छत्तीसगढ़
तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से शिक्षिका की मौत, स्कूटी से जा रही थी मायके
रायपुर। पाटन-भखारा कुरूद मार्ग पर ग्राम कौही के पास तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से एक शिक्षिका की मौत हो गई। शिक्षिका की पहचान 48 वर्षीय मधुबाला चंद्राकर के रूप में हुई है। मधुबाला कुरूद की रहने थी। ग्राम बगौद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। मधुबाला एक्टिवा वाहन से अपने मायके ग्राम आमालोरी जा रही थी।
ग्राम कौही के पास जैसे ही वह मोड़ पर पहुंचनी थी, विपरीत दिशा से तेज गति से आ रहे हाइवा ने एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शिक्षिका सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके पर रुक गया। हादसे के तुरंत बाद, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घायल शिक्षिका को पाटन शासकीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका शिक्षिका की दो बेटियां हैं। शिक्षिका के पति किसान हैं।
युवक का ‘शातिर करनामा’ डॉलर और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 3 करोड़ की ठगी
रायपुर। जल्दी पैसा कमाने के सपने दिखाकर ठगी करने का एक बड़ा मामला दुर्ग जिले में सामने आया है। क्रिप्टो ट्रेडिंग और डॉलर में निवेश के नाम पर एक युवक ने 76 लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए और फिर अचानक ऑफिस बंद कर फरार हो गया। यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी ने “फाइनेंस अप इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी” के नाम से ऑफिस खोलकर निवेशकों को हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। इस झांसे में आकर लोगों ने करीब 3 करोड़ 8 लाख 5 हजार रुपए निवेश कर दिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग का एक्सपर्ट बताते हुए निवेश के लिए लोगों को राजी किया।
9 अक्टूबर 2025 को एक पीड़ित ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि मार्च 2025 में उसकी मुलाकात भिलाई शांति नगर निवासी हार्दिक कुदेषिया से हुई थी। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने अपने और अपने पिता अनुराग के बैंक खातों से ऑनलाइन और नकद मिलाकर 20 लाख रुपए निवेश किए। शुरुआत में आरोपी समय पर ब्याज देता रहा, जिससे भरोसा और गहरा हो गया। इसी तरह एक अन्य निवेशक के पिता भूषण लाल साहू ने भी आरोपी के कहने पर उसकी मां के खाते में 4 लाख रुपए जमा कराए। देखते ही देखते कुल 76 निवेशक इस जाल में फंस गए।
अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक निवेशकों को ब्याज मिलता रहा, लेकिन नवंबर आते ही भुगतान अचानक बंद हो गया। जब निवेशक अग्रसेन चौक, नेहरू नगर सुपेला स्थित ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी पैसे लेकर फरार हो चुका है पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने साल 2024 में यह ऑफिस खोला था। निवेशकों से बाकायदा इकरारनामे बनवाए जाते थे और रकम बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के खातों में जमा करवाई जाती थी।
इसके बाद मोबाइल में बाइनेस ऐप के जरिए भारतीय रुपए को डॉलर में बदलकर क्रिप्टो ट्रेडिंग की जाती थी। मुनाफे का 6 प्रतिशत निवेशकों को, 3 प्रतिशत एजेंटों को दिया जाता था, जबकि बाकी रकम आरोपी खुद रख लेता था। सुपेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हार्दिक कुदेषिया (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। आरोपी के पास से आईफोन 16 प्रो, लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन और निवेश से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
बाइक रेस और स्टंटबाजी बनी मौत की वजह, नाबालिग नाले में गिरा, मौत
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर में तेज रफ्तार और स्टंटबाजी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। रेसिंग के दौरान आर 15 बाइक चला रहा एक नाबालिग हादसे का शिकार हो गया। अनियंत्रित बाइक नाले में जा गिरी, जिसमें उसकी मौत हो गई। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है।
घटना रविवार सुबह करीब 7 बजे सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसमा सिटी के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 16 साल का नाबालिग दो से तीन अन्य बाइक सवारों के साथ तेज रफ्तार में रेसिंग कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उसकी बाइक पहले एक पान ठेले से टकराई और फिर सीधे नाले में जा गिरी। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य बाइक सवार मौके से फरार हो गए। मृतक की पहचान प्रेम कुमार सिंह, उम्र 16 वर्ष, पिता रामबाबू सिंह, निवासी राजकिशोर नगर सरकंडा के रूप में हुई है।
सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सकरी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर नाबालिगों द्वारा बाइक चलाने, तेज रफ्तार और स्टंटबाजी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग को बाइक किसने और कैसे उपलब्ध कराई।
विश्व हिंदी दिवस पर डॉ.राधाबाई शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय पर कविता पाठ का आयोजन
रायपुर। डॉ.राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर में हिंदी विभाग एवं भारतीय भाषा विकास समिति के संयुक्त तत्वाधान में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कविता पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें बीए तृतीय वर्ष की छात्राएं नमिता फरिकार, काजल साहू, पुलकित देवांगन, रूपकुमारी पैकरा ने कविता पाठ किया। डॉ.मनीषा शर्मा वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान ने विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विश्व में हिन्दी सबसे लोकप्रिय भाषाओं में से एक बताते हुए कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का आईना है। यह दिल से दिल को जोड़ने वाली कड़ी है।
उन्होंने आगे कहा कि छात्राओं के लिए इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए जिससे उनमें बोलने और लिखने की क्षमता का विकास होता है।काव्यपाठ करने वाले छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी छात्राओं को इस तरह के प्रयास करना चाहिए।हिंदी भाषा के विकास के लिए हम सबको मिल कर कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ नम्रता शर्मा विभागाध्यक्ष भूगोल, डॉ.निधि गुप्ता सहा.प्राध्या. अंग्रेजी, अतिथि व्याख्याता डॉ मनीला दुबे, डॉ. आस्था मिश्रा, डॉ.श्वेता बोहरा ने काव्यपाठ किया।डॉ.ज्योतिबाला साहू ने हिंदी दिवस के संबंध में अपना विचार रखे।भारतीय भाषा विकास समिति के संयोजक डॉ.ज्योति मिश्रा, विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग, डॉ.मनीषा शुक्ला विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, सहायक प्राध्यापक डॉ.श्वेता अग्निवंशी,नयनी तांडी,डॉ.दीपा गोस्वामी,डॉ.रेबेका बेन क्रीड़ाधिकारी एवं चंद्रकांति वर्मा ग्रंथपाल सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही। कार्यक्रम का संयोजन एवं आभार ज्ञापन डॉ.सीमा रानी प्रधान विभागाध्यक्ष हिंदी ने किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग से डॉ.श्वेता बोहरा ने किया।
गुड गवर्नेंस जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिएः साय
रायपुर। गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को संबोधित करतेभुए यह बात कहीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है।
ओडिशा में 9 सीटर चार्टर प्लेन हुआ क्रैश, हादसे में 2 पायलट समेत 4 यात्री घायल
रायपुर। ओडिशा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भुवनेश्वर से राउरकेला जा रही एक 9 सीटर चार्टर प्लेन क्रैश होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में प्लेन के दो पायलट समेत 3 यात्रियों को गंभीर चोटे आई है। घायलों में दो महिलाएं भी शामिल है।
जानकारी के मुताबिक ये हादसा राउरकेला से 10 किलोमीटर दूर खुले मैदान में आज दोपहर हुआ। बताया जा रहा है कि इंडिया वन एयर का चार्टर विमान आज 4 यात्रियों को भुवनेश्वर से लेकर राउरकेला के लिए उड़ान भरा था। 9 सीटर विमान राउरकेला में सुरक्षित लैंडिग कर पाता, इसी बीच प्लने में तकनीकी खराबी आ गई।
जिसके बाद पायलट की सूझबूझ से प्लैन की क्रैश लैंडिंग खुले मैदान में कराई गई। क्रैश की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें देखा जा सकता है कि प्लेन का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। उसके विंग्स भी क्षतिग्रस्त हैं। इस हादसे में प्लेन मे सवार यात्री अनीता साहू, सुनील अग्रवाल, सविता अग्रवाल, सुशांत कुमार बिस्वाल शामिल है। वहीं प्लेन के पायलट तरुण श्रीवास्तव और नवीन खंगार को भी चोट आई है।
रायपुर–कोड़ेबोड राष्ट्रीय राजमार्ग-30 फोर-लेन परियोजना पूरी... आवागमन होगा सुलभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क अवसंरचना को सशक्त करते हुए रायपुर–कोड़ेबोड खंड के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को चार लेन में उन्नत करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वित 33.2 किलोमीटर लंबी यह परियोजना लंबे समय से दबाव झेल रहे दो-लेन मार्ग को आधुनिक चार-लेन विभाजित राजमार्ग में परिवर्तित करती है, जिससे रायपुर, धमतरी और आसपास के आंतरिक क्षेत्रों के बीच संपर्क और यात्रा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सितंबर 2016 में स्वीकृत ₹987.88 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किलोमीटर 10.200 से 43.400 तक फैली है और यात्री आवागमन के साथ-साथ कृषि लॉजिस्टिक्स तथा क्षेत्रीय माल परिवहन को मजबूती प्रदान करती है। निर्माण के दौरान सामग्री आपूर्ति और अंतर-मंत्रालयीय समन्वय से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आईं। तटबंध निर्माण के लिए आवश्यक फ्लाई ऐश और पॉन्ड ऐश—जो राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड की सिपत और लारा इकाइयों से प्राप्त की जा रही थी—की उपलब्धता नियामकीय व्याख्याओं और समन्वय आवश्यकताओं के कारण समय-समय पर प्रभावित हुई, जिससे कार्य अनुक्रम पर असर पड़ा।
इसी दौरान रायपुर जिले के बोरीयाकला गांव में 0.256 हेक्टेयर भूमि से संबंधित एक मामला सामने आया, जिसे बाद में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की भूमि के रूप में चिन्हित किया गया। इस भू-खंड पर कार्य के लिए रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत औपचारिक हस्तांतरण और कार्यानुमति आवश्यक थी। आकार में सीमित होने के बावजूद यह स्थान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था और यहां कार्य रुकने से पूरे कॉरिडोर की निरंतरता प्रभावित हुई।
फरवरी 2023 में सक्रिय शासन एवं समयबद्ध कार्यान्वयन मंच के तहत परियोजना की समीक्षा के बाद लंबित भूमि और सामग्री आपूर्ति से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया। केंद्र सरकार के मंत्रालयों और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच निकट समन्वय से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन तथा राज्य सरकार की संयुक्त कार्रवाई से फ्लाई ऐश आपूर्ति स्थिर हुई और रक्षा भूमि से संबंधित मामला मूल्यांकन, अनुमोदन और कार्यानुमति के माध्यम से सुलझाया गया।
इन बाधाओं के दूर होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा और परियोजना ने 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त कर 20 जून 2023 को संचालन प्रारंभ किया। प्राधिकृत अभियंता द्वारा अनंतिम पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के साथ उन्नत राजमार्ग को औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया गया।
परियोजना के संचालन से औसत वाहन गति में 30–40 प्रतिशत की वृद्धि, यात्रा समय में लगभग 50 प्रतिशत की कमी और ईंधन खपत तथा वाहन परिचालन लागत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। रायपुर—छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक एवं व्यावसायिक केंद्र—और लगभग आठ लाख आबादी वाले धमतरी जिले के बीच यह मार्ग अब एक मजबूत आर्थिक धुरी के रूप में उभरा है, जिससे आसपास के जिलों के 45–50 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है। धान, वनोपज, सीमेंट, इस्पात और निर्माण सामग्री की आवाजाही सुगम हुई है; किसानों, व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं के लिए मंडियों, राइस मिलों और शहरी बाजारों तक पहुंच बेहतर हुई है। निर्माण अवधि में लगभग 3,000–4,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए, जबकि संचालन के बाद यह मार्ग ढाबों, ईंधन स्टेशनों, परिवहन सेवाओं और लॉजिस्टिक्स-आधारित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को निरंतर समर्थन दे रहा है।
कुल मिलाकर, रायपुर–कोड़ेबोड फोर-लेन परियोजना यह दर्शाती है कि उच्चस्तरीय निगरानी और प्रभावी समन्वय से जटिल अवसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सकता है। यह राजमार्ग अब छत्तीसगढ़ के लिए दीर्घकालिक गतिशीलता और आर्थिक विकास की एक महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में स्थापित हो चुका है।
रायपुर प्रधान डाकघर में स्पीड पोस्ट अब रात 10 बजे तक, रविवार को भी आधार अपडेट
रायपुर। आम नागरिकों और कार्यरत लोगों को बेहतर तथा समयानुकूल सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डाक विभाग ने रायपुर में डाक एवं आधार सेवाओं के समय में विस्तार किया है। प्रवर अधीक्षक डाकघर, रायपुर संभाग हरिश कुमार महावर ने जानकारी दी कि रायपुर प्रधान डाकघर (जनरल पोस्ट ऑफिस) में स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा अब रात्रिकालीन 10:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
हरिश कुमार महावर ने आगे कहा कि इस निर्णय से उन नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा जो कार्यालयीन समय के कारण डाक सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाते थे। उन्होंने बताया कि आधार अपडेटेशन की सुविधा को अधिक सुलभ बनाने के लिए अब यह सेवा कार्यालयीन दिवसों के साथ-साथ प्रत्येक रविवार को भी रायपुर जनरल पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आधार से संबंधित संशोधन एवं अद्यतन कार्यों के लिए नागरिकों को अतिरिक्त समय और सुविधा प्राप्त होगी।
डाक विभाग द्वारा लागू की गई इन नई व्यवस्थाओं से डाक तथा आधार संबंधी सेवाएं अधिक नागरिक-केंद्रित, सरल और समयसापेक्ष बनेंगी। यह पहल जनसुविधा के प्रति डाक विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और आम जनता को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
ब्राह्मण बच्चों के लिए शतरंज प्रतियोगिता 2026 का आयोजन 26 जनवरी को
रायुपर। कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल बैरन बाजार द्वारा ब्राह्मण बच्चों के लिए शतरंज प्रतियोगिता 2026 का आयोजन 26 जनवरी को किया जा रहा है। जिसके लिए पंजीयन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। शरतंज का आयोजन अंतरराष्ट्रीय शतरंज के नियम और स्विस पद्धति के अनुसार किया जाएगा। प्रतियोगिता सुबह 10 बजे से बैरन बाजार स्थित आशीर्वाद भवन में होगी।
कार्यक्रम समन्वयक पं. सतीशचंद्र मिश्रा ने बताया कि ब्राह्मण बच्चों के लिए शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार किया गया है। जिसमें अंडर-9 वर्ष, अंडर-13, अंडर-17, अंडर-19 वर्ग के लिए आयोजित स्पर्धा में प्रथम पुरस्कार 2100 और द्वितीय 1100 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए आयोजित स्पर्धा में प्रथम 2100, द्वितीय 1100 और तृतीय पुरस्कार 500 रुपये निर्धारित किया गया है। सभी प्रतिभागियों को संस्था की तरफ से प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा।
पं. सतीशचंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रतिभागियों के लिए मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई है। मिश्रा ने बताया कि स्पर्धा में विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय समिति का होगा। स्पर्धा में शामिल होने के लिए प्रतिभागी आनलाइन भुगतान कर सकते है। पंजीयन के लिए गुगल फार्म में भरा जा सकता है।
'बीजों का अंकुरण से पौधा तक सफर' ने बच्चों को किया आनंदित
- कदम संस्था की पहल से बच्चों जा रहे हरियाली के समीप
- महापौर बीजारोपण महोत्सव 2026 में होंगे बच्चे पुरस्कृत
रायपुर। मिट्टी के गमले में एक पौधा लगाना और फिर उस बीज के अंकुरण से लेकर पौधा बनने के सफर में सिर्फ उसे ही आनंदित कर सकता है जिसने बीज का रोपण किया और प्रतिदिन उसकी देखभाल की। दुर्ग जिले की समाजसेवी संस्था कदम द्वारा बच्चों को पौधरोपण और हरियाली से जोड़ने की शुरू की गई पहल में आज हजारों बच्चे जुड़ चुके है। करीब आठ माह पहले संस्था द्वारा जिले के स्कूलों में जाकर बच्चों को करंज और खम्हार के बीज दिए गए। बच्चों ने अपने घर इसका रोपण किया और आज इन बीजों से पौधे निकल आए। संस्था द्वारा 11 जनवरी को बीटीआई ग्राउंड कालेज मैदान जीईरोड दुर्ग में महापौर बीजारोपण महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है।
कदम संस्था के प्रमुख प्रभु दयाल उजाला ने बताया कि करीब आठ माह पहले जिले के स्कूलों में जाकर बच्चों को करंज और खम्हार के पेड़ के बीज दिए गए थे। जो आठ महीन में पौधे बन गए है। अब बच्चे अपने उन पौधों को लेकर कार्यक्रम में आएंगे। बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। फिर बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। बच्चों के लिए लक्की ड्रा कूपन भी निकाले जाएंगे। जिसमें विजेताओं को लैपटाप, टैब, स्मार्ट वाच, साइकिल, ट्राली बैग जैसे पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रभु दयाल उजाला ने आगे बताया कि कदम संस्था द्वारा 26 जनवरी 2025 से साप्ताहिक पौधरोपण का अभियान भी चल रहा है। संस्था के संस्थापक योगेश गनोरे के मार्गदर्शन में लगातार पौधरोपण और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का कार्य चल रहा है।
आयुर्वेदिक कॉलेज के पास स्थापित होगी वीर सावरकर प्रतिमा, महाराष्ट्र मंडल ने माना आभार
सामान्य प्रशासन विभाग का फरमान: तबादले वाली जगह पर 13 तक ज्वाइन नहीं किया तो होगी कार्रवाई
रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के सचिवों को पत्र लिखकर 13 जनवरी 2026 तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी समय सीमा तक जॉइनिंग नहीं करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न विभागों में कई मामलों में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया जा रहा है। इसका नकारात्मक प्रभाव जिलों में संचालित जनहित योजनाओं और सेवाओं पर पड़ रहा है। इस कारण सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को नई पोस्टिंग पर समय पर जॉइनिंग देनी अनिवार्य होगी।
निर्देश में कहा गया है कि ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जो स्थानांतरण के बाद अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं कर चुके हैं, उन्हें तत्काल रूप से कार्यमुक्त किया जाए। साथ ही, उन्हें कड़ा निर्देश दिया जाए कि वे 13 जनवरी 2026 तक नवीन पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें। यदि कोई निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के न्यायलयों को बम से उड़ाने की धमकी, हाई अलर्ट पर पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बिलासपुर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल बन गया है। राजनांदगांव और बिलासपुर के न्यायालयों को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।
धमकी मिलते ही दोनों जिलों के न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली करा लिया गया है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। वहीं राजधानी रायपुर की कोर्ट में भी सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है।
डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और बड़ी संख्या में पुलिस बल न्यायालय परिसरों की सघन तलाशी ले रहा है। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर संदिग्ध व्यक्तियों, गाड़ियों और वाहनों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस साइबर सेल धमकी देने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। फिलहाल किसी भी न्यायालय परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा कारणों से पूरे प्रदेश के न्यायालयों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालात पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया बीएसपी ‘गिफ्टमिल्क योजना’ के तीसरे चरण का आगाज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और खनन प्रभावित क्षेत्रों में बाल कुपोषण के विरुद्ध जंग को और अधिक सशक्त करते हुए, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की महत्वाकांक्षी सीएसआर पहल ‘गिफ्टमिल्क कार्यक्रम’ के तृतीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया। 6 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कॉन्क्लेव’ के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने इस विस्तार योजना की घोषणा की।
पोषण सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (एनएफएन) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य विषय "पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका" था। कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत, बीएसपी की लौह अयस्क खदानों के बफर जोन में स्थित सरकारी स्कूलों के लगभग 4,000 अतिरिक्त बच्चों को विटामिन-ए और डी से युक्त फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा। यह दूध एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के माध्यम से वितरित किया जाएगा, जिससे स्थानीय सहकारी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
मंच पर बच्चों के साथ हुई सुखद शुरुआत शुभारंभ समारोह के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्य अतिथि और उपस्थित केंद्रीय मंत्रियों ने रावघाट खदान क्षेत्र से आए 21 स्कूली बच्चों को मंच पर स्वयं ‘गिफ्टमिल्क’ के पैकेट वितरित किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ (ललन सिंह), सुश्री अन्नपूर्णा देवी और श्री कृष्ण पाल गुर्जर सहित भारत सरकार के कई वरिष्ठ सचिव और एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह उपस्थित रहे। सेल की ओर से निदेशक (वित्त) श्री अशोक कुमार पंडा और कार्यपालक निदेशक श्री राजीव पांडेय ने संगठन का प्रतिनिधित्व किया। हजारों बच्चों के भविष्य को संवार रही है योजना गिफ्टमिल्क कार्यक्रम का मूल उद्देश्य खदान क्षेत्रों में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करना, विद्यालय में उनकी उपस्थिति बढ़ाना और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना है। वर्तमान में यह योजना 102 शासकीय विद्यालयों में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बालोद जिलों के लगभग 3,250 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इस नए चरण के जुड़ने से लाभान्वित होने वाले बच्चों की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका, 7 महिला समेत 26 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। ‘पूना मार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत माओवादी नेटवर्क को करारा झटका लगा है। अभियान से प्रभावित होकर 7 महिला कैडर समेत कुल 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन तथा आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इनमें CYPCM-01, DVCM-01, PPCM-03, ACM-03 और पार्टी सदस्य-18 के रैंक शामिल हैं। ये माओवादी सुकमा जिला, माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में संलिप्त रहे हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’ और ‘पूना मार्गेम’ अभियान के प्रभाव से लगातार माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और तेज नक्सल विरोधी अभियानों से माओवादी संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है। इसका सकारात्मक असर बस्तर संभाग में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में दिखाई देने लगा है।
छत्तीसगढ़ में पूना मार्गेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान और संबंधित नक्सल आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीतियों का व्यापक असर दिख रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार पिछले लगभग 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2200 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है, जिसमें बड़ी संख्या में सक्रिय माओवादी कैडर शामिल हैं।
विशेष रूप से दंतेवाड़ा जिले में ही अकेले 37 नक्सलियों का समूह आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका हिस्सा पूना मार्गेम पहल भी रहा है। सामान्य तौर पर राज्य के कई जिलों से समय-समय पर समूह में आत्मसमर्पण की खबरें सामने आती रही हैं, जो इस अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। पूना मार्गेम और संबंधित नीतियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 2200 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
जंगल में नक्सलियों का बड़ा डम्प बरामद, विस्फोटक और हथियार जब्त
लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास के मार्ग पर लौटने की अपील की है, पुलिस ने माओवादियों से ‘पूना मार्गेम पुनर्वास योजना’ के तहत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया है। कार्रवाई के बाद सभी सुरक्षा बल सुरक्षित रूप से कैम्प वापस लौट आए।