छत्तीसगढ़
शूटर के अवैध निर्माण पर चला निगम का बुलडोजर….
छत्तीसगढ़ में बदला राजभवन का नाम, अब इस नाम से जाना जाएगा
रायपुर| छत्तीसगढ़ राजभवन अब ‘‘लोकभवन‘‘ के नाम से जाना जाएगा। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर प्रसन्ना ने राजभवन का नाम परिवर्तित कर लोकभवन करने का आदेश आज जारी कर दिया है।
मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की अचानक मौत, जांच में जुटे चिड़ियाघर प्रबंधन और वन विभाग
अंबेडकर अस्पताल में अब जूनियर डॉक्टर मरीज के लिए सीधे सिटी स्कैन के लिए नहीं बनाएंगे पर्ची
रायपुर। डॉ. बीआर अम्बेडकर अस्पताल में मरीजों की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए अब जूनियर डॉक्टर सीधे पर्ची नहीं बनाएंगे। यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट के हस्ताक्षर के बाद ही मरीज की सोनोग्राफी और सीटी स्कैन जांच होगी। अब मरीजों को सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा. मरीज की जांच उसी दिन होगी।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अम्बेडकर अस्पताल में जांच सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है। व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम रेडियोलॉजी विभाग में उठाया गया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए 15 से 20 दिन इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब इंतजार खत्म हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि मरीज की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच उसी दिन होगी। इससे मरीजों को जांच के लिए परेशान नहीं होना होगा. जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताहभर से सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग काफी कम हो गई है।
सोनोग्राफी भी उसी दिन होने लगी है। शुक्रवार को 256 सोनोग्राफी हुई, जो कुछ दिनों पहले तक 130-135 होती थी. वर्तमान में सीटी स्कैन, एमआरआई जांच के लिए 15 दिसंबर तक की वेटिंग दी गई है. अस्पताल प्रबंधन की मानें तो 16 दिसंबर से रेडियोलॉजी विभाग में किसी तरह की वेटिंग नहीं होगी. इसके अलावा मशीनों के लिए आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्थाएं भी तत्काल की जा रही है ताकि मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े. दूसरी ओर, मरीजों की स्थिति के अनुसार ही सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की जाएगी.
अब तक देखने में आ रहा था कि ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को जूनियर डॉक्टरों द्वारा अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन की पर्ची बनाई जा रही है. इसके कारण ही सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच हेतु वेटिंग बढ़ रही थी. 10-15 दिन तक की वेटिंग लगती थी. अब व्यवस्था बदल जाएगी. अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि ओपीडी में उपचार हेतु आने वाली मरीजों की सीटी स्कैन, एमआरआई की जांच के लिए बनने वाली पर्ची बिना यूनिट इंचार्ज की अनुमति और हस्ताक्षर के नहीं बनेगी.
सीटी स्कैन के लिए यूनिट इंचार्ज के हस्ताक्षर जरूरीः अधीक्षक
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि जूनियर डॉक्टर सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए सीधे पर्ची नहीं बना पाएंगे. पर्ची बनाने के लिए यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग धीरे-धीरे खत्म हो रही है. अब उसी दिन मरीज की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच होगी. इससे मरीजों को जांच के लिए इंतजार नहीं करना होगा.
रायपुर सहित पूरे प्रदेश में बढ़ी ठंड, अंबिकापुर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद प्रदेश में ठंड अचानक तेज़ होने की संभावना है।
शुक्रवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.2°C, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 6.9°C दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों का सबसे कम आंकड़ा है। अंबिकापुर और सरगुजा संभाग में यह तापमान कड़ाके की ठंड का अहसास करा रहा है।रायपुर माना में भी तापमान 11.7°C रहा, जो पिछले दशक में सबसे कम दर्ज किया गया है।पिछले 24 घंटे में प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा नहीं हुई।
इधर बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ तेजी से सक्रिय है। यह सिस्टम श्रीलंका के तटीय इलाकों और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 30 नवंबर की सुबह तक यह नॉर्थ तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र के तटीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।
हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठंड के तेवर फिर बढ़ा दिए हैं।अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट की आशंका है।मौसम विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और लोगों को सुबह-शाम सतर्क रहने की सलाह दी है।छत्तीसगढ़ में ठंड की वापसी अब और तेज़ दिख सकती है।
बड़ा हादसा — बस और कार की भीषण टक्कर, कई लोग घायल
कार में सवार तीन पत्रकार, जो सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, उन्हें भी चोटें आई हैं। घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य जारी है। कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्तार, जंगल-पहाड़ों के रास्तों से मतदाताओं तक पहुंच रही टीम
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
कोरबा में कृषि विभाग कोदो-रागी की फसल लगाने कर रहा प्रोत्साहित, पटवारी ने घास समझकर गिरदावरी में दर्ज किया निरंक, अब किसान हो रहा परेशान
लेकिन अर्चना कंवर ने ग्राम बुंदेली में किसान के फसल की गिरदावरी के वक्त कृषि विभाग को न तो जानकारी दी गयी और ना ही खुद मौके पर पहुंची। कृषि विभाग का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो किसान को कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि का लाभ नही मिल सकेगा। जिससे न केवल किसान को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होगाए बल्कि ऐसी गड़बड़ियों के कारण किसान दूसरी फसल लगाने से सीधे तौर पर कतरायेंगे।
चबूतरे पर लटका भविष्य, साड़ी के पर्दे में कैद जर्जर आंगनबाड़ी… चार साल से चबूतरे पर चल रही पढ़ाई
मुख्यमंत्री साय ने महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई
रायपुर। महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री साय के साथ साझा किए।
उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था।
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष सेवा राम साहू, पूर्व कोच अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
रायपुर में 29-30 नवंबर को 60वां अखिल भारतीय डीजी सम्मेलन,,, पीएम मोदी और शाह होंगे शामिल
रायपुर। प्रधानमंत्री 29-30 नवंबर, 2025 को भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशकों महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के 60वें संस्करण में भाग लेंगे। यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप 'सुरक्षित भारत' के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है।
'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
यह सम्मेलन देश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है, और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।
वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है। यह सम्मेलन गुवाहाटी (असम), कच्छ के रण (गुजरात), हैदराबाद (तेलंगाना), टेकनपुर (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया, गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), नई दिल्ली, जयपुर (राजस्थान) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित किया जा चुका है। इसी परंपरा को जारी रखते हुए, इस वर्ष 60वां पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।
यात्रीगण कृपया ध्यान दें; बालोद-रायपुर तक सफर करने वाले हो जाएं सावधान… पत्थरबाजों ने किया लहूलुहान
कल रात हुई पत्थर बाजी की घटना बालोद रायपुर के बीच सिकोसा लाताबोड़ स्टेशन के बीच हुआ है, रेलवे में सफर करने वाले रमन जैन ने बताया कि जब भी हम रात की सफर करते हैं तब हमें पत्थर बाजों का डर बना रहता है और कई बार ऐसी घटनाएं होती है जब बैठे रहते हैं तब खिड़की पर जाली तो लगी हुई है लेकिन जब हम अत्यधिक भीड़ के कारण चढ़ने उतरने वाले जगह पर खड़े रहते हैं तब हमें इसका सामना करना पड़ता है। कल हुई पत्थर बाजी में भी मैं बाल बाल बच्चा हूं और लगातार हम प्रशासन से ही मांग करते आ रहे हैं कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए ताकि यात्रीगण सुरक्षित सफर कर सके।
छत्तीसगढ़ में पड़ेगी कड़ाके की ठंड.... मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने प्रदेश में तापमान में गिरावट की संभावना जताई है। अनुमान है कि आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। विभाग के अनुसार इसके बाद मौसम में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना नहीं है। वहीं अगले तीन दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
इधर, स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने कहा कि अचानक ठंड बढ़ने से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और गर्म कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। दुर्ग इस समय राज्य का सबसे ठंडा मैदानी जिला रहा, हालांकि पिछले पांच दिनों में यहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर में भी न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से बढ़कर लगभग 16.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
पिछले 24 घंटों में राज्य का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पूर्व अंबिकापुर का तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ था, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर महीने का सबसे कम स्तर माना गया है।
उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में लिखेगा नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी।
मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी।
ठंड ने बढ़ाई पिकनिक स्पॉट्स की रौनक: कानन पेंडारी और आसपास के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भीड़
ठंड कम पड़ने के बावजूद कानन पेंडारी जू प्रबंधन ने समय रहते वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी है। चीतल, सांभर, बारहसिंगा, नीलगाय जैसे संवेदनशील प्राणियों पर ठंड का असर ज्यादा होता है क्योंकि उनके केज चारों तरफ से खुले होते हैं। इसके लिए पिछले साल लगाए गए नए शेड की मरम्मत कर ऊपर पैरा डाला गया है। साथ ही केज के पीछे और किनारों में बांस के टटरे लगाए गए हैं और जमीन पर पैरे का बिछौना तैयार किया गया है ताकि प्राणी ठंड से सुरक्षित रहें।
संवेदनशील पक्षियों और सांपों को बचाने के लिए 100-100 वोल्ट के बल्ब लगाए जा रहे हैं। वहीं बाघ, सिंह और भालू जैसे बड़े वन्य प्राणियों के केज में बोरे और प्लाईवुड से घेरा बनाया गया है ताकि ठंडी हवा का सीधा असर न पड़े। कुल मिलाकर ठंड का मौसम पिकनिक प्रेमियों के लिए खुशियां लेकर आया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करना भी बेहद जरूरी है। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं तो पिकनिक का पूरा मजा लें, लेकिन सुरक्षा का ध्यान जरूर रखें।
बेमेतरा सड़क हादसे में पश्चिम-बंगाल के 3 मजदूरों की मौत:ट्रक ने पिकअप को टक्कर मारी, देर-रात लौट रहे थे; केरल-फ्लावर्स में काम करते थे
बाइक सवार दो युवकों की मौत
नेशनल हाइवे वालों ने गौरेला के बनझोरका गांव के प्राइमरी स्कूल तोड़ा, बच्चों की पढ़ाई अब खुले बरामदे में
अब इन बच्चों को गांव के ही उन्नत माध्यमिक शाला बनझोरका में शिफ्ट कर दिया गया है. लेकिन यहां पहले से ही कमरों की भारी किल्लत है. कक्षा छठवीं, सातवीं और आठवीं के बच्चे महज दो कमरों में ठूंसकर पढ़ रहे हैं. स्थिति यह है कि अब प्राथमिक शाला के कक्षा पहली से पांचवीं तक के सभी बच्चे एक साथ मिडिल स्कूल के खुले बरामदे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल में प्रवेश करते ही अव्यवस्था साफ नजर आती है. शोर-शराबे और भीड़भाड़ के बीच पढ़ाई लगभग नाममात्र की रह गई है.