छत्तीसगढ़
कांकेर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवक युवतियों का जत्था विशाखापट्नम रवाना
रायपुर। 16वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत 5 दिसंबर को कांकेर के अति दुर्गम एवम् नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से 20 आदिवासी युवा लड़के एवं 20 युवा लड़कियों का दूसरा दल विशाखापट्नम रवाना हुआ। इस दल को रायपुर रेलवे स्टेशन से विशाखापट्नम के लिए रवाना किया गया। सीमा सुरक्षा बल के 2 पु़रूष सुरक्षा अधिकारी और 2 महिला सुरक्षा अधिकारी भी इनके साथ रवाना हुए। यह दल विशाखापट्नम में भारत के विभिन्न राज्यों के अन्य आदिवासी युवाओं से मिलकर अन्य राज्यों की संस्कृति से रूबरू होगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत आदिवासी युवक एवं युवतियों को उनके उज्ज्वल भविष्य तथा अधिकार के बारे में उचित व उपयुक्त जानकारी प्रदान की जायेगी, साथ ही साथ अन्य राज्यों से भाग लेने वाले युवक-युवतियों के बीच मेल-मिलाप बढ़ेगा, जिससे वे एक-दूसरे के खान-पान, रहन-सहन, सांस्कृतिक गतिविधियाँ एवं वेशभूषा से रूबरू होंगे। इस कार्यक्रम में सभी राज्यों के स्थानीय लोक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जायेगी। साथ ही विशाखापट्नम के प्रसिद्ध, दर्शनीय एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
माई भारत (नेहरू युवा केन्द्र संगठन), नई दिल्ली, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में 16वां आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रत्येक आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम की अवधि 7 दिन है। छत्तीसगढ के कांकेर और नारायणपुर जिले में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नक्सल प्रभावित इलाके से इस वर्ष कुल 13 भ्रमण कार्यक्रमों के अतंर्गत 18 से 22 वर्ष आयु वर्ग के 500 चयनित युवा भाग ले रहे है।
इस आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों में संवैधानिक अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ संवाद सत्र, पैनल चर्चा, व्याख्यान सत्र, भाषण प्रतियोगिता, कैरियर संबंधी मार्गदर्शन, चल रहे खेल आयोजनों के बारे में जानना शामिल है। इसके अलावा प्रतिभागी विशाखापट्नम के उद्योगो एवं सुरक्षा बलों के कैम्पों का भ्रमण करेंगे। इस कार्यक्रम के दुसरे जत्थे को विशाखापट्नम रवाना करते हुए सीमा सुरक्षा बल सीमांत मुख्यालय के महानिरीक्षक आनंद प्रताप सिंह ने बधाई व शुभकामनाएं दी।
पंडो जनजाति के उत्थान हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष प्रयास
मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा रहा विशेष शिविरों का आयोजन |
रायपुर | मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा रहा विशेष शिविरों का आयोजनमूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा रहा विशेष शिविरों का आयोजन
छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों में पंडो जनजाति का नाम प्रमुखता से आता है। यह जनजाति राज्य के दूर-दराज इलाकों में निवास करती है, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव और शासन की योजनाओं तक पहुंच की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। इस समस्या का समाधान करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
सूरजपुर जिले में पंडो जनजाति को मूलभूत सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन संपूर्णता अभियान के तहत प्रत्येक बुधवार को किया जा रहा है, जो कि उनकी विकास यात्रा में एक निर्णायक पहल साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदैव समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर खड़े समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उनकी यह मान्यता है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी भौगोलिक स्थिति में क्यों न हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सोच को मूर्त रूप प्रदान करते हुए पंडो जनजाति जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है, ताकि इन समुदायों का समुचित विकास हो सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। इसी क्रम में पंडो जनजाति के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सूरजपुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में विशेष शिविरों का आयोजन इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि पंडो जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का संपूर्ण लाभ पहुंचाया जा सके।
पण्डो जाति के लिए विशेष शिविरों का आयोजन इनके विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। विशेष शिविरों के द्वारा इस जनजाति के प्रत्येक परिवार को शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन 18 दिसंबर 2024 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में किया जाएगा। इसके तहत हर परिवार का सर्वेक्षण कर पंडो परिवार की जानकारी एकत्रित कर उनकी आवश्यकता और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इन पंडो परिवारों को मूलभूत सुविधाओं और योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने के लिए शिविरों का रोस्टर और कार्ययोजना बनाई गई है। रोस्टर के अनुसार प्रत्येक गांव में शिविर का आयोजन किया जा रहा हैै। इसमें तिथियों का निर्धारण कर जनजाति के लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए, कलेक्टर एस जयवर्धन ने विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा अद्यतन जानकारी परियोजना प्रशासक व एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सूरजपुर को उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ग के विकास के लिए जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, और आदिवासी विकास परियोजना के अधिकारी समन्वय में कार्य कर रहे हैं। हर विभाग के अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास की यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं को देखा जाए तो 191 हितग्राहियों का जाति प्रमाण पत्र, 322 का आधार कार्ड, 393 का राशन कार्ड, 99 को वोटर कार्ड, 116 को पेंशन, 243 स्व सहायता समूह गठन, 16 हितग्राहियों को वनधन केंद्र आजीविका, 44 का कौशल विकास, 583 हितग्राहियों का श्रम विभाग में पंजीकरण, 347 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 113 को प्रधानमंत्री पोषण योजना, 278 को सुकन्या समुद्धि योजना से लाभन्वित किया गया। 291 हितग्राहियेां का आंगनबाड़ी में पंजीयन, 496 का आयुष्मान कार्ड निर्माण, 107 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ, 1558 का सिकल सेल एनीमिया जांच, 140 हितग्राहियों का टीकाकरण, 949 हितग्राहियों का टीवी उन्मूलन जांच, 1166 लेागों का कुष्ठ रोग जांच, 33 को प्रधानमंत्री जनधन योजना से, 91 को जीवन ज्योति बीमा योजना एवं 158 हितग्राहियों को सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है।
धमतरी से कोंडागांव तक नई रेल लाइन के सर्वे को मिली मंजूरी
रावघाट-जगदलपुर ट्रैक को लेकर भी आया अपडेट
रायपुर | छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टीविटी बढ़ाने पर लगातार काम हो रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ में एक नई रेलवे लाइन के लिए सर्वे को मंजूरी मिल गई है। धमतरी से कोंडागांव तक 183.19 किमी नई रेलवे लाइन के लिए रेल मंत्रालय द्वारा सर्वे को मंजूरी दी गई है। बुधवार को केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने रावघाट परियोजना पर भी लेटेस्ट अपडेट साझा किया।
दरअसल कांकेर सांसद भोजराज नाग ने लोकसभा में प्रश्व रखा कि क्या धमतरी रेलवे लाइन को कांकेर शहर से छत्तीसगढ़ के जादलपुर तक विस्तारित करने का कोई प्रस्ताव है, यदि हां, तो इसका ब्यौरा क्या है? सांसद भोजराज नाग के सवाल पर केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपना जवाब सदन में रखा। इस दौरान उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के कांकेर जिले में रेल कनेक्टिविटी में सुधार लाने के लिए कदम उठाए हैं। इसके तहत, दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना (कुल लंबाई 235 किमी) को दो चरणों में क्रियान्वित किया जा रहा है।
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दल्लीराजहरा से रावघाट 95 किमी का प्रथम चरण पूर्णता की ओर है। इस चरण में दल्लीराजहरा से ताडोकी तक 77 किमी तक की लाइन चालू कर दी गई है। इस परियोजना पर 31 मार्च 2024 तक कुल 1,028 करोड़ का व्यय किया जा चुका है। इसी प्रकार रावघाट से जगदलपुर 140 किमी तक रेलवे लाइन दूसरे चरण में बिछाई जानी है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसके अतिरिक्त कांकेर जिले की रेल कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए, धमतरी से कोंडागांव तक 183.19 किमी नई रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण स्वीकृत किया गया है। यह नई लाइन बंस्कोट और अमरावती होते हुए गुजरेगी। इस रेलवे ट्रैक का काम पूरा होने के बाद कांकेर क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
व्यंजन बनाने की रूचि ने पायल को बनाया आत्मनिर्भर
आज लड़कियां किसी से भी कम नहीं हैं,
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत ऋण लेकर खुद स्वरोजगार का किया रूख
अन्य को भी मुहैय्या करा रहीं रोजगार
रायपुर | आज लड़कियां किसी से भी कम नहीं हैं, वे हर क्षेत्र में लड़कों से कंधा से कंधा मिलाकर चल रहीं हैं, चाहे वह शिक्षा हो, खेल, कृषि अथवा रोजगार या स्वरोजगार। यह साबित कर दिखाया है धमतरी जिले की कानीडबरी निवासी 25 साल की पायल नेताम ने। वैसे तो पायल की रूचि बचपन से ही नये-नये व्यंजन बनाने की रही और लगातार अलग-अलग व्यंजन बनाकर घर में अपनी मां का हाथ बंटातीं रहीं, किन्तु उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी। पायल स्नातक की पढ़ाई की हैं और आज बेकरी व्यवसाय से अच्छी-खासी आमदनी हासिल कर रहीं हैं। साथ ही दो लोगों को रोजगार भी दीं हैं, जो कि उनके काम में हाथ बंटाते हैं। पिता विजयचंद नेताम पेशे से किसान हैं और मां किरण बाई किराना दुकान संचालित करती हैं। पायल की ग्राम कोलियारी में बेकरी की दुकान है, जहां वह केक तैयार कर आसपास के गांवों में ऑर्डर अनुसार भेजतीं हैं। इससे उन्हें प्रतिदिन दो से तीन हजार रूपये की शुद्ध आय हो जाती है।
पायल बतातीं हैं कि जिला उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली, जिसमें 35 प्रतिशत अनुदान की भी पात्रता है। योजना की जानकारी मिलते ही पायल ने उद्योग विभाग से सम्पर्क कर सभी औपचारिकताएं पूरी कीं और उन्हें चार लाख रूपये का ऋण स्वीकृत हो गया, जिससे उन्होंने बेकरी की आधुनिक मशीनें खरीदीं। दो साल पहले शुरू किए इस बेकरी से पायल की अच्छी आमदनी तो हो ही रही है, साथ ही उन्होंने वे ऋण की राशि भी समय पर अदा कर रहीं हैं। पायल ने इसके लिए प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित करतीं हैं कि, योजना के तहत मिले ऋण से उनके व्यंजन बनाने की रूचि और प्रबल हो गई है तथा आगे अपने व्यवसाय को विस्तृत रूप देने के बारे में सोच रहीं हैं।
सेना में अग्निवीर के लिए भर्ती रैली... 351 युवाओं ने की दौड़ पास
नक्सलियों ने दो पूर्व सरपंचों की कर दी निर्मम हत्या
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक ही दिन में दो पूर्व सरपंचों की हत्या कर दी। यह घटनाएं भैरमगढ़ थाना क्षेत्र और नैमेड थाना क्षेत्र में हुईं, जहां नक्सलियों ने अलग-अलग स्थानों से दोनों पूर्व सरपंचों का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
पहली घटना भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के बिरयाभूमि गांव की है, जहां 2 नवंबर को पूर्व सरपंच सुकलु फरसा को नक्सलियों ने अगवा किया था। दूसरी घटना नैमेड थाना क्षेत्र की है, जहां मुर्गा बाजार से पूर्व सरपंच सुखराम अवलम को नक्सलियों ने अपहरण कर लिया।
नक्सलियों ने पूर्व सरपंच सुकलु फरसा की हत्या के बाद उनके शव पर एक प्रेस नोट छोड़ा। इसमें माओवादियों ने फरसा पर भाजपा से जुड़ने का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्हें तीन बार पार्टी से दूरी बनाने की चेतावनी दी गई थी। चौथी बार चेतावनी न मानने पर उनकी हत्या कर दी गई।
सेना में भर्ती के लिए युवाओं में भारी उत्साह... पहले एक घंटे में 500 युवाओं ने दी उपस्थिति
बर्खास्त महिला जज ने कोर्ट में खुद लड़ी लड़ाई... जीतकर फिर हुई पदस्थ
बिलासपुर। बर्खास्त की गई महिला जज ने अपने केस में खुद बहस कर हाईकोर्ट में बड़ी जीत हासिल की। दरअसल स्थायी समिति की अनुशंसा पर 7 साल पहले उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने याचिका लगाई थी। इसके बाद विधि एवं विधायी विभाग और हाईकोर्ट ने अपील की थी। उनके पक्ष में फैसला आने पर हाई कोर्ट ने उन्हें नियुक्ति भी दे दी है।
आपको बता दें कि बिलासपुर के सरकंडा में रहने वाली आकांक्षा भारद्वाज का चयन वर्ष 2012-13 में परीक्षा के जरिए सिविल जज के पद पर हुआ था। 12 दिसंबर 2013 को जारी आदेश के अनुसार उन्हें दो वर्ष की परिवीक्षा पर नियुक्त किया गया। जिसके बाद उन्होंने 27 दिसंबर 2013 को ज्वाइन किया।
इस दौरान एक सीनियर मजिस्ट्रेट ने उसने अनुचित व्यवहार किया, लेकिन नई ज्वाइनिंग होने से उन्होंने इसकी शिकायत नहीं की। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद उन्हें अगस्त 2014 में अंबिकापुर में प्रथम सिविल जज वर्ग-2 के पद का स्वतंत्र प्रभार दिया गया। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने मई 2024 में उनके पक्ष में फैसला देते बैक वेजेस के बगैर सिविल जज-2 के पद पर वरिष्ठता के साथ बहाल करने के आदेश दिए थे।
सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट और विधि एवं विधायी विभाग ने अपील की थी। महिला सिविल जज ने सिंगल बेंच के फैसले के एक हिस्से को चुनौती दी थी। इस पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, और हाई कोर्ट ने अपील मंजूर की थी। इसके बाद 3 दिसंबर 2024 को उनकी पोस्टिंग कर दी गई है. उन्हें महासमुंद में पदस्थ किया गया है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सड़क निर्माण एवं सुधार के लिए लिखा पत्र
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सड़क निर्माण एवं सुधार के लिए लिखा पत्र
रायपुर | महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अंबिकापुर-सूरजपुर-बैकुंठपुर-मनेन्द्रगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-43) को दो लेन से फोर लेन में विस्तारित करने और इस मार्ग पर अंबिकापुर (जिला सरगुजा) के गांधी चौक से लेकर सूरजपुर जिले के पार्वतीपुरम गांव स्थित कुम्दा मोड़ तक बने बड़े-बड़े गड्ढों की जल्द मरम्मत कराने का आग्रह किया है।
मंत्री राजवाड़े ने पत्र में लिखा है कि इन गड्ढों के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है और कई घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने बार-बार इस समस्या को उनके सामने रखा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा, इस कार्य के लिए मैं और समस्त क्षेत्रवासी सदैव आपके आभारी रहेंगे।
मंत्री राजवाड़े ने इसके साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, को भी पत्र लिखकर एनएच-43 पर गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
मंत्री राजवाड़े ने कहा, जनता की समस्या को समझना और उसे हल करना हमारी प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार जनता की समस्याओं के समाधान में कोई देरी नहीं होने देगी। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा के लिए यह कार्य अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार जनहित के कार्यों में बाधा उत्पन्न नहीं होने देगी। क्षेत्र के विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए, वह जनता की हर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।
दंतेवाड़ा और बीजापुर में लगे भूकंप के झटके.... रिएक्टर पैमाने पर तीव्रता 5.3
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए हैं। बस्तर के दंतेवाड़ा, बीजापुर सहित पखांजूर के कुछ क्षेत्रों में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके लोगों की नींद खुली।
जानकारी के मुताबिक सुबह 7:28 बजे के आसपास लोगों को ये महसूस किया कि धरती में कंपन हो रही है। जिसके बाद लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल गए। जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र विजयवाड़ा करीमनगर के पास मूलगू जिले में था।
बीजापुर जिले के उसूर, आवापल्ली, बीजापुर, भोपालपटनम ब्लॉक सहित पूरे जिले मे भूकंप के झटके लोगों ने महसूस किए। बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में लोगों ने ये भूकंप के झटके महसूस किए। मैग्नीट्यूड 5.3 रिएक्टर स्केल भूकंप की तीव्रता बताई जा रही है।
उपार्जन केन्द्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा से प्रसन्न है किसान
राकेश कुर्रे को अब नहीं लगाने पड़ते बैंको के चक्कर
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की चाक-चौबन्ध व्यवस्था से किसानों को न सिर्फ धान बेचना आसान हो गया है बल्कि किसानों के लिए धान बेचने के बाद पैसा निकालना भी आसान हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य के किसानों को प्रति क्विंटल धान का सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जहां किसानों को एक क्विंटल धान का सर्वाधिक 3100 रूपए मूल्य प्राप्त हो रहा है। धान बेचने के तुरंत बाद उपार्जन केन्द्र एवं समिति से माइक्रो एटीएम के माध्यम से पैसा निकाल पाने की सुविधा से उनकी खुशियां दोगुनी हो गयी है। धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा कई इंतजाम किए गए है, इन्हीं सुविधाओं में माइक्रो एटीएम की सुविधा भी शामिल है।
माइक्रो एटीएम के जरिए किसान खरीदी केन्द्र में ही 10 हजार तक नगद राशि निकाल सकते हैं। इस सुविधा से किसान प्रसन्न है। चिल्हाटी के राकेश कुर्रे ने मोपका धान खरीदी केन्द्र में 62.80 क्विंटल धान बेचा और केन्द्र में ही माइक्रो एटीएम के जरिए 1 हजार रूपए नगद निकाला। उन्होंने बताया कि यह सुविधा किसानों की तत्कालिक जरूरत को पूरा कर रही है। अब किसानों को एटीएम अथवा बैंक का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। वह खरीदी केन्द्र के माइक्रो एटीएम से पैसा निकालकर धान परिवहन के लिए किराए पर लाए गए मेटाडोर, ट्रेक्टर, छोटा हाथी का भाड़ा और हमालों की मजदूरी तुरंत दे सकते हैं। किसानों को इसके लिए अब न किसी से राशि उधार लेने की जरूरत पड़ रही है और न ही बैंको का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुर्रे ने बताया कि माइक्रो एटीएम का उपयोग बहुत ही आसान है। आधार नम्बर और फिंगर प्रिंट के माध्यम से नगद राशि प्राप्त की जा सकती है। मुख्यमंत्री साय द्वारा दी गई सुविधा से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ में बनने जा रहे प्रदेश के सबसे बड़े नालंदा परिसर का करेंगे भूमिपूजन
रायपुर | रायगढ़ अंचल के युवाओं को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रायगढ़ में प्रदेश के सबसे बड़े नालंदा परिसर का निर्माण होने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 3 दिसंबर को इसका भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ज्ञान आधारित समाज में उज्ज्वल भविष्य के लिए असीम संभावनाएं होती हैं। आज अगर हम वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में देखें तो समाज में जिन्हें चेंज मेकर के रूप में देखा जाता है उन सभी ने ज्ञान को अपनी सफलता का आधार बनाया। सफलता के स्थापित मापदंडों के अलावा आज तकनीक आधारित उद्यमिता में सफलता के जो मुकाम तय किए जा रहे हैं, ज्ञान ही उसकी बुनियाद है। युवाओं को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे अपने भविष्य की मजबूत राह बना सकते हैं।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने जानकारी दी कि रायगढ़ में नालंदा परिसर एक अत्याधुनिक लाइब्रेरी होगी। इसमें वह सारी सुविधाएं होगी जो अमूमन बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी में देखने को मिलती है। इसमें आने वाले समय के मांग और जरूरतों के अनुसार सुविधा संसाधन होंगे। यहां अध्ययन-अध्यापन का एक ऐसा इको सिस्टम छात्रों को मिलेगा, जिससे वे खुद को प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के मरीन ड्राइव में सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का निर्माण होगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा। इसके लिए नगर निगम और एनटीपीसी के मध्य 42 करोड़ 56 लाख का करार हुआ है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा टेंडर जारी कर दिया गया है। नालंदा परिसर स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24x7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। करियर गाइडेंस सेमिनार का आयोजन होगा। 5 वीं के बाद बच्चों को नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए तैयारी हेतु एक किड्स स्टडी जोन और किड्स लाइब्रेरी भी अलग से तैयार होगा। जहां उनके सिलेबस के अनुसार किताबें और स्टडी मटेरियल उपलब्ध रहेगा। कॉन्फ्रेंस हाल के साथ कैफेटेरिया भी होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस अवसर पर रायगढ़ को 135 करोड़ 09 लाख के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इसमें 97 करोड़ 51 लाख के 69 कार्यों का लोकार्पण और 37 करोड़ 58 लाख के 13 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
रायगढ़ से महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त जारी करेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
70 लाख माताओं-बहनों के मोबाइल में आएगा खुशियों का नोटिफिकेशन
रायगढ़ जिले को देंगे 135 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे। इस योजना की हितग्राही लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में एक-एक हजार रूपए राशि का अंतरण होते ही उनके मोबाइल में एक बार फिर से खुशियों का नोटिफिकेशन पहुंचेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि जारी करेंगे। मार्च 2024 से राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत कुल 6530 करोड़ 70 लाख रूपए की राशि आर्थिक मदद के रूप में दी जा चुकी है।
कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड से सुबह 11.05 बजे हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर 11.55 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे से एक बजे तक रायगढ़ नगर पालिका ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कल ब्राम्हण सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात रायगढ़ मरीन ड्राईव के पास दोपहर एक बजे से नालंदा परिसर के भूमिपूजन कार्यक्रम तथा दोपहर 2.05 बजे से शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में महतारी वंदन योजना के राशि वितरण एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री से सम्मानित होने पर पीएससी परीक्षा में तीसरे स्थान पर चयनित आस्था शर्मा ने व्यक्त किया आभार
नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान: सामूहिक प्रयास से जल संरक्षण की मिसाल
रायगढ़ में सेना भर्ती रैली 4 से 12 दिसंबर तक... शामिल होंगे 8,556 युवा
रायपुर। सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर द्वारा 4 से 12 दिसंबर 2024 तक रायगढ़ स्टेडियम, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के पुरुष अग्निवीर उम्मीदवारों के लिए सभी श्रेणियों की भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। रैली के लिए उम्मीदवारों द्वारा पंजीकरण फरवरी-मार्च में ऑनलाइन किया गया था और अप्रैल-मई 2024 में ऑनलाइन CEE का आयोजन किया गया था । ऑनलाइन CEE का रिजल्ट मई-जून 2024 में घोषित किया गया था और शोर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवारों को ई-मेल के माध्यम से सूचित किया गया है।
उम्मीदवारों को रैली एडमिट कार्ड में दी गई तारीख और समय पर रायगढ़ स्टेडियम, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) के गेट पर रिपोर्ट करना है। उम्मीदवारों को अपने साथ रैली एडमिट कार्ड, 8वीं, 10वीं, 12वीं, व स्नातक की मार्कशीट, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र शपथ पत्र, एनसीसी, खेल, आईटीआई, ड्राइविंग लाइसेंस, रिलेशनशिप सर्टिफिकेट और जे आई ए और आधार कार्ड से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर लेकर आना है।
सबसे ज्यादा उम्मीदवार जो ऑनलाइन परीक्षा पास करके सेना भर्ती रैली में भाग लेंगे वह जिला बालोद और जांजगीर चांपा जिले के है । जिला प्रशासन की ओर से उम्मीदवारों के लिए रुकने व रायगढ़ रेलवे स्टेशन तथा रायगढ़ बस स्टैंड से लाने और ले जाने के लिए बस की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। भर्ती कार्यालय द्वारा सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि जालसाजों से सावधान रहें। भारतीय सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर होता है।
युवक-युवती परिचय सम्मेलन से संसाधन और समय की होती है बचत : अरुण साव
युवक-युवती परिचय सम्मेलन से संसाधन और समय की होती है बचत
उप मुख्यमंत्री युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भिलाई के सुपेला में साहू समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज द्वारा विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन का आयोजन सराहनीय कार्य है। योग्य जीवन साथी की तलाश में एक माध्यम बनना पुनीत कार्य है। साहू समाज का परिचय सम्मेलन एक ऐसा मंच है, जहां समाज के विवाह योग्य युवक-युवती आते हैं और मंच में अपना परिचय देते हैं। सामाजिक पत्रिका में भी परिचय प्रकाशित किया जाता है। इससे वैवाहिक रिश्ते जोड़ने में मदद मिलती है। समाज की इस पहल से संसाधन और समय की बचत होती है।
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्य करने वाले साहू समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिचय वाली सामाजिक परिचायिका पुस्तिका का विमोचन भी किया। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद थे।