छत्तीसगढ़
नारायणपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़….दोनों ओर से फायरिंग जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर सुबह से चल रही नक्सल मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जवानों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। इसके साथ ही कई नक्सलियों को जिंदा पकड़ा है। हालांकि पकड़े गए नक्सलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टी अभी नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाके में सुबह से जारी है। सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में जवानों ने 2 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही कई (जीवित) नक्सलियों को धर दबोचा है। आस-पास के इलाकों में सर्चिंग जारी है।
एम्स का द्वितीय दीक्षांत समारोहः 509 छात्रों को उपाधि देंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। एम्स के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल और उषा जिंदल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया। इस बार दीक्षांत समारोह में 509 चिकित्सा छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएंगी।
एम्स प्रबंधन का कहना है कि दीक्षांत समारोह की तिथि तय नहीं हुई है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में उम्मीद है। लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने बताया कि एम्स के लिए यह गौरव का क्षण है कि समारोह के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति से दीक्षांत समारोह में मुख्य अभिभाषण के साथ स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए भी अनुरोध किया है।
दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस के 203 छात्रों (2017 और 2018 बैच), बीएससी (नर्सिंग) की 116 छात्राओं (2018 और 2019 बैच), एमडी,एमएस,एमडीएस के 143 और डीएम व एमसीएच की 14 डिग्री प्रदान की जाएंगी। चार छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। दीक्षांत समारोह के सुचारू आयोजन के लिए एम्स की ओर से विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गंभीर, सड़क हादसे में 19 आदिवासियों की मौत पर 10 लोगों को बनाया पक्षकार
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने कवर्धा जिले में हुए सड़क हादसे में 19 आदिवासियों की मौत को जनहित याचिका माना है। इस केस की सुनवाई 24 मई को डिवीजन बेंच में होगी। इससे पहले भी चीफ जस्टिस ने प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों को जनहित याचिका मानकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
कवर्धा जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी में हुए पिकअप हादसे में बैगा जनजाति के 19 लोगों की दर्दनाक मौत हुई। बारह लोगों ने पिकअप से कूदकर अपनी जान बचाई। सभी मृतक ग्राम सेमहारा के रहने वाले थे, जो पिकअप से जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे और वापस आ रहे थे। कई ऐसे भी लोग हैं, जो एक ही परिवार के सदस्य थे। ऐसे में परिवार के लोगों का भी रो - रो कर बुरा हाल हो रहा है। इस हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, चार घायलों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, 10 लोग घायल हैं, जिनका उपचार चल रहा है।
पिकअप, ट्रैक्टर, मेटाडोर, छोटा हाथी जैसे मालवाहकों में यात्री परिवहन अक्सर देखने को मिलता है। खासकर जब शादी - विवाह और धान - रोपाई व निर्माण कार्य के समय श्रमिकों को मालवाहकों से ही लाना लेजा किया जाता है | विभिन्न मुख्य मार्गों के अलावा शहर के भीतर भी उल्लंघन का यह नजारा अब आम हो गया है | जिसे देखने के बाद भी यातायात विभाग और न ही परिवहन विभाग कोई कार्रवाई करता है। इसके साथ ही हादसे का एक बड़ा कारण नशा भी है।
हादसे के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरती जाए और ऐसे हादसे रोकने के हर संभव प्रयास किया जाये |
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के लिए रजिस्टर्ड किया है। इस केस में राज्य शासन के पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव, परिवहन आयुक्त, स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के साथ ही कलेक्टर सहित 10 लोगों को पक्षकार बनाया गया है।
यह पहली घटना नहीं है, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वतः संज्ञान लिया है। इससे पहले भी उन्होंने जनहित के कई मामलों पर मीडिया में प्रकाशित खबरों को आधार मानकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। इसी तरह उन्होंने राजधानी रायपुर के विधानसभा रोड सहित प्रदेश की ख़राब सड़कों को जनहित याचिका मानकर सुनवाई कर चुके है। इस दौरान डिवीजन बेंच ने शासन को निरन्तर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़कों पर सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जाने के लिए निर्देशित किया था।
कर्नाटक और हैदराबाद बंधक बनाए गए थे मजदूर.. जिला प्रशासन की पहल पर 19 मजदूर लाए गए वापस
रायपुर। जगदलपुर जिला प्रशासन की पहल पर दरभा क्षेत्र के 19 मजदूर कर्नाटक और हैदराबाद से वापस लाए गए। कलेक्टर विजय दयाराम के मार्गदर्शन में जिला श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों को उनके मेहनताना की राशि ठेकेदारों से वसूल कर लाने पर, कलेक्टर ने जिला कार्यालय में राशि का वितरण किया। साथ ही मजदूरों को अधिक मेहनताना की लालसा में अन्य राज्य पलायन नहीं करने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर ने मजदूरों को उनकी मजदूरी की राशि का वितरण कर मौके पर राशि गिनवाई, एक बालक ने अशिक्षित होने के कारण राशि गिनने में असमर्थता जताई जिसके पर कलेक्टर ने उसे साक्षर बनाने के लिए साक्षरता अभियान से जोडऩे के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।
बतादें कि विकासखंड दरभा क्षेत्र के 19 श्रमिक अधिक मजदूरी की लालच में कर्नाटक में 14 व हैदराबाद केएलपी. नगर में 5 मजदूर बोरिंग गाड़ी में मजदूरी कर रहे थे, जिन्हें मजदूरी भुगतान नहीं मिलने की शिकायत होने पर बस्तर जिला प्रशासन द्वारा दल का गठन किया। दल ने मौके पर जाकर 19 श्रमिकों को भुगतान सहित सकुशल गृहग्राम पहुंचाया गया। उक्त 19 श्रमिकों को प्रशासन द्वारा राशि 7 लाख 31 हजार 500 रुपए दिलवाया गया। जिसमें सन्ना सोढ़ी, समदू, धनीराम, कमलू, सन्नू को 56,400 रुपए मिला। इसके अलावा घेनवा, अरकित, हिडमा, लखमा और राजू को 42,300 रुपए, रागा 28,500, पोदिया व सोमा को 35,250, मुंगला मरकाम और लक्ष्मण मरकाम को 40 हजार सुखराम 7 हजार, दशमन 11 हजार, हांदाराम मरकाम और भवानी मरकाम को 20 हजार रुपए मेहनताना की राशि दिया गया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, संयुक्त कलेक्टर सुनील शर्मा, श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
सुकमा में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, सर्चिंग के दौरान एक ईनामी सहित 10 नक्सली गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में पदस्थ पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली। जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जंगलों से पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक हार्डकोर और ईनामी नक्सली समेत 10 नक्सलियों को गिरफ्तार किया।
मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला पुलिस बल, डीआरजी सुकमा एवं 204, 206, 208 कोबरा वाहिनी की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम दुलेड़, बोट्टेतोंग, रासापल्ली, पीनाचंदा, ईरापल्ली, मेट्टामुड़ेम व आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। अभियान के दौरान ग्राम दुलेड़ के पास जंगल में सामान्य वेशभूषा में कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने एवं छिपने लगे। घेराबंदी कर 10 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में पूर्व से ही प्रकरण पंजीबद्ध है। उक्त प्रकरणों में सभी नक्सलियों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद गिरफ्तार नक्सलियों को 20 मई को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पकड़े गए नक्सलियों में पीनाचंदा थाना पामेड़ जिला बीजापुर निवासी माड़वी बुस्का (38) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलिशिया कमांडर है। जिस पर एक लाख रुपये का इनाम था। वहीं माड़वी जोगा (35) पेद्दाबोड़केल आरपीसी सेक्शन ए मिलिशिया डिप्टी कमांडर निवासी तिम्मापुरम गयतापारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा, पदाम जोगा (44) ग्राम बोट्टेतोंग डीएकेएमएस सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, सोड़ी गंगा (22) डीएकेएमएस सदस्य निवासी रासापल्ली स्कूलपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर, माड़वी हुंगा (35) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलशिया सदस्य निवासी पीनाचंदा थाना पामेड़ जिला बीजापुर, सोड़ी मुड़ा (43) बोट्टेतोंग डीएकेएमएस सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, मड़कम देवा (40) एर्रनपल्ली आरपीसी कृषि कमेटी अध्यक्ष निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, मड़कम हिंगा (24) बोट्टेतोंग डीएकेएमएस सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, वेट्टी हुंगा उर्फ मोटू (21) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलशिया सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर और मड़कम नंदा (35) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलशिया सदस्य निवासी बोट्टेतोग थाना पामेड़ जिला बीजापुर शामिल है।
मतगणना केंद्रों में पासधारी अभ्यर्थियों, निर्वाचन व मतगणना अभिकर्ताओं के लिए दिशा निर्देश जारी
रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना के दिन मतगणना केंद्रों में पासधारी अभ्यर्थियों, निर्वाचन अभिकर्ताओं और मतगणना अभिकर्ताओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मतगणना हॉल के भीतर मतगणना के परिणाम का योग करने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं उनके निर्वाचन अभिकर्ता को एक-एक एनालॉग केल्कुलेटर प्रदान करने की व्यवस्था करने को कहा है। मतगणना हॉल में मोबाइल फोन, आईपेड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बीड़ी, सिगरेट और गुटका प्रतिबंधित रहेगा।
मतगणना हॉल के भीतर पासधारी अभ्यर्थियों, निर्वाचन अभिकर्ताओं व मतगणना अभिकर्ताओं को कोरा कागज, मतपत्र लेखा प्रारूप 17सी भाग-1 की प्रति, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदाय किए गए ईवीएम और वीवीपैट की सूची जो विभिन्न मतदान केन्द्रों में प्रयोग में लाई गई है तथा प्लास्टिक पेन या पेंसिल ले जाने की अनुमति रहेगी। मतगणना परिसर के बाहरी गेट पर खान-पान की व्यवस्था के लिए अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा नियुक्त व्यवस्थापक के माध्यम से भोजन पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मतगणना हॉल के भीतर नियुक्त किसी एक मतगणना अभिकर्ता द्वारा प्राप्त कर अन्य मतगणना अभिकर्ताओं को प्रदान किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को अभ्यर्थियों और निर्वाचन अभिकर्ताओं को इन व्यवस्थाओं से अवगत कराने के साथ ही इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं।
मतगणना हॉल के भीतर पासधारी अभ्यर्थी, निर्वाचन अभिकर्ता एवं मतगणना अभिकर्ता कोरा कागज, मतपत्र लेखा प्रारूप 17सी भाग-1 की प्रति, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदाय किए गए ईवीएम और वीवीपैट की सूची जो विभिन्न मतदान केन्द्रों में प्रयोग में लाई गई है, प्लास्टिक पेन या पेंसिल ले जा सकेंगे।
बेटी पर भालुओं ने किया हमला… भिड़ गए पिता… बचा ली जान, खुद गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर जिले में जंगल के भीतर भालुओं ने बच्ची पर हमला कर दिया। अपनी बेटी को बचाने के लिए पिता भालुओं से भिड़ गया। इससे भालू ने उसे जख्मी कर दिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई. हालांकि अपनी बेटी को मौत के मुंह से निकाल लाए। पिता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहां उपचार जारी है. वहीं वन विभाग ने परिवार को आवश्यक आर्थिक मदद पहुंचाई है।
मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया वनपरिक्षेत्र कोटाडोल के जंगल का है। यहां संतलाल सिंह अपनी पत्नी कलावती और बेटी संजना सिंह को लेकर जुर्ला नदी के पास तेंदुपत्ता तोड़ने के लिए गया हुआ था। तभी मादा भालू और उसके दो शावकों ने संतलाल पर हमला कर दिया। अपने पिता को खतरे में देखकर बेटी ने चिल्लाया तो भालू उस पर टूट पड़े। तब पिता संतलाल बीच में आ गए और भालुओं से मुकाबला करने लगे।
इससे भालुओं ने उनके शरीर पर जगह-जगह हमला कर दिया, जिससे हालत गंभीर हो गई। इस दौरान मां-बेटी शोर मचाती रहीं, जिससे भालु भाग निकले. इसके बाद दोनों ने आसपास जाकर लोगों को बुलाया और उनकी मदद से संतलाल को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद संतलाल को बेहतर इलाज के लिए शहडोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के कई आईएएस अफसरों को दी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
रायपुर। लोकसभा-2024 के लिए आखिरी के दो चरणों की वोटिंग होनी है। लिहाजा चुनाव आयोग अब मतगणना की तैयारी में जुट गया है। 4 जून को मतगणना पूरे देश में एक साथ कराई जाएगी, लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी कई राज्यों में हुए हैं, लिहाजा सभी की काउंटिंग एक साथ होगी।लोकसभा चुनाव की मतगणना को लेकर भी राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को ऑब्जर्वर बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ के भी 50 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी मतगणना के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में पर्यवेक्षक बनकर निगरानी करेंगे। अविनाश चंपावत को नागालैंड, सीआर प्रसन्ना को उत्तरप्रदेश, भीम सिंह को दिल्ली, डॉ प्रियंका शुक्ला को तेलंगाना, कुलदीप शर्मा को बिहार, विनीत नंदनवार को हिमाचल प्रदेश, संजीव झा को महाराष्ट्र में ऑब्जर्वर बनाया गया है। भीम सिंह दिल्ली, टोपेश्वर वर्मा तमिलनाडु, कुलदीप शर्मा बिहार, तारण प्रकाश सिन्हा गुजरात, राजेंद्र कुमार कटारा गुजरात, डोमन सिंह कर्नाटक, विनीत नंदनवार हिमाचल प्रदेश, प्रियंका शुक्ला तेलंगाना, जनक पाठक उत्तरप्रदेश, C R प्रसन्ना उत्तरप्रदेश, दीपक सोनी राजथान, सारांश मित्तर राजथान, पदुम सिंह एल्मा ओडिशा, सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे आंध्र प्रदेश, आभा तिवारी उत्तराखंड, KD कुंजाम झारखंड, सिली थॉमस उत्तरप्रदेश, रुचि शर्मा उत्तरप्रदेश, भारती चंद्राकर उत्तरप्रदेश, उज्जवल पोरवाल तमिलनाडु, NN एक्का तमिलनाडु, योगेंद्र श्रीवास राजस्थान, विनय कुमार सोनी पंजाब, वैभव कुमार पंजाब, नेहा कपूर ओडिशा, लीना कोसम ओडिशा, माधुरी सोम ठाकुर ओडिशा, विनय शर्मा ओडिशा, आनंद रूप तिवारी ओडिशा, अविनाश चंपावत नागालैंड, ज्योति जुगल मिजोरम, आरती वासनिक मेघालय, पुलक भट्टाचार्य मेघालय, प्रेमलता मांडवी महाराष्ट्र, अनुप्रिया मिश्रा महाराष्ट्र, यामिनी पांडेय गुप्ता महाराष्ट्र, संजीव कुमार झा महाराष्ट्र, प्रणब सिंह महाराष्ट्र, इफ्फत आरा केरल, अजय त्रिपाठी केरल, सिम्मी नाहिद कर्नाटक, देव नारायण कश्यप हिमाचल प्रदेश, अवध राम टंडन हरियाणा, आशीष देवांगन हरियाणा, चेतन बोरघरिया गुजरात, पदूम लाल यादव बिहार, किरोड़ीमल अग्रवाल असम, हेमंत कुमार असम, अभिषेक दीवान आंध्र प्रदेश, अभिषेक अग्रवाल आंध्र प्रदेश, रेणुका श्रीवास्तव आंध्र प्रदेश और शशांक पांडेय को दिल्ली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने की कार्रवाई, दो सचिव निलंबित
जगदलपुर । बस्तर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास योजना) के कार्य में लापरवाही बरतने वाले 2 सचिवों को प्रशासन ने निलंबित कर दिया है | कलेक्टर के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बकावंड ब्लॉक के दशापाल और कोलावल ग्राम पंचायत के सचिवों पर यह कार्रवाई की है |
बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम बकावंड ब्लॉक और बस्तर ब्लॉक का दौरे पर थे | इस दौरान कलेक्टर ने बकावंड जनपद के 93 पंचायतों और बस्तर जनपद के 88 पंचायतों के सचिवों की बैठक ली | प्रधानमंत्री आवास योजना कार्य की प्रगति से नाखुश कलेक्टर ने दो सचिवों को निलंबित करने के निर्देश दिए, वहीं मनरेगा के कार्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव को स्पष्टीकरण जारी करने के भी निर्देश दिए हैं |
गरियाबंद के छैला जंगल में फंदा लगाकर तेंदुआ का शिकार...आरोपी भेजे गए जेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद वन मंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र इंदागाव देवभोग अमलीपदार छैला जंगल में जंगल में फंदा लगाकर वन्य प्राणी तेंदुआ का शिकार किया गया। वन विभाग ने आरोपी को पकड़कर वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीकृत कर जेल भेजा दिया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गश्ती दल ने 19 मई को इंदागांव परिक्षेत्र के उप परिक्षेत्र अमलीपदर अंतर्गत छैला में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। इस संबंध में पतासाजी करने पर संदिग्ध आरोपी राजमन डोला, जाति-गोंड़ उम्र 49 वर्ष ग्राम-हल्दी, पोस्ट-गोना, थाना-रायघर, जिला-नवरंगपुर (ओड़िसा) को पकड़ा गया।
आरोपी ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि उनसने वन्यप्राणियों के अवैध शिकार के उद्देश्य से फंदा लगाया गया था। जिसमें फंसकर तेंदुए की मौत हुई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गय़ा। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मृत तेन्दूआ का नियमानुसार शव परीक्षण उपरांत विधिवत दाह संस्कार किया गया।
अन्य अपराधियों की पतासाजी एवं घर-पकड़ के लए टीम गठित की गई है। इस कार्यवाही में अश्वनी दास मुरचुलिया, वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (देवभोग), बिम्बाधर यदू, वनपाल दिनेश चन्द्र पात्र, वनपाल खेत्रमोहन साहू, वनरक्षक लम्बोदर सोरी वनरक्षक खिलेश नगारची, वनरक्षक ओमेश साहू, वनरक्षक लखन राम यादव, बलिराम यादव, अलेख राम, परदेशी प्रधान अग्नि सुरक्षा श्रमिक तथा दैनिक सुरक्षा श्रमिकों का इस कार्यवाही में विशेष योगदान रहा।
प्रदेश में खुलेंगे 14 नए बीएड कॉलेज, मिली मंजूरी, नए कॉलेजों में इन पाठ्यक्रमों का होगा संचालन
रायपुर। प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में 14 नए बीएड महाविद्यालय खोले जाएंगे। आपको बता दें इन नए बीएड महाविद्यालयों में 4 वर्षीय पाठ्यक्रमों का ही संचालन होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम को बंद किया जाना है। इसके स्थान पर चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसके अंतर्गत बीए-बीएड, बीएससी-बीएड तथा बीकॉम-बीएड का संचालन किया जाना है। छात्र इसमें 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद सीधे प्रवेश ले सकेंगे। चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए नए कॉलेज खोलने आवेदन उन्हीं महाविद्यालयों द्वारा किया गया है, जहां पहले से ही दो वर्षीय बीएड कोर्स संचालित हैं।
इन कॉलेजो में बारहवीं के बाद छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। बीएससी-बीएड में विज्ञान और गणित संकाय के छात्र दाखिला ले सकेंगे। इसी तरह से बीकॉम-बीएड में कॉमर्स संकाय के छात्र दाखिला लेंगे। बीए- बीएड में कला संकाय के साथ ही अन्य संकाय के छात्रों को भी प्रवेश दिया जाएगा। अनुमति के लिए आवेदन करने वाले निजी महाविद्यालयों के अतिरिक्त पं. रविशंकर शुक्ल विवि में भी मौजूदा शैक्षणिक सत्र से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।
प्रदेश में बीएड के 135 महाविद्यालय हैं। इनमें मात्र चार ही शासकीय हैं, जो रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और कांकेर में स्थित है। वर्तमान में बीएड की प्रदेश में 14 हजार 600 सीटें हैं। यहां दो वर्षीय बीएड के साथ डीएलएड का संचालन हो रहा है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संयुक्त महानिदेशक ने यूनेस्को नामांकन प्रक्रिया में सहायता के लिए किया सिरपुर का दौरा
रायपुर। विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर के बहुप्रतिष्ठित एवं प्राचीन लक्ष्मण मंदिर एवं आसपास के आकर्षणों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में नामांकित कराने के लिए किए गए प्रयासों के तहत, एक डोजियर की तैयारी के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ, सिरपुर साडा के विनयपूर्ण निमंत्रण पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सम्मानित संयुक्त महानिदेशक (अन्वेषण एवं उत्खनन) डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा द्वारा सिरपुर का दौरा किया गया।
सिरपुर अपनी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व के पुरातात्विक स्थल हैं। यह क्षेत्र प्राचीन मंदिरों, मठों और शिलालेखों का घर है जो प्राचीन भारत में कला और संस्कृति के एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसके महत्व को दर्शाते हैं।
सिरपुर आगमन पर डॉ. मिश्रा का सिरपुर साडा के सीईओ वाई. राजेंद्र राव, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय के प्रबंधक मयंक दुबे और एएसआई, जबलपुर सर्कल के बहुत ही कुशल पुरातत्वविद् शिवम दुबे द्वारा पुष्पगुच्छ, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत व सम्मान गया।

स्वागत भाषण के बाद, सिरपुर एसएडीए टीम ने क्षेत्र में चल रहे अनुसंधान और दस्तावेज़ीकरण कार्यों का गहन अवलोकन प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में पुरातात्विक उत्खनन, ऐतिहासिक अनुसंधान, वास्तुशिल्प अध्ययन, सांस्कृतिक सर्वेक्षण, मानव विकास, जैव विविधता मूल्यांकन और सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य सिरपुर के बहुमुखी मूल्य को प्रदर्शित करना, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थिति के लिए इसकी पात्रता को मजबूत करना है।
निष्ठा जोशी ने नामांकन प्रक्रिया के लिए आवश्यक विशिष्ट मानदंडों और उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य (ओयूवी) पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रारंभिक प्रस्तुति का नेतृत्व किया। सिरपुर साडा टीम पारंपरिक पुरातात्विक तकनीकों और 3डी स्कैनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों सहित कई अनुसंधान और दस्तावेज़ीकरण विधियों का उपयोग करती है। शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी निकायों के साथ सहयोग से इन प्रयासों का दायरा और गहराई बढ़ती है।
इसके बाद, शिवम दुबे ने सिरपुर में नवीनतम पुरातात्विक खोजों को प्रस्तुत किया, जिसमें आगे की खुदाई और विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर जोर दिया गया। वहीं तरूण नई द्वारा सिरपुर की समृद्ध जैव विविधता प्रस्तुत की गई, सिरपुर में संरक्षण प्रयासों में पर्यावरण और जैव विविधता के पहलू भी शामिल हैं। स्थानीय वनस्पतियों और जीवों की रक्षा के लिए पहल चल रही है, यह सुनिश्चित करते हुए कि सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्राकृतिक विरासत भी संरक्षित है।
जबकि गौरव तारक ने अगले दशक के लिए सिरपुर के लिए मास्टर डेवलपमेंट प्लान की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिसमें विरासत संरक्षण के सामाजिक-आर्थिक लाभों को रेखांकित करते हुए स्थानीय समुदायों और हितधारकों के साथ बातचीत भी शामिल की गई। दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया के भाग के रूप में, व्यापक फ़ोटोग्राफ़िक रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं। सिरपुर की विरासत को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियों की योजना भी पाइपलाइन में है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक संपत्ति के लिए जागरूकता और सराहना बढ़ाना है।

मयंक दुबे ने पर्यटन और पर्यटक प्रबंधन योजना के व्यापक अवलोकन के साथ दी और बताया कि सिरपुर के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा सुरक्षित करने से पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा, रोज़गार के कई नए विकल्प खुलेंगे और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। बढ़ी हुई दृश्यता और मान्यता घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों पर्यटकों को आकर्षित करेगी, जो क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में योगदान देगी।
इन सभी प्रस्तुतियों के गहन अवलोकन के पश्चात, डॉ. मिश्रा ने सिरपुर साडा द्वारा किए गए व्यापक प्रयासों के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने सिरपुर में विशिष्ट स्थलों का दस्तावेजीकरण करने और उनका पता लगाने के लिए ड्रोन, फोटोमेट्रिक और LiDAR तकनीक सहित उन्नत सर्वेक्षण तकनीकों की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. मिश्रा ने टीम को इन प्रयासों में अपना पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर डॉ. मिश्रा ने सिरपुर में कई प्रमुख पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा भी किया, जिनमें प्रसिद्ध सिरपुर लक्ष्मण मंदिर, गंधेश्वर मंदिर और बौद्ध विहार शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने सिरपुर साडा द्वारा सिरपुर के पास स्थित बांसकुड़ा ग्राम में स्थानीय समुदाय के लिए चलाये जा रहे बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्र का भी दौरा किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक पहल है जिसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प को संरक्षित और बढ़ावा देते हुए स्थानीय ग्रामीणों को व्यावसायिक कौशल के साथ सशक्त बनाना है। इन यात्राओं के दौरान, उन्होंने संरक्षण की वर्तमान स्थिति का आकलन किया और स्थानीय विशेषज्ञों और सिरपुर साडा टीम के साथ इन स्थलों के महत्व पर चर्चा की।
ड्रोन, फोटोग्रामेट्री और LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने के लिए डॉ. मिश्रा की सिफारिशें चल रहे अनुसंधान और दस्तावेज़ीकरण प्रयासों में महत्वपूर्ण होंगी। सिरपुर साडा टीम ने विस्तृत सर्वेक्षण और आगे की पुरातात्विक खुदाई सहित भविष्य की पहल के लिए एक रोडमैप की रूपरेखा तैयार की है।
सिरपुर साडा के सीईओ वाई. राजेंद्र राव ने डॉ. मिश्रा को बताया कि निकट भविष्य में, सिरपुर साडा इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, वास्तुशिल्प विशेषज्ञों और विद्वानों को आमंत्रित करते हुए एक कार्यशाला आयोजित करने की योजना बना रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य विरासत संरक्षण प्रयासों की गहराई को आगे बढ़ाते हुए सिरपुर के संबंध में अधिक जानकारी और दृष्टिकोण पर चर्चा करना और एकत्र करना है।
डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा ने टिप्पणी की, “सिरपुर साडा टीम का समर्पण और सावधानीपूर्वक प्रयास सराहनीय हैं। विरासत संरक्षण के प्रति उनका व्यापक दृष्टिकोण देश भर में इसी तरह की परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करता है। मुझे विश्वास है कि निरंतर प्रयासों और उन्नत प्रौद्योगिकियों के एकीकरण के साथ, सिरपुर जल्द ही यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में अपना उचित स्थान पा लेगा।
वाई. राजेंद्र राव ने कहा, “डॉ. मिश्रा का दौरा बेहद लाभप्रद रहा है.' उनकी अंतर्दृष्टि और समर्थन हमारी डोजियर तैयारी प्रक्रिया को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सिरपुर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, हमारी आगामी कार्यशाला विशेषज्ञों को अपना ज्ञान साझा करने और हमारे चल रहे प्रयासों में योगदान करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।
डॉ. मिश्रा की सिरपुर यात्रा सिरपुर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। उनकी विशेषज्ञ अनुशंसाओं और यात्रा की सहयोगात्मक भावना ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नामांकन डोजियर की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।
एक साथ उठी 19 अर्थी... गांव में पसारा मातम, अंतिम संस्कार में डिप्टी CM शर्मा हुए शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के ग्राम सेमहारा में जब मंगलवार को एक साथ 19 लोगों की अर्थी उठी तो पूरे गांव में मातम पसर गया। अंतिम संस्कार में शामिल सभी की आंखें नम हो गई। हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार हृदय विदारक रहा।
एक ही चिता पर 10 लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। वहीं स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया। अंतिम संस्कार में डिप्टी CM विजय शर्मा भी शामिल हुए।
जानकारी के मुताबिक, कवर्धा जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक पिकअप के खाई में गिरने से 19 लोगों की मौत हो गई। पिकअप में करीब 25 लोग सवार थे। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया।
BMO कोष अधिकारी समेत 11 पर FIR दर्ज, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई
रायपुर। प्रदेश के गरियाबंद जिले के मैनपुर में 11 अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। मैनपुर बीएमओ गजेंद्र ध्रुव की रिपोर्ट पर मैनपुर थाने के तत्कालीन बीएमओ केके नेगी, तत्कालीन जिला कोषालय अधिकारी गुरुवेंद्र साव (वर्तमान में बेमेतरा कोषालय अधिकारी), डीपी वर्मा (वर्तमान में महासमुंद कोषालय अधिकारी), केके दुबे (वर्तमान में बलौदाबाजार कोषालय अधिकारी) के अलवा लिपिक वीरेंद्र भंडारी, संतोष कोमरा, जीसी कुर्रे, भोजराम दीवान, वार्ड बॉय विनोद ध्रुव, वाहन चालक भारत नंदे, लुकेश चतुर्वेदानी के खिलाफ धोखाधड़ी के विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मैनपुर थाना प्रभारी शिव शंकर हुर्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे की कार्यवाही की जा रही है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर 2019-20 में मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तत्कालीन बीएमओ ने अपने अधीनस्थ 60 से भी ज्यादा कर्मियो के नाम के एरियस, इंक्रीमेंट, अतरिक्त वेतन के बोगस फाइल बनवाया, खुद प्रमाणित कर कोषालय भेजा करते थे, कोष अधिकारी बगैर सत्यापन के भुगतान भी जारी करते थे। ज्यादातर भुगतान फाइल से समंधित कर्मी के खाते के बजाए बीएमओ द्वारा बताए पंजाब नेशनल बैंक के निजी खाते में भेजा करते थे।
जिन कर्मियो के खाते में बोगस फाइल के रुपए जाते थे उन्हे सीधे गलती से जाना बता कर वापस ले लिया जाता था। देवभोग के तत्कालीन बीएमओ डॉक्टर सुनील भारती के अलावा जिला प्रशासन द्वारा तत्कालीन एडीएम जे आर चौरसिया के जांच रिपोर्ट इन गड़बड़ियों की पुष्टि 2020 में हो गई थी। एडीएम चौरसिया ने मामले की अंतिम प्रतिवेदन जिला प्रशासन को 2022 में सौप दिया था। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बोगस तरीके से निकाले गए रकम कोषालय में मौजूद जीरो बजट से आहरण किए जा रहे थे। जिसमे कोषालय अधिकारियों की पुरी भूमिका थी। अंदेशा है कि ऐसा गोलमाल शिक्षा विभाग में भी किया गया है।
कवर्धा में पिकअप पलटने से 15 बैगा आदिवासियों की मौत, कई घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा से बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। तेज रफ्तार पिकअप पलटने से 15 बैगा आदिवासी की मौत हो गई है। जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए है। ये सभी जंगल से तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे थे।
रास्ते में पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर 20 फीट गड्ढे में जाकर पलट गया। वाहन में तकरीबन 35 से 40 लोग सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
सब-इन्स्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला... पुरुष अभ्यर्थियों को राहत की उम्मीद
रायपुर। राज्य के विवादित और बहुप्रतीक्षित उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पर बिलासपुर हाईकोर्ट का अहम फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट से अब पुरुष अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद हैं।
दरअसल हाई कोर्ट ने आदेशित किया हैं कि प्लाटून कमांडर के 370 महिला अभ्यर्थियों को हटाकर 370 पुरुष अभ्यर्थियों को भर्ती की जाएं। इसके अलावा कोर्ट ने निर्देशित किया हैं कि 45 दिन के अंदर इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएं। यह आदेश बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की तरफ से सुनाया गया है। गौरतलब हैं कि सलेक्शन कमेटी द्वारा नियम विरुद्ध प्लाटून कमांडर पद पर महिलाओं के चयन करने पर यह पूरी भर्ती विवादों में आ गई थी।
गरियाबंद में सर्चिंग पर निकले CRPF जवान को गोली लगी, गले में फंसी…क्रॉस फायरिंग की आशंका
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर मिल रही है। दरअसल, छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर कांवर भौदी से लगे जंगल में मुखबिर की सूचना पर फोर्स सर्चिंग पर निकली थी। इस दौरान CRPF जवान को गोली लग गई है, जो गले में अब भी फंसी हुई है। बताया गया कि क्रॉस फायरिंग के दौरान जवान को गोली लगी है, लेकिन अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घायल जवान को CRPF की टीम गरियाबंद जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां प्राथमिक इलाज के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया है। घायल जवान का नाम प्रकाश साई है। वह ओडिशा नुआपाड़ा जिले के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में है। वहीं, नक्सलियों से मुठभेड़ की भी आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक कोमना थाना क्षेत्र के सुनाबेड़ा अभयारण्य में शिवनारायणपुर में जवान घायल हुआ है। बताया जा रहा है कि उस इलाके में अब भी सर्चिंग जारी है। रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है।
नक्सलियों की क्रॉस फायरिंग में जवान को गोली लगने की खबर है। हालांकि पुलिस ने क्रॉस फायरिंग से गोली लगने की पुष्टि नहीं की है। मेडिकल अफसर डॉक्टर हरीश चौहान ने बताया कि जवान के गर्दन में बुलेट फंसी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है। जवान की हालत गंभीर है।