छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की 10 दवाओं में खामियां, एक नकली घोषित
रायपुर। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा सितंबर 2025 में जारी औषधि गुणवत्ता रिपोर्ट ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 112 दवाओं के नमूने क्वालिटी टेस्ट में फेल हुए हैं, जबकि एक दवा नकली (Spurious) पाई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि नकली पाई गई यह दवा छत्तीसगढ़ से संबंधित है। राज्य में कुल 10 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतर सके हैं।
CDSCO और राज्य औषधि प्रयोगशालाओं की संयुक्त जांच में पाया गया कि 52 नमूने केंद्रीय प्रयोगशालाओं में और 60 नमूने राज्य प्रयोगशालाओं में अमानक (NSQ) घोषित किए गए। छत्तीसगढ़ की स्थिति और भी चिंताजनक रही, क्योंकि यहां एल्बेंडाजोल के चार अलग-अलग बैच लगातार फेल पाए गए। यह कृमिनाशक दवा है, जिसका निर्माण एएफएफवाई पैरेंटेरल्स (AFFY Parenterals) कंपनी द्वारा किया गया था।
सभी एल्बेंडाजोल सैंपल डिजोल्यूशन टेस्ट (Dissolution Test) में फेल हुए—यानी दवा शरीर में घुलकर अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी दवाएं मरीजों के लिए अप्रभावी होने के साथ-साथ नुकसानदेह भी साबित हो सकती हैं।
इसी रिपोर्ट में मैकलियोड्स फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की एक क्रीम — जिसमें क्लोबेटासोल, नियोमाइसिन और माइकोनाजोल शामिल हैं — को Spurious (नकली) घोषित किया गया है। यह क्रीम फंगल इन्फेक्शन के इलाज में दी जाती है। जांच में पाया गया कि यह उत्पाद असली ब्रांड की नकल कर बनाया गया था और इसे बनाने वाली कंपनी के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था।
छत्तीसगढ़ की अन्य दवाओं में भी गंभीर गुणवत्ता दोष मिले हैं। एमोक्सिलीन टैबलेट (बैच CT2193), जो सर्दी-खांसी और बैक्टीरियल संक्रमण में उपयोग की जाती है, Assay Test में फेल पाई गई। इसका अर्थ है कि दवा में सक्रिय तत्व की मात्रा निर्धारित मानक से कम थी।
इसी तरह, HSN बॉयोटेक की पैरासिटामॉल टैबलेट (500 mg), एड केम फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की एसेक्लोफेनिक-पैरासिटामॉल टैबलेट और स्वेफन फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की डाइक्लोफैनिक-पैरासिटामॉल टैबलेट भी क्वालिटी टेस्ट में असफल रहीं। इनमें “Assay” और “Misbranded” जैसी श्रेणियों में दोष पाए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित राज्यों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल गुणवत्ता नियंत्रण का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा का भी है। यदि ऐसी दवाएं मरीजों तक पहुंचती हैं, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
बीएसपी खदान प्रभावित ग्रामीण दे रहे धरना
ग्रामीणों का कहना है कि वह खनन प्रभावित क्षेत्र में आते है, जिससे माईनस से आने वाले लाल पानी उनकी फसलों को चौपट कर देता है. लेकिन बीएसपी प्रबंधन इस पर कोई भी सुध नही लेता. ऐसे वह रोजगार की मांग कर रहे हैं.
बागबाहरा थाने में महिला सरपंच से अभद्रता, पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कसहीबाहरा ग्राम पंचायत की सरपंच पुष्पा ध्रुव ने थाने में पदस्थ आरक्षक मोहन साहू पर शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं अन्य ग्रामीणों ने बेवजह पुलिस कर्मी द्वारा मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया है कि 22 अक्टूबर को ग्राम मौलीमुड़ा में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर सरपंच पुष्पा ध्रुव कुछ ग्रामीणों के साथ बागबाहरा थाना पहुंचीं थीं। आरोप है कि उस दौरान ड्यूटी में प्रधान आरक्षक मोहन साहू नशे की हालत में थाने में मौजूद थे। उन्होंने न केवल ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि महिला सरपंच के साथ गाली-गलौज और अपमानजनक बातें भी कहीं।
सरपंच पुष्पा ध्रुव ने बताया कि पुलिसकर्मी ने सभी ग्रामीणों को रात दो बजे तक थाने में बैठाए रखा, बिना किसी स्पष्ट कारण के। जब उन्होंने विरोध किया तो आरक्षक ने कहा “सरपंच हो तो क्या कर लोगी, जहां शिकायत करनी है कर लो।”
घटना से आहत सरपंच ने पुलिस अधीक्षक, महासमुंद को लिखित शिकायत दें कर प्रधान आरक्षक मोहन साहू के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना न केवल एक महिला प्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत पहुंच चुकी है, और जांच की मांग तेज हो गई है।
मोदी ने मन की बात में की अम्बिकापुर के Garbage Cafe का उल्लेख
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 127वीं कड़ी के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में चलाए जा रहे गार्बेज कैफे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वच्छता के प्रयास, इस पर भी मुझे ढ़ेर सारे संदेश मिले हैं। मैं आपसे देश के तीन अलग-अलग शहरों की ऐसी गाथाएं साझा करना चाहता हूँ जो बहुत प्रेरणादायक हैं। छतीसगढ़ के अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में Garbage Cafe चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे cafe हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये cafe अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।
इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने मन की बात शुरूआत करते हुए कहा कि पूरे देश में इस समय त्योहारों का उल्लास है। हम सबने कुछ दिन पहले दीपावली मनाई है और अभी बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा में व्यस्त हैं। घरों में ठेकुआ बनाया जा रहा है। जगह-जगह घाट सज रहे हैं। बाजारों में रौनक है। हर तरफ श्रद्धा, अपनापन और परंपरा का संगम दिख रहा है। छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं जिस समर्पण और निष्ठा से इस पर्व की तैयारी करती हैं वो अपने आप में बहुत प्रेरणादायक है।
छठ का महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतिबिंब है। छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है। ये दृश्य भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है। आप देश और दुनिया के किसी भी कोने में हों, यदि मौका मिले, तो, छठ उत्सव में जरूर हिस्सा लें। एक अनोखे अनुभव को खुद महसूस करें। मैं छठी मैया को नमन करता हूँ। सभी देशवासियों को, विशेषकर बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के लोगों को छठ महापर्व की शुभकामनाएँ देता हूँ।
मोदी ने कहा कि बेंगलुरु में इंजीनियर कपिल शर्मा ने यहां झीलों को नया जीवन देने का अभियान शुरू किया है। कपिल जी की टीम ने बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में 40 कुंओं और 6 झीलों को फिर से जिंदा कर दिया है। खास बात तो ये है कि उन्होंने अपने mission में corporates और स्थानीय लोगों को भी जोड़ा है। उनकी संस्था पेड़ लगाने के अभियान से भी जुड़ी है।
बदलाव के एक और प्रयास का उदाहरण, मैं आपसे साझा करना चाहता हूँ। आप सब जानते हैं जैसे पहाड़ों पर और मैदानी इलाकों में जंगल होते हैं ये जंगल मिट्टी को बांधे रहते हैं, कुछ वैसी ही अहमियत समंदर के किनारे mangrove की होती है। Mangrove समुद्र के खारे पानी और दलदली जमीन में उगते हैं और समुद्री eco-system का एक अहम हिस्सा होते हैं। सुनामी या cyclone जैसी आपदा आने पर ये Mangrove बहुत मददगार साबित होते हैं।
क्या आप जानते हैं कि ‘मन की बात’ में हम जिन विषयों पर चर्चा करते हैं, उनमें मेरे लिए सबसे संतोष की बात क्या होगी? तो मैं इस बारे में यही कहूँगा कि ‘मन की बात’ में हम जिन विषयों की चर्चा करते हैं, उनसे लोगों को समाज के लिए कुछ अच्छा, कुछ Innovative करने की प्रेरणा मिलती है। इससे हमारी संस्कृति, हमारे देश के कई पहलू उभरकर सामने आते हैं।
सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है।
उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।
रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार हो सकते हैं कोरबा के नए कलेक्टर
हालांकि, इस संबंध में अभी तक शासन की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इस संभावित बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। यदि यह तबादला आदेश जारी होता है, तो आने वाले दिनों में कोरबा जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचानः मुख्यमंत्री साय
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में बस्तर ओलंपिक 2025 का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ में ड्राइवरों का चक्का जाम आंदोलन, स्टेयरिंग छोड़ो अभियान से ठप हुई परिवहन व्यवस्था
रायपुर। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने आज से “स्टेयरिंग छोड़ो, चक्का जाम आंदोलन” शुरू कर दिया है। महासंघ ने सरकार को अपनी 11 सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है।
इन मांगों में प्रमुख रूप से राज्य में शराबबंदी लागू करने, ड्राइवर आयोग के गठन, तथा ड्राइवरों के लिए बीमा और पेंशन सुविधा शामिल हैं। महासंघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलन का असर आज सुबह से ही राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में देखने को मिला।
यात्री बसें, ट्रक और मालवाहक वाहन सड़कों से हट गए हैं, जिससे परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने और आपूर्ति तंत्र को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं, वहीं ड्राइवर संगठन अपने फैसले पर अडिग है।
नायब तहसीलदार की गाड़ी से टकराकर बाइक के उड़े परखच्चे, 2 की हालत गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां नायब तहसीलदार दोनोश साहू की तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। बाइक सवार 2 युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा छुरा थाना क्षेत्र के सारागंव पापराही के पास हुआ है। सामने की ओर से तेज रफ्तार कार (CG 02 AU 0138) की चपेट में बाइक आ गई, जिससे दो लोग घायल हुए हैं। घटना के दौरान बोलेरो में नायब तहसीलदार दोनोश साहू मौजूद थे। गनीमत रही कि वह सुरक्षित हैं।
हादसे की सूचना के बाद छुरा पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद दोनों घायलों को अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
सिम्स में पकड़ाया दलाल, बाहरी इलाज के लिए बहला रहा था मरीज को, सुरक्षा कर्मियों ने किया पुलिस के हवाले…
सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा ने बताया कि सभी वार्डों में नियमित गश्त की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दी जा रही है. सिम्स प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत सुरक्षा विभाग या अस्पताल प्रशासन को दें, ताकि मरीजों की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके.
एनआईटी रायपुर में “सतर्कता : हमारी साझा जिम्मेदारी” विषय पर जागरूकता सप्ताह
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का आयोजन 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। यह आयोजन केंद्रीय सतर्कता आयोग, भारत सरकार के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इस वर्ष का विषय “सतर्कता : हमारी साझा जिम्मेदारी” निर्धारित किया गया है, जो ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा संस्थान के प्रत्येक सदस्य में सामूहिक सतर्कता की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश देता है। यह सप्ताह भर चलने वाला कार्यक्रम संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. प्रभात दीवान के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत 27 अक्टूबर को सतर्कता शपथ के साथ होगी, जिसमें एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार उन्मूलन तथा पारदर्शिता के संकल्प की शपथ दिलाएंगे। इसके उपरांत 28 अक्टूबर को पारदर्शी शासन के महत्व पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्री हिमांशु जैन, मुख्य सतर्कता अधिकारी, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, बिलासपुर मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा करेंगे।
उसी दिन फैकल्टी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जबकि 29 अक्टूबर को विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी, जिससे उन्हें सतर्कता और उत्तरदायित्व पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद 30 अक्टूबर को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सतर्कता से जुड़े सामाजिक मुद्दों को रचनात्मक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
सप्ताह का समापन 31 अक्टूबर को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के तहत आयोजित इन विविध गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों में भ्रष्टाचार के प्रति संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व और नैतिक आचरण के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना है। इस पहल के माध्यम से एनआईटी रायपुर समाज में पारदर्शिता और ईमानदारी की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए अपने दायित्व को पुनः रेखांकित कर रहा है।
नक्सलियों ने मुखबिरी के आरोप में दो युवकों को उतारा मौत के घाट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो युवकों को मौत के घाट उतार दिया है. घटना की सुचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई कर शव को पीएम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला उसूर ब्लॉक के नेल्ला कांकेर गांव की है. मृतकों की पहचान रवि कट्टम और रवि सोढ़ी के रूप में हुई है।
5000 शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, वित्त विभाग से मिली मंजूरी
रायपुर। वित्त विभाग ने प्रदेश में 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पोषण और पीएमएमवीवाई के लिए नए हेल्पलाइन नंबर की घोषणा की
मनोहर गौशाला ने रचा इतिहास, छठवीं बार दर्ज हुआ विश्व रिकॉर्ड
रायपुर। मनोहर गौशाला खैरागढ़ ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। इस दीपोत्सव पर यहां 2700 किलो फलों, सब्जियों और सूखे मेवों से बनी “कामधेनु रंगोली” तैयार की गई, जिसने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त किया। यह मनोहर गौशाला का छठवाँ विश्व रिकॉर्ड है, जो गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति इसकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
25 कलाकारों की टीम ने करीब 14 घंटे के सतत परिश्रम से इस रंगोली में गौ माता का अपने बछड़े सहित मातृत्व स्वरूप में सचित्र चित्रण किया। यह आयोजन गौ सेवक चमन डाकलिया द्वारा उनके जन्म दिवस पर किया गया, जिसे उन्होंने “गौ सेवा दिवस” के रूप में मनाया। रंगोली के बाद गौ माता को फलों एवं सब्जियों की दावत दी गई, जिसे आशीर्वाद स्वरूप स्वीकार करते हुए यह आयोजन विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने बताया कि गाय में 33 करोड़ देवी–देवताओं का वास माना गया है। वह धरती, जल, वायु और पर्यावरण की रक्षक है। वायु प्रदूषण को कम करती है, मिट्टी को उर्वर बनाती है और मानव स्वास्थ्य के लिए प्राणवायु को शुद्ध करती है। यह केवल आस्था नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सत्य है — गाय के बिना प्रकृति का चक्र अधूरा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति, विज्ञान और पर्यावरण के बीच सेतु का कार्य करते हैं और समाज में श्रद्धा, उत्साह और पर्यावरण–प्रेम का नया संदेश देते हैं।
डॉ. जैन ने कहा कि चमन डाकलिया जैसे युवा गौभक्त समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपने जन्म दिवस को गौ सेवा दिवस के रूप में मनाकर समाज के सामने एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। पिछले वर्ष भी उन्होंने 2000 किलो फल और सब्जियों से रंगोली बनाकर गौ माताओं को समर्पित किया था, जिसने पूरे प्रदेश में प्रेरणादायी संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि छठवीं बार विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर मनोहर गौशाला ने सिद्ध किया है कि जहां गौ सेवा है, वहीं संस्कृति, विज्ञान और समृद्धि का संगम है।
माता कौसल्या जन्मभूमि ‘कोसला धाम’ को मिले राष्ट्रीय पहचान केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में शामिल करने की मांग तेज
पामगढ़ उप डाकघर से यह पत्र भेजे जाने के दौरान भाजपा नेता संतोष कुमार लहरे, पूर्व मंडल अध्यक्ष ब्यास वर्मा, जनपद उपाध्यक्ष रूपचंद साहू, सरपंच राजकुमार नारंगे, सहित कोसला धाम के अनेक ग्रामवासी उपस्थित रहे।कोसला धाम के लोगों का कहना है माता कौसल्या की जन्मभूमि सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं, पूरे भारत की आस्था का प्रतीक है| और इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए।