छत्तीसगढ़
इस्पात मंत्रालय की डिप्टी डायरेक्टर ने किया भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा
रायपुर। भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय की डिप्टी डायरेक्टर जनरल (डीडीजी) सुश्री संतोष ने मंगलवार को सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा किया और इस्पात निर्माण की विभिन्न आधुनिक प्रक्रियाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान उनका स्वागत संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने इस्पात भवन में किया। तत्पश्चात उन्होंने संयंत्र भ्रमण की शुरुआत गेट स्थित सेफ्टी एक्सीलेंस सेंटर से की, जहाँ कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार एवं मुख्य महाप्रबंधक (सेफ्टी एंड फायर सर्विसेज) देबदत्त सत्पथी ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें संयंत्र भ्रमण से पूर्व आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी दी गई।
संतोष ने संयंत्र की मॉडेक्स इकाइयों में विशेष रुचि दिखाई और ब्लास्ट फर्नेस-8, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 तथा यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लेट मिल, कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स विभाग तथा रोलिंग मिल प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान उन्होंने ब्लास्ट फर्नेस-8 में हॉट मेटल उत्पादन का सजीव दृश्य देखा, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में क्रूड स्टील निर्माण प्रक्रिया को नजदीक से समझा तथा यूनिवर्सल रेल मिल में विश्व की सबसे लंबी 130 मीटर रेल के रोलिंग की ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
संतोष ने संयंत्र की उन्नत उत्पादन क्षमता, सुरक्षा मानकों और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश के औद्योगिक विकास में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
बड़ा राशन घोटाला उजागर; 65 लाख की हेराफेरी, समिति अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत 6 पर FIR
इस मामले में सभी छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
ट्रक से नशीली दवाई सप्लाई करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
एनआईटी रायपुर में रोबोटिक्स और निवेश जागरूकता पर विशेष वेबिनार
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने विश्व निवेशक सप्ताह 2025 के अवसर पर रोबोटिक्स और वित्तीय साक्षरता पर केंद्रित दो ज्ञानवर्धक ऑनलाइन सत्रों का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के रोबोटिक्स क्लब और फाइनेंस एंड कंसल्टिंग क्लब ने संयुक्त रूप से सहभागिता की।
पहला सत्र एनआईटी रायपुर के रोबोटिक्स क्लब द्वारा आयोजित “आरओएस-2 हंबल और गज़ेबो के साथ रोबोटिक आर्म सिमुलेशन” विषय पर केंद्रित था। सत्र के मुख्य वक्ता श्री पुष्कर शिंदे थे, जो एस्ट्रो रोबोटिक्स में पूर्णकालिक रोबोटिक्स सॉफ्टवेयर इंजीनियर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रोबोटिक्स के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को रोबोटिक ऑपरेटिंग सिस्टम (आरओएस) के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया और बताया कि आरओएस-2 किस प्रकार एक रोबोट के “मस्तिष्क” के रूप में कार्य करता है, जबकि गज़ेबो जैसे सिमुलेशन प्लेटफॉर्म उसे एक “आभासी ब्रह्मांड” प्रदान करते हैं। श्री शिंदे ने “सेंस–थिंक–एक्ट लूप” के माध्यम से रोबोटिक्स के कार्य सिद्धांत को समझाया और औद्योगिक स्वचालन से लेकर जटिल वातावरणों में रोबोट की तैनाती तक इसके व्यापक उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पायथन और सी++ जैसी भाषाओं के महत्व, करियर संभावनाओं तथा उद्योग की मांग पर भी चर्चा की। सत्र का समापन विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर के साथ हुआ।
दूसरा सत्र रोबोटिक्स क्लब और फाइनेंस एंड कंसल्टिंग क्लब द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित “वित्तीय योजना और वित्तीय धोखाधड़ी” विषय पर केंद्रित था। इस सत्र के वक्ता श्री तनुज पोद्दार थे, जो बीएफएसआई उद्योग (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) में 18 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पेशेवर एवं बीम आउटसोर्सिंग सर्विसेज के संस्थापक हैं। यह सत्र सेबी के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभूति आयोग संगठन (आईओएससीओ) के तहत आयोजित विश्व निवेशक सप्ताह का हिस्सा था तथा नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) द्वारा प्रायोजित था। श्री पोद्दार ने निवेश के लाभों और वित्तीय नियोजन के महत्व पर चर्चा करते हुए प्रतिभूति बाजारों की जटिल अवधारणाओं को सरल ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपाय सिखाए।
कार्यक्रम को अधिक रोचक बनाने के लिए एक इंटरैक्टिव बिंगो-शैली की गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने विभिन्न वित्तीय अवधारणाओं पर सीखा और विजेताओं को अमेज़न वाउचर से पुरस्कृत किया गया। दोनों सत्रों का समापन युवाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनने और भविष्य के प्रति समझदारी से निर्णय लेने के प्रेरक संदेश के साथ हुआ।
इसरो की उपलब्धियाँ प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।
इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं।
जेल से फरार हत्या के बंदी ने किया आत्मसमर्पण, जेल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। बिलासपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। अंबिकापुर जेल से फरार हत्या के आजीवन कारावासी बंदी मुकेश कांत ने मंगलवार को बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बंदी ने कलेक्टर के समक्ष पेश होकर न केवल खुद को पुलिस के हवाले किया बल्कि जेल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप भी लगाए।
जानकारी के अनुसार, मुकेश कांत वर्ष 2013 से अंबिकापुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। फरवरी 2025 में इलाज के दौरान अस्पताल ले जाने पर वह पुलिस की निगरानी से फरार हो गया था। उस समय से उसकी तलाश में पुलिस और जेल प्रशासन जुटा हुआ था, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। करीब आठ महीने तक फरार रहने के बाद अब उसने स्वयं बिलासपुर पहुंचकर सरेंडर किया है।
कलेक्टर के सामने आत्मसमर्पण करते हुए मुकेश कांत ने एक लिखित शिकायत पत्र भी सौंपा, जिसमें उसने अंबिकापुर जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में उसने कहा कि जेल के अंदर बंदियों से पैसे वसूले जाते हैं और जो पैसे नहीं देते, उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। मुकेश ने आरोप लगाया कि उसने अपने परिवार से बार-बार पैसा मंगवाकर जेल अधिकारियों को देने का दबाव झेला।
उसने अपने आरोपों के समर्थन में ट्रांजेक्शन डिटेल्स भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें कथित रूप से जेल कर्मचारियों या उनके परिजनों के खातों में भेजी गई रकम का उल्लेख है। उसने बताया कि जब उसने इस वसूली का विरोध किया, तब उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे धमकियां दी गईं।
मुकेश कांत ने अपनी शिकायत में अंबिकापुर जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अनियमितताओं की भी ओर इशारा किया है। उसने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल में ट्रांसफर किया जाए ताकि उसे निष्पक्ष माहौल में अपनी सजा काटने का अवसर मिल सके।
कलेक्टर कार्यालय में आत्मसमर्पण की जानकारी मिलते ही पुलिस और जेल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, अंबिकापुर जेल प्रशासन ने फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।जेल प्रशासन पर लगे इन गंभीर आरोपों ने जेल व्यवस्था की पारदर्शिता और मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है।
सक्ती के पावर प्लांट में बड़ा हादसा, ऊंचाई से गिरा लिफ्ट….3 मजदूरों की दर्दनाक मौत 7 गंभीर, बॉयलर मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा
वहीं दूसरी तरफ प्लांट प्रबंधन और सुरक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही की बात सामने आ रही है। स्थानीय मजदूरों ने आरोप लगाया है कि पॉवर प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि लिफ्ट की नियमित तकनीकि जांच लंबे समय से नहीं की गई थी। घटना के बाद प्लांट प्रबंधन के खिलाफ मजदूर में आक्रोश है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस ने इस हादसे पर अपराध दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
महादेव सट्टा एप मामले में छह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
रायपुर। चर्चित महादेव ऑनलाइन बुक एप मामले में जेल में बंद आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। दो साल से जेल में बंद मुख्य आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। यह जमानत CBI आई और ED दोनों मामलों में मिली है। अदालत में अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने पक्ष रखा।
जिन आरोपियों को जमानत दी गई है, उनमें सतीश चंद्राकर, भीम सिंह यादव, अर्जुन यादव, नीतीश दीवान, चंद्रभूषण वर्मा, अमित अग्रवाल और विश्वजीत राय शामिल हैं। यह मामला लंबे समय से सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियों की जांच के दायरे में है।
भीख मांगने के बहाने चोरी, भिलाई टाउनशिप में घटी घटना सीसीटीवी में हुई कैद…
नागेश्वर राव ने भट्टी थाने में लैपटॉप चोरी की लिखित में शिकायत दर्ज कर दी है. इसी तरह सड़क 11 से ही दूसरे बीएसपी कर्मी का चोर ने आईफोन और अन्य दो लोगों के मोबाइल चुराकर ले गए. जिसकी शिकायत भी भठ्ठी थाने में दर्ज कराई गई है. त्योहारी सीजन में लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने रहवासियों के साथ-साथ पुलिस की मुसीबत बढ़ा दी है.
RKM पॉवर प्लांट में बड़ा हादसा... लिफ्ट टूटने से 3 मजदूरों की मौत, 7 घायल!
रायपुर। सक्ती जिले के आरकेएम पॉवर प्लांट में दर्दनाक हादसा हो गया है। बताया जा रहा है कि सफाई और बॉयलर मशीन की मरम्मत के लिए मजदूर लिफ्ट से ऊपर जा रहे थे, तभी लिफ्ट का चैन टूट गया और करीब 40 मीटर की ऊंचाई से लिफ्ट नीचे गिर गई।
हादसे में 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य 7 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें रायगढ़ अस्पताल रेफर किया गया है। मृतक मजदूर झारखंड निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मजदूरों में भारी आक्रोश है और तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एडिशनल एसपी हरीश यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लिफ्ट टूटने से मजदूर नीचे गिर गए, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना की जांच जारी है।
आईसीएआर-एनआईबीएसम, रायपुर ने मनाया 14वां स्थापना दिवस
रायपुर। आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान यानी आईसीएआर-एनआईबीएसम ने अपने रायपुर परिसर में बड़े ही उत्साह के साथ अपना 14वां स्थापना दिवस मनाया। यह समारोह संस्थान की 14 वर्षों की अनुसंधान यात्रा और भविष्य की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना।
समारोह की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक, डॉ. पी. के. राय ने की। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सचिव (डेयर) और आईसीएआर के महानिदेशक, डॉ. मंगला राय उपस्थित रहे, जिन्होंने 'स्थापना दिवस व्याख्यान' दिया। डॉ. मंगला राय ने अपने मुख्य संबोधन में आईसीएआर-एनआईबीएसम के खास उद्देश्य की सराहना की। उन्होंने कीटों की प्रजातियों और नाशकों की किस्मों में अंतर पर अनुसंधान को कृषि विज्ञान का एक उभरता हुआ महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया, जिस पर संस्थान को विशेष ध्यान देना चाहिए। उद्घाटन सत्र में डॉ. टी. पी. राजेंद्रन और प्रो. (डॉ.) पीयूष कांत पांडे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी संस्थान के योगदान की प्रशंसा की।
इस अवसर को खास बनाने के लिए प्रकाशनों का विमोचन, उत्कृष्ट किसानों, वैज्ञानिकों और छात्रों को पुरस्कार वितरण किया गया। साथ ही, तनाव प्रबंधन प्रौद्योगिकियों पर एक महत्वपूर्ण किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। तकनीक के प्रदर्शन के तौर पर सटीक कृषि में आधुनिक अनुप्रयोगों को दर्शाता एक ड्रोन प्रदर्शन भी किया गया। यह स्थापना दिवस, संस्थान को टिकाऊ और मज़बूत खेती के लिए राष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करने की भविष्य की दृष्टि तैयार करने में मदद करने के साथ-साथ छात्रों और कर्मचारियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ।
छत्तीसगढ़ में अभी 10 अक्टूबर तक बारिश... मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लौटा बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रूक- रूककर हो रही बारिश ने बीते कई दिनों से छत्तीसगढ़ को भींगा रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन की गतिविधि देखने को मिलेगी।10 अक्टूबर के बाद उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम में सुधार होने और बारिश की तीव्रता घटने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। इस दौरान जगदलपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, द्रोणिका (ट्रफ लाइन) उत्तर तटीय ओडिशा से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है, साथ ही उत्तर-पूर्वी झारखंड में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन प्रणालियों के कारण प्रदेश में बारिश जारी है।मौसम केंद्र रायपुर ने 8 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभः वित्तमंत्री ओपी चौधरी
वित्त मंत्री ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे।
गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं।
इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है। वित्त मंत्री ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके।
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का समापन, मावली माता की डोली विदाई में उमड़ा जनसैलाब
मावली माता की डोली को परंपरा के तहत दंतेवाड़ा के लिए रवाना किया गया। इससे पहले मावली परघाव रस्म के दौरान माता की डोली को चार दिनों तक माई दंतेश्वरी मंदिर परिसर में रखा गया था, जहां भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ती रही। आज इस डोली विदाई के साथ ही 75 दिनों तक चला यह लोकोत्सव विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर बस्तर की परंपराओं, आस्था और जनसहभागिता की अनूठी झलक पूरे देश को दिखाई।
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत ने जीते 22 पदक... सीएम साय ने दी बधाई
रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता
कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प के साथ हमारे पैरा-एथलीट्स ने विश्व इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) October 6, 2025
नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत ने अपना अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत तथा 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक हासिल कर राष्ट्र का… pic.twitter.com/mOXpef0y6W
मुख्यमंत्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित... छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी
रायपुर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।
भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।
प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।
जशपुर को 61 करोड़ रूपए: अस्पताल और तीरंदाजी केंद्र और स्कूल भवनों का होगा निर्माण
रायपुर : पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है।
35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है। इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।
जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल सकेगा।
सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।