नी की जांच कराने अस्पताल पहुंचे थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कतार कई बार टीन शेड से बाहर निकलकर धूप तक पहुंच जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर एक बजे के बाद डाक्टर अस्पताल से गायब हो जाते हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। सुबह भी डॉक्टर समय पर ओपीडी में नहीं पहुंचते हैं। शिकायत करने पर कर्मचारियों के मरीजों से बदसलूकी किए जाने की बात भी सामने आई है।