छत्तीसगढ़
कोरोना काल में दिवंगत शिक्षक पति के पेंशन के लिए ठोकरे खा रही पत्नी, विधायक से लगाई न्याय की गुहार
कवर्धा। स्कूल में बच्चों को सीख देने वाली एक महिला शिक्षक आज खुद सरकारी सिस्टम की लापरवाही के आगे बेबस है. अपने मृत पति के मेडिकल क्लेम, अंशदान और पेंशन के लिए विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुकी सीमा साहू ने पंडरिया विधायक भावना बोहरा के पास जाकर न्याय की गुहार लगाई. विधायक ने जिम्मेदार अफसरों से बात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.
पीड़ित महिला का आरोप है कि चार साल पहले उसने सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे. लेकिन न डीईओ कार्यालय और न बीईओ कार्यालय से कोई स्पष्ट जवाब मिला. कभी कहा जाता है “फाइल गायब है”, कभी कहा जाता है “जांच में है”, और वह महीने-दर-महीने दफ्तरों के चक्कर लगाती रह जाती है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने लोगों से की ओटीपी धोखाधड़ी से बचने की अपील
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेशमें अभी एसआईआर फार्म भरे जा रहे है। इसे लेकर धोखाधड़ी की शिकायतें भी आ रहा है। कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गणना फॉर्म भरने वाले मतदाताओं और नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना जारी की है। इस सूचना का उद्देश्य लोगों को उनके मोबाइल नंबर के संभावित दुरुपयोग और ओटीपी आधारित धोखाधड़ी से बचाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जोर देकर कहा है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से एसआईआर फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगता है। यदि आपको कोई व्यक्ति फोन करे और कहे कि "आपके SIR से जुड़े मोबाइल पर जो OTP आया है, वह हमें दे दीजिए," तो उन्हें तुरंत मना कर दें। कॉल करने वाले व्यक्ति को साफ-साफ कहें कि "मैं कार्यालय जाकर बात करूँगा या अपने BLO से संपर्क करूँगा।
अगर कोई व्यक्ति OTP मांगने के लिए दबाव डाले, धमकी दे या जोर डाले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। विभिन्न राज्यों की पुलिस ने नागरिकों को 'SIR फॉर्म' भरने की प्रक्रिया से जुड़ी एक नई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी (स्कैम) के प्रति आगाह किया है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन में प्राप्त वन टाइम पासवर्ड (OTP) किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।
बिलासपुर सिम्स बनेगा प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर आधारित स्टरलाइजेशन सिस्टमयुक्त मेडिकल कॉलेज, मिलेगा हाई-टेक संक्रमण-नियंत्रण सिस्टम
यह अत्याधुनिक प्रणाली अस्पतालों में मौजूद पारंपरिक फिल्टर या सामान्य एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम से कई गुना अधिक प्रभावी मानी जाती है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं कि यह अस्पताल की हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया, फंगल स्पोर्स सहित सूक्ष्मजीवों को 99% तक निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है, ICU, OT, वार्ड व OPD में संक्रमण नियंत्रण के लिए अत्यंत प्रभावी, ऊर्जा की बचत और लंबे समय तक स्थायी रूप से संचालन योग्य, वायु गुणवत्ता को मेडिकल-ग्रेड स्तर तक शुद्ध करने की क्षमता है। इस तकनीक के लागू होने से सिम्स प्रदेश का पहला ऐसा चिकित्सा संस्थान बन जाएगा जहाँ अस्पताल परिसर की संपूर्ण हवा मेडिकल-ग्रेड स्टरलाइज्ड होगी, जिससे संक्रमण जोखिम लगभग समाप्त हो जाएगा।
सेमीकंडक्टर एवं स्टरलाइजेशन सिस्टम की स्थापना के बाद सिम्स प्रदेश का पहला ऐसा मेडिकल कॉलेज बन जाएगा जहाँ अस्पताल परिसर पूर्णतः उच्च-स्तरीय, स्टरलाइज्ड एवं सुरक्षित वातावरण से सुसज्जित होगा—जो भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली का आधार बनेगा।
राष्ट्रपति ने जनजातीय संस्कृति व शिल्प को दर्शाते स्टॉलों का किया अवलोकन
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले में 20 नवम्बर को पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम स्थल में जनजातीय संस्कृति, लोक कला एवं शिल्प, आभूषण एवं वस्त्र, पूजा-पाठ, संस्कार, व्यंजन, वाद्ययंत्रों, जड़ी-बूटियों आदि को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्शनियां लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
अखरा छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा अंचल में निवासरत जनजातियों का सांस्कृतिक स्थल है, जो गाँवों के मध्य या चौराहे में स्थित होते हैं, जहाँ छायादार पेड़ों के झुण्ड भी होते हैं। ग्रामीणजन विभिन्न लोक पर्वों जैसे करमा, महादेव बायर, तीजा आठे, जीवतिया, सोहराई, दसई, फगवा के अवसरों में महिला एवं पुरूष सामुहिक रूप से इकट्ठा होकर लोकगीत गाकर पारम्परिक वाद्ययंत्रों की थाप में लोकनृत्य करके उत्साह मनाते हैं। प्रदर्शनी में जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया। जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र देवगुड़ी को राज्य में क्षेत्रवार विभिन्न नामों जैसे देवाला देववल्ला, मन्दर, शीतला, सरना आदि नामों से भी जानते हैं। देवगुड़ी में ग्रामीण देवी-देवता जैसे बुढ़ादेव, बुढ़ीदाई, शीतला, सरनादेव, डीहवारीन, महादेव आदि विराजमान होते हैं। जनजातीय विभिन्न लोकपर्वों के अवसरों में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर ग्रामीण बैगा की अगुवाई में पूजा-पाठ कर ग्राम की सुख, शांति, समृद्धि हेतु कामना करते हैं।
कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों के पारंपरिक आवास का मॉडल बनाया गया था। राष्ट्रपति ने आवास मॉडल का भी अवलोकन किया। जनजातियों का आवास मिट्टी, लकड़ी से निर्मित होते हैं, जिसमें एक या दो कमरे व मुख्य कमरे के सामने की ओर परछी (बराम्दा) बने होते हैं। घर के छप्पर में ढालनुमा खपरैल लगे होते हैं। एक कमरे को रसोई कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं, जिसमें रसोई उपकरण व घरेलू सामान रखते हैं, दूसरे कक्ष को शयन कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं। परछी (बराम्दा) में अन्य घरेलू सामान जैसे ढ़ेकी, मूसल, सील-बट्टा, जांता आदि उपकरण होते हैं।
इस दौरान राज्य के पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आभूषणों के संबंध में जानकारी ली। श्री कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा भेंट किया, जिसे राष्ट्रपति ने आत्मीयता के साथ स्वीकार किया। श्री कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को बताया कि पारम्परिक आभूषण गिलट, तांबे, चांदी, सोना आदि धातु से निर्मित हैं, जिसे विभिन्न लोकपर्वों के अवसर में धारण करते हैं। इस दौरान गले में पहने जाने वाले हसुली, बांह में बहुटा, कलाई में ऐंठी, गले में रूपया वाला चंदवा, कमर में कमरबंध, पैर में पैरी एवं पैर की अंगुलियों में बिछिया, कान में ठोठा तथा नाक में पहने जाने वाले छुछिया (फूली) का प्रदर्शन किया गया।
सीएसईबी दर्री प्लांट में बड़ा हादसा, स्टाप डैम का तटबंध टूटने से प्लांट में घुसा पानी, प्रोडक्शन हुआ ठप…
यात्रा करने से पहले पढ़ ले ये खबर, रेलवे ने इन ट्रेनों को किया रद्द
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेलवे सेक्शन में तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में चक्रधरनगर ब्लॉक कैबिन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने का कार्य 21 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच विभिन्न तिथियों में किया जाएगा। इस कार्य की वजह से कई यात्री गाड़ियों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगा।
बिलासपुर रेल मंडल इन दिनों बड़े पैमाने पर अधोसंरचना विस्तार में जुटा हुआ है। बिलासपुर–झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण जारी है, जिसमें 150 किलोमीटर से अधिक हिस्सा पूरा किया जा चुका है। यह मार्ग उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। नई लाइनों के जुड़ने से यात्री सुविधाओं के साथ ट्रेनों की समयबद्धता और गति में भी बढ़ोतरी होगी।
इसी क्रम में चक्रधरनगर ब्लॉक कैबिन को चौथी लाइन से जोड़ने का काम अब शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही रायगढ़–कोतरलिया सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग और तीसरी रेल लाइन के विद्युतीकरण का कार्य भी किया जाएगा। रेलवे का दावा है कि इन कार्यों को इस तरह प्लान किया गया है कि यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो, लेकिन तकनीकी कारणों से कुछ ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।
प्रभावित यात्री गाड़ियाँ –
रद्द रहने वाली मेमू गाड़ियाँ:
1. 23 नवंबर से 03 दिसंबर तक – 68737 रायगढ़–बिलासपुर मेमू
2. 23 नवंबर से 03 दिसंबर तक – 68738 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू
3. 23 नवंबर से 03 दिसंबर तक – 68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू
4. 22 नवंबर से 02 दिसंबर तक – 68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू
बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियाँ:
– 68861/68862 गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर, 23 नवंबर से 03 दिसंबर तक बिलासपुर और झारसुगुड़ा के बीच रद्द रहेगी।
छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड, पांच जिलों में शीतलहर, अंबिकापुर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
रायपुर। अंबिकापुर में 7.3 प्रतिशत तक गिरा तापमान, जो 10 साल में सबसे कम है। सरगुजा-बिलासपुर संभाग के 5 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी है। रायगढ़ में अलाव की व्यवस्था की गई है।
छत्तीसगढ़ में बीते तीन दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है। प्रदेश का मौसम शुष्क होने के बावजूद उत्तर भारत से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने रात के तापमान में बड़ी गिरावट ला दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक क्रमिक वृद्धि संभव है, हालांकि फिलहाल उत्तर और मध्य क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ में लोगों को ठंड से हल्की राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों में न्यून्तम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। फिलहाल सरगुजा संभाग के एक दो जिलों में शीतलहर के हालत बने हुए हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में कम हो सकता है। राज्य में आने वाली हवा की दिशा पूर्वी हो गई है, जो नमी लिए हुए है। इसका सीधा असर राज्य के न्यूनतम यानी रात के तापमान में हुआ है।
पिछले चौबीस घंटे के दौरान, प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 30 डिग्री सेल्सियस, जबकि सबसे कम न्यून्तम तापमान अंबिकापुर में 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। साथ ही न्यूनतम तापमान माना में 12.2 डिग्री, बिलासपुर में 13.3 डिग्री, पेंड्रा में 10.8 डिग्री, जगदलपुर में 10.9 डिग्री और दुर्ग मे 11 डिग्री दर्ज किया गया। दो दिन बाद भी मौसम शुष्क रह सकता है।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बीच स्कूली बच्चों को शीतलहर से बचाव के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, नगरीय निकाय, मौसम विभाग, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, पर्यटन विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए अलग-अलग निर्देश दिए गए हैं। जारी पत्र में शिक्षा विभाग के लिए कहा गया है कि भारतीय मौसम विज्ञान द्वारा शीतलहर से संबंधित दी गई चेतावनी अनुसार विधिवत स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के समय में परिवर्तन करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किया जाए।
छत्तीसगढ़ में बीते तीन दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है। प्रदेश का मौसम शुष्क होने के बावजूद उत्तर भारत से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने रात के तापमान में बड़ी गिरावट ला दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक क्रमिक वृद्धि संभव है, हालांकि फिलहाल उत्तर और मध्य क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी।
सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई पॉकेट्स में शीतलहर चल रही है। कोरिया, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़, जशपुर और बिलासपुर जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। सुबह और देर शाम बर्फीली हवाओं के कारण बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग अचानक बढ़ गई है। रायगढ़ में भी सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शहर में लोगों को राहत देने के लिए निगम ने 9 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है, जिनमें मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन, रामनिवास टॉकीज चौक और केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड शामिल हैं।
पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 7.3एष्ट रिकॉर्ड किया गया, जो नवंबर के पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। 1970 में यहां 4.2एष्ट दर्ज हुआ था, जो अब तक का सबसे कम नवंबर तापमान है।
दुर्ग इस समय मैदान क्षेत्रों में सबसे ठंडा है, जहां रात का तापमान 10.8एष्ट रहा। यह सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है। रायपुर में भी मौसम का असर साफ दिखा और नौ साल में नवंबर में दूसरी बार रात का तापमान 13 प्रतिशत तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। कल भी पूरा प्रदेश शुष्क मौसम का अनुभव करेगा। रायपुर शहर के लिए 20 नवंबर को आकाश साफ रहने का अनुमान है, जहां अधिकतम तापमान लगभग 29 प्रतिशत और न्यूनतम 14 प्रतिशत रह सकता है।
लैलूंगा, छाल, कापू और धरमजयगढ़ जैसे क्षेत्रों में ठंड शहर से कहीं ज्यादा है। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने लगे हैं और अलाव तथा गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण स्तर पर भी लोग लकड़ी जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
नक्सलियों ने सुरक्षाबल पर किया हमला, मुठभेड़ में एक पुलिस कर्मी को लगी गोली
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र के कनघुर्रा जंगल में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ चल रही है। इस हमले में पुलिस का एक जवान गोली लगने से जख्मी हो गया है। घायल जवान को डोंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बता दें कि सुरक्षाबल के जवान गश्त पर निकले थे, इसी दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
President’s Visit : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अंबिकापुर दौरा, 8 महीने में दूसरी बार आईं छत्तीसगढ़
अंबिकापुर आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बन रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 8 महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ पहुंचीं हैं। राष्ट्रपति भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल हो रही हैं। कार्यक्रम को लेकर पूरा अंबिकापुर को सजाया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अंबिकापुर पहुंचीं। पीजी कॉलेज मैदान में होने वाले प्रदेश स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में वे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हो रही हैं। राज्यपाल रामेन डेका इस समारोह की अध्यक्षता कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरांव, राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके और तोखन साहू भी कार्यक्रम में मौजूद हैं।
अपने इस प्रवास के दौरान राष्ट्रपति 2 योजनाओं का उद्घाटन कर सकती हैं। पहली योजना परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों के लिए है, जिसमें उनकी विधाओं को संरक्षित करने की पहल की जाएगी।इसके साथ ही स्थानीय देवस्थलों से जुड़ी योजना का शुभारंभ भी किया है। स्थानीय लोग भी इसे बड़ी उम्मीदों से देख रहे हैं क्योंकि इन योजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
राष्ट्रपति आज 80 साल के हो चुके बसंत पंडो से भी मुलाकात कर सकती हैं। 1952 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सरगुजा प्रवास के दौरान बसंत को गोद में उठाकर नाम दिया था। राष्ट्रपति मुर्मू को सरगुजा पहुंचने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति माना जा रहा है। बसंत पाडो ने 70 साल बाद राष्ट्रपति से मिलने की इच्छा जाहिर की थी जिसके बाद राष्ट्रपति से उनकी मुलाकात की संभावनाएं जताई जा रही है।
खनिज के अवैध उत्खनन व परिवहन के मामले में कार्रवाई : 7 वाहन जब्त, मालिकों पर प्रकरण दर्ज
न्यू होराइजन डेंटल कॉलेज ने सकरी स्कूल में लगाया कैम्प, 203 बच्चों की हुई जांच
कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि समाज में दंत स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए पहले भी कई स्कूलों में कैंप आयोजित किये जा चुके हैं और आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
सेमरा कचरा सेंटर में भीषण आग, रात से जारी राहत कार्य
पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! अब किसी भी बैंक में जमा कर सकेंगे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट…
राज्य शासन ने पेंशनर्स के हित में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब पेंशनर्स को केवल अपनी मूल बैंक शाखा में ही जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे किसी भी बैंक में जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। साथ ही घर बैठे “Jeevan Pramaan” मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सबमिट करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार यह सुविधा सभी पेंशनर्स के लिए लागू की गई है। संचालक पद्मिनी भोई साहू ने सभी बैंकों और जिला कोषालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि अधिकतम संख्या में पेंशनर्स के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जल्द से जल्द प्राप्त किए जाएं ताकि किसी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो। बैंकों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन निर्देशों के पालन में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा “डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र मिशन 4.0” के तहत विभिन्न शहरों में विशेष कैम्प लगाए जा रहे हैं। इनमें फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनर्स के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट किए जाएंगे। पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया पहले से और सरल हो गई है।
Digital Life Certificate : भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, अब देशभर में सभी बैंक अपनी शाखाओं में आने वाले प्रत्येक पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए उत्तरदायी होंगे, चाहे पेंशनर का खाता किसी भी बैंक में हो। पेंशनर्स से अपील की गई है कि वे समय पर अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा करें ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रहे।
बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन प्रगति पर: 155 किमी काम पूरा, सारागाँव-देवरी स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड
बिलासपुर| दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अधोसंरचना विकास में लगातार नई उपलब्धियाँ जोड़ रहा है। बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना में तेज़ी से काम आगे बढ़ रहा है। 206 किलोमीटर की इस महत्वपूर्ण परियोजना में अब तक 155 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है।
स्टेशन को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है—इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, डुअल वीडीयू, कवच-रेडी इंटरफेस और पॉइंट हज़ार्ड सर्किट जैसी सुरक्षा सुविधाएँ स्थापित की गई हैं। ठंडी रातों में भी 300 से अधिक कर्मियों और इंजीनियरों ने लगातार मेहनत कर काम पूरा किया।इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच ट्रेनों की आवाजाही और तेज़, सुरक्षित और निर्बाध हो जाएगी।
SIR अपडेट में घोर लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, बीएलओ कविता बनर्जी निलंबित
एसडीएम का कहना है कि चुनाव एक संवेदनशील और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि जिले में जो भी अधिकारी-कर्मचारी चुनावी जिम्मेदारियों में ढिलाई दिखाएंगे, उन पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी कमी को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में भी संदेश साफ हो गया है—चुनाव की ड्यूटी मजाक नहीं, और अगर कोई नियमों से खिलवाड़ करेगा, तो सीधी कार्रवाई तय है। चुनावी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
फिलहाल चुनाव प्रशिक्षण का काम जिले में लगातार जारी है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि एसआईआर, मतदाता सूची और सभी तकनीकी प्रक्रियाएँ बिना किसी बाधा और बिना किसी त्रुटि के पूरी हों, ताकि मतदान के दिन किसी भी तरह की समस्या न आए।
भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो खड़े ट्रक से टकराई, 5 की मौत, 7 गंभीर रूप से घायल
इस हादसे के बाद टोल प्लाज़ा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि टोल पर क्रेन और आपातकालीन राहत वाहन उपलब्ध नहीं थे। मृतकों के परिजनों का कहना है कि यदि क्रेन की सुविधा होती, तो खराब ट्रक को समय रहते हटाया जा सकता था और यह दुर्घटना टल सकती थी।
कोरबा में हुए डकैती में शामिल 19 डकैत गिरफ्तार, आरोपियों से हथियार और गाड़ियां जब्त, कैश और ज्वेलरी नही लग सके पुलिस के हाथ
किसान शत्रुघन दास के घर हुए डकैती की वारदात के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस की 4 टीम गठित कर जांच में लगाया था। पुलिस टीम द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने के साथ ही साइबर सेल की टीम द्वारा इस वारदात की तफ्तीश में जुटी हुई थी। पुलिस की जांच में आरोपियों का सुराग मिलने के बाद एक दिन पहले ही पुलिस की टीम ने कटघोरा, हरदीबाजार सहित जांजगीर जिला में छापामार कार्रवाई कर 19 आरोपियों को अरेस्ट किया है। इनमें 4 आरोपी को पुलिस ने जहां जांजगीर-चांपा जिले से गिरफ्तार किया है, वहीं कोरबा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 15 आरोपी गिरफ्तार हुए है।
कोरबा पुलिस ने इस डकैती की वारदात को सुलझाकर 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 4 वाहन समेत एक पिस्टलनुमा एयर गन और कत्ता और सब्बल जब्त किया है। लेकिन किसान शत्रुघन दास के घर से डकैती हुए कैश डेढ़ लाख रूपये और ज्वेलरी के संबंध में पुलिस को सफलता नही मिल सकी। मीडिया से प्रेस ब्रीफिंग में भी पुलिस ने इस संबंध में कोई जानकारी नही दी। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस वारदात में अभी कुछ और आरोपी फरार है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही कुछ और जानकारी और सामान जब्त हो सकते है।