छत्तीसगढ़
बाल संप्रेषण गृह से 6 अपचारी बालक फरार, मिर्ची पाउडर फेंककर दिया वारदात को अंजाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ सूरजपुर जिले से रविवार शाम एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बाल संप्रेषण गृह में बंद 6 अपचारी बालक सुरक्षाकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर फरार हो गए। घटना के वक्त सभी बालक मुख्य गेट से भाग निकले और देखते ही देखते मौके से लापता हो गए।
फरार हुए बालकों में एक अंबिकापुर, एक जांजगीर-चांपा और चार सूरजपुर जिले से हैं। ये सभी चोरी सहित विभिन्न आपराधिक मामलों में बाल सुधार गृह में रखे गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक किसी भी अपचारी बालक का पता नहीं चल पाया है।
इस घटना ने बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार बालकों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
महासमुंद में बोर्ड परीक्षा परिणामों पर सख़्त रुख... शिक्षा विभाग के अधिकारियों का हुआ तबादला
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति और परिणाम आधारित कार्यशैली का असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने आज महासमुंद जिले में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी का स्थानांतरण करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही, निष्क्रियता और खराब प्रदर्शन अब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार महासमुंद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्राचार्य एमआर सावंत को उनके पद से हटाकर कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग, जगदलपुर में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ (जांजगीर-चांपा) के पद पर कार्यरत प्राचार्य विजय कुमार लहरे को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद नियुक्त किया गया है। वहीं भूपेंद्र कुमार कौशिक को जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड का विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह निर्णय उस समीक्षा बैठक के बाद सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री साय ने महासमुंद जिले की बोर्ड परीक्षा में खराब परिणामों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में महासमुंद में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सुधार लाने का निर्देश दिया था। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई दर्शाती है कि मुख्यमंत्री साय की सरकार परिणाम आधारित कार्यशैली में विश्वास रखती है और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत-पाक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ की तैयारियों को लेकर बोले सीएम... सरकार पूरी तरह सतर्क
रायपुर। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा की हमारी तैयारी पूरी है। राज्य में मॉक ड्रिल भी की गई हैं। जैसे-जैसे केंद्र से निर्देश मिल रहे हैं, हम उनका सख्ती से पालन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार से मिले सभी दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम कर रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपातकालीन तैयारी से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें सिविल डिफेंस एक्ट के तहत आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। सीएम साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा की घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना ज़रूरी है। राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।
भारत और पाकिस्तान तनाव के बीच... नक्सल ऑपरेशन स्थगित, वापस बुलाया गए जवान
रायपुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ पर देश का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसमे दो दर्जन से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया गया। वहीँ अब भारत-पाकिस्तान के बीच बने तनावपूर्ण माहौलन को देखते हुए ऑपरेशन को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
बता दें कि 22 अप्रेल से 18 दिनों तक बीजापुर के कररेगुट्टा पहाड़ी पर नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा था, इस नक्सल ऑपरेशन में 26 नक्सलियों को मार गिराया है। सप्ताहभर से देश में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिस वजह से CRPF समेत सुरक्षाबलों के सभी जवानों को इस ऑपरेशन से वापस बुलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन से सभी जवानों को मुख्यालय में वापस लौटकर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गये है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में गर्मी की छुट्टियों में हुआ संशोधन
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में गर्मी छुट्टियां रद्द कर दी गई है। पहले 12 मई से 6 जून तक समर वेकेशन निर्धारित था, लेकिन अब हाईकोर्ट की समर वेकेशन 2 जून से 28 जून तक होगी। यह आदेश चीफ जस्टिस के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी किया गया है।
बता दें कि इसके पहले 1 मई को जारी किए गए एक नोटिफिकेशन में बताया गया था कि हाईकोर्ट 12 मई से 6 जून तक बंद रहेगा और इस दौरान कुछ चयनित तिथियों पर अवकाशकालीन बेंच न्यायिक कार्य करेगी। लेकिन अब समर वेकेशन की नई तिथि घोषित हो गई है।
C M ने की परिवारिक शादी के लिए खरीददारी, कुलेश्वरी कमार से खरीदा पर्रा, धुकना और सुपा
रायपुर । मुख्यमंत्री देव साय ने शासकीय योजनाओं का फीडबैक लेने आज अपना हेलीकॉप्टर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल विकासखण्ड के बल्दाकछार में उतारा। उन्होंने बल्दाकछार में बरगद के नीचे चौपाल लगाई और यहां के कमार बस्ती पहुंचकर विभिन्न योजनाओं के हितग्राही परिवारों से मिले। यहां के कमार बांस से तरह-तरह के समान बनाते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कमार बस्ती में कुलेश्वरी कमार के परिवार को बांस का समान बनाते देखा तो उनके इस काम की जानकारी ली। उन्होंने बांस से बनी सामग्रियों की कीमत भी पूछी। साय को ये समान बेहद पसंद आए। उन्होंने तुरंत ही अपने परिवार में शादी के लिए दो पर्रा, दो धुकना और एक सुपा खरीदा। मुख्यमंत्री का कुल 600 रुपए का बिल बना। उन्होंने खुश होकर कुलेश्वरी को 700 रुपए दिए।
रायपुर : बस्तर को रेल से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल को मिली मंजूरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट
भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन 140 किमी परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513-11 करोड़ रुपए की लागत आएगी जिसका वहन केन्द्रीय बजट से किया जाएगा। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार प्रकट किया है जिन्होंने बस्तर के दूरस्थ और जनजातीय जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के इस बहुप्रतीक्षित सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाया है।
रावघाट-जगदलपुर रेललाइन से न केवल कोंडागांव और नारायणपुर जैसे पिछड़े जिलों को पहली बार रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा बल्कि इससे आदिवासी अंचलों में यात्रा पर्यटन और व्यापार की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी। यह रेल मार्ग बस्तर की सुंदर वादियों ऐतिहासिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति तक पर्यटकों की सीधी पहुँच को संभव बनाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
रेल कनेक्टिविटी से खनिज संसाधनों के परिवहन स्थानीय उत्पादों की पहुँच और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में व्यापक सुधार होगा। यह क्षेत्रीय उद्योगों और किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद करेगा।
प्रस्तावित रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर है जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर तय समय सीमा में पूर्ण किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में बस्तर के विकास का जो सपना वर्षों से संजोया गया था वह अब रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना से साकार होता दिख रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को मिली स्वीकृति बस्तर की जनता के साथ सरकार की भावनात्मक प्रतिबद्धता और विकास के वादे की पूर्ति का प्रतीक है। यह रेलमार्ग बस्तर के लिए केवल एक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क नहीं बल्कि एक नई जीवनरेखा है जो लोगों को शिक्षा स्वास्थ्य व्यापार और पर्यटन के बेहतर अवसरों से जोड़ेगा। इससे कोंडागांव नारायणपुर, कांकेर जैसे वे जिले जो तुलनात्मक रूप से आज भी विकास की मुख्य धारा से दूर हैं अब राष्ट्रीय विकास की धारा से सीधे जुड़ेंगे।
इस रेल परियोजना की नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विकास जब गांव-गांव तक पहुँचेगा जब युवाओं को रोजगार मिलेगा और जब जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुविधाएं सुलभ होंगी तो हिंसा और भय की जगह उम्मीद और विश्वास का संचार होगा। बस्तर की धरती वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थी कि कोई उसे सुने समझे और उसकी पीड़ा को दूर करे। आज जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं बस्तर की चिंता कर रहे हैं तो यह सिर्फ एक परियोजना की शुरुआत नहीं बल्कि एक नए युग का आरंभ है जिसमें बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की पटरी पर दौड़ेगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अब परिवर्तन के ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को स्वीकृति देकर केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि बस्तर के वनांचल घाटियों और जनजातीय अंचलों तक उसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। यह परियोजना बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को साकार करने का निर्णायक कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं बस्तर के दौरे पर आकर ‘बस्तर पण्डुम जैसे आयोजनों में भाग लेकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बस्तर में नक्सल नहीं अब केवल विकास का युग चलेगा। यह रेललाइन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की निर्णायक और सकारात्मक उपस्थिति को और सशक्त बनाएगी।
रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग से न केवल कोंडागांव नारायणपुर और कांकेर जैसे जनजातीय जिलों को रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा बल्कि स्थानीय व्यापार पर्यटन खनिज संसाधनों का दोहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना शांति सुरक्षा और समावेशी विकास के त्रिपक्षीय मंत्र को जमीन पर साकार करेगी। बस्तर की धरती अब हिंसा और उपेक्षा का प्रतीक नहीं बल्कि उम्मीद अवसर और उन्नति की भूमि बनेगी।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पटना गांव के अमराई में लगी चौपाल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत पटना की अमराई में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने 48 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए कहा कि मोदी की गारंटी और छत्तीसगढ़ में सुशासन के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
इस समाधान शिविर में 15 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे जिसने इसे उत्सव का रूप दे दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ साल पहले प्रदेश की जनता ने जो विश्वास जताया था उसका प्रतिफल अब जनहितैषी योजनाओं के रूप में दिख रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को धान बोनस, तेंदूपत्ता मजदूरों के पारिश्रमिक में वृद्धि महतारी वंदन योजना श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ योजना जैसे निर्णयों से लाखों लोगों को सीधा लाभ पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में 1460 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र (सीएससी) स्थापित किए गए हैं ताकि ग्रामीणों को बैंकिंग संबंधी सुविधाएं और जरूरी प्रमाण पत्र सहजता से मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस-प्लस के तहत चल रहे सर्वे कार्य में छूटे हुए पात्र हितग्राही 15 मई तक नाम जुड़वाएं। उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से पानी बचाने के लिए दलहन तिलहन और मिलेट्स की खेती को अपनाने का आव्हान किया।
मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पटना और आसपास के क्षेत्रों के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणाएं कीं जिनमें कुमेली घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु 81-90 लाख रूपए सरना देवगुड़ी विकास हेतु 45-42 लाख रूपए, सीसी रोड निर्माण हेतु 10 लाख विभिन्न मार्गों एवं पुल-पुलियों के निर्माण हेतु 44 करोड़ रूपए से अधिक की राशि शामिल है।
इस अवसर पर खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रायपुर : नवविवाहिताओं को भी जल्द मिलेगा महतारी वंदन योजना का लाभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अचानक मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम माथमौर पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना के जब मुख्यमंत्री माथमौर गांव पहुंचे, तो गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने आस-पास लगे फूलों से सुन्दर गुलदस्ता तैयार कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांव के बीच स्थित महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी लेते हुए कहा कि, नई बहुओं को भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा। वहीं ग्राम सरपंचों को पीएम आवास के लिए पात्र परिवारों की सूची बनाकर भेजने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने चौपाल की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया और पंचायत में विकास कार्यों एवं जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमान की खबर पाकर आसपास के कोलियारी और कुवांरपुर पंचायत के साथ निकट के कई ग्रामों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण माथमौर पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने रखीं।
चौपाल में मुख्यमंत्री साय ने राशन दुकान संचालन, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि, क्या उन्हें हर माह हजार रुपये की राशि समय पर मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जिन नवविवाहित महिलाओं की पात्रता बनती है, उन्हें भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा।
रायपुर : भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर तीन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई – एफआईआर दर्ज, सेवा से पृथक
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के प्रति उसकी नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े तीन संविदा कर्मियों द्वारा हितग्राहियों से रिश्वत मांगने एवं डरा-धमकाकर वसूली करने की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की गई है।
घटना की जानकारी एक वायरल ऑडियो क्लिप के माध्यम से सामने आई, जिसमें ग्राम पंचायत ऐरमशाही की आवास मित्र नीरा साहू द्वारा प्रधानमंत्री आवास की किस्त जारी करने के एवज में 25 हजार रूपये की रिश्वत मांगने की बात स्पष्ट रूप से सामने आई। तहसीलदार की जांच में नीरा साहू ने स्वयं ऑडियो में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की।
इसी प्रकरण में नारायण साहू, जो ग्राम पंचायत तेंदुआ में रोजगार सहायक हैं, द्वारा हितग्राहियों को धमकाते हुए 10 हजार रूपये की मांग किए जाने के प्रमाण मिले। वहीं उनकी पत्नी ईश्वरी साहू, जो ग्राम पंचायत ऐरमशाही में रोजगार सहायक के रूप में पदस्थ थीं, उन पर भी हितग्राहियों से डराकर पैसे मांगने के गंभीर आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नवागढ़ की लिखित रिपोर्ट तथा नांदघाट थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों दोषियों—नीरा साहू, नारायण साहू और ईश्वरी साहू—को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है। यह आदेश कलेक्टर बेमेतरा के अनुमोदन से जारी किया गया।
उक्त मामले में नांदघाट थाना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराएँ 308(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की विधिवत विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्रवाई को सुशासन तिहार के मूल उद्देश्य का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आमजन के अधिकारों का दुरुपयोग न करे, और यदि करता है तो उसे तत्काल विधिसम्मत कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सिर्फ कार्रवाई नहीं, सुशासन का संकल्प है।
रायपुर : आपके शहर ने आपको बहुत कुछ दिया, अब देने की बारी आपकी –अरुण साव
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का शुभारंभ किया। कार्यशाला के पहले दिन आज प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, एमआईसी सदस्यों और वरिष्ठ अभियंताओं ने अपने-अपने निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री साव ने इस दौरान सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास तथा शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने का रोडमैप साझा किया। उन्होंने पीपीटी (Power Point Text) प्रेजेंटेशन के माध्यम से संसाधनों के बेहतर उपयोग, नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहर को सुविधापूर्ण बनाने देश-विदेश में स्थानीय स्वशासनों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ’’नगर सुराज संगम’’ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में हाल ही में संपन्न नगरीय निकायों के चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाले जनप्रतिनिधियों पर जनता ने अपना भरोसा जताया है। शहर के विकास और वहां सुविधाएं जुटाने का बड़ा काम आप लोगों को सौंपा है। आपके शहर ने आपको भरपूर स्नेह, मान-सम्मान और संस्कार दिया है। आपकी कर्मस्थली, आपके शहर ने आपको बहुत कुछ दिया है, अब शहर को देने की बारी आपकी है। आप लोग अपने-अपने शहरों में अपने कार्यकाल में ऐसा काम करें जो यादगार हो, शहर को नई दिशा देने वाला हो, नागरिकों की सुख-सुविधाएं बढ़ाने वाला हो, शहर को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने वाला हो।
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यशाला में नगर निगमों के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि आपके शहरों से प्रदेश की छवि बनती है। आप लोग प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर शहरों का सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास करें। आपके कार्यों और लक्ष्यों को हासिल करने में सहायता के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दो दिनों के इस प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर का नेतृत्वकर्ता होने के नाते शहरवासियों की आप लोगों से बड़ी अपेक्षाएं हैं। इस लिहाज से आप लोगों की जिम्मेदारी भी बड़ी है। दो दिन साथ बैठकर हम लोग शहरों के विकास का रोडमैप और प्राथमिकताएं तय करेंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने ’’नगर सुराज संगम’’ में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को केंद्र व राज्य सरकार तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं की जानकारी देने इसका आयोजन किया गया है। इस दौरान नगरीय निकायों से संबंधित अधिनियमों और उनके महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी। यह संगम दोनों तरफ से संवाद का मंच है। इस मंच के माध्यम से आप लोग नगरीय प्रशासन और विकास से जुड़ी अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान कर सकते हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री आर. एक्का और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी कार्यशाला में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री साव ने आज ’’नगर सुराज संगम’’ के उद्घाटन सत्र में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन किया। इसमें विभाग से जुड़ी बुनियादी जानकारी के साथ ही केंद्र व राज्य प्रवर्तित योजनाओं, विभाग द्वारा शहरी नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं तथा विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी गई है। कार्यशाला के पहले दिन आज नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य ने नगरीय प्रशासन से संबंधित अधिनियमों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। सुडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुष्यंत कुमार रायस्त ने सुडा द्वारा संचालिय योजनाओं के बारे में बताया।
’’नगर सुराज संगम’’ के दूसरे दिन 6 मई को प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के नवनिर्वाचित अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इन निकायों के विकास के लिए आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने सभी नगर निगमों के साथ ही सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जांजगीर में नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन का किया लोकार्पण
सुशासन तिहार के तहत ‘संवाद से समाधान’ की भावना के साथ आकस्मिक दौरे पर जांजगीर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिलेवासियों को 142 वर्षों बाद एक ऐतिहासिक सौगात दी। उन्होंने नव-निर्मित तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। अंग्रेजी शासन काल में वर्ष 1883 में बना पुराना तहसील भवन अब इतिहास बन गया है, और उसकी जगह 4 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन जनता को समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन तक सेवाओं की सरल, सहज और सुगम पहुँच सुनिश्चित हो, और यह नवीन तहसील कार्यालय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस भवन से क्षेत्र के 54 गांवों और 24 पटवारी हल्कों के नागरिकों को राजस्व से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
नवीन तहसील भवन में प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के कुशल संचालन के लिए आवश्यक समस्त सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसमें लोक सेवा केंद्र के माध्यम से जाति, निवास, आय प्रमाण-पत्र जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी, वहीं आवक-जावक शाखा में दस्तावेजों का नियमानुसार प्रेषण और आवाज सुनिश्चित किया जाएगा। न्यायालयीन दस्तावेजों के संधारण के लिए नजीर शाखा, निर्वाचन से संबंधित कार्यों के लिए निर्वाचन शाखा, भूमि व राजस्व अभिलेखों के लिए कानूनगो शाखा तथा राजस्व वसूली और आर्थिक प्रबंधन के लिए मालजमादार कक्ष की स्थापना की गई है। साथ ही, कार्यालय भवन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष बनाए गए हैं।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, विधायक व्यास कश्यप, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
DEO कार्यालय में घुस लेते बाबू गिरफ्तार, ACB की कार्यवाई
रायगढ़ जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के दफ्तर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घूसखोर कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सहायक ग्रेड-2 के बाबू मोहम्मद फरीद फारुखी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। एसीबी की टीम ने केमिकल लगे नोटों के साथ उसे दबोच लिया, जिससे डीईओ दफ्तर में हड़कंप मच गया।
बता दें कि यह मामला तब सामने आया, जब एक पीड़ित ने एसीबी से शिकायत की कि डीईओ दफ्तर में पदस्थ बाबू मोहम्मद फरीद फारुखी किसी काम के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। टीम ने पीड़ित को केमिकल लगे नोट दिए और जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही फारुखी ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने उसे धर दबोचा। पकड़े गए मोहम्मद फरीद फारुखी से एसीबी की टीम पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट, अगले कुछ घंटों में इन जिलों में बदलेगा मौसम
Rain alert : प्रदेश में फिर एक बार मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग द्वारा प्राप्त ताज़ा जानकारी के अनुसार, बस्तर और सरगुजा संभाग में अगले कुछ घंटों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिलासपुर संभाग के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, सरगुजा संभाग के पांच जिलों और बिलासपुर संभाग के छह जिलों, साथ ही बस्तर के पांच जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। इसका प्रभाव रायपुर में भी देर शाम से महसूस किया जा सकता है।
सी.एस.के अवस्थी, मौसम विज्ञानी, ने बताया कि “शाम होते-होते मौसम पूरी तरह करवट ले सकता है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगले 5–6 दिनों तक प्रदेश के मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, और इसका असर कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता है।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जगदलपुर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट को लेकर परिवहन अधिकारियों एवं अनुबंधित कंपनियों की बैठक
रायपुर । नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के सेमिनार कक्ष में विगत दिवस परिवहन सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर की अध्यक्षता में राज्य के समस्त जिला स्तरीय परिवहन अधिकारी सहित हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के लिए अनुबंधित कंपनियों के साथ हाई लेवल बैठक ली गई। बैठक में जनता को आ रही समस्याओं के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा कर इनके निराकरण हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए ।
बैठक में जानकारी दी गयी कि राज्य में 01 अप्रैल 2019 से पहले के लगभग 50 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन हैं एवं लगभग 03 लाख के करीब हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के ऑर्डर प्राप्त हो चुके है। फिटमेंट की गति बढ़ाने के लिये प्रत्येक जिला स्तर पर वाहनों की संख्या के आधार पर अनुबंधित कंपनियों के फिटमेंट सेंटरों की संख्या में वृद्धि करने तथा हर जिले में जिला स्तरीय परिवहन अधिकारी को कंपनियों के साथ कैम्प टीम बनाने के निर्देश दिये गए।
इसके तहत रायपुर में 05 टीम, धमतरी में 04 टीम, महासमुंद में 04 टीम,दुर्ग- 08 टीम ,कवर्धा- 02 टीम,बिलासपुर-06 टीम,जांजगीर चम्पा-03 टीम,कोरबा-05 टीम, रायगढ़-06 टीम,जशपुर- 03 टीम,अम्बिकापुर -04 टीम,कोरिया-03 टीम,जगदलपुर-03 टीम, दंतेवाड़ा-02 टीम,कांकेर-03 टीम,बलौदाबाजार-03 टीम तथा गरियाबंद, बालोद व बेमेतरा में 02-02 टीम एवं अन्य जिलों में 01-01 कैम्प/मोबाईल टीम बनाने के निर्देश दिये गए है। ये टीमें जिले के विभिन्न स्थानों पर कैम्प लगा कर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के नियमानुसार ऑर्डर लेंगे तथा आवश्यकतानुसार नम्बर अपडेट किये जायेंगे। बैठक में निर्देशित किया गया कि दूरस्थ जिलो में दूसरे दिन तक तथा अन्य जिलों में उसी दिन अनिवार्य रूप से हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट फिट किये जाएं।
PAN card का गलत इस्तेमाल कैसे रोकें? जानिए पूरी जानकारी
आज के समय में PAN card एक अहम दस्तावेज बन चुका है। बिना इसके आप आईटीआर फाइलिंग, लोन, पेंशन, और सरकारी योजनाओं में आवेदन जैसे कई वित्तीय काम नहीं कर सकते।
लेकिन अगर आपको शक है कि कोई और आपके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर रहा है, खासकर लोन लेने के लिए, तो आप यह आसानी से चेक कर सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है और भविष्य में आपको परेशानी हो सकती है।
जानें कैसे पता करें आपके पैन कार्ड से लोन तो नहीं लिया गया:
- CIBIL वेबसाइट (www.cibil.com) पर जाएं।
- “Get Your CIBIL Score” पर क्लिक करें।
- अगर सब्सक्रिप्शन का ऑप्शन आए, तो उसे Skip करें।
- पहली बार उपयोग कर रहे हैं तो रजिस्ट्रेशन करें – नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें।
- लॉगिन करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं।
- लॉगिन कर पैन नंबर दर्ज करें और “Check CIBIL Score” पर क्लिक करें।
- आपके मोबाइल पर आया OTP दर्ज करें।
- अब आप देख पाएंगे कि कितना लोन आपके नाम पर चल रहा है।
अगर पैन कार्ड में कोई जानकारी गलत है, तो सुधार कैसे करें:
1. इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाएं (www.incometax.gov.in)।
2. अपना पैन नंबर और अन्य जानकारी देकर लॉगिन करें।
3. “PAN Correction” विकल्प पर क्लिक करें।
4. मांगी गई जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
5. फीस जमा करें और फॉर्म को सबमिट करें।
6. अंत में ट्रैकिंग नंबर नोट करें, जिससे आप स्टेटस देख सकें।
रायपुर :बकरी पालन बना आर्थिक सशक्तिकरण का आधार
किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आर्थिक आय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीब किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से बकरी पालन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन ने अभिनव पहल की है। अब जिले में जल्द ही अफ्रीकन नस्ल ’बोयर’ के बकरा-बकरी नजर आएंगे, जिनका वजन स्थानीय नस्ल की तुलना में तीन से चार गुना अधिक होगा है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम मिलेगा। बकरी पालन आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे किसानों के लिए ’एटीएम’ की तरह कार्य करता है। इसे पालना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर बेचकर तत्काल नकद आय अर्जित की जा सकती है। स्थानीय नस्ल के बकरों का अधिकतम वजन 20 से 25 किलोग्राम तक होता है, लेकिन अब कृत्रिम गर्भाधान से अफ्रीकन बोयर जैसे भारी भरकम नस्ल के बकरा-बकरी पालने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिनका वजन 80 से 100 किलो तक होता है।
कलेक्टर सरगुजा के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा 7800 सीमेन डोज मंगवाए गए हैं, जिनमें भारतीय नस्ल जमुनापारी, सिरोही, बारबरी के साथ पहली बार अफ्रीकन बोयर नस्ल के सीमेन भी शामिल हैं। ये सीमेन उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड, ऋषिकेश के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना में जिला पशु रोगी कल्याण समिति से भी आर्थिक सहयोग मिला है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि, यह पहली बार है जब अफ्रीकन बोयर नस्ल का सीमेन सरगुजा में उपलब्ध कराया गया है। सफेद रंग की इस नस्ल का गला और सिंग तक का भाग कत्थई रंग का होता है। वजन अधिक होने के कारण बकरी पालन से ग्रामीणों को लाभ भी अधिक मिलेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे पहले सूरजपुर और सरगुजा जिले में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत की गई थी। अब इस नवाचार को मिली सफलता के बाद सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों में इसे लागू कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को बेहतर नस्ल की बकरी पालने और उससे अधिक आय प्राप्त होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
यह पहल न केवल ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्रदान करेंगे, जिससे बकरी पालक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे। प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयास से अब बकरी पालन सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि समृद्धि का जरिया बनता जा रहा है।