छत्तीसगढ़
गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 400 कट्टा अवैध धान जब्त, ट्रक समेत उड़ीसा पुलिस को सौंपा
पुलिस ने साफ किया है कि बॉर्डर पर धान तस्करी की रोकथाम के लिए सतर्कता और सघन निगरानी आगे भी जारी रहेगी। गरियाबंद पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से एक बार फिर धान तस्करी पर बड़ा प्रहार किया गया है।
कोंडापल्ली में संचार क्रांति का नया सवेरा: मोबाइल नेटवर्क पहुंचते ही नाच उठे ग्रामीण
रायपुर। दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।
कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।
जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।
इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।
अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर किया जमकर हंगामा, पुलिस पर पैसों की डिमांड का लगाया आरोप
पहले रमेश सिदार को प्रकाश उर्फ रमेश बनाकर जेल भेजा गया और अब पुलिस यह कह रही है कि वास्तविक आरोपी रमेश यादव है। इससे ग्रामीणों ने पुलिस पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। काफी मशक्कत के बाद डीएसपी बनर्जी ने रमेश यादव के परिजनों को भीतर बुलाकर चर्चा की और बताया कि दर्ज अपराध आगे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, इसलिए वहीं उचित विधिक कार्रवाई संभव है। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि यदि पैसों की मांग वाली रिकॉर्डिंग वाकई मौजूद है, तो उसे एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत के साथ प्रस्तुत करें। डीएसपी ने भरोसा दिलाया कि आरोप सही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और पुलिस व प्लांट प्रबंधन की मिलीभगत की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वन व बिजली विभाग पर जमीन मालिक को फायदा पहुँचाने का आरोप, पेड़ काटने और पोल उखाड़ने पर भड़के लोग.
पेड़ काटने वाले कर्मचारियों के पास न हेलमेट है, न रस्सी, न दस्ताने। नंगी तारों के बीच पेड़ काटना जान जोखिम में डालने जैसा है। लोगों की चिंता है कि अगर बिजली बंद नहीं की गई और कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? स्थानीय लोग वन विभाग और बिजली विभाग दोनों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।मामला निजी भूमि पर हो रहे पेड़ों की कटाई, ट्रांसफार्मर हटाने और कथित रूप से निजी व्यक्ति को फायदा दिलाने से जुड़ा है। फिलहाल लोगों ने मांग की है कि प्रशासन पूरे मामले की जांच करे और बिना सुरक्षा साधनों के काम कर रहे कर्मचारियों को तुरंत रोका जाए।
बिलासपुर-एलटीटी के मध्य स्पेशल ट्रेन.. यात्रियों को मिलेगी कंफर्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा
रायपुर। शीतकालीन के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुये उन्हें कंफर्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बिलासपुर-एलटीटी-बिलासपुर के मध्य एक फेरे के लिये स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है । इस गाड़ी में पर्याप्त संख्या में सीट उपलब्ध है ।
गाड़ी संख्या 08245 बिलासपुर-एलटीटी स्पेशल ट्रेन बिलासपुर से दिनांक 10 दिसम्बर 2025 को तथा गाड़ी संख्या 08246 एलटीटी-बिलासपुर स्पेशल ट्रेन एलटीटी से दिनांक 12 दिसम्बर 2025 को चलेगी ।
इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दोनों दिशाओं में रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर, अकोला, भुसावल, मनमाड, नासिक, कल्याण , ठाणे तथा एलटीटी स्टेशनों में दिया गया है । इस स्पेशल ट्रेन में 02 एसएलआरडी, 05 सामान्य, 10 स्लीपर, 02 एसी-III तथा 01 एसी-II सहित कुल 20 कोच की सुविधा उपलब्ध है ।
गाड़ी संख्या 08245 बिलासपुर-एलटीटी स्पेशल ट्रेन बिलासपुर से 17.00 बजे रवाना होगी तथा रायपुर आगमन 18.35 बजे, प्रस्थान 18.40 बजे, दुर्ग आगमन 19.30 बजे, प्रस्थान 19.35 बजे, गोंदिया आगमन 21.18 बजे, प्रस्थान 21.20 बजे, नागपुर आगमन 00.01 बजे, प्रस्थान 00.05 बजे, अकोला आगमन 03.32 बजे, प्रस्थान 03.35 बजे, भुसावल आगमन 05.35 बजे, प्रस्थान 05.40 बजे, मनमाड आगमन 08.10 बजे, प्रस्थान 08.12 बजे, नासिक रोड आगमन 09.10 बजे, प्रस्थान 09.15 बजे, कल्याण आगमन 11.52 बजे, प्रस्थान 11.55 बजे, ठाणे आगमन 12.17 बजे, प्रस्थान 12.20 बजे तथा एलटीटी 13.30 बजे पहुंचेगी ।
इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08246 एलटीटी-बिलासपुर स्पेशल ट्रेन एलटीटी से 00.15 बजे रवाना होगी तथा ठाणे आगमन 00.32 बजे, प्रस्थान 00.35 बजे, कल्याण आगमन 00.57 बजे, प्रस्थान 01.00 बजे, नासिक रोड आगमन 03.32 बजे, प्रस्थान 03.35 बजे, मनमाड आगमन 04.23 बजे, प्रस्थान 04.25 बजे, भुसावल आगमन 06.50 बजे, प्रस्थान 06.55 बजे, अकोला आगमन 08.50 बजे, प्रस्थान 08.55 बजे, नागपुर आगमन 13.35 बजे, प्रस्थान 13.40 बजे, गोंदिया आगमन 15.13 बजे, प्रस्थान 15.15 बजे, दुर्ग आगमन 17.25 बजे, प्रस्थान 17.30 बजे, रायपुर आगमन 18.05 बजे, प्रस्थान 18.10 बजे तथा 20.15 बजे बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी ।
सीपत में भटके किशोर हाथी ने महिला पर किया हमला, वन विभाग अलर्ट पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से लगे सीपत इलाके में एक बार फिर हाथियों का आतंक फैल गया है। कटघोरा वनमंडल से भटका एक किशोर हाथी शुक्रवार देर रात सोंठी वन क्षेत्र में पहुंच गया। सुबह होते-होते वह खोंधरा, सोंठी, कारीछापर होते हुए भरुवाडीह जंगल तक पहुँच गया।
सुबह करीब 5.30 बजे भरुवाडीह की रहने वाली संत बाई ऊईके रोज की तरह जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गई थीं। उसी दौरान भटके हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। वन विभाग टीम ने तुरंत उपचार की व्यवस्था की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
सीपत सर्किल के डिप्टी रेंजर लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल ने बताया कि प्रजनन काल होने के कारण यह हाथी झुंड से अलग होकर आबादी वाले इलाके में आ गया है। हाथी की लोकेशन ट्रैक करने ठरकपुर और भरुवाडीह क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इधर ग्रामीणों ने बताया कि हाथी ने भरुवाडीह में एक प्लॉट की फेंसिंग तोड़ दी और खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। गांव के आसपास लगातार हाथी के पगचिह्न देखे जा रहे हैं। इसके चलते वन विभाग लगातार मुनियादी कार्य कर रहा है और गांवों में अलर्ट जारी किया जा रहा है।
Indigo फ्लाइट रद्द, ट्रेन तैयार… 37 ट्रेनों में बढ़ाए गए 116 कोच, रेलवे ने किया ऐलान
डेस्क। इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन की स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने विशेष ट्रेनें चलाने के साथ ही कई प्रमुख मार्गों पर 116 अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला लिया है। पश्चिम रेलवे ने साबरमती और दिल्ली जंक्शन के बीच विशेष किराए पर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। ट्रेन संख्या 09497/09498 साबरमती–दिल्ली जंक्शन सुपरफास्ट स्पेशल कुल चार फेरों के लिए संचालित होगी।
अहमदाबाद-दिल्ली मार्ग पर बड़ी संख्या में यात्रियों को वैकल्पिक साधन न मिलने की स्थिति में पश्चिम रेलवे ने ट्रेन ऑन डिमांड के तहत यह सेवा शुरू करने का निर्णय लिया।
ट्रेन संख्या 09497 (साबरमती–दिल्ली स्पेशल)
यह ट्रेन 7 और 9 दिसंबर 2025 को साबरमती से रात 22.55 बजे रवाना होकर अगले दिन 15.15 बजे दिल्ली जंक्शन पहुंचेगी।
ट्रेन संख्या 09498 (दिल्ली–साबरमती स्पेशल)
यह ट्रेन 8 और 10 दिसंबर 2025 को दिल्ली जंक्शन से रात 21.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 12.20 बजे साबरमती पहुंचेगी।
दोनों दिशाओं में ट्रेन महेसाणा, पालनपुर, आबूरोड, मारवाड़ जंक्शन, अजमेर, जयपुर, अलवर, रेवाड़ी, गुड़गांव और दिल्ली कैंट में ठहरेगी। ट्रेन में एसी 3-टियर कोच लगाए जाएंगे। जो कि 925 किलोमीटर की दूरी को कवर करेगी। साबरमती से दिल्ली की यात्रा 16.20 घंटे और दिल्ली से साबरमती की यात्रा 15.20 घंटे में पूरी होगी।
ट्रेन संख्या 09497 की बुकिंग 6 दिसंबर 2025 से सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू होगी। समय, रूट और कोच संरचना की विस्तृत जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच
देशभर में फ्लाइट रद्द होने के बाद बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। ये कोच कुल 114 अतिरिक्त ट्रिप्स में लगाए जाएंगे।
सबसे ज्यादा कोच साउदर्न रेलवे ने जोड़े हैं, जिसने 18 ट्रेनों में अतिरिक्त स्लीपर और चेयर कार कोच लगाए हैं। नॉर्दर्न रेलवे ने 8 ट्रेनों में 3AC और चेयर कार जोड़कर क्षमता बढ़ाई है, जबकि वेस्टर्न रेलवे ने चार महत्वपूर्ण ट्रेनों में 3AC और 2AC कोच जोड़े हैं।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने राजेंद्र नगर–नई दिल्ली ट्रेन में 6 से 10 दिसंबर तक पांच ट्रिप्स में 2AC कोच जोड़े हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने भुवनेश्वर–नई दिल्ली मार्ग पर कई ट्रिप्स में 2AC कोच जोड़कर कनेक्टिविटी मजबूत की है। ईस्टर्न रेलवे ने 7 और 8 दिसंबर को छह ट्रिप्स में स्लीपर कोच बढ़ाए हैं।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने भी दो प्रमुख ट्रेनों में 6 से 13 दिसंबर के बीच आठ–आठ ट्रिप्स में 3AC और स्लीपर क्लास कोच जोड़े हैं।
चार विशेष ट्रेनों का संचालन
अतिरिक्त कोचों के साथ-साथ भारतीय रेलवे चार विशेष ट्रेनों का संचालन भी कर रहा है—
• गोरखपुर–आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल (05591/05592)
• नई दिल्ली–मार्टियर कैप्टन तुषार महाजन वंदे भारत स्पेशल (02439/02440)
• नई दिल्ली–मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल (04002/04001)
• हजरत निजामुद्दीन–तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल (04080)
रेल मंत्रालय ने कहा है कि ये सभी उपाय मौजूदा परिस्थितियों में यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वसनीय यात्रा सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से किए गए हैं।
बढ़ती ठंड का असर- कोरबा में भी बदला स्कूलों का समय, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बढ़ती ठंड को देखते हुए अब कोरबा जिले में भी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने आगामी सोमवार से सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और मदरसा स्कूल नई समय-सारिणी के अनुसार स्कूल संचालन का आदेश जारी किया है। ताकि बच्चों को ठंड से बचाव और राहत मिल सके।
जारी आदेश में दो पाली में संचालित विद्यायलों के लिए प्राथमिक शालाएं सुबह 8.30 से 12 बजें तक संचालित होंगी, जबकि मीडिल और हायर सेकेंडरी की कक्षाएं दोपहर 12:15 बजें से शाम 4.30 बजें तक। इसी तरह एक पाली में संचालित होने वाले विद्यायलों का समय यथावत सुबह 10 बजें से शाम 4 बजें तक होगा।
IMD की चेतावनी... आने वाले 3 दिनों में होगी भारी बारिश!.. बढ़ेगी ठंड
रायपुर। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 दिसंबर तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। आने वाला सप्ताह में उत्तर, पूर्व और दक्षिण के कुछ हिस्सों में शीत लहर, घना कोहरा और छिटपुट बारिश की संभावना है। IMD ने कई स्थानीय मौसम में परिवर्तन की आशंका जताई है जो ऍम लोगों की यात्रा, खेती और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
आईएमडी के अनुसार, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट से लेकर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में अक्सर दिसंबर में सर्दियों की वर्षा बढ़ जाती है। ऐसे में आने वाले मौसम के पैटर्न से नमी वाले बादलों के बीच-बीच में आने की संभावना है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों, मुख्यतः केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी भागों में भी छिटपुट वर्षा होने की संभावना है, जिससे उत्तर-पूर्वी मानसून का अंतिम प्रभाव जारी रहेगा। द्वीपीय क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है।
तापमान के रुझान भारत के कई हिस्सों में साफ़ सर्दी की शुरुआत दिखा रहे हैं। 6 और 7 दिसंबर को मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट की उम्मीद है।
यह सर्दी पश्चिमी विक्षोभों के बाद ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के आगे बढ़ने का संकेत है। हालाँकि, 6 दिसंबर के बाद, इन क्षेत्रों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है। महाराष्ट्र में 9 दिसंबर तक रात के तापमान में स्थिरता बनी रहेगी। 10 दिसंबर के बाद, राज्य में लगभग 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे सर्दी और भी ज़्यादा बढ़ेगी। दूसरी ओर, गुजरात में पूरे सप्ताह तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है और यह अपेक्षाकृत स्थिर बना रहेगा।
झारखंड के कुछ इलाकों में शीतलहर जारी है। पूर्वोत्तर राज्यों और हिमाचल प्रदेश में कोहरा चिंता का विषय बना हुआ है, जिससे सुबह के समय दृश्यता कम होने की संभावना है। आज के लिए कोई गरज या बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में मौसम के शांत रहने की उम्मीद है।
जी.एल.डी. हॉस्पिटल को नोटिस – नर्सिंग होम एक्ट और PCPNDT नियमों के उल्लंघन का आरोप
सीएमएचओ डॉ. मरकाम ने कहा कि जवाब असंतोषजनक होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पामगढ़ बीएमओ की लापरवाही को लेकर अलग से जांच प्रस्तावित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी अस्पतालों में पर्यवेक्षी डॉक्टरों की नियुक्ति और सेवा परिवर्तन की जानकारी समय पर देना अनिवार्य है, ताकि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।
कोयला खदान विस्तार के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प, मामले की जांच करने कांग्रेस ने बनाई 10 सदस्यीय टीम
हस्तशिल्प पुरस्कार 2025: छत्तीसगढ़ की हिराबाई झरेका बघेल का मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार
रायपुर। कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025, मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 के माध्यम से वर्ष 2023 और 2024 के विशिष्ट शिल्पियों को सम्मानित करेगा। इस वर्ष के समारोह में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री हिराबाई झरेका बघेल को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है, जिन्हें जगदलपुर से धातुकला (बेल मेटल) में अद्वितीय कौशल के लिए सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कारों की स्थापना 1965 में हुई थी, जिनका उद्देश्य उन उत्कृष्ट शिल्पियों को पहचान देना है जिनके अद्वितीय कौशल ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। “शिल्प गुरु” पुरस्कार, जो 2002 में आरंभ किए गए, हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान हैं और उन शिल्प गुरुओं को प्रदान किए जाते हैं जिन्होंने परंपरागत कला में असाधारण निपुणता, नवाचार और संरक्षण का परिचय दिया है।
यह समारोह राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8 से 14 दिसंबर) का प्रमुख आकर्षण है। इस दौरान देशभर में विविध गतिविधियाँ—हस्तकला प्रदर्शनी, विषयगत कार्यशालाएँ, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, शिल्प प्रदर्शन, पैनल चर्चा, जन-जागरूकता पहल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों—का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक-आर्थिक महत्ता को बढ़ाना है।
भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण संरक्षक है, बल्कि ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी है। कपड़ा मंत्रालय शिल्पियों को पहचान, कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सशक्तिकरण और बाजार उपलब्धता जैसे उपायों के माध्यम से निरंतर समर्थन प्रदान कर रहा है। हस्तशिल्प पुरस्कार और राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को सुदृढ़ करना और शिल्प समुदायों को सशक्त बनाना है।
छत्तीसगढ़ का पर्यटन दे रहा आकर्षक टूर पैकेज... भ्रमण में मिलेगी 75 प्रतिशत सब्सिडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”
प्रमुख टूर पैकेज
रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)---- इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।
रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)--- धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।
रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)--- इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।
रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)--- यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।
टूर पैकेज की विशेषताएं_----- प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।
स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा
इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन का रुका काम फिर से शुरू, यात्रियों को जल्द मिलेगी राहत
स्टेशन में जारी यह पुनर्निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर है और इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी। रेलवे का दावा है कि समय पर काम पूरा करने सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
गोगुंडा के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना, नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली नई गति
महानिरीक्षक, सीआरपीएफ (सीजी सेक्टर) शालीन ने गोगुंडा कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, संचार प्रणाली और नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की तथा जवानों का मनोबल बढ़ाया। निरीक्षण के दौरान उप महानिरीक्षक (परि) सीआरपीएफ रेंज सुकमा आनंद सिंह राजपुरोहित, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS) तथा 74 बटालियन सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कैंप स्थापना के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में एक सीआरपीएफ जवान और एक महिला जिला पुलिस जवान घायल हुए थे। दोनों का उपचार उच्च स्तर पर जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य है।
छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत स्थापित यह कैंप क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा। पुलिस के अनुसार, यह कदम स्थानीय ग्रामीणों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा तथा नक्सल उन्मूलन अभियान को नई गति प्रदान करेगा।
वर्ष 2024 से अब तक जिले में 21 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इसी अवधि में 587 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण, 68 माओवादी ढेर, तथा 450 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं। सुरक्षा कैंपों की स्थापना से नक्सल गतिविधियों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
गोगुंडा कैंप स्थापना में जिला पुलिस बल सुकमा, DRG सुकमा और 74 बटालियन CRPF की संयुक्त भूमिका रही है।
जवानों ने रात भर चले मुठभेड़ में 6 और नक्सलियों को मार गिराया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने रातभर चले मुठभेड़ में 6 और माओवादियों को मार गिराया है। बता दें कि पश्चिम बस्तर डिवीजन के माओवादियों के साथ मंगलवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। अब तक मुठभेड़ स्थल से 18 माओवादियों के शव मिल हैं। बुधवार सुबह माओवादी कमांडर वेल्ला की टीम के साथ मुठभेड़ शुरू हुई थी। इस मुठभेड़ में देर शाम तक सुरक्षा बलों ने वेल्ला समेत 12 माओवादियों को ढेर कर दिया था, जबकि तीन डीआरजी जवान शहीद हो गये थे।
जानकारी के मुताबिक 3 जवानों के शहीद होने के बाद मुठभेड़ स्थल के लिए बैकअप फोर्स भेजी गई थी। जिसके बाद रात भर चले मुठभेड़ में जवानों ने 6 और नक्सलियों को ढेर कर दिया हैं। अब तक मारे गए 18 माओवादियों के शव के पास से मिले एके-47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी सहित भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद जवानों ने बरामद कर जब्त किया हैं। इन हथियारों को लेकर जवान मुख्यालय की ओर लौट रहे हैं। मारे गए माओवादियों के शवों की औपचारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है।
गौरतलब है कि बुधवार को हुए इस मुठभेड़ में माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के दौरान डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी शहीद हो गये हैं। वहीं इस मुठभेड़ में घायल दो जवानों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जवानों के शहादत के बाद बीजापुर पुलिस लाइन में गमगीन माहौल है। शहीद जवानों को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लाइन में पहुंचकर अंतिम सलामी दी। बताया जा रहा है कि सर्च ऑपरेशन अभी भी क्षेत्र में जारी है और अतिरिक्त बल तैनात कर पूरे इलाके सुरक्षित कर लिया गया है।
औंधी क्षेत्र में बाघ की दस्तक: नवागढ़ के जंगल में टाइगर कैमरे में कैद, वन विभाग ने जारी की सतर्कता एडवाइजरी
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बाघ ने औंधी क्षेत्र में एक गाय का शिकार किया था।दिलचस्प बात यह है कि बाघ अगले दिन फिर से मौके पर लौटा और शिकार को लगभग पूरी तरह से खत्म कर दिया।यह व्यवहार बाघ के स्वभाव के अनुरूप माना जाता है, क्योंकि वे अपने शिकार को अक्सर दूसरे दिन भी खाने लौटते हैं।वनकर्मियों ने शिकार स्थल की जांच की और टाइगर मूवमेंट को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।