छत्तीसगढ़
स्वच्छता बनी रोजगार का जरिया
ग्राम पंचायत के अनुसार, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गंदगी से होने वाली बीमारियों की संभावना कम होने के साथ उपचार पर होने वाले अनावश्यक खर्च में भी बचत हो रही है। आज बिरकोना में स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए रोजगार और सम्मान का माध्यम बन गई है। जिस काम को कभी छोटा और तुच्छ समझा जाता था, वही काम आज महिलाएं जिम्मेदारी और आत्मसम्मान के साथ कर रही हैं।
5 साल के बच्चे ने निगली बैटरी वाली LED लाइट, डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से निकाला, समय पर इलाज नहीं मिलने से जा सकती थी जान
इस घटना के बाद डॉक्टरों ने अभिभावकों से छोटे बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बच्चों की पहुंच में बैटरी, सिक्के, बटन, चुंबक, छोटी LED लाइट और अन्य छोटी वस्तुएं बिल्कुल न छोड़ें। खेलते समय बच्चे क्या मुंह में डाल रहे हैं, इस पर भी नजर रखना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही गंभीर हादसे में बदल सकती है। ऐसे मामलों में अगर बच्चा कोई बैटरी या दूसरी वस्तु निगल ले तो घरेलू उपचार या इंतजार करने के बजाय तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए।
दुर्ग में H1N1 का बढ़ा खतरा, 13 मरीज मिले पॉजिटिव, 9 एक्टिव केस
झीरम हमले के मामले में फैसला टला, अब 5 सितंबर को आएगा फैसला
रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में सोमवार यानी 31 अगस्त को आने वाला फैसला फिलहाल टल गया है। NIA कोर्ट ने फैसला पांच दिन के लिए टाल दिया है। अब इसका फैसला 5 सितंबर को आएगा। इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 10 आरोपियों पर फैसला आना है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज पेश किए हैं।
बता दें स्पेशल NIA अदालत ने मामले में 10 अगस्त की तारीख अंतिम बहस के लिए तय की थी। इसी दिन दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। इस मामले में एनआईए कोर्ट ने 31 अगस्त को फैसला सुनाने का निर्णय लिया था। सालों से पीड़ित परिवारों और पूरे प्रदेश की नजर सोमवार को आने वाले इस फैसले पर बनी हुई थी। हालांकि फैसला पांच दिन टलने के बाद इसके लिए और इंतजार करना होगा।
झीरम कांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा कांड माना जाता है। कांग्रेस की परिवर्तन रैली की शुरुआत के दौरान 25 मई 2013 को कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। इसमें करीब 25 गाड़ियां थीं। इन गाड़ियों में 200 नेता-कार्यकर्ता थे। दोपहर करीब 3:40 बजे काफिला झीरम घाटी में पहुंचा। यहीं नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकते ही 200 से ज्यादा नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। करीब डेढ़ से दो घंटे तक फायरिंग होती रही। हमले में नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। नक्सलियों ने गाड़ियां चेक कर एक एक का नाम पूछकर हत्या की। कांग्रेस के दिग्गज नता महेंद्र कर्मा को 100 गोलियां मारी गईं। हमला पूरी तरह सुनियजित था और खुफिया तंत्र को भी इसकी भनक नहीं थी।
प्रदेश के बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर में भारी बारिश के चेतावनी... अन्य जिलों में भी अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यह बारिश अगले 24 से 48 घंटों के बीच हो सकती है। वहीं प्रदेश के 20 अन्य जिलों को लेकर भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने 31 अगस्त को दोपहर से अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बिलासपुर और मुंगेली में भी एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में बलौदाबाजार, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कोरबा, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सरगुजा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं महासमुंद और रायपुर में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अगले 48 घंटों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। बलौदाबाजार, बलरामपुर, बेमेतरा, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, कोरबा, कोरिया, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती, सूरजपुर और सरगुजा समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कांकेर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ने, जलजमाव से यातायात प्रभावित होने और दृश्यता कम होने की चेतावनी दी है। निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है, निचले पुलों पर पानी भरने से आवागमन बंद हो सकता है और खेतों के जलमग्न होने की भी आशंका है। इसलिए लोगों से अपील है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतें।
हाईकोर्ट का फरमान.... चरित्रहीन, वेश्या, कालगर्ल और किन्नर जैसे शब्दों का अब नहीं होगा इस्तेमाल
रायपुर। पुलिस और अदालत की कार्रवाई के दौरान यौन अपराध से जुड़े मामले में पीड़िता की गरिमा और सम्मान को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नया फरमान जारी किया है। जारी फरमान के अनुसार प्रदेश के सभी थानों और अदालतों में अपराध दर्ज होने से लेकर सुनवाई और फैसला आने तक चरित्रहीन, वेश्या, कालगर्ल और किन्नर जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हाई कोर्ट ने राज्य की निचली अदालतों, पुलिस और संबंधित विभागों को संवेदनशील एवं लैंगिक न्याय आधारित शब्दावली अपनाने के निर्देश दिए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य एफआईआर दर्ज होने से लेकर जांच, न्यायिक कार्यवाही और अंतिम फैसले तक पीड़ित की गरिमा, निजता और सम्मान बनाए रखना है। किसी पीड़ित के चरित्र, निजी जीवन या सामाजिक स्थिति को लेकर पूर्वाग्रहपूर्ण टिप्पणी से भी बचने को कहा गया है। हाई कोर्ट ने अपने निर्देशों की प्रति प्रदेश के सभी 24 जिला एवं सत्र न्यायालयों, स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी, राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुख्य सचिव, गृह विभाग, डीजीपी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजी है। संबंधित संस्थाओं को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई शब्दावली में यौन अपराध की महिला पीड़ित के लिए ऐसे शब्दों से बचने पर जोर दिया गया है, जो उसकी स्थिति को अपमानजनक या रूढ़िवादी तरीके से पेश करते हों। ‘प्रॉसिक्यूट्रीक्स’ की जगह मामले के संदर्भ के अनुसार सर्वाइवर, विक्टिम या शिकायतकर्ता जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे।
इसी तरह ‘लाचार महिला’ या ‘बेबस औरत’ जैसे संबोधनों के बजाय महिला या सर्वाइवर जैसे सम्मानजनक शब्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। ‘अस्मत’ और ‘शील भंग’ जैसी पुरानी अभिव्यक्तियों के स्थान पर शारीरिक स्वायत्तता का उल्लंघन या यौन हमला जैसे कानूनी और तटस्थ शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यौन अपराध से जुड़े मामलों में महिला के चरित्र, कपड़ों, निजी संबंधों या व्यक्तिगत जीवन को आधार बनाकर कोई पूर्वाग्रहपूर्ण भाषा नहीं अपनाई जानी चाहिए।
‘चरित्रहीन’ जैसे विशेषणों के बजाय मामले का आकलन उपलब्ध साक्ष्य और कानून के आधार पर किया जाएगा। इसी तरह ‘रखैल’ या ‘कीप’ के स्थान पर पार्टनर अथवा महिला मित्र जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे। ‘वेश्या’ या ‘कॉलगर्ल’ के बजाय संदर्भ के अनुरूप ‘सेक्स वर्कर’ शब्द को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्वाइन फ्लू को लेकर राजधानी में भी अलर्ट जारी.... प्रदेश में 28 एक्टिव मरीज
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के स्लाइन फ्लू ने अपने पैर पसार दिए है। राजधानी रायपुर में 3 नए मरीज मिलने के साथ ही जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 51 से बढ़कर 54 हो गया है। सक्रिय मरीज 6 से बढ़कर 9 हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खुद से दवा न लेने और लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील की है।
बीते 24 घंटे में प्रदेशभर में 10 नए संक्रमित मिले हैं, जिससे कुल मामलों की संख्या 105 से बढ़कर 115 हो गई है। यह संक्रमण अब बलौदबाजार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और उत्तर बस्तर कांकेर जैसे नए जिलों में भी पहुंच चुका है। दुर्ग जिले में 3 नए मरीज सामने आए हैं। जिले में कुल मरीजों की संख्या 13 हो गई है, जिनमें से 4 डिस्चार्ज हो चुके हैं। 2 मरीज होम आइसोलेशन में हैं, 7 मरीज रायपुर के एम्स, एनएचएमएमआई, रामकृष्ण केयर और भिलाई के हाईटेक व बीएम शाह अस्पताल में भर्ती हैं।
बिलासपुर में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 13 हो गए हैं। इनमें 3 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 11 मरीजों का उपचार अपोलो अस्पताल में चल रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिम्स में 8 बिस्तरों का आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटर तैयार कर डॉक्टरों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है।
दूरस्थ वनांचल छिंदनार के लोगों ने सुनी प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’
रायपुर। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बदलते बस्तर की नई तस्वीर रोज सामने आ रही है। आज दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में भी एक नया नजारा देखने को मिला। पूरे देश के साथ वहां के लोगों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना। छिंदनारवासियों के लिए यह पहला मौका था, जब पूरा गांव प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जुटा था। प्रधानमंत्री को रेडियो पर सुनने को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह था। उन्होंने बेहद तल्लीनता से प्रधानमंत्री की बातें सुनीं।
छिंदनार में आज बिलकुल अलग तरह का माहौल था। प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ को लेकर लोग खासे उत्साहित थे। गांव के कई लोगों ने आज पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुना। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर के सांसद महेश कश्यप और दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी ने भी ग्रामीणों के साथ ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना। बस्तर के दूरस्थ वनांचल में आज एक नई तस्वीर दिख रही थी। कुछ महीनों पहले तक रोज धमाकों की आवाज के बीच दहशत में जीने वाले छिंदनार के लोग आज चैन से रेडियो सुन रहे थे।
‘मन की बात’ सुनने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देश को एक सूत्र में बांधता है। इसके माध्यम से वे देश के विभिन्न भागों में बदलाव लाने वाले सकारात्मक कार्यों और नवाचारों को पूरे देश के सामने रखते हैं। इससे अन्य लोग भी अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित होते हैं। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम समाज और देश के विकास के लिए जनभागीदारी की भावना को बढ़ाता है। यह कार्यक्रम नागरिकों की नई सोच, नई पहलों, अनूठी कोशिशों और नवाचारों से पूरे देश को वाकिफ कराता है और उसे पहचान दिलाता है। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम से लोगों को छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की संस्कृति, विरासत और सकारात्मक कार्यों की जानकारी मिलती है।
छिंदनार में ‘मन की बात’ के लिए लोगों का जुटना बस्तर में तेजी से आ रहे बदलावों की झलक मात्र है। पूरे बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं को हर नागरिक तक पहुंचाने के साथ ही सड़कों, मोबाइल कनेक्टीविटी, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य बुनियादी जरूरतों की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम गांवों तक पहुंचकर नक्सलवाद के कारण दशकों तक ठप्प पड़े विकास कार्यों, बुनियादी जरूरतों और नागरिक सुविधाओं को दुरूस्त करने के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम कर रही है।
दुर्ग यूनिवर्सिटी के कुलसचिव को हाईकोर्ट से झटका, FIR रद्द करने की याचिका खारिज
रायपुर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की याचिका छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। कुलदीप पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, विश्वविद्यालय के दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से राशि जबरन वसूलने के मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है। कुलदीप ने एफआईआर रद्द करने की याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल की थी।
महिला शुभांगी मराठे ने विश्वविद्यालय में कभी भी कोई काम नहीं किया। कुलदीप के निर्देश पर वेतन महिला सिर्फ महीने के अंतिम दिन विश्वविद्यालय आती थी, और उपस्थिति पंजी में पूरे महीने का हस्ताक्षर करके जाती थी। वेतन आने पर कुलसचिव के निर्देशानुसार महिला 2200 रुपए अपने खाते में रखती थी, बाकी की रकम लगभग 9000 रुपए कुलसचिव के पुत्र उदय प्रताप कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कर देती थी।
जून महीने के अंत में जब महिला हस्ताक्षर करने आई तो उसी दिन उसने इसकी जानकारी विश्विद्यालय प्रशासन को दी, तथा लिखित में आवेदन देकर पूरा वेतन दिलाने और विश्विद्यालय में कार्य पर नियोजित करने की मांग की। महिला ने अपने पासबुक की छायाप्रति, शपथपत्र, बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई ट्रांजेक्शन के सबूत भी प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय ने तथ्यान्वेषण समिति ( फैक्ट फाइंडिंग कमेटी) गठित किया और समिति से सारे तथ्यों की जांच करवाई।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट से स्पष्ट था कुलसचिव ने आपराधिक न्यास भंग का सुनियोजित अपराध किया है। एसएसपी दुर्ग को कमेटी की रिपोर्ट सौंपकर उचित विधिक कार्यवाही करने का अनुरोध किया जिस पर कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप के विरुद्ध मोहन नगर थाने में 3 अगस्त को धारा 316 (4) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है। इस एफआईआर को रद्द करने की याचिका कुलसचिव ने उच्च न्यायालय में लगाई है। साथ ही फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन, उसकी रिपोर्ट को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका लगाई थी।
याचिका में छत्तीसगढ़ राज्य, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग कुलपति, सहायक कुलसचिव, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, जांच समिति की समन्वयक एवं अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. नीलू श्रीवास्तव के साथ हेमचंद यादव विश्वविद्यालय अर्द्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे, को प्रतिवादी बनाया गया था।
सावन उत्सव ‘ऋतू हिरवा, ऋतू बरवा’ में महिलाओं ने दी मनमोहक प्रस्तुति
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल बिलासपुर द्वारा आज महाराष्ट्रीयन महिला सदस्यों के लिए श्रावण उत्सव ‘ऋतू हिरवा, ऋतू बरवा’ का हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल परिसर को श्रावण मास की हरियाली और पारंपरिक मराठी संस्कृति की थीम पर आकर्षक रूप से सजाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मराठी महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत महिला सदस्यों द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां, मनोरंजक खेल एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न प्रतियोगिताओं और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, श्रीमती स्वरांजलि विनचुरकर और सुनीता चोपड़े आज के कार्यक्रम में सावन सुंदरी बनी।

श्रावण उत्सव के इस रंगारंग आयोजन ने सभी उपस्थित महिलाओं को आनंद, उत्साह और आपसी मेल-मिलाप का सुंदर अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए महाराष्ट्र मंडल की महिला पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की विशेष सराहना की गई। सभी प्रतिभागियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आयोजक महाराष्ट्र मंडल को इस सफल कार्यक्रम के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
‘संकल्प’ निःशुल्क कोचिंग शुभारंभ.... ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी JEE और NEET के तैयारी की सुविधा
रायपुर। एनटीपीसी सीपत ने अपने सामाजिक दायित्व और सामुदायिक विकास पहलों के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं नीट एवं जेई की तैयारी कराने के उद्देश्य से ‘संकल्प’ निःशुल्क कोचिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस विशेष शैक्षणिक पहल का औपचारिक उद्घाटन कलेक्टर (बिलासपुर) संजय अग्रवाल, आईएएस तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक (बिलासपुर) रजनेश सिंह, आईपीएस द्वारा परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
‘संकल्प’ कार्यक्रम के माध्यम से आसपास के शासकीय विद्यालयों—जिनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीपत, शासकीय हाईस्कूल दर्राभाटा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जांजी, तथा स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय (हिंदी व अंग्रेजी माध्यम) सीपत एवं पंधी शामिल हैं—के कक्षा 11वीं और 12वीं के कुल 100 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया गया है। पारदर्शिता एवं योग्यता के आधार पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के उपरांत दोनों कक्षाओं के लिए 50-50 विद्यार्थियों के पृथक बैच बनाए गए हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को सप्ताह में चार दिन, प्रतिदिन तीन घंटे भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित एवं जीव विज्ञान विषयों का गहन मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संजय अग्रवाल ने एनटीपीसी सीपत की इस पहल की सराहना की और कहा कि ‘संकल्प’ जैसी पहल सामुदायिक विकास के साथ-साथ क्षेत्र में शिक्षा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा एवं चुनौतियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करने, अपने लक्ष्य के प्रति संकल्पित रहने और इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में ऐसी ऊर्जा और आत्मविश्वास का निर्माण होना चाहिए, जिससे वे भविष्य में राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है और ऐसी पहलें इसी दिशा में सार्थक प्रयास हैं।
विशिष्ट अतिथि रजनेश सिंह, आईपीएस ने ‘संकल्प’ को सराहनीय सामाजिक पहल बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिलना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस सुविधा का पूर्ण लाभ उठाने और अपनी मेहनत से माता-पिता, समाज तथा राष्ट्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने एनटीपीसी के गीत में निहित ‘ज्योति किरण’ के भाव का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को स्वयं आगे बढ़ने के साथ समाज को भी प्रकाश देने के लिए प्रेरित किया।
परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल ने कहा कि एनटीपीसी सीपत की यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कलेक्टर, बिलासपुर एवं एसएसपी एवं डीआईजी, बिलासपुर के मार्गदर्शन और सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी सीपत विद्युत उत्पादन के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रहा है। ‘संकल्प’ के माध्यम से क्षेत्र के विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर इंजीनियर और डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बीबी पात्रा, मानव संसाधन प्रमुख ने बताया कि कलेक्टर, बिलासपुर द्वारा दिए गए सुझाव के बाद इस पहल को आकार दिया गया। इसके तहत आसपास के शासकीय विद्यालयों से कक्षा 10वीं एवं 11वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के 50-50 विद्यार्थियों का चयन कर कुल 100 विद्यार्थियों को ‘संकल्प’ कोचिंग कार्यक्रम में प्रवेश दिया गया।
उद्घाटन समारोह के दौरान चयनित विद्यार्थियों के लिए नियुक्त फैकल्टी भी उपस्थित रही। फैकल्टी द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग की कार्ययोजना, कक्षा संचालन एवं आवश्यक नियमों की जानकारी दी गई। ‘संकल्प’ के माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
रविवि के प्रोफेसर डॉ. राजीव चौधरी को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार–2026... राष्ट्रपति प्रदान करेंगी सम्मान
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) राजीव चौधरी को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं पत्र सूचना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूची में प्रो. चौधरी का नाम देशभर से चयनित 21 उत्कृष्ट शिक्षकों/संकाय सदस्यों में शामिल किया गया है। आधिकारिक सूची में उन्हें शारीरिक शिक्षा एवं योग शिक्षा के क्षेत्र में चयनित किया गया है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान 5 सितंबर 2026, शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा।
प्रो. (डॉ.) राजीव चौधरी उच्च शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, योग, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में लंबे समय से उल्लेखनीय अकादमिक एवं सामाजिक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने शिक्षण को केवल कक्षा तक सीमित न रखते हुए अनुसंधान, नवाचार, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता, खेल विकास, विद्यार्थी कल्याण तथा समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ा है।
उनकी शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों में अनेक शोध-पत्रों एवं पुस्तकों का प्रकाशन, शोधार्थियों का मार्गदर्शन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहभागिता तथा शारीरिक शिक्षा एवं योग के क्षेत्र में नवीन शोध एवं प्रयोग प्रमुख हैं। उनके कार्यों में शिक्षण-अधिगम की प्रभावशीलता, जनसंपर्क एवं विस्तार गतिविधियां, अनुसंधान एवं नवाचार तथा प्रायोजित शोध, संकाय विकास एवं परामर्शात्मक शिक्षण जैसे महत्वपूर्ण आयामों का उल्लेखनीय समावेश रहा है।
प्रो. चौधरी पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं अकादमिक दायित्वों का निर्वहन भी कर चुके हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के बीच उनकी पहचान एक समर्पित शिक्षक, शोधकर्ता, खेल एवं योग विशेषज्ञ तथा अकादमिक नेतृत्वकर्ता के रूप में रही है।
इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, विश्वविद्यालय परिवार, सहकर्मियों, विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों ने प्रो. (डॉ.) राजीव चौधरी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय परिवार ने इसे पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया है।
प्रो. चौधरी ने इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय, चयन समिति, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के नेतृत्व एवं समस्त सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं योग शिक्षा के लिए भी गौरव का क्षण है। उन्होंने इस सम्मान को अपने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, सहकर्मियों, परिवार एवं उन सभी शुभचिंतकों को समर्पित किया, जिनके निरंतर सहयोग और आशीर्वाद से उन्हें शिक्षा एवं समाज की सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार–2026 के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से कुल 21 उत्कृष्ट शिक्षकों/संकाय सदस्यों का चयन किया गया है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रही उत्कृष्ट शिक्षाः मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज व्यवस्थित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन बच्चों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिले तो कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक का बच्चा परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, वैज्ञानिक, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में ऊंचाइयां हासिल करे।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को विकास की यात्रा में साथ लेकर चलना होगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने ऐसे परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए प्रतिष्ठित विद्यालयों के द्वार खोले हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है। अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का अपना सपना भी साझा किया।
रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि पहले उन्हें विश्वास नहीं था कि वे अंग्रेजी में सहजता से बात कर पाएंगी। नए विद्यालय में मिले वातावरण और अवसरों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना उनके लिए कठिन था, लेकिन इस योजना ने उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने को साकार किया है।
युवाओं को नशे से बचाने में मीडिया अपनी पहुंच का प्रभावी उपयोग करेः अनिल कुमार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे की समस्या से निपटने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ जनजागरूकता को भी समान महत्व देना जरूरी है। खासकर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। यह बात नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक अनिल कुमार ने कही। वे पत्र सूचना कार्यालय ,रायपुर की ओर से “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान” के तहत राजनांदगांव में आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
अनिल कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं हो सकती। नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर नियंत्रण के साथ उनकी मांग को कम करना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की नशीले पदार्थों पर नियंत्रण की रणनीति में आपूर्ति नियंत्रण और मांग में कमी दोनों पहलुओं पर काम किया जाता है। इसके लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय के साथ प्रवर्तन तथा जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में मीडिया की भूमिका निर्णायक हो सकती है। समाचार पत्र, टेलीविजन, डिजिटल माध्यम और सामाजिक मीडिया की व्यापक पहुंच का इस्तेमाल नशे के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को तथ्यपरक और सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से नशे के खिलाफ सकारात्मक जनजागरूकता का वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
एनसीबी अधीक्षक ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्कूलों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम में पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी जनआंदोलन बनाने के लिए पत्रकारिता को सामाजिक सरोकार और जनजागरण से जोड़ना होगा। पत्रकार अपनी कलम और जनसंचार की ताकत के माध्यम से युवाओं तथा समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि केवल “नशा छोड़ो” का संदेश दोहराने से अपेक्षित बदलाव नहीं आएगा। पत्रकारिता को नशे के सामाजिक कारणों, इससे प्रभावित परिवारों और नशे से बाहर निकलने वाले लोगों की वास्तविक कहानियों को सामने लाकर समाज में व्यवहार परिवर्तन का वातावरण तैयार करना होगा।
कौशल ने छत्तीसगढ़ में कम उम्र के बच्चों और युवाओं में नशे की शुरुआत को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि बच्चों को नशे से बचाना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है। समाज, मीडिया और प्रत्येक जागरूक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अपने पत्रकारिता अनुभव का उल्लेख करते हुए रायपुर के हाटबंद क्षेत्र की वर्षों पुरानी रिपोर्टिंग का उदाहरण साझा किया, जहां नशे के कारण परिवारों की बदहाल स्थिति से परेशान महिलाओं ने इसके खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इसकी चपेट में आता है।
उन्होंने नशे के महिमामंडन के खिलाफ सामाजिक चेतना की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्मों, गीतों और सामाजिक व्यवहार में कई बार नशे को तनाव या दुख से मुक्ति के साधन के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। ऐसी धारणाओं को चुनौती देने के लिए मीडिया को नशे के दीर्घकालिक स्वास्थ्य, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों को तथ्यपरक तरीके से सामने लाना चाहिए।
कार्यक्रम में ‘सबेरा संकेत’ के संपादक श्री सुशील कोठारी और ‘दैनिक दावा’ के संपादक श्री दीपक बुद्धदेव ने भी अपने विचार रखे। दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शंकर मुनि राय ने पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व पर प्रकाश डालते हुए अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार और सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ निर्भीकता से पत्रकारिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल निदेशक श्री रवि जोशी, ‘नांदगांव टाइम्स’ के संपादक श्री अशोक कुमार पांडे तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री पुरुषोत्तम तिवारी मंच पर उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए सरकारी प्रयासों के साथ मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और परिवारों की साझी भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम में पत्रकारों से छत्तीसगढ़ के युवाओं को नशे से बचाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी पत्रकारिता को जनजागरूकता के अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘जशपुर : एक परिचय’ पुस्तक का विमोचन
छत्तीसगढ़ में मानसून रहेगा सक्रिय, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजपुर और बिहारपुर में सबसे ज्यादा 4 सेंटीमीटर, डोंगरगढ़ में 3 सेंटीमीटर और जनकपुर-भरतपुर, दुर्ग समेत कई इलाकों में 2 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास बना निम्न दबाव का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। इसके असर से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है।
22 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है, अगले दो दिनों के बाद भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। खासकर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। यानी छत्तीसगढ़ में मानसून का असर अभी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
शहीदों की स्मृति में सोनपुर पाटन में बनेगा शौर्य वाटिका, 37 शहीद परिवारों का हुआ सम्मान
रायपुर। जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 'शौर्य वाटिका' में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने भी शहीदों की स्मृति में पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।
उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में साजा विधायक ईश्वर साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, सुरेन्द कोशिक, सरपंच संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक रामू राम चक्रधर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे।