छत्तीसगढ़
बालोद में ट्रक ने कार को मारी जोरदार टक्कर... छह की मौत, सात घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक एसयूवी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक़, हादसा डोंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भानुप्रतापपुर-दल्लीराजहरा मार्ग पर चौरापावड़ के पास हुआ है। कार में सवार लोग डौंडी में कुम्भकार में किसी रिश्तेदार के घर छट्ठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद डौंडी से अपने गांव गुरेदा लौट रहें थे। कार मे 13 लोग सवार थे. इसी बीच भानुप्रतापपुर-दल्लीराजहरा मार्ग पर चौरापावड़ के पास दल्लीराजहरा से भानुप्रतापपुर की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज की गाड़ी की परखच्चे उड़ गए. वही इस हादसे में 6 लोगों की तत्काल मौत हो गई. जबकि 7 अन्य घायल गंभीर रूप से घायल हुए हैं. हादसे के बाद लोगों की चीख पुकार मचने लगी। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से कार से निकला गया. घायल लोगों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है. सभी की हालत नाजुक बताई जा रही है।
खाद्य विभाग बड़ी कार्रवाई : रायपुर, महासमुंद सहित विभिन्न जिलों में दबिश, कई क्विंटल धान जब्त
रायपुर। प्रदेश की खाद्य विभाग की टीम ने रविवार को रायपुर, धमतरी, महासमुंद और राजनांदगांव जिले में स्थित राईस मिलों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने रायपुर जिले में आरटी राईस मिल, महासमुंद में श्रीवास्तव राईस मिल, नारायण राईस मिल, माँ लक्ष्मी राईस मिल, धमतरी में आकांक्षा राईस मिल, राजनांदगांव में अतुल राईस मिल में जांच की। इस दौरान खाद्य विभाग द्वारा कई क्विंटल धान जब्त किया गया।
रायपुर जिले में आरटी राईस मिल (प्रो. प्रमोद जैन) का निरीक्षण किया गया, जहां खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराने के बावजूद अनुमति और अनुबंध का निष्पादन नहीं किया गया था। शासकीय धान का उठाव नहीं हो रहा था। निरीक्षण के दौरान 390 क्विंटल उसना चावल और 1200 क्विंटल धान फ्री सेल प्रयोजन हेतु पाया गया, जो छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 का उल्लंघन है। टीम ने मिल परिसर को सील कर दिया। धान चावल जब्त किया गया है।
रायपुर में ही गौरी राईस मिल (प्रो. मुकेश अग्रवाल) में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अनुबंध के तहत भारतीय खाद्य निगम में जमा किए जाने वाले 2272 क्विंटल चावल के मुकाबले केवल 872 क्विंटल चावल ही मिल में पाया गया। इसके अतिरिक्त, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए अनुबंध निष्पादित करने के बावजूद शासकीय धान का उठाव नहीं किया गया। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग आदेश 2016 के उल्लंघन के चलते टीम ने मिल को सील कर दिया।
भारतीय सेना द्वारा आयोजित सोल्जरएथॉन में तीन हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल
देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस – केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह
कांकेर में नक्सली IED ब्लास्ट, बीएसएफ जवान घायल, रायपुर किया गया रेफर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा प्लांट की गई IED को डिफ्यूज करते समय हादसा हो गया। BSF जवान बी. ईश्वर राव ब्लास्ट में घायल हो गए। यह घटना हेटारकसा के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई। घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद सेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से रायपुर रेफर किया गया।
जवान के हाथ और चेहरे में चोट आई है, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हादसा पानीडोबीर कैंप से सर्च ऑपरेशन पर निकली टीम के दौरान हुआ। सुरक्षा बल क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
नारायणपुर पुलिस नक्सली मुठभेड़.... दो महिला समेत सात नक्सलियों का शव बरामद
रायपुर। बस्तर संभाग के दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र के जंगल में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई कई घंटों तक चली मुठभेड़ में 5 पुरुष और 2 महिला सहित कुल 7 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी मारे गए। इसके अतिरिक्त, नक्सलियों के घायल होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। मृत माओवादियों में एससीएम कार्तिक उर्फ दसरू, एसीएम रैनी उर्फ रमिला मडकम, सोमारी ओयाम, गुडसा कुच्चा, रैनू पोयाम, कमलेश उर्फ कोहला, और सोमारु उर्फ मोटू के नाम शामिल हैं।
इस मुठभेड़ के दौरान 2 नग 303 रायफल, 2 नग बीजीएल लाँचर, 2 नग 12 बोर रायफल और 2 नग भरमार बंदूक के साथ भारी मात्रा में नक्सली दैनिक उपयोगी सामग्री भी बरामद हुई। इस संयुक्त अभियान में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोण्डागांव की डीआरजी टीम, एसटीएफ और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे।
माओवादियों के एकत्रित होने की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने 11 दिसंबर 2024 को यह अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ में ओडिशा स्टेट कमेटी के सदस्य कार्तिक उर्फ दसरू सहित 7 नक्सली मारे गए हैं। साथ ही, कई अन्य नक्सलियों के घायल होने की भी खबर है।
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा : रजत जयंती वर्ष खास सालभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन
रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती वर्ष खास होगा | सालभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा | इसके साथ नए विभानसभा का लोकार्पण होगा | इस बात की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रजत जयंती के लोगो का विमोचन करने के बाद मीडिया को दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि 14 दिसंबर 2024 से 14 दिसंबर 2025 तक मनाए रजत जयंती वर्ष के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सभी सदस्यों का स्वागत गणतंत्र ध्वनि के माध्यम से उनका स्वागत किया जाएगा | इस दौरान छाया चित्रों की प्रदर्शनी के अलावा नए विधानसभा के मॉडल की प्रदर्शनी लगाई जाएगी | विधानसभा परिचय पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि इसके अलावा बहुत से आयोजन बजट सत्र के दौरान होंगे | सत्र में संबोधन के अलावा विधायकों के बीच होने वाले क्रिकेट मैच में राष्ट्रपति को आमंत्रित किया जाएगा | रजत जयंती वर्ष में नए विधानसभा का लोकार्पण की जानकारी देते हुए बताया कि भवन का 75 प्रतिशत से अधिक निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है | इस कार्यक्रम के शुभारंभ में प्रधानमंत्री शामिल होंगे।
16 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र को लेकर अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि चार बैठक होंगी | सत्र की शुरुआत 16 दिसंबर को 11 बजे होगी | राज्य सभा के पूर्व सांसद गोपाल व्यास को श्रद्धांजलि दी जाएगी | 2024 के अनुपूरक आय, विनियोग पर चर्चा होगी | विधि विशेष कार्य के अंतर्गत निम्नलिखित छत्तीसगढ़, विधानसभा वेतन भत्ता पर चर्चा होगी | 814 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं | सदस्यों से 16 दिसंबर 2024 के स्थिति में सूचनाएं प्राप्त हुई है | विधानसभा में और क्या विषय लेंगे,उस पर आगे चर्चा करेंगे।
छत्तीसगढ़ में आगामी तीन दिनों के लिए : शीतलहर का अलर्ट
रायपुर | छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है और मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है | प्रदेश के 8 जिलों में शीतलहर का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा, जिनमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, मूंगेली, दुर्ग और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई शामिल हैं | इन जिलों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी | बलरामपुर में न्यूनतम तापमान 4.8°C, पेंड्रा में 8°C, अंबिकापुर में 5.9°C, जगदलपुर में 13.8°C, दुर्ग में 9.2°C, राजनांदगांव में 11.2°C और बिलासपुर में 12.6°C दर्ज किया गया है | राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 13.4°C और अधिकतम तापमान 28.2°C रहा | मौसम विभाग का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक शुष्क हवाएं चलने की संभावना है और तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा।
अब इस दिन से नियमित चलेगी : दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस
रायपुर | दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस अब 17 दिसंबर 2024 से नियमित रूप से चलेगी | पहले इसे 2 दिसंबर से 27 फरवरी तक विभिन्न दिनों में रद्द किया गया था, लेकिन अब महाकुंभ और सामाजिक-राजनैतिक दबाव के कारण रेलवे प्रशासन ने अपना निर्णय वापस ले लिया है।
बात दे रेलवे प्रशासन द्वारा यह कदम उठाने पर नेताओं और संगठनों ने आभार व्यक्त किया है | इसके अलावा, महाकुंभ के दौरान दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे द्वारा तीन स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा | साथ ही, भविष्य में यह मांग उठाई गई है कि सारनाथ एक्सप्रेस को कोहरे के कारण रद्द न किया जाए।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाया हुआ अनिवार्य : 01 अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) योजना प्रारंभ हुई हैं। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा (एचएसआरपी) के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के प्रावधानों, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में दिनाक 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। जिसे लागू कर प्रक्रिया प्रारंभ किया जा चुका है। अब वाहन स्वामी विभागीय वेबसाइट
https://cgtransport.gov.in/
के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते है। इस संबंध में विभाग द्वारा दो वेंडर क्रमशः मेसस रीयल मेजॉन इंडिया लिमिटेड एवं मेसस रॉस्मेर्टा सेफ्टी सिस्टम्स लिमिटेड को निर्धारित दर पर एचएसआरपी लगाने के लिए अधिकृत किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों को जोन अनुसार वर्गीकृत किया गया है जहां हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाने की कार्यवाही की जायेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह काम निर्धारित दर अनुसार मोटर वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट लगाने की कार्यवाही का भुगतान केवल डिजिटल मोड के माध्यम से किए जाएंगे आटोमोबाइल डीलरों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रेल 2019 के पूर्व पंजीकृत मोटरवाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (आवश्यक तीत्तरी पंजीकरण प्लेट सहित) प्रत्येक इंस्टालेशन हेतु एक सौ रूपए अतिरिक्त चार्ज के साथ लगाया जावेगा। घर पहुंच सेवा हेतु अतिरक्त राशि देय होगा ।
ड्रोन दीदी बनी किसानों की मददगार
नमो ड्रोन दीदी योजना से किसानों की पैसे एवं समय की हो रही बचत
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कृषि सेवाएँ प्रदान करने के लिए ड्रोन तकनीक से लैस करके उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर कृषि में ड्रोन का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाया जा रहा है। योजनांतर्गत चयनित महिला या समूह को ड्रोन और सहायक उपकरण दिए जाते हैं। साथ ही ड्रोन से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव की नमो ड्रोन दीदी गोदावरी साहू ने बताया कि वे विहान अंतर्गत जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य है। नमो ड्रोन योजना अंतर्गत इफको के माध्यम उन्हें ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें थ्योरी व प्रेक्टिकल के साथ ग्राउंड लेवल पर ड्रोन को चलाने के संबंध में जानकारी दी गई। इसके बाद फूलपूर में 05 दिवसीय ड्रोन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। वह अब ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशक का छिड़काव करती है। इससे किसानों के पैसे और समय की बचत हो रही है। इसके साथ ड्रोन से वायु प्रदूषण भी नहीं होता। उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से एक ही दिन में 20 से 25 एकड़ खेत में कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव हो जाता है, जिससे किसानों द्वारा श्रमिकों को देने वाले पैसे की बचत तो हो ही रही है। साथ ही किसानों का समय भी बच रहा है।
वहीं ग्राम के किसान ने बताया कि पहले कृषि यंत्र स्प्रेयर के माध्यम से अपने गन्ने की फसल में दवाई का छिड़काव करते थे। जहॉ गन्ने की फसल की उॅचाई ज्यादा होने से उन्हें फसल के बीच जाकर दवाई छिड़काव करने में काफी समय लगता था और समस्याएं भी काफी बनी रहती थी। लेकिन अब उन्हें कम समय व कम खर्च में ही अपने फसलों में कीटनाशक दवाई के छिड़काव के लिए एक अच्छा मददगार ड्रोन दीदी के रूप में मिल गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के हित में काफी अच्छी योजनाएं संचालित की जा रही है। इसके लिए उसने खुशी-खुशी शासन को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है।
भारतीय सेना के 1971 के युद्ध में विजय की 53वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नवा रायपुर में सोल्जरथॉन मैराथन का आयोजन
रायपुर। भारतीय सेना द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से 15 दिसंबर, 2024 को अटल नगर, नवा रायपुर के सेंट्रल पार्क में सोल्जरथॉन मैराथन का विशेष संस्करण आयोजित किया जा रहा है । यह आयोजन पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में भारत की निर्णायक जीत की 53वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होगा, जो देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है ।
मैराथन में सभी स्तरों के प्रतिभागियों के लिए विभिन्न श्रेणियों की दौड़ होंगी, जिसमें 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 05 किलोमीटर की दौड़ के साथ ही साथ 03 किलोमीटर की पैदल यात्रा भी शामिल है । इसके लिए रेस-एक्सपो का आयोजन 14 दिसंबर, 2024 को सेंट्रल पार्क, नया रायपुर में किया जाएगा ।
इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण 1971 के भारत-पाक युद्ध से संबंधित युद्ध अवशेषों को प्रदर्शित करना है । प्रदर्शनी में युद्ध से संबंधित सैन्य कलाकृतियाँ, तस्वीरें और यादगार चीज़ें प्रदर्शित की जाएँगी । इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को 1971 संघर्ष के इतिहास से जुड़ने और इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में जानकारी प्राप्त करने अवसर मिलेगा ।
जनरल वीके सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एडीसी, पूर्व सेनाध्यक्ष, प्रस्तावित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे । इस अवसर वे पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर को 19,63,284 रुपये का चेक प्रदान करेंगे।
सोल्जरथॉन मैराथन न केवल फिटनेस का उत्सव है, बल्कि 1971 के युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि भी है । इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों और छत्तीसगढ़ के नागरिकों के बीच मजबूत संबंध को बढ़ावा देना तथा एकता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है ।
हाईकोर्ट का अहम फैसलाः पदोन्नति ना तो कानूनी और ना ही संवैधानिक अधिकार...
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2019 के नियम 18 को चुनौती देते हुए शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों ने चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई। सभी याचिकाओं की एकसाथ सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया है।
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही उस टिप्पणी को भी दोहराया है जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि पदोन्नति का अवसर मिलना या देना संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है। यह राज्य शासन द्वारा बनाई गई व्यवस्था है।
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में लिखा है कि राज्य शासन ने पदोन्नति के लिए नियम तय करते समय शिक्षा विभाग में पूर्व से कार्यरत लेक्चरर्स के हितों का ध्यान रखा है। लिहाजा 70 फीसदी पद ई संवर्ग के लेक्चरर्स के लिए आरक्षित रखा गया है। शिक्षाकर्मी से संविलियन के बाद शिक्षा विभाग में आए लेक्चरर्स को पदोन्नति देने के लिए 30 फीसदी पद आरक्षित रखे गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग ने मूल विभाग में कार्यरत लेक्चरर्स के लिए आधे से ज्यादा पदों को रिर्जव रखा है,ऐसी स्थिति में इसे असंवैधानिक कैसे ठहराया जा सकता है।
मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर.... शाह के दौरे से पहले एक्शन में जवान... पिछले 36 घंटे में 9 नक्सली ढेर
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से ठीक पहले माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए ढेर कर रहे है। आज सुबह बीजापुर जिला के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के लेंड्रा के जंगल में जवानों ने नक्सलियों से हुए मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि लेंड्रा क्षेत्र में भारी संख्या में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके बाद केंद्रीय रिजर्व बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम को अभियान पर भेजा गया था।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही जवानों ने बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में घुसकर 7 नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलियों के मांद में घुसकर केंद्रीय सुरक्षा बल और डीआरजी के जवान नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे है। बताया जा रहा है कि बीजापुर पुलिस को लेंड्रा के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुख्ता इनपुट के आधार पर सीआरपीएफ,डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम मौके पर रवाना किया गया था। आज सुबह जवानों के पहुंचते ही नक्सलियों ने जवानों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए। घटनास्थल की सर्चिंग पर दो वर्दीधारी नक्सली के शव और आटोमेटिक हथियार पुलिस को मिले हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद मौके की सर्चिंग करने पर घटनास्थल से 2 नग 12 बोर सिंगल शॉट गन, 1 नग कंट्री मेड गन, वायर, 5 किलो का टिफिन बम, प्रिंटर, नक्सली वर्दी, साहित्य एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। घटना में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्तगी एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही थाना बासागुड़ा द्वारा की जा रही है।
नैसर्गिक झरनों, गुफाओं, पहाड़ो-पठारों और नदियों से शुमार है जीपीएम जिला
जीपीएम जिला : गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला
पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए जिला प्रशासन कर रहा लगातार प्रयास
रायपुर | साल के घने वनों से आच्छादित और नैसर्गिक झरनों, गुफाओं, पहाड़ो-पठारों से युक्त, आठ नदियों-अरपा, सोन, तान, तीपान, बम्हनी, जोहिला, मलनिया एवं ऐलान के उद्गम स्थल के कारण प्राकृति सौन्दर्य से शुमार है गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला। सत्ता का विकेन्द्रीकरण के तहत 10 फरवरी 2020 को बिलासपुर जिले से अलग कर जीपीएम जिले का गठन किया गया। पृथक जिला बनने के बाद से जीपीएम जिले को पर्यटन जिला के नाम से एक नई पहचान दिलाने जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए सार्थक पहल किया जा रहा है।
जीपीएम जिले में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने गगनई नेचर कैंप के विस्तृत जलाशय में नौकायन शुरू करा दिया है । राजमेरगढ़, ठाड़पथरा, लक्ष्मणधारा, माई का मड़वा, झोझा जलप्रपात, जोगी गुफा आदि स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सौंदर्यीकरण के साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन एवं बैरियर का निर्माण किया गया है। इन स्थानों पर ट्रैकिंग, कैंपिंग व अन्य गतिविधियां कराई जा रही हैं। पर्यटन स्थलों की देखरेख एवं संधारण के लिए स्थानीय पर्यटन समितियों का गठन किया गया है। पर्यटन समितियों को रात्रि भ्रमण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्थानीय युवाओं को ट्रैकिंग, हॉस्पिटैलिटी आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
स्थानीय पर्यटन समितियों के माध्यम से बस्ती बगरा और सोन बचरवार में होम स्टे संचालित किया जा रहा है। झोझा जलप्रपात घूमने आने वाले पर्यटक प्रकृति की वादियों में बसे आदिवासी ग्राम बस्ती बगरा में संचालित होम स्टे का आनंद ले सकते हैं। कम्युनिटी विलेज स्टे भी लमना ग्राम पंचायत में स्थानीय पर्यटन समिती द्वारा संचालित कराया जा रहा है, जिसमें पर्यटकों को पारंपरिक संस्कृति से भी जोड़ा जाता है। सोन बचरवार जहां से सोन नदी का उद्गम स्थल माना जाता है, और पूरे विश्व में सिर्फ एक मात्र मंदिर जहां पर मां नर्मदा और शोणभद्र जी की एक साथ प्रतिमा देखने को मिलती है, यहां पर माघ पूर्णिमा में एक विशाल मेले का भी आयोजन कराया जाता है। यह गांव धार्मिक महत्वता के लिए भी प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है यहां पर भी सोन बचारवार होम स्टे है, जो कि पर्यटन समिति द्वारा संचालित कराए जा रहे हैं। पर्यटन स्थल ठाड़पथरा में मड हाउस बनाया जा रहा है, इसका भी संचालन स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा किया जाएगा।
जिले में धनपुर एक पुरातत्विक् स्थल है, जहां पर पर्यटन समिति के द्वारा विशालकाय पत्थर पर उभरी हुई मूर्ति बेनीबाई को संरक्षित किया जा रहा है। यहां खुदाई से प्राप्त मूर्तियों एवं अवशेषों का संरक्षण भी किया जा रहा है। धनपुर में मूर्ति संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। पर्यटन विकास के तहत मलनिया डैम में खनिज न्यास मद से एक्वा टूरिज्म एवं वाटर स्पोर्ट्स की स्वीकृति दी गई है, जिसका संचालन मछुआ सहकारी समिति द्वारा किया जाना है। प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण जिले का पर्यटन स्थल स्थानीय पर्यअकों को ही नही बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी खूब भा रहा है। जिला प्रशासन जिले के सभी दुर्लभ एवं आकर्षक पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। कबीर चबूतरा से लेकर समुदलई तक प्रत्येक पर्यटन स्थल की जीवंतता एवं सुरम्यता आने वाले दिनों में पूरे देश में जिले की ख्याति बढ़ाएगी।
जिले के पर्यटन स्थलों के प्रचार प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा कॉफी टेबल बुक बनाई गई है तथा जिले की पर्यटन स्थलों को इंटरनेट के माध्यम से लोगो तक पहुंचाने के लिए
www.gpmtourism.com
वेबसाइट बनाई गई है। इस वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन समितियों द्वारा संचालित कैम्पिंग, ट्रैकिंग, होमस्टे, कम्युनिटी विलेज स्टे एवं मडहाउस की बुकिंग भी की जाती है।
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले की प्राकृतिक सुन्दरता और पर्यटन की भरपूर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा पर्यटन क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ स्थानीय जनजीवन के लिए भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
मुख्यमंत्री साय ने विवाह बंधन में बंधने वाले 102 नवदंपत्तियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए कर रही है कार्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर | हमारी सरकार के कार्यकाल को 13 दिसम्बर को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। हमने ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे ही दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी। हमने आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख परिवारों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरबा के सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ऊर्जाधानी कोरबा में 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। यह एक बड़ी राशि हैै और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर सहित अन्य युवाओं को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।
उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी हितग्राहीमूलक योजनाओं से बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डाे में विकास कार्याे के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।