छत्तीसगढ़
भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।
उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें।
पंचायतों की आय बढ़ाने धमतरी का नवाचार मॉडल
SIMS अस्पताल के दवा केंद्र में धमकी का वीडियो वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई
रायपुर। बिलासपुर के SIMS अस्पताल के दवा वितरण केंद्र में स्टाफ के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। वीडियो Instagram पर सामने आने के बाद मामले को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर उसमें दिखाई दे रहे युवक की पहचान की।
पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान प्रियांशु मिश्रा, निवासी सरजू बगीचा, सिविल लाइन, बिलासपुर के रूप में हुई है। वायरल वीडियो में वह SIMS अस्पताल के दवा वितरण केंद्र में मौजूद स्टाफ के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करता और धमकी देता नजर आ रहा था। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल के स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे युवक की पहचान के लिए जानकारी जुटाई। जांच के दौरान युवक की पहचान प्रियांशु मिश्रा के रूप में हुई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि SIMS अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थान पर स्टाफ के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बताया गया है कि वीडियो में दवा वितरण केंद्र के कर्मचारियों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल और धमकी देने का मामला सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अस्पताल परिसर में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संस्थानों में कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार या धमकी देने की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में वायरल वीडियो को भी जांच का अहम आधार बनाया गया है।
रामलीला मैदान में आज से सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
23 सितंबर: भव्य समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति की विशेष संगीत संध्या तथा आयुष नामदेव के ‘सियाधेश म्यूजिक बैंड’ की प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी।
60 फीट नीचे नाले में गिरा ट्रक, केबिन में फंसे ड्राइवर की मौत
फिलहाल मृतक ड्राइवर की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के नए युग का शुभारंभ
नाला पार करते समय गड्ढे में गिरे दो युवक, एक तेज बहाव में लापता
कचरा प्रबंधन और नशामुक्ति के लिए सामूहिक प्रयास जरूरीः सांसद महेश कश्यप
रायपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के तत्वावधान में दंतेवाड़ा में आयोजित ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर को नशामुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’, राष्ट्रीय पोषण माह और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को स्वस्थ और विकसित समाज के निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय बताते हुए जनजागरूकता के साथ सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छोटे-छोटे विषयों को जनआंदोलन का रूप देकर उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। स्वच्छता अभियान इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। कचरे का पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण तभी प्रभावी हो सकता है, जब नागरिक अपने घरों और संस्थानों से ही कचरे को अलग-अलग रखना शुरू करें। उन्होंने प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा स्थानीय और पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
महेश कश्यप ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ केवल वस्तुओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देना भी है। पहले ग्रामीण जीवन में प्राकृतिक और पुन: उपयोग योग्य वस्तुओं का अधिक इस्तेमाल होता था, लेकिन अब प्लास्टिक और पैकेजिंग पर निर्भरता बढ़ी है। सुविधा के साथ इसका पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को जनभागीदारी से जोड़कर ही स्थायी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि नशे की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित युवा होते हैं और उन्हें नशे से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। चरस, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का सेवन युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है। दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को मिलकर अभियान चलाना होगा। युवाओं को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।
राष्ट्रीय पोषण माह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ बचपन से रखी जाती है। कुपोषण दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों, माताओं और बच्चों के स्तर पर निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं का स्वस्थ और सक्षम होना ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में स्वस्थ, जागरूक और सक्षम युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
विधायक चैतराम अटामी ने नशे से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशा छोड़ने और देश को मजबूत बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकते हैं। इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने तथा युवाओं को खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मडावी, उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाल, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष पांडे तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे। सांसद ने पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाड़ियों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।
डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक - राज्यपाल डेका
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई
राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन.... मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन BOCW शुरू
रायपुर। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ('National Conference on BOCW') का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा मंडल सचिव गिरीश रामटेके ने किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों ने श्रमिक हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर रणनीति तैयार की जा रही है। यह आयोजन देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी पर बनाएं पंडाल, खुले तार एवं असुरक्षित कनेक्शन से बचें ,गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव के पंडालों में विद्युत सुरक्षा के नियमों का करें पालन
इस संबंध में बिलासपुर रीजन के कार्यपालक निदेषक श्री ए.के.अम्बस्थ ने सभी गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव समितियों से अपील की है कि पंडाल निर्माण एवं विद्युत सजावट में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। आयोजन से पहले पूरी विद्युत व्यवस्था की जांच कराएं और किसी भी प्रकार की असुरक्षित वायरिंग या विद्युत कनेक्शन को तत्काल ठीक कराएं। सावधानी, जागरूकता और सुरक्षा के नियमों का पालन ही विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के साथ गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव मनाएं तथा स्वयं के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
सिलयारी, कुरुद में ओवरब्रिज निर्माण की तैयारियां तेज, विकास और व्यापार को मिलेगी नई गति
स्थानीय लोगों के अनुसार ओवरब्रिज निर्माण से सिलयारी में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर आवागमन और यातायात सुविधा से क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय बाजार एवं व्यापार के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों ने ओवरब्रिज निर्माण कार्य के शीघ्र एवं व्यवस्थित रूप से पूरा होने की उम्मीद व्यक्त की है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह आज छत्तीसगढ़ में, कुछ देर में पहुंचेंगे
कुल मिलाकर सक्ती में होने वाला यह आयोजन ग्रामीण विकास, आवास, आजीविका और जल संरक्षण से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत और सौगात का गवाह बनेगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
अपने झुंड से बिछड़ा नन्हा गजराज, वन विभाग के सामने मिलाने की बड़ी चुनौती
कार्यस्थल पर एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने बीएसपी में प्रशिक्षण कार्यक्रम
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन-लर्निंग एंड डेवलपमेंट (एचआर-एलएंडडी) विभाग द्वारा कार्यस्थल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने और कर्मचारियों में एआई आधारित कार्यप्रणालियों को अपनाने की दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से ‘एआई एट वर्कप्लेस’ विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 7 सितंबर 2026 को भिलाई मैनेजमेंट डेवलपमेंट सेंटर (बीएमडीसी) में किया गया। कार्यक्रम में एचआर-एलएंडडी विभाग के कर्मचारियों के साथ ट्रेड अप्रेंटिस और ग्रेजुएट अप्रेंटिस सहित कुल 23 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने किया। उन्होंने तेजी से बदलते कार्य परिवेश के अनुरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित कौशल के निरंतर उन्नयन और नई तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों को युवा प्रशिक्षुओं से सीखने तथा नई तकनीकों को अपनाने के प्रति उनकी उत्सुकता, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षताओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (एचआर-एलएंडडी) संजीव कुमार श्रीवास्तव ने विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से संचालित विभिन्न पहलों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विभाग में एआई आधारित कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति साझा करते हुए कर्मचारियों के बीच एआई संबंधी दक्षताओं के विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘एआई आधारित प्रोजेक्ट शोकेस’ रहा। इसमें बीएमडीसी में पदस्थ ट्रेड अप्रेंटिस और ग्रेजुएट अप्रेंटिस ने विभिन्न एआई टूल्स के माध्यम से विकसित व्यावहारिक कार्यों और परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों के दौरान युवा प्रशिक्षुओं ने कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं के समाधान, कार्यों के स्वचालन और कार्य-दक्षता में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग के विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किए। एआई आधारित परियोजनाओं का प्रदर्शन वैभव लक्ष्मी दुबे, नितिन पटेल, कावेरी सिंधे, महिमा ठाकुर, रिया गृतलहरे, गोकुल दास साहू और डिकेश्वरी साहू ने किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को नवीनतम एआई टूल्स और उनके कार्यस्थलीय उपयोग से संबंधित जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने व्यावहारिक प्रदर्शन और अभ्यास के माध्यम से विभिन्न एआई टूल्स की कार्यप्रणाली को समझा तथा दैनिक कार्यों में इनके उपयोग की संभावनाओं से परिचित हुए। कार्यक्रम के समन्वयक के. शिवा ने उद्घाटन सत्र का संचालन किया, जबकि महाप्रबंधक (एचआर-एलएंडडी) सौरभ वार्ष्णेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
राशन वितरण में गड़बड़ी, 52 पहाड़ी कोरवा परिवार परेशान
हालांकि ग्रामीण इस व्यवस्था से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें हर महीने समय पर निर्धारित राशन मिलना चाहिए। एक महीने पीछे राशन चलने की व्यवस्था के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ऐसे परिवार जो सरकारी राशन पर अधिक निर्भर हैं, उनके लिए बाजार से अनाज खरीदना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा है। मामले की जानकारी सहायक खाद्य अधिकारी धरमजयगढ़ राबिया खान तक भी पहुंची है। राशन वितरण नहीं होने के संबंध में उन्होंने संबंधित राशन दुकान को सस्पेंड करने की बात कही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को राशन मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। सहायक खाद्य अधिकारी के अनुसार आमानारा के ग्रामीणों के राशन वितरण के लिए चिड़ोड़ीह की राशन दुकान को अटैच किया जाएगा। इस कदम के बाद ग्रामीणों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अब ग्रामीणों की नजर विभाग की कार्रवाई और अगस्त महीने के लंबित राशन के वितरण पर टिकी हुई है।