छत्तीसगढ़
रेलवे चला रहा “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” अभियान... लोगों को कर रहे जागरूक
रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रेल यात्रियों, रेल संपत्ति की सुरक्षा के साथ ही साथ अपने सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सर्वाच्च प्राथमिकता के साथ कर रही है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा कर्तव्यनिष्ठा से जरूरतमंद यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ यात्रियों एवं उनके कीमती सामानों की सुरक्षा के किए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आरपीएफ़, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा ऑपरेशन महिला सुरक्षा अभियान एवं अन्य विशेष अभियान के तहत किए गए सराहनीय कार्यों का विवरण इस प्रकार है ।
महिला सुरक्षा- रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार दिनांक 18 से 24 अप्रैल, 2025 तक रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा है I यात्री ट्रेनों में पुरूष एवं महिला स्टाफ द्वारा नियमित रूप से स्कार्टिंग करायी जा रही है। महिला यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से जागरूकता अभियान जैसे- पाम्प्लेट्स वितरित करना, स्टीकर चिपकाना, नुक्कड़ नाटक आयोजित करना आदि शामिल है I इस विशेष अभियान के दौरान यात्री गाडियों के महिला कोच में पुरुषों द्वारा अनाधिकार रूप से प्रवेश कर सफर करने वाले 407 पुरूष यात्रियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। यह अभियान लगातार जारी है ।
अवैध वेन्डर. रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा यात्री ट्रेनों एवं स्टेशन परिसर में अवैध वेन्डरों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा 183 अवैध वेन्डरों को गिरफ्तार कर धारा 144 रेलवे एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है । अवैध वेन्डरों के विरूद्ध अभियान लगातार जारी है ।
अलार्म चैन पुलिंग - रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा यात्री ट्रेनों की समयबद्धता को ध्यान में रखते हुए आपरेशन समय पालन के तहत स्टेशनों में लाउड हेलर एवं अन्य माध्यमों से यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है । जिसमें बताया जा रहा है कि उचित और पर्याप्त कारण के बिना चैन पुलिंग किये जाने पर रेलवे अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाती है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान अनाधिकृत रूप से चैन पुलिंग करने वालों 53 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर धारा 141 रेलवे एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है ।
अनाधिकृत प्रवेश -. रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा रेलवे परिक्षेत्र में रूप से प्रवेश की रोकथाम हेतु वाणिज्य विभाग के साथ आवश्यकतानुसार सहयोग कर टिकट चेकिंग करायी जाती है । इसके अलावा रेलवे परिक्षेत्र में अनाधिकृत रूप से प्रवेश की रोकथाम हेतु रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत कार्यवाही की जाती है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान अनाधिकृत रूप से रेलवे परिक्षेत्र में प्रवेश करने वाले कुल 151 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है I
ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग स्टाफ विशेष जांच अभियान - रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा यात्री गाड़ियों में OBHS स्टाफ के विरूद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके दौरान उनके द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने साथ ले जाने वाले 2-OBHS स्टाफ पर बिलासपुर व नागपुर मंडल द्वारा कार्यवाही किया गया। यह अभियान आगे भी लगातार जारी है।
नक्सलियों की IED ब्लास्ट में जवान शहीद, सड़क सुरक्षा में तैनात थे जवान मनोज पुजारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल हिंसा का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। तोयनार थाना क्षेत्र अंतर्गत तोयनार-फरसेगढ़ मार्ग निर्माण की सुरक्षा में तैनात CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) के जवान मनोज पुजारी, उम्र 26 वर्ष, ड्यूटी के दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED की चपेट में आकर शहीद हो गए। जवान 19वीं बटालियन में तैनात थे और RSO (रोड सेक्योरिटी ऑपरेशन) ड्यूटी पर थे।
घटना स्थल मोरमेड जंगल में स्थित है, जो तोयनार से लगभग 4 किलोमीटर दूर फरसेगढ़ की ओर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब जवानों की टुकड़ी सड़क निर्माण स्थल की ओर गश्त कर रही थी, उसी दौरान यह विस्फोट हुआ। ब्लास्ट इतना तीव्र था कि जवान की मौके पर ही शहादत हो गई।
इस हमले को सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का कायरतापूर्ण कृत्य बताया है। जवान मनोज पुजारी ग्रामीणों तक विकास की रोशनी पहुँचाने के उद्देश्य से चल रहे सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे हुए थे। ऐसे कर्मठ और निस्वार्थ जवान को निशाना बनाना माओवादी मानसिकता की बर्बरता और उनके जनविरोधी चरित्र को उजागर करता है।
पदोन्नत शिक्षकों के पोस्टिंग आदेश पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक... 30 दिन के भीतर निराकरण के निर्देश
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक से हेड मास्टर के पद पर की गई पदोन्नति के पश्चात बिना काउंसिलिंग के मनमाने ढंग से किए गए पदस्थापना आदेशों को चुनौती देते हुए, याचिकाकर्ता सूरज कुमार सोनी और अन्य शिक्षकों ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता सूरज कुमार सोनी, हलधर प्रसाद साहू, रमेश कुमार साहू, शिप्रा सिंह बघेल और ज्ञानचंद पांडे सभी सहायक शिक्षक (एल.बी.) के पद पर कार्यरत हैं और बिल्हा ब्लॉक के विभिन्न शासकीय प्राथमिक शालाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें हाल ही में हेड मास्टर के पद पर पदोन्नत किया गया, परंतु स्कूल शिक्षा विभाग ने काउंसिलिंग प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए मनमाने ढंग से इनकी पदस्थापना कर दी।
इन शिक्षकों ने अधिवक्ता संदीप दुबे और अश्विनी शुक्ला के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि विभाग ने राज्य शासन द्वारा 7 फरवरी 2022, 7 नवंबर 2022 और 29 मार्च 2023 को जारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की है। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से मांग की कि विभाग को इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया जाए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए हेड मास्टर के पद पर किए गए पदस्थापना आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक डीपीआई द्वारा अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक याचिकाकर्ता शिक्षक अपने पूर्ववर्ती पदस्थ स्कूलों में ही कार्यरत रहेंगे। यह आदेश न केवल याचिकाकर्ता शिक्षकों के लिए राहत का कारण बना है, बल्कि यह स्कूल शिक्षा विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की भी सख्त हिदायत है। यह मामला राज्य भर में हजारों शिक्षकों के लिए एक नजीर बन सकता है, जो पदोन्नति प्रक्रिया में समान न्याय और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। अब निगाहें डीपीआई के आगामी निर्णय पर टिकी हैं कि वह शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कब और कैसे कार्रवाई करता है।
आधी रात बैंक में घुसा था चोर, तभी पहुंच गयी पुलिस, पैसा निकालने से पहले पुलिस ने दबोचा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक बैंक में घुसा चोर रंगे हाथों पकड़ा गया है। देर रात सेंधमारी कर बैंक में दाखिल हुए चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला सूरजपुर के झिलमिली थाना क्षेत्र का है, जहां एक बड़ी चोरी की कोशिश को पुलिस ने अपनी सतर्कता और मुस्तैदी से नाकाम कर दिया है। भैयाथान क्षेत्र स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की दीवार में सेंध लगाकर चोरी की योजना बना रहे एक युवक को पुलिस ने बैंक के अंदर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस साहसिक कार्रवाई के दौरान बैंक की सुरक्षा और आम जनता की संपत्ति को बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, बीती रात झिलमिली पुलिस नियमित गश्त पर थी। पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस टीम को भैयाथान क्षेत्र में स्थित सेंट्रल बैंक की दीवार पर संदिग्ध हलचल दिखाई दी। पुलिस ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर बैंक कर्मचारियों को बुलाया और पूरे बैंक परिसर की घेराबंदी कर दी।
बैंक को चारों तरफ से घेरने के बाद पुलिस टीम ने भीतर तलाशी ली, जहां से एक युवक को चोरी की तैयारी करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपेश साहू, निवासी बड़सरा बताया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने बैंक की दीवार में सेंध लगाकर भीतर प्रवेश किया था और चोरी की योजना बना रहा था।
हेलमेट बैंक की शुरुआत जल्द, एक रूपए में मिलेगा हेलमेट, बस दिखाना होगा आधार कार्ड
रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई में श्रमिक दिवस यानी एक मई के दिन लोगों को एक रुपये में हेलमेट दिया जाएगा। यह सिर्फ उन्हें एक रुपए, एक दिन के किराए के हिसाब से दिया जाएगा। इसकी शुरुआत वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन भिलाई के नेहरू नगर चौक, स्थित एक निजी होटल के पास हेलमेट बैंक की शुरुआत करेंगे।
भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र की जनता की चिंता मेरी जिम्मेदारी है। लोग बिना किसी दस्तावेज के मात्र आधार कार्ड दिखा के किराए पर हेलमेट ले सकते है। उन्होंने कहा कि, सड़क दुर्घटना में लाखों लोगों की मौत केवल हेलमेट न पहनने की वजह से होती हैं। मुझे भिलाई की चिंता है, सभी भिलाइयंस परिवार की चिंता है। कुछ लोग पैसे के अभाव में हेलमेट नहीं खरीद पाते है। इसलिए यह निर्णय लिया है कि मात्र एक रुपए के किराए में लोगों को हेलमेट दिया जाएगा।
मुंगेली के 28 स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम का शुभारंभ... बच्चों की पढ़ाई में रुचि और सीखने की क्षमता बढ़ेगी
श्रीचक्र महामेरू पीठम् आश्रम में मां भगवती राजराजेश्वरी मंदिर के राजगोपुरम का वास्तु पूजन संपन्न
सीबीएस प्रवेश-परीक्षा हेतु 25 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मूलविज्ञान केंद्र [सीबीएस] में संचालित हो रहे पंचवर्षीय एम.एस-सी. एकीकृत पाठ्यक्रम सत्र 2025-2026 में प्रवेश-परीक्षा हेतु आवेदन की प्रक्रिया 25 मार्च से आरंभ हो चुकी है। अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल पर 25 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। 2 मई से प्रवेश-पत्र डाउनलोड किया जा सकता है तथा 20 मई को प्रवेश-परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। प्रवेश-परीक्षा के फॉर्म पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.prsu.ac.in/ www.prsuuniv.in पर जाकर भरे जा सकते हैं तथा पाठ्यक्रम, प्रवेश-प्रक्रिया आदि की विस्तृत जानकारी को देखा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए छात्र सेंटर फॉर बेसिक साइन्सेज कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास को बढ़ावा के लिए स्थापित इस विशिष्ट पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से ही छात्रों को प्रवेश दिया जाता है।
बारहवीं उत्तीर्ण हो रहे छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर है, जिसमें प्रवेश लेकर छात्र बी.एस-सी. आनर्स विथ सब्जेक्ट तथा संबंधित विषय में इंटीग्रेटेड एम.एस-सी. का उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम पढ़कर भविष्य सवाँर सकते हैं। पूर्णतः आवासीय इस पाठ्यक्रम की कुल 60 (40 स्कालरशिप सीट + 20 पेमेंट सीट) सीटों में प्रवेश लिया जा सकेगा। इसमें 40 स्कालरशिप सीटों में प्रवेश प्राप्त सभी छात्रों को 5000 रुपये प्रति माह स्कालरशिप का प्रावधान है।
राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन, परिवहन पर की गई कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में जिला राजस्व विभाग एवं जिला खनिज विभाग के द्वारा जिले के तहसील जांजगीर व बलौदा क्षेत्र में खनिजो के अवैध परिवहन, खनन पर कार्रवाई की।
राजस्व विभाग एवं खनिज विभाग के द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में तहसील जांजगीर क्षेत्र अंतर्गत अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने पर 4 हाईवा व 1 चैन माउंटेन, पीथमपुर घाट में 1 चैन माउंटेन एवं तहसील बलौदा में 14 ट्रैक्टर जप्त किया गया। कलेक्टर आकाश छिकारा ने सर्व एसडीएम, तहसीलदार, खनिज अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन, परिवहन पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
समावेशी आजीविका योजना का शुभारंभ… पांच हजार गरीब परिवार जुड़ेंगे आजीविका से
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर और कबीरधाम जिले के पांच विकासखंडों में गरीबी उन्मूलन के लिए छत्तीसगढ़ समावेशी आजीविका योजना का शुभारंभ हुआ। नया रायपुर के होटल मेफेयर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस योजना के तहत जशपुर और कबीरधाम जिले के 5 विकासखंडों के 5000 अति गरीब परिवारों को अगले तीन वर्षों में प्रशिक्षण, विशेष कार्ययोजना और सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्थायी आजीविका से जोड़ा जाएगा। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और बीआरएसी इंटरनेशनल के बीच तीन साल के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्मृति शरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, मिशन संचालक जयश्री जैन, बीआरएसी इंटरनेशनल की कंट्री हेड श्वेता एस. बैनर्जी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और विशिष्ट पिछड़ी जनजाति की महिलाएं उपस्थित थीं।
योजना का उद्देश्य अति गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनकी आय बढ़ाना और खाद्य-पोषण व्यवहार में सुधार लाना है। कार्यक्रम का संचालन सुश्री एलिस मनीषा लकड़ा ने किया, जबकि समापन में आरके झा ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
मां राजराजेश्वरी मंदिर भूमिपूजन... 18 अप्रैल को आएंगे स्वामी वसंत गिरी, 23 को अनिरूद्धाचार्य
बेलौदी में भीषण हादसा, शराब के नशे में धुत ट्रैक्टर चालक ने रौंदे 6 लोग, बच्ची और महिला की मौत
रायपुर। दुर्ग ज़िले के बेलौदी गांव से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रविवार रात जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र अंतर्गत एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने घर के बाहर बैठे छह लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में एक 8 वर्षीय बच्ची और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ लोग रात का खाना खाने के बाद घर के बाहर बैठे थे, तभी एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार और अनियंत्रित हालत में आकर सीधे उनके ऊपर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर चालक शराब के नशे में था और वाहन पर सवार तीन लोगों में से एक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बाकी दो आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और बाकी दो की तलाश जारी है। वहीं, घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में घटना के बाद से मातम पसरा हुआ है।
रायगढ़ के एनटीपीसी प्लांट में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह-2025 का शुभारम्भ
संविदा कर्मचारियों को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश का वेतन, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
रायपुर। संविदा पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह अहम फैसला स्टाफ नर्स राखी वर्मा की याचिका पर सुनाया है, जो जिला अस्पताल कबीरधाम में संविदा पर कार्यरत हैं।
याचिकाकर्ता ने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था। उन्होंने 21 जनवरी को बच्ची को जन्म दिया और 14 जुलाई को पुनः ड्यूटी ज्वाइन कर ली, लेकिन उन्हें अवकाश अवधि का वेतन नहीं मिला।
कोर्ट ने कहा कि मातृत्व का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन के अधिकार के अंतर्गत आता है और यह केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। मातृत्व की गरिमा की रक्षा करना शासन का दायित्व है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अवकाश नियम, 2010 के नियम 38 और अन्य निर्देशों के अनुसार राज्य शासन को तीन माह के भीतर उपयुक्त निर्णय लेने का आदेश दिया।
नक्सलियों को सरकार का ऑफर, LMG लेकर आइए मिलेंगे 5 लाख, AK-47 पर 4 लाख
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें लाखों रूपए की प्रोत्साहन राशि देने जा रही है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार- व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। इस नई नीति के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में लाकर उन्हें सम्मानजनक जिंदगी जीने का अवसर देने जा रही है। नई नीति में सरेंडर करने वाले नक्सलियों और उनके परिवार के प्रति संवेदनशील पहल करते हुए छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने ऐसे ऑफर शुरू किए हैं।
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025” को लागू करना छत्तीसगढ़ सरकार की राज्य में शांति बहाली, विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें भय नहीं, बल्कि सम्मान मिलेगा। वर्षों से जंगल-जंगल भटक रहे युवा, जो किसी भ्रम या दबाववश नक्सली संगठन में शामिल हो गए हैं, उनके लिए यह नीति एक नया जीवन शुरू करने का द्वार है। आत्मसमर्पण कर वे न केवल खुद का, बल्कि अपने परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं है। हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के सुरक्षित भविष्य और रोजगार देने हमारी सरकार हरसंभव मदद करेगी।
नई नीति में हथियारों के साथ सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सरकार ने लाखों रूपए की मुआवजा राशि देने का प्रावधान किया है। एलएमजी के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 5 लाख रुपये मुआवजा के तौर मिलेगा। इसी तरह एके-47, त्रिची असॉल्ट रायफल पर 4 लाख रुपये, मोर्टार पर 2.50 लाख रुपये, एसएलआर- इंसास रायफल पर 2 लाख रुपये, एक्स 95 असाल्ट रायफल, एमपी-9 टेक्टिल पर 1.50 लाख रुपये, थ्री नाट थ्री रायफल पर 1 लाख रूपए, एक्स-कैलिबर पर 75 हजार रुपये और यूबीजीएल अटेचमेंट पर 40 हजार रुपये, 315/12 बोर बंदुक पर 30 हजार रुपये, ग्लॉक पिस्टल पर 30 हजार रुपये के साथ ही अन्य छोटे हथियारों जैसे कार्बाइन, रिवॉल्वर, वायरलेस, डेटोनेटर आदि पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान है।
हर सरेंडर नक्सली को, भले ही उसके पास हथियार हों या न हों, उसे 50 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सलियों द्वारा छिपाए गए आईईडी या विस्फोटकों की सूचना देकर उन्हें बरामद कराता है, तो उसे 15,000 से 25,000 तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख तक का इनाम मिलेगा। आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने के इच्छुक हैं तो उसको एक लाख की विवाह अनुदान राशि भी दी जाएगी। यदि पति और पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली हैं, तो उन्हें एक इकाई मानते हुए यह लाभ दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित इनामी सूची में शामिल नक्सली के आत्मसमर्पण पर उन्हें पूरी इनामी राशि नियमों के अनुसार प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की इस नीति के साथ-साथ भारत सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगा। इस नीति में यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें समाज में दोबारा स्थापित होने के लिए हरसंभव मदद मिले। आत्मसमर्पणकर्ता को सिर्फ प्रोत्साहन राशि, मुआवजा, ईनाम ही न मिले बल्कि उसे इसके साथ शिक्षा, पसंद के अनुसार रोजगार-व्यवसाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सम्मान भी मिले।
नई टोल नीति: अब एक बार में सालभर की छुट्टी, FASTag पर मिलेंगे फायदे
डेस्क। देशभर में नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे पर सफर करने वाले लाखों लोग रोजाना टोल टैक्स का भुगतान करते हैं। यह बार-बार टोल देने की प्रक्रिया कई बार यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है। अब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस समस्या का समाधान लाने के लिए एक नई टोल नीति लाने की योजना बना रहा है, जिसके तहत टोल टैक्स देने की परेशानी को खत्म किया जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जल्द ही नई टोल नीति लागू की जा सकती है, जिससे टोल से संबंधित तमाम समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन नई नीति में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है।
नई टोल नीति के तहत, सरकार की योजना है कि लोग अपने FASTag को केवल 3,000 रुपये में रिचार्ज करवा सकते हैं। इस रिचार्ज के बाद, अगले एक साल तक उन्हें किसी भी टोल प्ला3जा पर टोल टैक्स नहीं देना होगा। यानी एक बार रिचार्ज करने के बाद, यात्री असिमित संख्याक में टोल प्ला जा से गुजर सकते हैं और टोल टैक्स की बार-बार भुगतान की परेशानी से बच सकते हैं।
इससे पहले केंद्र सरकार ने एक और विकल्प पर विचार किया था। इसके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति नई कार खरीदता है, तो उसे 30,000 रुपये का भुगतान करने पर अगले 15 सालों तक किसी भी टोल प्ला जा पर भुगतान से राहत मिल सकती थी। हालांकि, इस लाइफटाइम पास पर सभी पक्षों में सहमति नहीं बन पाई, जिस कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
नई टोल नीति का सबसे ज्या दा फायदा उन लोगों को होगा, जो नियमित रूप से एक शहर से दूसरे शहर यात्रा करते हैं और नेशनल हाइवे और एक्साप्रेस वे का उपयोग करते हैं। इस नीति से उनके लिए यात्रा करना और भी आसान और किफायती हो जाएगा।