छत्तीसगढ़
पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6 वीं से 12वीं तक फ्री पढ़ाई
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के सचिव गिरीश राम टेके ने बताया कि आवदेक जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केन्द्र, लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से भी ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इस संबंध में और अधिक जानकारी के लिए नजदीकी जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केन्द्र से संपर्क किया जा सकता है।
फ्री फायर गेम खेलने के दौरान विवाद, युवक पर चाकू से हमला....
पीड़ित ने अपने पिता के साथ सोमवार को सिलयारी चौकी पहुंचकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. इस पर सिलयारी पुलिस ने आरोपी को गिरतार कर पीड़ित के रिपोर्ट के आधार पर धारा 296, 115 (2), 351 (2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच कर रही है|
गौवंशो की जान बचाने पुलिस उतरी सड़क पर…..
इस अभियान में छत्तीसगढ़ सीसीटीवी एसोसिएशन ने सहयोग किया है। चेतना भवन में आयोजित कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी थानों, चौकियों और ट्रैफिक पेट्रोलिंग टीमों को लगभग 1000 रेडियम बेल्ट वितरित किए। कार्यक्रम में जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारियों के साथ-साथ 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
पुलिस के लिए भी हेलमेट अनिवार्य.... नियम तोड़ने पर होगा ₹1000 का चालान
रायपुर। अब पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना केवल सलाह नहीं, बल्कि सख्त नियम बन गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इसको लेकर सख्त आदेश जारी किया है। रायपुर पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अब दोपहिया वाहन चलाते या पीछे बैठते समय भी अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनना होगा। अगर कोई पुलिसकर्मी इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 129/194(D) और 210(B) के तहत ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
इतना ही नहीं… यह उल्लंघन पुलिसकर्मी की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) में भी दर्ज किया जाएगा और उस पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 29 जुलाई 2025 को जारी हुआ है और तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रायपुर पुलिस विभाग ने यह कदम अनुशासन और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया है, और अब खुद पुलिस को ही सड़क नियमों का आदर्श बनना होगा।

Nag Panchami Special : छत्तीसगढ़ के इस नाग मंदिर में बड़ी से बड़ी बीमारी होती है ठीक, नागवंशी राजाओं ने बनवाया था ये मंदिर
दंतेवाड़ा। नाग पंचमी हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से नाग देवता की उपासना और उन्हें दूध अर्पित किया जाता है। छत्तीसगढ़ में एक ऐसा नाग मंदिर है, जहां नाग देव खुद दर्शन देने आते हैं। ये मंदिर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम से महज 10 किलोमीटर दूर नागफनी नामक ग्राम स्थित है। नागफनी गांव में नाग देवता का ये प्राचीन काल में बना मंदिर है। नागवंशी राजाओं द्वारा स्थापित इस भव्य मंदिर को लेकर नाग की अद्भुत कथाएं चर्चित है। मान्यता है कि इस मंदिर में खुजली की बीमारी, निःसंतान, घरेलू कलह, मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़ी समस्या को लेकर मन्नत मांगते हैं, जो पूरी भी होती है। यहां हर साल नाग पंचमी के दिन मेला भरता है।
बता दें कि सालों पुराने इस नाग मंदिर की वजह से ही गांव का नाम नागफनी पड़ा है। पुजारी की मानें तो इस गांव में नाग को मारना वर्जित है, क्योंकि इससे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। यहां रहने वाले लोग अपना सरनेम भी नाग लिखते हैं। कहा जाता है कि बस्तर में 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच छिंदक नागवंशीय राजाओं का शासन था। वे नागों की पूजा करते थे। इसी कारण यहां की प्रजा भी नागों की उपासक बन गई। छिंदक नागवंशीय राजाओं ने नाग देवता की अद्भुत मूर्तियां बनवाई थी। जिसमें जोड़ा यानी शेषनाग की मूर्ति आज भी वहां मौजूद है। इसी मूर्ति को नागफनी मंदिर में स्थापित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस नाग मंदिर का मुख्य दिशा पश्चिम की ओर है और 11वीं व 12वीं शताब्दियों की मूर्तियां हैं। मंदिर में प्रवेश द्वार के बायीं ओर शिलाखंड में नरसिम्हा की मूर्ति और दायीं ओर शिलाखंड में नृत्यांगना की मूर्ति स्थापित की गई है। सभी मूर्तियां लगभग 23 फीट ऊंची है। मंदिर के गर्भगृह में बायीं ओर नाग-नागिन की मूर्ति व दायीं ओर गणेश भगवान की मूर्ति व शिलाखंड में द्वारपाल की मूर्ति स्थापित है। इसके अलावा यहां 13वीं शताब्दी की सूर्य देव, भगवान राम-लक्ष्मण, भोलेनाथ, भगवाम कृष्ण और बलराम की भी अद्भुत मूर्तियां स्थापित हैं। साथ ही इस मंदिर में अलग-अलग प्रजातियों के सांपों की तस्वीरें भी लगी हैं। यहां के जंगलों में नागों को संरक्षण मिला हुआ है।
वहीं, जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या रहती है, वे भी इस मंदिर में मन्नत मांगती हैं। पुजारी की मानें तो यहां बीमारियों के अलावा पारिवारिक समस्या भी दूर होती है। निःसंतान दंपती भी यहां संतान के लिए मन्नत मांगते हैं। नाग पंचमी के दिन यहां कई कार्यक्रम होते हैं।
रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में युवक गंभीर रूप से घायल
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेलवे स्टेशन में चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करना एक युवक को भारी पड़ गया। गाड़ी संख्या 13287 से गिरकर युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर यह हादसा उस समय हुआ जब गाड़ी संख्या 13287 सुबह 10:03 बजे प्लेटफार्म पर पहुंची और निर्धारित ठहराव के बाद 10:18 बजे जैसे ही रवाना हुई, तभी एक युवक पीछे की जनरल कोच (ECR 195126/C) में चढ़ने की कोशिश में ट्रेन से नीचे गिर पड़ा। हादसे की जानकारी मिलते ही कोच में मौजूद यात्रियों ने शोर मचाया, जिसके बाद ट्रेन मैनेजर ने तुरंत ट्रेन को रोका। घायल युवक को ट्रेन के नीचे से निकाला गया और प्लेटफार्म पर लाकर ई-लाइट हॉस्पिटल की एम्बुलेंस की मदद से सिम्स अस्पताल, बिलासपुर में भर्ती कराया गया।
घटना के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और (GRP) के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। घायल यात्री का नाम सिकंदर यादव 34 वर्ष पता विदेशी टोला, गोपालगंज, बिहार है। वह रायपुर से पटना सफर कर रहा था। हादसे के चलते ट्रेन संख्या 13287 को लगभग 32 मिनट तक स्टेशन में रोके रखना पड़ा। रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील करता है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश ना करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।”रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर यात्रियों को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
नेशनल हाइवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 25 मवेशियों की मौत
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे. बैठक में उन्होंने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा को लेकर जानकारी ली थी. गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है. इस बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत
16 वाहन जब्त पुलिस की कार्रवाई कोरी डेम में शराब पीकर हुड़दंग वालों पर
पुलिस सिर्फ़ कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए डेम के आसपास लाउडस्पीकर से मुनादी भी करवाई गई। लाउडस्पीकर से साफ़ ऐलान किया गया नदी किनारे न जाएं, बच्चों को पानी से दूर रखें और शराब सेवन से बचें। पुलिस की यह अपील कोरी डेम के आसपास के गांवों में भी सुनाई दी। लगातार हो रही बारिश और जल स्तर बढ़ने के कारण प्रशासन किसी भी तरह की अनहोनी से बचाव में जुटा है।
पीएम आवास योजना की राशि दूसरे के खाते में हुआ ट्रांसफर
बीजापुर मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर...
हालांकि, ऑपरेशन अभी चल रहा है, इसलिए मुठभेड़ की सटीक लोकेशन, ऑपरेशन में लगे बलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।ऑपरेशन के पूर्ण होने के बाद बीजापुर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां विस्तृत जानकारी साझा करेंगी। हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आगे की अपडेट आपको जल्द देंगे।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे 400 नए बीएसएनएल टावर
बारिश से शिवनाथ सहित जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर
डिप्टी रेंजर के ठिकानों पर मिली करोड़ों की संपत्ति, भारी मात्रा में सोना चांदी और कैश मिले
स्थानीय वन विशेषज्ञों का मानना है कि यह छापेमारी केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि सीमावर्ती जंगलों की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा संकेत भी है। यदि समय रहते इस नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ, तो बस्तर के बचे-खुचे जंगलों पर भी संकट मंडरा सकता है।
विधायक ने वन अधिकारियों की ली बैठक
जशपुर में अब आर्चरी अकादमी... आदिवासी युवाओं को मिलेगी नई उड़ान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पंड्रापाठ में राज्य का अत्याधुनिक तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो ग्रामीण युवाओं की खेल प्रतिभा को सशक्त मंच प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र पंड्रापाठ में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बहु-उद्देशीय परिसर की स्थापना की जा रही है, जो राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को सशक्त मंच प्रदान करेगा। एनटीपीसी द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 20.53 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
परिसर में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र, लघु पुस्तकालय, प्राथमिक चिकित्सा इकाई, कौशल विकास केंद्र, जैविक खेती हेतु छायादार नर्सरी का निर्माण किया जाएगा। परिसर में एक औषधीय उद्यान भी विकसित किया जाएगा, जिसमें जड़ी-बूटियों और औषधीय वृक्षों का रोपण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 10.27 एकड़ भूमि का चयन स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण प्रतिभाओं को स्वयं को निखारने का अवसर मिलेगा और वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। परियोजना के लिए विस्तृत साइट लेआउट, 3-डी डिज़ाइन, भवनों की संरचना और प्रत्येक घटक की लागत का विवरण विशेषज्ञ परामर्शदाताओं द्वारा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस नवाचारपरक पहल से न केवल खेल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से जशपुर जिले में समावेशी विकास की एक नई धारा बहेगी।
बारिश ने तोड़ा मध्य प्रदेश में 90 साल का रिकॉर्ड, नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर
डेस्क। मध्य प्रदेश में हो रही जोरदार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। ग्वालियर में पिछले 24 घंटे में 180 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे जुलाई 2025 की कुल बारिश 674 मिमी हो चुकी है। जो 1935 के 623 मिमी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुकी है। पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक 926 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरनाक रफ्तार से बढ़ रहा है। बरगी डैम के सभी 15 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गौरीघाट, तिलवाड़ा और लम्हेटाघाट में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बारिश से ग्वालियर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। महाराजबाड़ा में पानी भर जाने से यातायात ठप है, वहीं चौपाटी रोड पर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया है। यह 24 घंटे में आज़ादी के बाद की सबसे ज़्यादा बारिश बताई जा रही है। विशेषज्ञों ने इसकी वजह जलवायु परिवर्तन और कमजोर शहरी ड्रेनेज सिस्टम को माना है।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्य प्रदेश के लगभग 40 जिलों में भारी से अति भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। नर्मदापुरम, बैतूल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, डिंडोरी और शहडोल जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि इंदौर, भोपाल और उज्जैन सहित कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।