छत्तीसगढ़
हाथियों के ने मचाई तबाही, दो ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला, इलाके में दहशत
रायपुर। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में हाथी के हमले में दो लोगों की मौत हो गई। दोनों ग्रामीण जंगल में महुआ बीनने गए थे, तभी एक लोनर हाथी ने उन पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, यह हाथी अपने दल से बिछड़ गया था और पिछले कुछ समय से इलाके में उत्पात मचा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया है।
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल जंगल की ओर न जाएं और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। अफसरों ने बताया कि हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ने या उसके विचरण क्षेत्र को सुरक्षित करने के प्रयास किए जाएंगे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार ग्रामीणों को जागरूक कर रही है और जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से निगम-मंडल के नवनियुक्त अध्यक्षों ने की सौजन्य भेंट
सुशासन तिहारः गांव-गांव, शहर-शहर में लगी समाधान पेटियां... लोगों में उत्साह
रायपुर। जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ आज 8 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।
जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, कुछ इलाकों में बारिश की संभावना
रायपुर। मौसम खुलते ही राजधानी में 24 घंटे में अधिकतम तापमान साढ़े 4 डिग्री बढ़ गया। इससे गर्मी बढ़ गई। अधिकतम तापमान 40 डिग्री पर पहुंच गया, जो शनिवार को 35.6 डिग्री पर था। रविवार को भी मौसम शुष्क रहेगा और पारा 40 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के करीब रहेगा।
दूसरी ओर, जहां मध्य व उत्तर छत्तीसगढ़ में पारा चढ़ा। वहीं, बस्तर संभाग में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर गया। शनिवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रायपुर रहा। सोमवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं पर बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में पारा चढ़ेगा। द्रोणिका व ऊपरी हवा के चक्रवात बना है, लेकिन ज्यादा असर नहीं है। सोमवार को इसका असर बस्तर संभाग में पड़ेगा।
एक तरह से अप्रैल का पहला हफ्ता बादल व बारिश में गुजर रहा है। तापमान 40 डिग्री तक जरूर पहुंचा है, लेकिन मार्च के ट्रेंड को देखते हुए लग रहा था कि कहीं लू के थपेड़ों से लोग परेशान न हो। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और बदले हुए मौसम में लोगों को भीषण गर्मी व लू से राहत मिली है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गर्मी बढ़ने की संभावना है।
बस्तर संभाग के जिलों में 7 से 10 अप्रैल तक हल्की बारिश, तेज आंधी और बादलों की गरज के आसार हैं। 7 अप्रैल को बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, 8-9 अप्रैल को बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल का तीसरा और चौथा सप्ताह काफी गर्म रह सकता है, जिस दौरान हीटवेव की स्थिति बन सकती है। दिन का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री अधिक रहने की संभावना है और कई इलाकों में पारा 43-44 डिग्री तक पहुंच सकता है। तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचने पर हीटवेव का अलर्ट रहता है।
बस्तर पंडुम में बोले गृहमंत्री शाह, बस्तर के वीर महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव की लोकप्रियता कांग्रेस को चुभी, रची गई साजिश
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दंतेवाड़ा में आयोजित बस्तर पंडुम उत्सव को संबोधित करते हुए बस्तर के वीर सपूत महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मैं महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव को बहुत विनम्रतापूर्वक प्रणाम करके श्रद्धांजलि देता हूं। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक प्रजावत्सल राजा के रूप में महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव जन-जन के हृदय में बसे थे। उनकी लोकप्रियता उस समय के कांग्रेस के आकाओं को सहन नहीं हुई और साज़िश के तहत उनकी हत्या कर दी गई।
शाह ने कहा कि आज जब बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने की कगार पर है और विकास के रास्ते पर चल पड़ा है, तब निश्चित ही महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव की आत्मा जहाँ भी होगी, वहां से बस्तर के लोगों को आशीर्वाद दे रही होगी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच छत्तीसगढ़ के 86 नक्सलियों का तेलंगाना में सरेंडर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के बीच तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इसमें कई हार्डकोर माओवादी भी शामिल हैं। नक्सलवाद के खिलाफ इसी सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा जा रही है। भद्राद्रि कोतागुडेम मल्टी जोन -1 के आईजी चंद्रशेखर रेड्डी के सामने कोठागुडेम के हेमचंद्रपुरम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर 86 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले नक्सली छत्तीसगढ़ की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक जिन 86 नक्सलियों ने भद्राद्री कोठागुडेम जिले और मुलुगु जिले की पुलिस के समक्ष समर्पण किया है। सरेंडर करने वालों में कई नक्सली छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं। कुल 86 माओवादियों ने समर्पण किया है, जिनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। आईजी चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि इन माओवादियों ने तेलंगाना सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘चेयुथा’ कार्यक्रम के तहत सरेंडर किया है।
आईजी चंद्रशेखर ने बताया कि देश से नक्सलवाद को खत्म करने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। तेलंगाना के साथ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी संयुक्त ऑपरेशन चल रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एंटी नक्सल ऑपरेशन से माओवादी संगठन में दहशत है। मुठभेड़ में मारे जाने के डर से नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। आईजी ने बताया कि तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को तत्काल 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दिया गया है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन मार्च-2026 तय की गई है। बस्तर के बीहड़ों में फोर्स के कैंप खोले जा रहे हैं, जिससे नक्सलियों में दहशत है। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद से एंटी नक्सल ऑपरेशन में तेजी आई है। लगातार पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हो रहे हैं, जिसमें अब तक 350 से ज्यादा नक्सली मारे जा चुके हैं, जिसमें कई हार्ड नक्सली शामिल रहे हैं। मुठभेड़ में 50 से 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली भी मारे गए हैं। आने वाले दिनों में फोर्स की सक्रियता और बढ़ेगी, जिससे नक्सलियों के लिए सरेंडर ही एकमात्र रास्ता बचेगा।
बता दें कि नक्सलवादी संगठन की तरफ से पिछले दिनों एक प्रेस रिलीज जारी किया गया था, जिसमें हिंसा रोकने की बात कही गई थी। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार भी शांति वार्ता को तैयार है, लेकिन नक्सलियों की शर्तों के आधार पर बातचीत नहीं होगी। सरकार ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर करने और बातचीत करने की बात कही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज नक्सल मुद्दे को लेकर रायपुर में बड़ी बैठक भी करने वाले हैं।
राजभाषा विभाग द्वारा जोनल रेलवे, बिलासपुर में “प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण” संगोष्ठी संपन्न
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर में 4 अप्रैल को प्रधान कार्यालय, राजभाषा विभाग द्वारा "प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण" विषय के अंतर्गत संगोष्ठी आयोजित की गई । इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में बिलासपुर नगर की संस्कृत साहित्य की विदुषी महामहोपाध्यायाचार्या डॉ. पुष्पा दीक्षित तथा मुख्य अतिथि के रूप में अपर महाप्रबंधक, द.पू.म.रेलवे, बिलासपुर विजय कुमार साहू उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम अपर महाप्रबंधक, विजय कुमार साहू द्वारा विशिष्ट अतिथि डॉ. पुष्पा दीक्षित एवं प्रोफेसर शिवप्रसाद दीक्षित जी का तथा मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सामग्री प्रबंधक -I, शिवशंकर लकड़ा द्वारा अपर महाप्रबंधक का स्वागत किया गया। इसके पश्चात अपर महाप्रबंधक ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि डॉ. पुष्पा दीक्षित बिलासपुर नगर की ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष की गौरव हैं । वे संस्कृत भाषा और साहित्य की विदुषी होने के साथ ही इस प्राचीन और पवित्र भाषा के संरक्षण और संवर्द्धन के प्रति समर्पित हैं । उन्होंने डॉ. दीक्षित द्वारा किए गए पाणिनीय व्याकरण शास्त्र एवं अन्य विषयों पर शोध कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये शोध कार्य न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने में सहायक हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी संस्कृत भाषा के प्रति जागरूक और प्रेरित करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश की प्राय: सभी आधनिुक भाषाएँ संस्कृत से जुड़ी हैं । हिन्दी, मराठी, गुजराती, बंगला,उड़िया, असमिया, पंजाबी, सिन्धी आदि भाषाएँ भी इससे विकसित हुई हैं । दक्षिण भारत की तमिल, तेलगु, कन्नड़ तथा मलयालम में भी संस्कृत के बहुत से शब्द मिलते हैं । संस्कृत भाषा ने राष्ट्र की एकता के लिए बहुत बड़ा कार्य किया है । यही कारण है कि पृथक भाषा परिवारों से होने के बावजूद भी सभी भाषाओं का संस्कृत के साथ परस्पर सामंजस्य है ।
इस अवसर पर डॉ. पुष्पा दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि संपूर्ण विश्व में वेदादिशास्त्र और विराट संस्कृत वाङ्मय से ही भारत की पहचान है । इन सभी ग्रंथों को संस्कृत भाषा के ज्ञान के बिना नहीं जाना जा सकता है और संस्कृत को पाणिनीय व्याकरण के बिना नहीं जाना जा सकता है । उन्होंने महामना चाणक्य का श्लोक - "शास्त्राणामपरिरक्षणेन राष्ट्रमपरिरक्षितं भवति।" को उद्धृत करते हुए कहा कि शास्त्रों की रक्षा करके ही राष्ट्र की रक्षा की जा सकती है । डॉ. दीक्षित ने राजभाषा हिंदी की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी की उपेक्षा करने से राष्ट्र की उपेक्षा होती है । वर्तमान में अंग्रेजी शिक्षा के व्यापक प्रभाव के कारण भारत की मूल संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति हावी हो रही है और संस्कृत और हिंदी भाषा की उपेक्षा के परिणाम स्वरूप सभी पुराने उच्चादर्श, परंपरा, मानवीय मूल्य और नैतिकता कमजोर पडती जा रही है । उन्होंने कहा कि यदि आधुनिक विषयों को पाणिनीय महाशास्त्र की वैज्ञानिकता से जोड़कर पढ़ाया जाये तो राष्ट्र में अत्यन्त मेधावी पीढ़ी उत्पन्न की जा सकती है, जो आज लुप्तप्राय हो रही है ।
आंगनबाड़ी में तीन माह की मासूम बच्ची को नर्स ने लगा दिया टीके का डबल डोज, मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से लापरवाही का मामला सामने आया है। नेहरू नगर में 3 माह की मासूम बच्ची की आंगनबाड़ी में लगाए गए टीके के डबल डोज से मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने मामले में संज्ञान लिया और जांच टीम गठित किया है। जांच के लिए जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ओ पी शंखवार, शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय डॉ. हेमन्त नाग, बीएमओ डॉ. अखिलेश ध्रुव, सर्वेलेस मेडिकल ऑफिसर डब्ल्यूएचओ डॉ शिरिश कोरे, खण्ड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी रत्ना पाल, सेक्टर सुपरवाईजर मुकेश सांडिल्य परिजन के घर पहुंची थी।
मृतक की मां लक्ष्मी चक्रवती ने जांच अधिकारी को बताते हुए स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि मेरे बच्चे को 3 माह के तीन टिके पहले लगाया गया था जिसके बाद 9 माह की दूसरी बच्ची के लिए तैयार किया गया चौथी टीका भी लगा दिया गया। परिजनों ने जब नर्स से सवाल जवाब किए तो नर्स ने इस पर कुछ नहीं होने की बात कही।
दो दिन बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर देवेंद्र कश्यप के निवास में ले जाकर दिखाया गया उसके बाद भी स्थिति ठीक नहीं होने से बेहतर उपचार के लिए धमतरी बठेना अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां एक दिन बाद उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने पूरे शरीर में इनफेक्शन होना बताया। जांच अधिकारियों ने पूरी जांच होने व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही करने की बात कही।
बस्तर पंडुम में बिखर रही जनजातीय संस्कृति की अनुपम छटा
रायपुर। बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति की अनुपम छटा बस्तर पंडुम में बिखर रही है। बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने के लिए तीन दिवसीय बस्तर पंडुम 2025 आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप ने आज इस आयोजन का शुभारंभ किया। बस्तर पंडुम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा परंपरा रीति-रिवाज, खान-पान, दुर्लभ वाद्य यंत्र, विभिन्न नाट्य विधाओं आदि का प्रदर्शन किया जा रहा है।
बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है। बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जो विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं।
बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया जा रहा है। जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य की प्रस्तुति दी गई।
जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण प्रदर्शित किए गए।
जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन किया गया। जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, कोसरा, जोन्धरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा, मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर, बोबो इत्यादि का प्रदर्शन किया जा रहा है।
योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रेकी ग्रॅण्ड मास्टर्स कैटेगिरी सेमिनार में शामिल हुई ज्योति अंदनकर
रायपुर। विश्व रेकी अभियान द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड एवं एडवांस रेकी सेमिनार में रायपुर की ज्योती अंदनकर ने रेकी ग्रॅण्ड मास्टर्स कैटेगरी में रायपुर छत्तीसगढ़ से अपनी उपस्थिती दर्ज कराई। भारत के लगभग सारे राज्य और 6 अलग-अलग देशों भारतीय मूल के 400 ग्रॅण्ड मास्टर्स सेमिनार में शामिल हुए।
दिल्ली रेकी फाउंडेशन के गुरुदेव एनके शर्मा और गुरुमां सविता शर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं गुरुजी गजानन सावकार, दुर्गा सावकर के विश्व रेकी अभियान द्वारा यह सेमिनार देवो भूमी उत्तराखंड हरिद्वार में दिनांक 23 मार्च को संपन्न हुई। ग्रैड मास्टर श्रीमती अंदनकर, टेरो कार्ड रीडर और हीलर है। दिव्य प्रकाश, नाम से रजिस्टर्ड संस्था चलाती है।
कार से 3 करोड़ का सोना बरामद, रायपुर के दो सेल्समैन कवर्धा में पकड़े गए, 8 लाख नकद भी
रायपुर। कवर्धा पुलिस ने राजधानी रायपुर के दो सैल्समैन को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति बिना दस्तावेजों के भारी मात्रा में सोना लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर संज्ञान लेते हुए कवर्धा पुलिस ने नाकेबंदी कर एक कार को रोका। कार में रायपुर के टिकरापारा भगत चौक निवासी उमाशंकर साहू और बैरन बाजार, फव्वारा चौक निवासी जावेद जिवानी सवार थे। पुलिस को उनके पास से 4 किलो सोना बरामद, कीमत लगभग 3 करोड़ बरामद किया है। उनके पास से 8 लाख रुपये नगद भी बरामद हुए हैं। मामले में आरोपियों को कवर्धा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस ने बताया कि अवैध रूप से बिना बिल और वैध दस्तावेजों के लाए जा रहे लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण सहित 8.40 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई थाना कवर्धा पुलिस द्वारा एक सूचना के आधार पर की गई, जिसमें दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और सोने के परिवहन के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति बिना दस्तावेजों के भारी मात्रा में सोना लेकर जा रहे हैं। इस पर थाना कवर्धा पुलिस ने नाकाबंदी कर एक वाहन को रोका, जिसमें उमाशंकर साहू और जावेद जिवानी सवार थे।
पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो गाड़ी में 4 किलो सोना होना बताया, जिस पर पुलिस ने दोनों को वाहन और माल मशरूका सहित थाना लाकर थाना सीसीटीवी और वीडियो कैमरा में समक्ष उनकी तलाशी ली। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से सोने के अलग अलग आभूषण जिसका कुल वजन 4000.700 ग्राम था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है, जिसे जब्त किया गया। 8.40 लाख रुपये नकद और एक कार भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने इनसे इस सोने से संबंधित दस्तावेज मांगे तो दोनों व्यक्तियों द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज या बिल प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ कि यह अवैध रूप से ले जाया जा रहा सोना हो सकता है। मामले में अग्रिम कार्यवाही करते हुए धारा 106 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा, पुलिस इस मामले की सूचना आयकर विभाग और राज्य कर (GST) को भी दे रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह मामला अघोषित संपत्ति, कर चोरी या हवाला लेन-देन से तो जुड़ा नहीं है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने कहा कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी व्यक्ति के पास भारी मात्रा में सोना, चांदी या नकदी पाई जाती है और उसके पास वैध दस्तावेज नहीं होते, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कबीरधाम पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी को भी भारी मात्रा में नकदी, सोना या अन्य बहुमूल्य धातुओं के अवैध लेन-देन की जानकारी मिलती है, तो कृपया तत्काल पुलिस को सूचित करें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
CGMSC घोटालाः हाईकोर्ट में 4 आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) घोटाले की सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने 4 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। निजी फर्म के प्रमोटरों ने याचिका लगाई थी। जस्टिस सिन्हा ने कहा कि एसीबी-ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में इनकी भूमिका सामने आई है। लिहाजा, अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। करीबन 750 करोड़ के घोटाले की एसीबी-ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। 2021 में मेडिकल उपकरण खरीदी में बड़ा घोटाला हुआ था। आरोप है कि जरूरत का सही आंकलन किए बगैर खरीदी की गई है। एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज, सीबी कार्पोरेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। अभी भी इस मामले की जांच जारी है।
प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग के सीजीएमएससी ने मोक्षित कॉरपोरेशन के माध्यम से प्रदेश के राजकोष को भारी क्षति पहुंचाई है। इस पूरे मामले को लेकर भारतीय लेखा एंव लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) आईएएस यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था। लेखा परीक्षा की टीम की ओर से सीजीएमएससी की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था। ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने भरपूर सहयोग किया।
बता दें कि सीजीएमएससी स्कैम में 5 अधिकारियों को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है। इन सभी अधिकारियों को पूछताछ के लिए पिछले दिनों ईओडब्ल्यू दफ्तर बुलाया गया था। जिसके बाद उन्हें देर रात पकड़ लिया गया था। रायपुर के स्पेशल कोर्ट में उन्हें पेश कर रिमांड मांगी गई थी। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में सीजीएमएससी के महाप्रबंधक तकनीशियन बसंत कौशिक, जीएम तकनीशियन कमलकांत पाटनवार, बायोमेडिकल इंजीनियर शिरौंद्र रावटिया, स्वास्थ्य विभाग स्टोर इंचार्ज डॉ. अनिल परसाई और आनंद राव शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू ने अपनी एफआईआर में स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारियों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है। एफआईआर में 750 करोड़ का घोटाला बताया गया है। एफआईआर में स्वास्थ्य संचालक और सीजीएमएससी की एमडी पर गंभीर टिप्पणी की गई है। इस एफआईआर के बाद यह माना जा रहा था कि जांच की जद में कई आला अफसर आ सकते हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अफसरों की मिलीभगत से राज्य शासन को अरबों रुपये की चपत लगाई गई। दो आईएएस अफसरों से पूछताछ हो चुकी है। कुछ और से पूछताछ होगी।
विधानसभा में पूर्व के सत्र में सरकार के दिए गए लिखित जवाब में बताया गया था कि मोक्षित कार्पोरेशन ने बाजार दर से कहीं ज्यादा कीमत पर रिएजेंट की सप्लाई कर बड़ा मुनाफा कमाया है। विधानसभा में दी गई एक जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ था कि कुल 182 जांच उपकरण, मशीन और केमिकल रिएजेंट की खरीदी की गई थी। इस खरीदी पर कुल 608 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। छत्तीसगढ़ सरकार को की गई स्वास्थ्य सामानों की सप्लाई में 4 गुना से लेकर 200 गुना तक मुनाफा कमाया गया। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा बगैर सांठगांठ के संभव भी नहीं है।
प्रधानमंत्री के हाथों हुआ शुभारंभ : कोरबा में 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट के कार्य का
15800 करोड़ की लागत से 660-660 मेगावॉट की दो विद्युत इकाइयां स्थापित की जाएगीं
रायपुर | ऊर्जाधानी कोरबा के साथ प्रदेश के लिए आज का दिन बहुत उपलब्धि भरा रहा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के चैथे चरण की स्थापना के कार्य का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुआ। 
प्रधानमंत्री ने बिलासपुर से वर्चुअल जुडक़र रिमोट दबाकर कार्य का श्रीगणेश किया। राज्यपाल महामहिम रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रधानमंत्री ने प्रदेश की जनता को विभिन्न नवनिर्माण कार्यों के शुभारंभ, लोकार्पण एवं भूमिपूजन की बधाई दी।इस उपलब्धि के साथ ही भविष्य में प्रदेश में जनरेशन कंपनी के ताप विद्युत संयंत्र से उत्पादित होने वाली बिजली की क्षमता 4160 मेगावॉट हो जाएगी। अभी ताप संयंत्रों से उत्पादित बिजली की क्षमता 2840 मेगावाट है। जनरेशन कंपनी की अभी ताप एवं जल से कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 2978 मेगावाट है।
15800 करोड़ की इस परियोजना के कार्य शुभारंभ समारोह में कार्यपालक निदेशक (परियोजना) सीएल. नेताम, मुख्य अभियंता पीके श्रीवास्तव एवं भेल के डीजीएम राजेश राव ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कर देवों को आहूति प्रदान की। प्रबंध निदेशक एसके कटियार की अगुवाई में परियोजना का निर्माण विद्युत संयंत्र की उपलब्ध भूमि पर ही किया जा रहा है। सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट की 660 मेगावॉट की दो इकाइयों का निर्माण भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) के सहयोग से किया जाएगा। इस अवसर पर भेल के 20 अभियंताओं की टीम उपस्थित रही।
कार्यक्रम में डीएसपीएम कोरबा पूर्व के मुख्य अभियंता संजीव कंसल, एबीवीटीपीएस मड़वा के मुख्य अभियंता एचएन कोसरिया एवं पीजीटीआई कोरबा पूर्व के कार्यपालक निदेशक एसके बंजारा एवं रायपुर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण समेत स्थानीय अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में कार्य शुभारंभ के साक्षी बने।
उपमुख्यमंत्री सीएम विजय शर्मा ने हिंदू नववर्ष पर की महाआरती
रायपुर | उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को हिंदू नववर्ष के पावन पर्व पर एकता चौक पहुंचे, जहां उन्होंने भारत माता और नव दुर्गा माता की महाआरती की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।शहर में हिंदू नववर्ष को लेकर हर्षोल्लास का माहौल रहा। विभिन्न समितियों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिनमें राम दरबार, भगवान शिव, राधा-कृष्ण और अन्य धार्मिक स्वरूपों की अद्भुत प्रस्तुतियां देखने को मिलीं।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने झांकियों स्वागत किया और भगवान शंकर से आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सदस्यों का अभिनंदन करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को सहेजने का पर्व है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपने धार्मिक मूल्यों को समझने और समाज में प्रेम, एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
हमें अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, मनीराम साहू, अतुल देशलहरा, पोखराज परिहार, निशांत झा, पार्षद अजय ठाकुर, योगेश चंद्रवंशी, दीपक सिंहा, बिहारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहे। रंगोली सजाकर, ध्वज फहराकर और भजन-कीर्तन कर नववर्ष का स्वागत किया।
नगरवासियों ने जगह-जगह रंगोली सजाकर, ध्वज फहराकर और भजन-कीर्तन कर नववर्ष का स्वागत किया। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। उपमुख्यमंत्री ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास और खुशहाली के लिए जनसहयोग का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “पक्का मकान बन गया है?” – इस सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा : कहा – “हां, बन गया है”
प्रधानमंत्री जनमन योजना बनी आत्मसम्मान की छत – एक सजीव संवाद की प्रेरक कहानी
तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में
सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी
दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों में
रायपुर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद।

यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था।
छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए यह दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। रविवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी।
रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु… ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।
आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।
वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है – “मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया… और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं… रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।”
बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है – “आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।” प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भेंट : नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।

छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।
बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है।
यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है।
बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।