छत्तीसगढ़
विधायक पुरंदर मिश्रा से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नाम पर ठगी
रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने इस बार आम आदमी नहीं, बल्कि रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा को अपना निशाना बनाया। ठगों ने भाजपा के वरिष्ठ और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नाम का इस्तेमाल कर विधायक से 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं क्राइम ब्रांच की साइबर टीम मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ट्रांजेक्शन डिटेल खंगालने में जुटी हुई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन कर खुद को भाजपा नेता नितिन नवीन का निजी सहायक बताया। उसने कहा कि वाहन में तत्काल डीजल डलवाने की जरूरत है और पैसों की तत्काल आवश्यकता है। राजनीतिक पहचान और भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने विधायक को अपने झांसे में ले लिया।बताया जा रहा है कि आरोपी ने दो अलग-अलग किश्तों में रकम ट्रांसफर करवाई। पहले 4500 रुपए और बाद में 5500 रुपए खाते में डलवाए गए। विधायक ने अपने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा को रकम भेजने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद बताए गए बैंक खाते में कुल 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
कुछ देर बाद आरोपी ने फिर से पैसों की मांग की। लगातार रकम मांगने और बातचीत में संदिग्धता महसूस होने पर मामले की पड़ताल की गई। जांच में पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति फर्जी तरीके से खुद को भाजपा नेता का पीए बताकर ठगी कर रहा था।इसके बाद नारायण मिश्रा ने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अब मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल, बैंक खाते की जानकारी और ट्रांजेक्शन ट्रेल की जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट्स यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी किस लोकेशन से ऑपरेट कर रहा था और ठगी की रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
नक्सलियों के मंसूबों पर सुरक्षाबलों का प्रहार, जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
रायपुर। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों का सर्चिंग अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में जिला पुलिस, डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जंगल-पहाड़ी इलाकों में छिपाकर रखी गई नक्सल डम्प सामग्री बरामद की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में सुरक्षाबल लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता के साथ सघन सर्चिंग कर रहे हैं।
थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के ग्राम गुमचूर के जंगलों में चलाए गए अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने 303 रायफल के 42 राउंड, 7.62 एसएलआर के 75 राउंड, 5.56 रायफल के 21 राउंड, एसएलआर मैग्जीन फिलर, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, स्टील कंटेनर और नक्सल साहित्य बरामद किया। वहीं थाना परतापुर क्षेत्र के पदालमस्पी जंगल में चलाए गए दूसरे अभियान में एक देशी मेड पिस्टल, टिफिन आईईडी, पावर कंट्रोलर, वायर और बैटरी जैसी विस्फोटक सामग्री जब्त की गई।
सुरक्षाबलों ने बरामद सभी सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती इलाकों में लगातार संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है, जिससे नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सर्चिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।
बिलासपुर हाईवे पर रील का खतरनाक स्टंट, पुलिस ने किया BMW जब्त
रायपुर। एक बार फिर तेज रफ्तार कार में स्टंट और रील बनाने का मामला सामने आया है। बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर चलती BMW कार के सनरूफ से बाहर निकलकर युवती के डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए किए गए इस स्टंट को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने एक्शन लिया है। चकरभाठा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को पकड़ा और वाहन को जब्त कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो इंस्टाग्राम पर भी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वाहन क्रमांक CG 10 CA 3999 (BMW) में सवार लोग हाईवे पर चलती कार में सनरूफ से बाहर निकलकर डांस करते नजर आए।
पुलिस जांच में सामने आया कि वाहन चालक प्रतीक लूथर (उम्र 36 वर्ष), पिता संजय लूथर, निवासी A-21 ओम जोन, शुभम विहार, मंगला, बिलासपुर ने अपनी महिला मित्र के साथ यह वीडियो बनाया था। वीडियो सामने आने के बाद चकरभाठा पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए वाहन को ट्रेस किया और जब्त कर लिया। साथ ही आरोपी चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में वाहन चालक ने यातायात नियमों के उल्लंघन की बात स्वीकार की है। मामले में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के तहत कार्रवाई की जा रही है।
तेज रफ्तार कार का कहर, बाइक सवार युवक की मौत, एक गंभीर
रायपुर से निकली ट्रेन में AC बंद होने से यात्रियों का हंगामा
कोच के अंदर का माहौल धीरे-धीरे दमघोंटू हो गया। महिलाएं हाथों से पंखा झलती नजर आई, बच्चे गर्मी से रो रहे थे और बुजुर्ग पसीने से तरबतर परेशान बैठे थे। यात्रियों ने रेलवे स्टाफ से शिकायत की, लेकिन उन्हें केवल यही आश्वासन मिलता रहा कि अगले स्टेशन पर एसी ठीक कर दिया जाएगा, जो कि नहीं हुआ। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी रेलवे स्टाफ ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। कोई तकनीकी खराबी बताता रहा तो कोई अगले स्टेशन पर ठीक होने का भरोसा देता रहा। लेकिन घंटों तक यात्रियों को राहत नहीं मिली। अब यात्रियों ने कार्रवाई और रिफंड की मांग की है।
तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग, करोड़ों का माल जलकर खाक
जब तेंदूपत्ता की उठाई-ढुलाई और भंडारण का कार्य चल रहा था, तब सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी। आग लगने के समय कर्मचारी और गोदाम प्रभारी की मौजूदगी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही यह भी चर्चा है कि गोदाम में आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण और व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में घटना को लेकर चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा व्यवस्था होती तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। आगजनी की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक टीम गठित की गई है। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना ने विभागीय लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान बना ग्रामीणों की उम्मीदों का नया सवेरा
रायपुर। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के इरादे से धमतरी जिले में एक ऐतिहासिक पहल की गई। जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक संचालित विशेष अभियान “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” के अंतर्गत 'जनजातीय गरिमा उत्सव' का सफल आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आयोजित इस विशेष शिविर ने वनांचल के अनेक जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नया सवेरा लाने का काम किया है। इन्हीं बदलावों की एक जीवंत तस्वीर धमतरी जिले के सुदूर ग्राम मोंगरा गहन की निवासी धामिनी के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है, जहाँ भविष्य को लेकर अब एक नया आत्मविश्वास और संतोष चमक रहा है।
कुछ समय पहले तक धामिनी और उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी मानसिक और आर्थिक चिंता बीमारी और उसके इलाज को लेकर थी। सीमित आय और संसाधनों के अभाव के कारण परिवार का कोई भी सदस्य बीमार पड़ता, तो पूरा परिवार गहरे आर्थिक संकट में घिर जाता था। गाँव से अस्पताल की लंबी दूरी, महँगा इलाज और आवश्यक सरकारी दस्तावेजों की सही जानकारी न होना उनकी इस परेशानी को कई गुना बढ़ा देता था। पैसों की तंगी और खर्च की चिंता में कई बार छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज भी टालना पड़ता था, जो बाद में गंभीर रूप ले लेती थीं।
धामिनी के परिवार की यह चिंता तब दूर हुई जब जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान प्रशासनिक टीम खुद उनके गाँव मोंगरा गहन पहुँची। 'सरकार आपके द्वार' की भावना के साथ आयोजित इस विशेष शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की न केवल जानकारी दी गई, बल्कि मौके पर ही उनके दस्तावेज़ भी तैयार किए गए।
इसी शिविर में धामिनी का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंपा गया। कार्ड हाथ में आते ही धामिनी के चेहरे पर जो राहत और खुशी दिखी, वह इस अभियान की वास्तविक सफलता को बयां कर रही थी। धामिनी ने कहा कि अब बीमारी की स्थिति में अस्पताल में इलाज कराना पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगा। इलाज के खर्च और आर्थिक परेशानी का जो बोझ हमेशा दिल पर रहता था, वह अब पूरी तरह कम हो गया है। हमारी सुध लेने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का बहुत-बहुत आभार, जिनकी योजनाएँ अब सचमुच हम जैसे जरूरतमंदों के घर तक पहुँच रही हैं।
इस विशेष अभियान के दौरान जिले के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए कई तरह की सेवाओं को एक ही स्थान पर केंद्रित किया गया। शिविरों में मुख्य रूप से आयुष्मान कार्ड निर्माण और निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच,राशन कार्ड, पेंशन योजनाएँ और आवश्यक पहचान पत्रों का अपडेशन के साथ-साथ बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता ताकि ग्रामीणों को शहर न भागना पड़े।
प्रशासन की इस संवेदनशीलता और प्रभावी जनभागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि जब नीतियां सही नीयत के साथ धरातल पर उतरती हैं, तो समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव आता है। धामिनी के चेहरे की यह सुरक्षित मुस्कान इसी बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।
ग्रीष्म काल में स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सतर्क
रायपुर। भीषण गर्मी, उमस और लगातार बढ़ते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था बनाए रखने पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में डटी हुई है। ग्रीष्म काल में ग्रामीणों तक स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम सतर्कता से काम कर रही है। वनांचलों और दूरस्थ गांवों तक निर्बाध पेयजल पहुंचाने विभाग तत्परता से काम कर रहा है। राज्य शासन ने विभाग के सभी तकनीकी कर्मचारियों और हैंडपंप मैकेनिकों को खराब हैंडपंपों, पाइपलाइन संबंधी समस्याओं एवं पेयजल व्यवस्था में आने वाली बाधाओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभागीय अधिकारी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। विभाग की टीम भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रामीणों को पानी की समस्या से राहत दिलाने दिन-रात काम कर रही है। विभाग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। ग्रीष्म काल में भी हर घर तक स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय टीमें सक्रियता से काम कर रही हैं।
विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं के नियमित संचालन के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। लोगों से आवश्यकता न होने पर नल की टोटी बंद रखने, पानी का दुरुपयोग रोकने और जल बचाने की अपील की जा रही है। विभाग द्वारा यह संदेश भी दिया जा रहा है कि पानी केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य संसाधन है, इसलिए इसका संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम भ्रमण के दौरान ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्यों के साथ बैठक कर योजनाओं के सतत संचालन में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। ग्रामीणों को जल कर के संग्रहण के महत्व से अवगत कराया जा रहा है, ताकि योजनाओं का रखरखाव एवं संचालन लंबे समय तक निर्बाध रूप से जारी रखा जा सके। विभाग द्वारा प्रत्येक घर के नल कनेक्शन के पास सोख्ता गड्ढा के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ स्वच्छता भी सुनिश्चित हो सके।
बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में दंतैल हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, दहशत का माहौल
रायपुर। बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में रविवार देर रात एक दंतैल हाथी के हमले में 55 वर्षीय ग्रामीण जहरु राम नेताम की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार प्रदान किए गए हैं, जबकि शेष मुआवजा शासन के नियमानुसार दिया जाएगा।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच ग्राम दोंद में यह हादसा हुआ। पिछले कुछ दिनों से मुरुमडीह क्षेत्र में एक दंतैल हाथी की गतिविधियां लगातार देखी जा रही थीं। हाथी खेतों और ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ रहा था, जिस पर वन विभाग, हाथी मित्र दल और स्थानीय ग्रामीण लगातार नजर बनाए हुए थे। इसी दौरान जहरु राम नेताम अचानक हाथी के संपर्क में आ गए और हाथी ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर हमले के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथी खलिहानों के रास्ते पहाड़ी इलाके की ओर चला गया, जिसकी निगरानी वन विभाग लगातार कर रहा है।
हाथी की संभावित गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने मुड़पार, दोंद, सुरबाय, पांडादाह, गुढ़ागढ़, भिभौरी, बफरा, बार और हरदी समेत आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों को मुनादी, अलर्ट सिस्टम और हाथी मित्र दल के माध्यम से लगातार सतर्क किया जा रहा है।
वनमंडलाधिकारी ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हाथी दिखने पर उसके पास जाने या उसे उकसाने की कोशिश बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या हाथी मित्र दल को सूचना दें और अकेले जंगल या हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें, ताकि मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।
अयोध्या में बनेगा ‘कचरे से कला’ का अद्भुत संसार, लव-कुश पार्क देगा रामायण को नया जीवन
अयोध्या दर्शन के नाम पर लाखों की ठगी, 75 ग्रामीणों से रकम लेकर फरार हुआ कथित तीर्थ सदस्य
ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी ने लोगों की धार्मिक भावनाओं और अयोध्या दर्शन की आस्था का फायदा उठाकर उनसे पैसे वसूले। कई ग्रामीणों ने यात्रा के लिए उधार लेकर भी रकम जमा की थी।मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी होरी लाल अनंत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके मोबाइल लोकेशन व अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।
माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य लाभ के लिए राज्य सरकार सजग : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत से प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय रचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा और हमारे प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समिट के बाद बेस कैंप लौटने के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, शून्य से लगभग 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण अमिता श्रीवास की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली है। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट एवं हाई एल्टीट्यूड संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी मिलते ही राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अमिता श्रीवास और उनके परिवार के साथ खड़ी है तथा उनके बेहतर उपचार के लिए निरंतर संपर्क और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि अमिता बिटिया शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौटें, यही हमारी कामना है। उनका साहस, धैर्य और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश, जनप्रतिनिधियों से समन्वय पर ज़ोर
रायपुर। वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने कड़े लहजे में अधिकारियों से कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। प्रभारी मंत्री चौधरी ने आज जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं और जारी विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
प्रभारी मंत्री चौधरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार द्वारा जशपुर जिले में रिकॉर्ड संख्या में विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हो चुका है, उनके शिलापट्ट संबंधित गांवों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति में अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। शिलापट्ट लगाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी। यदि कहीं भी यह शिकायत मिलती है कि शिलापट्ट उपेक्षित पड़ा है या स्थापित नहीं किया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख वर्गों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत मिल रही एक हजार रूपए की मासिक सहायता का उपयोग महिलाएं बच्चों के भविष्य के लिए, समृद्धि सुकन्या योजना जैसी बचत योजनाओं में करें। इसके अलावा स्वरोजगार के लिए महतारी शक्ति ऋण योजना के अंतर्गत कम ब्याज दर पर 25 हजार रूपए तक का ऋण त्वरित उपलब्ध कराया जाए। पारंपरिक खेती से हटकर किसानों को अधिक मुनाफे वाले फलोत्पादन (विशेषकर केला और लीची की खेती) तथा आधुनिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही कृषि विभाग खरीफ सीजन के लिए समितियों में पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले में चल रहे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, शासकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, क्रिटिकल केयर सेंटर और अखिल भारतीय कल्याण आश्रम द्वारा संचालित अस्पताल का निर्माण तेजी से जारी है। सन्ना विकासखंड के ग्राम पंडरापाठ में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए विशेष तीरंदाजी केंद्र का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त कुनकुरी और जशपुर में नालंदा परिसर तथा सलियाटोली में एडवेंचर स्पोर्ट्स परियोजना पर कार्य चल रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से एक अनूठा हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार से अधिक नागरिकों के अपील वीडियो जारी किए जा चुके हैं। प्रभारी मंत्री ने बैठक में सुशासन तिहार, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित दो दर्जन से अधिक विभागों के कल्याणकारी कार्यों की गहन समीक्षा की।
ईंधन मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बीच तेल कंपनियों ने निर्बाध सप्लाई का दिया भरोसा
रायपुर। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिलाया है। कंपनियों ने कहा है कि विभिन्न राज्यों में ईंधन की मांग में तेजी से वृद्धि के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी हुई है और 24x7 ऑपरेशन एवं लॉजिस्टिक्स समन्वय के जरिए लगातार सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, हाल के दिनों में कृषि गतिविधियों और फसल कटाई के चलते डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की ओर उपभोक्ताओं का रुझान बढ़ा है। कंपनियों का कहना है कि एहतियात के तौर पर ईंधन की अतिरिक्त खरीद भी देखने को मिल रही है।
मई 2026 के दौरान छत्तीसगढ़ में हाई स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा बिक्री में असाधारण वृद्धि दर्ज की गई। राज्य के कई जिलों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक वृद्धि देखी गई, जबकि कई अन्य जिलों में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज हुई। सर्वाधिक वृद्धि बलौदाबाजार, बालोद, सक्ती, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सूरजपुर जिलों में दर्ज की गई। वहीं रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद और रायगढ़ जैसे प्रमुख जिलों में भी डीजल बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
कंपनियों ने कहा कि बढ़ी हुई मांग को देखते हुए टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और परिवहन नेटवर्क के जरिए ईंधन की आपूर्ति लगातार बनाए रखी जा रही है। सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और टर्मिनल संचालन 24x7 सक्रिय हैं, जिससे उत्पादों की उपलब्धता सुचारु बनी हुई है।
तेल कंपनियों ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा राज्य प्रशासन के सहयोग से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनियां लगातार स्टॉक की समीक्षा कर रही हैं और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लॉजिस्टिक्स एवं वितरण व्यवस्था पर करीबी नजर रखी जा रही है।
नागरिकों से सामान्य खरीद-व्यवहार बनाए रखने और अनावश्यक खरीदारी से बचने की अपील की गई है। साथ ही लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
गंभीर रूप से झुलसे मासूम को मिली नई जिंदगी, मौत से जंग जीतकर मुस्कुराया मासूम
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का जवाहरलाल नेहरू अस्पताल और अनुसंधान केंद्र स्थित एडवांस बर्न केयर यूनिट ने गंभीर रूप से झुलसे एक बाल मरीज का सफल उपचार कर संवेदनशील और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम और मानवीय देखभाल के समन्वय से यह यूनिट प्रदेश में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है।
बर्न विभागाध्यक्ष एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय धाबर्डे ने बताया कि अमेरिकन बर्न एसोसिएशन के मानकों के अनुसार बच्चों में 20 प्रतिशत से अधिक तथा वयस्कों में 40 प्रतिशत से अधिक जलना अत्यंत गंभीर स्थिति मानी जाती है। संबंधित बाल मरीज लगभग 50 प्रतिशत तक झुलस गया था और कई दिनों तक अन्य अस्पतालों में उपचार के बाद सेप्टीसीमिया की अवस्था में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय लाया गया। मरीज के शरीर के साथ मलद्वार और मूत्रमार्ग के आसपास का हिस्सा भी गंभीर रूप से प्रभावित था, जिससे संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था।
ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में बर्न यूनिट की टीम ने मरीज के उपचार के साथ उसके शारीरिक और मानसिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया। बार-बार ड्रेसिंग और असहनीय पीड़ा के बीच बच्चे को हाई प्रोटीन एवं हाई फाइबर आहार दिया गया, वहीं नसों के माध्यम से पैरेंट्रल न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया गया ताकि रिकवरी प्रक्रिया को गति मिल सके। ड्रेसिंग के दौरान दर्द कम करने के लिए विशेष एनाल्जेसिक इंजेक्शन दिए जाते रहे।
मरीज के मानसिक तनाव को कम करने के लिए यूनिट में मानवीय वातावरण विकसित किया गया। प्ले हाउस में खिलौने, कार और मनोरंजन की व्यवस्था की गई तथा टीवी पर कार्टून फिल्में दिखाकर बच्चे का ध्यान दर्द से हटाने का प्रयास किया गया। चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित रूप से आत्मीय संवाद करते हुए बच्चे का मनोबल बढ़ाते रहे।
इलाज के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। शरीर में सूजन बढ़ गई थी और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। इसी दौरान बच्चे का जन्मदिन आया, जिसे बर्न यूनिट की टीम ने अस्पताल परिसर में ही केक, बैलून और सजावट के साथ मनाया। बच्चे ने मोमबत्ती बुझाकर केक काटा और लंबे समय बाद उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। यह भावुक क्षण चिकित्सकीय टीम और परिजनों दोनों के लिए यादगार बन गया।
अस्पताल से छुट्टी के समय बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने बच्चे के बचने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय का बर्न यूनिट उनके लिए संजीवनी साबित हुआ।
पूरे उपचार के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी का विभाग को निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर ने कहा कि एडवांस बर्न केयर यूनिट अस्पताल का अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो गंभीर मरीजों के उपचार में पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
इस सफल उपचार में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. अनिरुद्ध मेने, जूनियर ऑफिसर सुनीता साहु, वार्ड इंचार्ज शोभा सिस्टर सहित नर्सिंग स्टाफ, ड्रेसर, सेनेटरी वर्कर और अटेंडेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
‘नौतपा’ की शुरुआत कल यानी 25 मई से... रायपुर का पारा आज 43.6
रायपुर। ज्येष्ठ महीना शुरू होते ही उत्तर और मध्य भारत में सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं। लेकिन अब साल का वह सबसे कठिन समय शुरू होने जा रहा है, जब गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ देती है। कल यानी 25 मई 2026 से ‘नौतपा’ की शुरुआत हो रही है। अगले 9 दिनों तक धरती पर भीषण गर्मी और लू का जबरदस्त प्रकोप देखने को मिलेगा।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि आज 24 मई को दोपहर 2.30 बजे राजधानी रायपुर का तापमान 43.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा और अंबिकापुर 41, जगदलपुर 43 और बिलासपुर 43.4 डिग्री दर्ज किया गया। चंद्रा ने बताया कि उत्तर पश्चिम से आने वाली शुष्क और गर्म हवा के प्रभाव के कारण अधिकतम तापमान बढ़ा हुआ है। अभी इसमें विशेष परिवर्तन होने की सम्भावना नहीं है। मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की सम्भावना है।
मौसम विभाग ने तेज गर्मी और हीटवेव से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। जारी एडवाइजरी के अनुसार दोपहर 12:00 से शाम 4:00 बजे अनावश्यक घर से बाहर न निकले की अपील की गई है। 25 मई से छत्तीसगढ़ में नौतपा भी शुरू होने वाला है, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अधिकतम तापमान में और भी बढ़ोत्तरी हो सकती है. मौसम विभाग ने इसको लेकर चेतावनी जारी है।
देवपुर में समर कैंप.... बच्चों ने प्रकृति के सानिध्य में सीखा टीम भावना और रोमांच का पाठ
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के वारनवापारा अभ्यारण्य के पास देवपुर में बच्चों के लिए विशेष नेचर कैंप का आयोजन किया गया है। नौतपा से पहले आयोजित इस समर नेचर कैंप में बच्चों ने रोमांच के साथ-साथ पक्षी दर्शन (बर्ड वॉचिंग) और पर्यावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की। बच्चों को प्रकृति के करीब लाने, पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देने और स्थानीय वन्यजीवों व पक्षियों के बारे में रोमांचक तरीके से सिखाने के लिए इस विशेष कैंप का आयोजन किया जाता है।
वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के दिशा-निर्देशानुसार बारनवापारा अभयारण्य अंतर्गत देवपुर नेचर कैंप में एक विशेष समर कैंप का सफल आयोजन किया गया। 16 मई से 22 मई तक चले इस अनूठे कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर प्रकृति के बीच व्यावहारिक रूप से सीखने, समझने और नए अनुभवों को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करना था।
इस समर कैंप में वन विभाग के मैदानी स्टाफ के बच्चों सहित छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 65 से अधिक प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी बच्चों ने प्रकृति की गोद में रहकर साहसिक व रचनात्मक गतिविधियों का आनंद लिया और इस कैंप को अपने लिए बेहद यादगार बताया। पढ़ाई के तनाव से दूर बच्चों को कला और खेल-कूद के माध्यम से रचनात्मक बनाया जाता है।
कैंप के दौरान बच्चों के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए प्रतिदिन सुबह कई प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गईं । बच्चों को प्रतिदिन सुबह जंगल ट्रेक और बर्ड वाचिंग (पक्षियों को देखने) के लिए ले जाया जाता था, जहां उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जंगल की अनूठी संरचना और विभिन्न पक्षियों को करीब से पहचाना। टेंट कैंपिंग, आउटडोर एडवेंचर गेम्स और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आपसी टीम भावना, आत्मविश्वास और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास किया गया।
बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए उन्हें बारनवापारा अभयारण्य में वाइल्डलाइफ सफारी कराई गई, जिससे वे वन्यजीवों की दुनिया से रूबरू हो सके। इसके अतिरिक्त, अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों से परिचित कराने के लिए उन्हें ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। बच्चों को कम्युनिटी एंगेजमेंट (सामुदायिक सहभागिता) गतिविधियों से भी जोड़ा गया, जिससे वे स्थानीय वनांचल समुदायों और प्रकृति के गहरे अंतर्संबंधों को समझ सके।
कैंप के दौरान विश्व जैव विविधता दिवस के विशेष अवसर पर बच्चों को बायोडायवर्सिटी ट्रेल (जैव विविधता पथ) पर ले जाया गया। यहाँ स्थानीय पारंपरिक वैद्यों द्वारा बच्चों को वनों में पाए जाने वाले दुर्लभ औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की लाइव जानकारी दी गई। इस गतिविधि ने बच्चों को हमारे पारंपरिक ज्ञान, जैव विविधता के संरक्षण और प्रकृति के महत्व से गहराई से अवगत कराया गया।